बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को इन 4 राशिवालों की पलटेगी किस्मत, जेब में आएगा पैसा
Myjyotish

मंगलवार को इन 4 राशिवालों की पलटेगी किस्मत, जेब में आएगा पैसा

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

अयोध्या: समाजसेवी बने कोतवाल ने तिहुरा मांझा गांव लिया गोद, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित इन मुद्दों पर होगा काम

कोरोना काल में अभाव की जिंदगी जी रहे ग्रामीणों की मदद करने के लिए अयोध्या कोतवाल अशोक सिंह आगे आए हैं। उन्होंने मानवता का फर्ज निभाते हुए कोतवाली क्षे...

12 जून 2021

विज्ञापन
Digital Edition

जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की अधिसूचना जारी, 15 जून से 3 जुलाई के बीच कराने का सरकार का निर्णय

प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की दुदुंभी बज गई है। प्रदेश सरकार ने 15 जून से 3 जुलाई के बीच अध्यक्ष पद के चुनाव कराने की अधिसूचना जारी कर दी है। चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग जारी करेगा। प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनाव मई में हुए थे, तभी से जिला पंचायत अध्यक्ष व क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के चुनाव का इंतजार हो रहा था। प्रदेश सरकार ने पहले जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव कराने का फैसला किया है, वहीं क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के चुनाव जुलाई में कराए जाने की संभावना है।

अपर मुख्य सचिव पंचायती राज मनोज कुमार सिंह ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। उन्होंने कहा है जिला पंचायत अध्यक्ष के पदों के सामान्य निर्वाचन-2021 के लिए 15 जून से 3 जुलाई की तिथि तय की गई है। अब राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम जारी करेगा। 

भाजपा व सपा के बीच तगड़ी जोरआजमाइश
प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव काफी अहम हैं। ज्यादातर जिलों में सत्ताधारी दल भाजपा व सपा के बीच कड़े मुकाबले के आसार हैं। कई जिलों में बसपा भी अध्यक्ष पद की मुख्य दावेदार है। ज्यादातर जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में निर्दलीय जिला पंचायत सदस्यों की अहम भूमिका होगी, जिनकी जोड़तोड़ तेज हो गई है। अलग-अलग जिलों में सुभासपा, आप, कांग्रेस, अपना दल आदि समर्थित जीते सदस्य भी समीकरण को प्रभावित करेंगे।

उप चुनाव के बाद भी दो ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य के 6,384 पद खाली रहे
त्रिस्तरीय पंचायत उप चुनाव में जिला  पंचायत सदस्य के छह और क्षेत्र पंचायत सदस्य के 186 पदों पर प्रत्याशी निर्वाचित हुए। उप चुनाव के बाद भी ग्राम प्रधान के दो और ग्राम पंचायत सदस्य के 6,384 पद रिक्त रह गए हैं।

राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए सोमवार को सुबह 8 बजे से मतगणना हुई। मतगणना के बाद रायबरेली, उन्नाव, लखीमपुर खीरी, वाराणसी और बदायूं में जिला पंचायत सदस्य के एक-एक वार्ड में हुए उप चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित किए गए।

उन्होंने बताया कि क्षेत्र पंचायत सदस्य के 186, ग्राम प्रधान के 156 और ग्राम पंचायत सदस्य के 14,179 रिक्त पदों पर हुए उप चुनाव के नतीजे भी घोषित किए गए। उन्होंने बताया कि श्रावस्ती की रामपुर देवमन और खैरी तराई ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान का पद रिक्त रहा है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत सदस्य के 6,384 पद रिक्त रहे हैं। 
... और पढ़ें
पंचायत चुनाव पंचायत चुनाव

यूपी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले : संपत्ति की रजिस्ट्री कराने से पहले डीएम के यहां देना होगा आवेदन

