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Tahzeeb Hafi: वैसे मैं ने दुनिया में क्या देखा है, तुम कहते हो तो फिर अच्छा देखा है

tahzeeb hafi ghazal waise maine duniya mein kya dekha hai
                
                                                                                 
                            

वैसे मैं ने दुनिया में क्या देखा है


तुम कहते हो तो फिर अच्छा देखा है

मैं उस को अपनी वहशत तोहफ़े में दूँ
हाथ उठाए जिस ने सहरा देखा है

बिन देखे उस की तस्वीर बना लूँगा
आज तो मैं ने उस को इतना देखा है

एक नज़र में मंज़र कब खुलते हैं दोस्त
तू ने देखा भी है तो क्या देखा है

इश्क़ में बंदा मर भी सकता है मैं ने
दिल की दस्तावेज़ में लिखा देखा है

मैं तो आँखें देख के ही बतला दूँगा
तुम में से किस किस ने दरिया देखा है

आगे सीधे हाथ पे एक तराई है
मैं ने पहले भी ये रस्ता देखा है 

तुम को तो इस बाग़ का नाम पता होगा
तुम ने तो इस शहर का नक़्शा देखा है

3 weeks ago

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