यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sat, 25 Sep 2021 02:56 PM IST
ग्रेटर नोएडा में यमुना प्राधिकरण क्षेत्र स्थित मेडिकल डिवाइस भारती साइट का निरीक्षण करते अधिकारी
ग्रेटर नोएडा में यमुना प्राधिकरण क्षेत्र स्थित मेडिकल डिवाइस भारती साइट का निरीक्षण करते अधिकारी - फोटो : Amar Ujala
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जेपी शर्मा
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माई सिटी रिपोर्टर ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-28 में मेडिकल डिवाइस पार्क स्थापना का रास्ता साफ हो गया। इसके लिए केंद्र सरकार की सैद्घांतिक मंजूरी मिल गई है। औषध, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र भेजा और 90 दिन के भीतर डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजक्ट रिपोर्ट) भेजने के निर्देश दिए हैं। इस पार्क में देश में ही मेडिकल उपकरण निर्माण किए जा सकेंगे और विदेशी से आयात की निर्भरता कम होगी। भारत में अभी 70 फीसदी से अधिक के मेडिकल उपकरण विदेश से आयात किए जाते हैं। मेडिकल डिवाइस पार्क में विश्वस्तरीय कॉमन फैसिलिटी सेन्टर भी स्थापित किया जायेगा जिसमे टेस्टिंग, क्वाल्टिी चैकिंग आदि की भी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसमें लगभग 15000 करोड़ रुपये का निवेश होगा और हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि हमारे देश में 60 से 70 प्रतिशत की मेडिकल डिवाइस की ग्लोबल मार्केट 20 ग्लोबल कंपनियां संचालित करती हैं। इनमें प्रमुख हैं जॉनसन एण्ड जॉनसन, जनरल इलेक्ट्कि कम्पनी, सिमेन्स एजी, मेडट्रोनिक्स आदि शामिल हैं। मेडिकल डिवाइस पार्क में उपकरण के
निर्माण की लागत कम आयेगी जिससे भारत में मेडिकल उपकरण सस्ते मिलेंगे तथा निकट भविष्य में यहां पर उत्पादित उपकरणाों में विदेशों में भी निर्यात किया जा सकता है। एक सर्वे के अनुसार उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 46 मेडिकल कॉलेज हैं तथा 130 फार्मास्युटिकल कॉलेज हैं। केन्द्र सरकार की मेडिकल डिवाइस पार्क स्थापना योजना के अंतर्गत 16 राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा अपने अपने राज्यों में पार्क विकसित करने हेतु प्रस्ताव केमिकल मंत्रालय, भारत सरकार को प्रेषित किए थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने 04 अगस्त, 2020 को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना हेतु केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था। यमुना प्राधिकरण को एसआईए (स्टेट इंप्लीमेंटिंग एजेंसी) नामित किया था। वहीं, यीडा को निश्चित समय में किसी उपयुक्त एक्सपर्ट एजेंसी के माध्यम से अपने क्षेत्र में उपलब्ध भूमि के सम्बंध में कार्यवाही कराकर प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने तथा उत्तर प्रदेश शासन से परीक्षण कराकर रिपोर्ट भारत सरकार के केमिकल मंत्रालय में जमा कराने के निर्देष दिये गए। इस पर अमल करते हुये मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना हेतु प्राधिकरण ने डा0 कलाम इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ टेक्नोलॉजी, हैदराबाद को सलाहकार नियुक्त करते हुये एक डीपीआर तैयार करवाकर उत्तर प्रदेश शासन से परीक्षणोपरान्त भारत सरकार को प्रेषित की थी। --- एयरपोर्ट से तीन किमी दूरी पर होगा स्थापित डीपीआर के मुताबिक, मेडिकल डिवाइस पार्क 0.25 एकड़, 0.50 एकड़ व 01 एकड़ के भूखंडों तथा विभिन्न फैसिलिटीस का नियोजन यीडा के सेक्टर-28 में 350 एकड़ क्षेत्रफल में करने का प्रस्ताव दिया गया। इस सम्बंध में आईआईटी कानपुर और नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ने प्राधिकरण का भागीदार बनने पर सहमति प्रदान की। यीडा क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थापित होने वाला मेडिकल डिवाइस पार्क निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से करीब 03 किलोमीटर तथा दादरी ड्राई पोर्ट से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। ----- प्रथम चरण में 90 एकड़ में होगा निर्माण कोविड महामारी एवं मेडिकल सुविधा के मद्देनजर दृश्टिगत अपने मेडिकल पार्क स्थापित करने हेतु दिनांक 14 सितंबर को आयोजित बोर्ड बैठक में फेज-01 में लगभग 90 एकड़ में 1000 वर्गमीटर, 2500 वर्गमीटर, 4000 वर्गमीटर व 10000 वर्गमीटर के लगभग 89 भूखंडों एवं विभिन्न फैसिलिटीस, पार्क व कॉमर्शियल क्षेत्र को नियोजित करने का निर्णय लिया गया था। महत्वकांक्षी योजना के लिए ब्रोशर की नियम व शर्तें मै0 कलमा इन्सटीट्यूट ऑफ हेल्थ टेक्नोलॉजी, हैदराबाद द्वारा तैयार की गई हैं।
--------- जेपी

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