प्रदेश में अब फ्लैट, जमीन, मकान वन दुकान आदि भू-सम्पत्तियां की मालियत के आधार पर स्टांप शुल्क का निर्धारण जिलाधिकारी के स्तर से किया जाएगा। इससे जहां संपत्ति रिजस्ट्री कराते समय स्टांप शुल्क तय करने को लेकर होने वाले विवाद खत्म होंगे, वहीं एक मालियत की संपत्ति के स्टांप शुल्क में एकरुपता आएगी। स्टांप एवं रजिस्ट्री विभाग द्वारा रखे गए ‘संपत्ति मूल्यांकन नियामवली-1997’ में संशोधन प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

स्टाम्प व पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने बताया कि कैबिनेट के इस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद अब प्रदेश में भू-सम्पत्तियों की कीमत तय करने और रजिस्ट्री करवाते समय उस पर लगने वाले स्टाम्प शुल्क को तय करने में विवाद नहीं होंगे और इस मुद्दे पर होने वाले मुकदमों की संख्या घटेगी। उन्होंने बताया कि अब कोई भी व्यक्ति प्रदेश में कहीं भी कोई जमीन, मकान, फ्लैट, दुकान आदि खरीदना चाहेगा तो सबसे पहले उसे संबंधित जिले के जिलाधिकारी को एक प्रार्थना पत्र देना होगा और साथ ही ट्रेजरी चालान के माध्यम से कोषागार में 100 रुपये का शुल्क जमा करना होगा। उसके बाद डीएम लेखपाल से उस भू-सम्पत्ति की डीएम सर्किल रेट के हिसाब से मौजूदा कीमत का मूल्यांकन करवाएंगे। उसके बाद उस सम्पत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाले स्टाम्प शुल्क का भी लिखित निर्धारण होगा।

दरअसल प्रापर्टी खरीदने में अक्सर स्टांप चोरी की शिकायतें आती हैं। कई बार खरीददार वास्तव में प्रापर्टी की सही मायलित नहीं जानता है और वह विक्रेता या प्रापर्टी डीलर के बताए दाम पर खरीद लेता है। इस प्रक्त्रिस्या में स्टांप बचाने के लिए कीमतें कम-ज्यादा बताने का खेल चलता है। ऐसे मामलों में बहुत बार शिकायत होने पर मुकदमा हो जाता है और प्रापर्टी भी फंस जाती है। बड़े पैमाने पर ऐसे मुकदमे लंबित हैं। इसको देखते हुए नई व्यवस्था की गई है।

अभी तक यह थी व्यवस्था
स्टांप मंत्री ने बताया कि अभी तक जो व्यवस्था चल रही थी उसमें कोई व्यक्ति भूमि, भवन खरीदना चाहता था तो उस भू-सम्पत्ति का मूल्य कितना है इस पर संशय बना रहता है और खरीददार प्रापर्टी डीलरए रजिस्ट्री करवाने वाले वकीलए रजिस्ट्री विभाग के अधिकारी से सम्पर्क करता था और उसमें मौखिक तौर पर उस भवन या भूमि की कीमत तय हो जाती थी, उसी आधार पर उसकी रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क लगता था।

कम शुल्क वसूलने का विवाद होगा खत्म
बाद में विवाद की स्थिति पैदा होती थी कि उक्त भू-संपत्ति की कीमत इतनी नहीं बल्कि इतनी होनी चाहिए थीए इस लिहाज से इसकी रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क कम वसूला गया। प्रदेश के स्टाम्प व रजिस्ट्री विभाग में ऐसे मुकदमों की संख्या बढ़ती जा रही थी जिस पर अब अंकुश लगेगा।
... और पढ़ें

अयोध्या: डीएम बोले- राम मंदिर ट्रस्ट आज जमीन बेचे तो दोगुने दाम मिलेंगे, जानें- कैसे हुई थी पूरी डील

दो करोड़ की जमीन को 18.50 करोड़ में खरीदने वाला श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अभी भी फायदे में है। हालांकि सियासत के लिए कई कानूनी और नैतिक बाध्यताएं ट्रस्ट की थ्योरी पर सवाल खड़े करती रहेंगी। मगर असलियत यह है कि दो करोड़ की रजिस्ट्री 4 साल पहले हुए एग्रीमेंट पर आधारित थी तब राम नगरी में साल के 6 महीने संगीनों के साए में गुजरते थे।

