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वज़ीर आग़ा: पढ़ें चुनिंदा शेर

वज़ीर आग़ा: पढ़ें चुनिंदा शेर
                
                                                                                 
                            वो ख़ुश-कलाम है ऐसा कि उस के पास हमें 
                                                                                                

तवील रहना भी लगता है मुख़्तसर रहना 

खुली किताब थी फूलों-भरी ज़मीं मेरी 
किताब मेरी थी रंग-ए-किताब उस का था आगे पढ़ें

1 month ago

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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