वसीम बरेलवी के चुनिंदा शेर

waseem barelvi selected shayari
                
                                                             
                            

जहां रहेगा वहीं रौशनी लुटाएगा
किसी चराग़ का अपना मकां नहीं होता


दुख अपना अगर हम को बताना नहीं आता
तुम को भी तो अंदाज़ा लगाना नहीं आता

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2 months ago
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