मगर डेढ़ साल पहले राम मंदिर के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यहां जमीन के दाम 10 गुना से ज्यादा बढ़ चुके हैं। बाग बिजैसी मोहल्ले में ट्रस्ट की ओर से खरीदा गया भूखंड ठीक उस स्थान पर है, जहां नए प्लान में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मॉडल जैसा बन रहे अयोध्या रेलवे स्टेशन का मुख्य द्वार प्रस्तावित है।

इसी के मद्देनजर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की ओर से ट्रस्टियों समेत शासन और सत्ता के शीर्ष तक मार्केट वैल्यू से तुलना करती हुई एक रिपोर्ट रविवार की देर रात ही भेज दी गई। ट्रस्ट ने यह भी एलान किया है कि राम मंदिर के विस्तार में चाहे जितनी महंगी जमीन मिलेगी, उसे खरीदने से पीछे नहीं हटेगें।



सुप्रीम कोर्ट से 9 नवंबर 2019 को श्रीराम जन्मभूमि के पक्ष में आए फैसले के बाद केंद्र सरकार द्वारा गठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पहली बार भूखंड खरीद को लेकर विवादों से घिरा है। आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह और सपा के पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ने हरीश कुमार पाठक उर्फ बाबा हरिदास व पत्नी कुसुम पाठक के जरिए दो करोड़ में भूखंड  गाटा संख्या  243,  244 और 246 रकबा 12080 वर्ग मीटर  यानी 129980.8 वर्ग फिट को सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी को बेचने के 10 मिनट बाद 18:50 करोड़ में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को बेचकर बड़े घोटाले का संगीन आरोप लगाया है। लेकिन आरोप मढ़ते समय एक बड़ी सच्चाई जानबूझकर छिपा ली गई, ऑनलाइन रजिस्ट्री दस्तावेज अपलोड किए जाने वाले 18 मार्च 2021 के एक ही पेज पर तीन एंट्री दर्ज है।

सबसे पहले कुसुम पाठक और हरीश कुमार पाठक उर्फ बाबा हरिदास आदि के विक्रय विलेख अनुबंध के निरस्तीकरण की जानकारी और दस्तावेज अपलोड है। यानी उपरोक्त दोनों विक्रेताओं ने अपनी जमीन का पहले सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी को एग्रीमेंट कर रखा था। चंद मिनट पहले एग्रीमेंट अनुबंध निरस्त हुआ। इसके बाद एग्रीमेंट कराने वालों के पक्ष में रजिस्ट्री हुई फिर रजिस्ट्री कराने वाले पक्ष ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को कब्जा करने के साथ रजिस्टर्ड एग्रीमेंट किया।
... और पढ़ें

Top News of UP: चंपत राय ने राम मंदिर ट्रस्ट पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का किया खंडन, कैबिनेट में अयोध्या के विकास पर लिए गए निर्णय

अयोध्या में बन रहे भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के ट्रस्ट पर जमीन खरीद में हुए घोटाले पर पूरे दिन देश भर में चर्चा होती रही। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने आरोपों का खंडन किया। वहीं, कोविड की दूसरी लहर के बाद हुई कैबिनेट बैठक में अयोध्या के विकास से जुड़े कई निर्णय लिए गए। वहीं, प्रदेश में कोरोना लगभग नियंत्रण में आ गया है। यहां पढ़ें प्रदेश की सभी बड़ी खबरें: 

राम मंदिर ट्रस्ट पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का महासचिव चंपत राय ने दिया जवाब
राम मंदिर निर्माण के लिए जमीन खरीदने में श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के ऊपर लगे घोटाले के आरोप पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मीडिया में प्रेस नोट जारी कर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक लोग इस मामले में प्रचार कर रहे हैं, वह भ्रामक है और राजनीति से प्रेरित है।
यहां पढ़ें पूरी खबर:

