साबिर वसीम: खिले हुए हैं फूल सितारे दरिया के उस पार

उर्दू अदब
                
                                                             
                            खिले हुए हैं फूल सितारे दरिया के उस पार 
                                                                     
                            
अच्छे लोग बसे हैं सारे दरिया के उस पार 

महकी रातें दोस्त हवाएँ पिछली शब का चाँद 
रह गए सब ख़ुश-ख़्वाब नज़ारे दरिया के उस पार 

बस ये सोच के सरशारी है अब भी अपने लिए 
बहते हैं ख़ुशबू के धारे दरिया के उस पार 

शाम को ज़िंदगी करने वाले रंग-बिरंगे फूल 
फूल वो सारे रह गए प्यारे दरिया के उस पार  आगे पढ़ें

4 months ago

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