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                                                                           प्यास ने गर्मी का बहाना किया
बरसात ने बादल का 
मृत्यु ने उम्र का 
दुःख के लिए जीवन काफ़ी था
नींद के पास कोई बहाना नहीं था 
वह आई ही नहीं
 
जाने वालों के पास जाने के बहाने थे 
आने वालों के पास आने...और पढ़ें
20 hours ago
                                                                           अजीब जुल्म करती हैं  तेरी यादें मुझ पर 
सो जाऊं तो उठा देती हैं जाग जाऊँ तो रुला देती है

खतम हो गई कहानी, बस कुछ अल्फ़ाज़ बाकी हैं 
एक अधूरे इश्क़ की एक मुकम्मल सी याद बाकी है

कोई उम्मीद नहीं थी हमें उनसे म...और पढ़ें
20 hours ago
                                                                           1
दिल का दर्द पलकों में कैद है
एहसास उनका हवाओं में कैद है

2
बदला लेना तुम्हारी फितरत है तो अच्छा है 
आज़माएंगे कभी तुम्हारे ख्वाब में आ कर...और पढ़ें
2 days ago
                                                                           1
हमारे जीने का अलग अंदाज़ है
एक आंख में आंसू और दूसरे में ख़्वाब है

2
सख़्त रातों में आसान सफ़र लगता है
यह मेरी मां की दुआओं का असर लगता है
 ...और पढ़ें
2 days ago
                                                                           मां, नदी हंसती क्यों है? 
-क्योंकि सूरज नदी को गुदगुदाता है 

मां, नदी गाती क्यों है ? 
-क्योंकि अबाबील चिड़िया ने नदी की आवाज़ की तारीफ़ की थी ...और पढ़ें
3 days ago
                                                                           चंद सांसें बची हैं आखिरी दीदार दे दो
झूठा ही सही मगर एक बार प्यार दे दो ...और पढ़ें
3 days ago
                                                                           तुम रूठी तो

तुम रूठी तो मैंने रोकर, कोई गीत नहीं लिखा
इस ग़म में दीवाना होकर, कोई गीत नहीं लिखा
तुम जब मेरे संग थी तब तक नज़्में-ग़ज़लें ख़ूब कहीं
लेकिन साथ तुम्हारा खोकर कोई गीत नहीं लिखा

ऐसा नहीं त...और पढ़ें
1 week ago
                                                                           मेरे जैसा सौदागर नहीं मिलेगा तुमको
फरेब खरीदता हूँ मोहब्बत दे कर ...और पढ़ें
1 week ago
                                                                           दुनिया में कहीं न कहीं 
कुछ न कुछ ऐसा घट रहा है
जो वक़्त-बेवक्त पहुँच ही जाएगा यहाँ तक।

सर्द हवाएं चली आएंगी बसंत के फूलों को बर्बाद करने
या शायद गर्मी उन्हें झुलसाने आ जाए।
बिना कागजात, बिना पासपोर्ट आ जाएगा...और पढ़ें
1 week ago
                                                                           हमें कहां मालूम था कि इश्क़ होता क्या है
बस, एक तुम मिले और ज़िंदगी मुहब्बत बन गई

ज़िंदगी ने सवालात बदल डाले 
वक़्त ने हालात बदल डाले
हम तो आज भी वहीं हैं जो कल थे
बस लोगों ने अपने ख़्यालात बदल डाले
 ...और पढ़ें
1 week ago
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