यूपी: योगी मॉडल ने प्रदेश में रोकी कोविड की रफ्तार, 24 घंटे में आए सिर्फ 339 नए मामले
उत्तर प्रदेश में योगी मॉडल ने कोविड की रफ्तार रोक दी है। बीते 24 घंटे में प्रदेश में कोरोना के सिर्फ 339 नए मामले सामने आए हैं। बता दें कि प्रदेश सरकार थ्री टी फॉर्मूले अर्थात टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट पर काम कर रही थी। यहां पढ़ें पूरी खबर:

यूपी: कोविड की दूसरी लहर के बाद कैबिनेट बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को प्रदेश कैबिनेट की महत्वपूर्ण हुई। जिसके बाद बाद मुख्यमंत्री ने राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व राज्य मंत्रियों के साथ बैठक की और उन्हें एजेंडा सौंपा। बता दें कि कोविड महामारी की दूसरी लहर के बाद यह प्रदेश कैबिनेट की पहली बैठक हो रही है। महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। यहां पढ़ें पूरी खबर:

अयोध्या के डीएम ने बताया, आखिर कैसे बढ़ गए जमीन के दाम
दो करोड़ की जमीन को 18.50 करोड़ में खरीदने वाला श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अभी भी फायदे में है। हालांकि सियासत के लिए कई कानूनी और नैतिक बाध्यताएं ट्रस्ट की थ्योरी पर सवाल खड़े करती रहेंगी। मगर असलियत यह है कि दो करोड़ की रजिस्ट्री 4 साल पहले हुए एग्रीमेंट पर आधारित थी तब राम नगरी में साल के 6 महीने संगीनों के साए में गुजरते थे। यहां पढ़ें पूरी खबर:

10 रुपये का प्लेटफॉर्म टिकट अब 30 रुपये का, कीमत बढ़ाने के दिए जा रहे अजीबोगरीब तर्क
रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म टिकट एक बार फिर से महंगा कर दिया गया है। 10 रुपये में मिलने वाला टिकट सोमवार से 30 रुपये में मिल रहा है। रेलवे प्रशासन की दलील है कि इससे संक्रमण के बीच प्लेटफॉर्म पर आने वालों की संख्या नियंत्रित की जा सकेगी। यहां पढ़ें पूरी खबर: 
... और पढ़ें

राम मंदिर ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार के आरोप: हनुमानगढ़ी के पुजारी बोले- आरोप झूठा होने पर करेंगे 50 करोड़ का दावा

सपा के पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय द्वारा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर जमीन लेने के नाम पर घोटाला करने के आरोप पर हनुमानगढ़ी के पुजारी राजूदास ने कहा कि यदि पूर्व मंत्री द्वारा ट्रस्ट पर लगाए गए गंभीर आरोप झूठे साबित होते हैं तो उन पर 50 करोड़ की मानहानि का दावा किया जाएगा।

श्रीराम जन्मभूमि के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि जो ट्रस्ट पर आरोप लगा है वह संभव नहीं है। इसकी जांच होनी चाहिए, यदि जांच में दोषी पाए जाते हैं तो कार्रवाई भी हो लेकिन यदि मामला झूठा निकलता है तो आरोप लगाने वालों पर भी कार्रवाई हो।

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि हम पर आरोप लगते ही रहते हैं, 100 साल से आरोप देख रहे हैं। हम पर महात्मा गांधी की हत्या के आरोप लगे हैं। आरोप से चिंता नहीं करते, हम अपना काम कर रहे हैं। पूरे मामले का अध्ययन करने के बाद अपना पक्ष रखेंगे। इस मामले में महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कुछ भी बोलने से इंकार किया।
... और पढ़ें

यूपी: योगी मॉडल ने प्रदेश में रोकी कोविड की रफ्तार, 24 घंटे में आए सिर्फ 339 नए मामले

