सोशल मीडिया: मैं पनघट की प्यास लिखूंगा, तुम प्रीत के राग साधना

सोशल मीडिया: मैं पनघट की प्यास लिखूंगा, तुम प्रीत के राग साधना
                
                                                             
                            मैं जीवन के गीत लिखूंगा, तुम प्राणों के साज साधना
                                                                     
                            
मैं पनघट की प्यास लिखूंगा, तुम प्रीत के राग साधना।

मेरे मन के सूने आंगन में जब-जब सांझ उतरती है,
याद तुम्हारी तब-तब आती जब-जब बारिश होती है,
मैं मन के अहसास लिखूंगा, तुम सांसों में उन्हें बांधना
मैं जीवन के गीत लिखूंगा, तुम प्राणों के साज साधना।
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1 month ago
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