लोग पूछेंगे क्यूं उदास हो तुम और जो दिल में आए सो कहियो : इब्न-ए-इंशा

ibne insha nazm log poochenge kyun udas ho tum
                
                                                             
                            

लोग पूछेंगे क्यूं उदास हो तुम
और जो दिल में आए सो कहियो!
'यूं ही माहौल की गिरानी है'
'दिन ख़िज़ां के ज़रा उदास से हैं'
कितने बोझल हैं शाम के साए
उन की बाबत ख़मोश ही रहियो
नाम उन का न दरमियां आए
नाम उन का न दरमियां आए
उन की बाबत ख़मोश ही रहियो
'कितने बोझल हैं शाम के साए'
'दिन ख़िज़ां के ज़रा उदास से हैं'
'यूं ही माहौल की गिरानी है'
और जो दिल में आए सो कहियो!

लोग पूछेंगे क्यूं उदास हो तुम?

3 weeks ago
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