प्रदेश में कोरोना संक्रमण लगाता कम हो रहा है। सोमवार को प्रदेश में कुल 339 नए मरीज मिले हैं। जबकि छह जिलों में एक भी संक्रमित नहीं मिला है। वहीं 1,116 लोगों को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया। अब एक्टिव केस की संख्या घटकर 8,111 हो गई है। वहीं, प्रदेश में रिकवरी दर 98.2 प्रतिशत है।

पिछले 24 घंटे में प्रदेश भर में 2,57,441 कोविड टेस्ट किए गए हैं। इस तरह अब तक 5 करोड़ 36 लाख 2 हजार 870 कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैं। सोमवार को लखनऊ में सर्वाधिक 23, मेरठ में 17, मुजफ्फरनगर व सुल्तानपुर में 15-15, मिर्जापुर में 13, मुरादाबाद व शामली में 10-10, कानपुर में 8, वाराणसी में 7 और प्रयागराज में 6 मरीज मिले हैं। 

सोमवार को मरने वालों की संख्या बढ़ी
प्रदेश में रविवार को 53 लोगों की मौत हुई थी, जो सोमवार को बढ़कर 74 पर पहुंच गई। हालांकि 52 जिलों में एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है। दम तोड़ने वालों में बरेली में 10, गोरखपुर में 8, मेरठ व भदोही में 7-7, उन्नाव व वाराणसी में 3-3, प्रयागराज में 2 और लखनऊ में एक व्यक्ति शामिल है। अन्य जिलों में कहीं एक तो कहीं दो संक्रमितों की मौत हुई है। 


इससे पहले, 21 मार्च को एक दिन में 500 से कम केस आये थे। वर्तमान में 8,101 केस एक्टिव हैं। प्रदेश में अब तक 05 करोड़ 36 लाख 02 हजार 870 कोविड टेस्ट किए जा चुके हैं। बीते 24 घंटों में 02 लाख 57 हजार 441 टेस्ट हुए और पॉजिटिविटी दर मात्र 0.1% रही, जबकि रिकवरी दर 98.2% हो गई है। महामारी के बीच अब तक 16 लाख 72 हजार 968 प्रदेशवासी कोविड संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कोरोना की स्थिति पर टीम-9 के साथ चर्चा की और निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोविड टीकाकरण सुचारू रूप से चल रहा है। आज से रिक्शा-ऑटो चालक, रेहड़ी-पटरी व्यवसायी एवं फल-सब्जी विक्रेताओं के निःशुल्क टीकाकरण का विशेष अभियान शुरू हो चुका है। टीकाकरण कार्यक्रम का यह एक महत्वपूर्ण चरण है। अधिकाधिक लोग अपना टीकाकरण कराएं, इसके लिए जागरूकता प्रसार भी कराया जाए। अब तक प्रदेश में 02 करोड़ 30 लाख 02 हजार 546 डोज लगाई जा चुकी है। हमें अगले माह से प्रतिदिन 10-12 लाख वैक्सीन डोज लगाने के लक्ष्य के सापेक्ष तैयारी करनी होगी। कोल्ड चेन को व्यवस्थित रखते हुए इस संबंध में सभी जरूरी तैयारी समय से पूरी कर ली जाएं।
... और पढ़ें

राम मंदिर ट्रस्ट: प्रियंका बोलीं- राम मंदिर के लिए दिए गए चंदे का दुरुपयोग अधर्म, महिला कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

राम मंदिर ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार के आरोप: चंपत राय बोले- सहमति व संवाद के आधार पर ट्रस्ट खरीद रहा है जमीन

राम मंदिर निर्माण के लिए जमीन खरीदने में श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के ऊपर लगे घोटाले के आरोप पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मीडिया में प्रेस नोट जारी कर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक लोग इस मामले में प्रचार कर रहे हैं, वह भ्रामक है और राजनीति से प्रेरित है।

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि बताया है कि श्री राम मंदिर का परकोटा और रिटेनिंग वॉल को वास्तु के अनुसार दुरुस्त करने के लिए, मंदिर के पूर्व और पश्चिम में आवागमन को दुरुस्त बनाने के लिए आसपास के मकान और जमीनों को खरीदा जा रहा है। जिन से खरीदा जा रहा है उन्हें पुनर्वास के लिए कहीं अन्यत्र जमीन भी दी जाएगी जिसके लिए जमीनों की खरीदारी ट्रस्ट कर रहा है।

क्रय और विक्रय का कार्य आपसी सहमति और संवाद के आधार पर हो रहा है। सहमति के बाद सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी किए जाते हैं। सभी प्रकार की कोर्ट फीस व स्टांप पेपर की खरीदारी ऑनलाइन की जाती है। 9 नवंबर को श्री रामजन्म भूमि के पक्ष में फैसला आने के बाद एकाएक बड़ी संख्या में लोग अयोध्या जमीनों की खरीदारी करने के लिए आने लगे।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या के विकास के लिए बड़ी मात्रा में जमीन खरीद रही है। इसके चलते अयोध्या में जमीनों के दाम अचानक बढ़ गए। जिस भूखंड को लेकर भ्रामक चर्चा चलाई जा रही है। वह रेलवे स्टेशन के पास स्थित है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अब तक जितनी भूमि क्रय की है वह खुले बाजार मूल्य से बहुत ही कम पर खरीदी है।

उक्त भूमि को खरीदने के लिए वर्तमान विक्रेता गणों ने वर्षों पूर्व जिस मूल्य पर रजिस्टर्ड अनुबंध किया था। उस भूमि को उन्होंने 18 मार्च 2021 को बैनामा कराया। उसके बाद ट्रस्ट के साथ अनुबंध किया। जो कुछ राजनीतिक लोग इस संबंध में प्रचार कर रहे हैं, वह भ्रामक है, समाज को गुमराह करने के लिए है। संबंधित व्यक्ति राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित है।
... और पढ़ें

यूपी: कोविड की दूसरी लहर के बाद कैबिनेट बैठक में लिए गए ये महत्वपूर्ण निर्णय, मंत्रियों को सौंपा गया एजेंडा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को प्रदेश कैबिनेट की महत्वपूर्ण हुई। जिसके बाद बाद मुख्यमंत्री ने राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व राज्य मंत्रियों के साथ बैठक की और उन्हें एजेंडा सौंपा। बता दें कि कोविड महामारी की दूसरी लहर के बाद यह प्रदेश कैबिनेट की पहली बैठक हो रही है। महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

1- अयोध्या में राम मंदिर बन रहा है। जहां की यातायात व्यवस्था सुधारने पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए संस्कृति विभाग 9 एकड़ जमीन परिवहन विभाग को देगा। यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बस स्टेशन बनेगा। 400 करोड़ का प्रोजेक्ट है। पीपीपी मॉडल की भी संभावना तलाशी जा रही है।

2- अयोध्या सुल्तानपुर मार्ग पर बहुत ट्रैफिक है। यह नए एयरपोर्ट को जोड़ता है। इस पर 4 लेन का फ़्लाईओवर बनेगा। इसके लिये 20.17 करोड़ की लागत से 1.5 किमी लम्बा फ़्लाईओवर बनेगा। शिक्षा विभाग की जमीन इसके लिए दी जाएगी।

3- अनूपशहर में नगरपालिका की जमीन निःशुल्क बस स्टेशन बनाने के लिए दी जाएगी।

4- प्रयागराज में जीटी रोड से एयरपोर्ट के बीच 4 लेन का रेलवे ट्रैक पर फ़्लाईओवर बनेगा। 284 करोड़ लागत आएगी। टू लेन का एक और फ़्लाईओवर कानपुर रोड को जोड़ेगा। जिसके लिए 98 करोड़ रुपये रेलवे देगा। इससे जाम की समस्या से निजात मिलेगी। बुंदेलखंड से कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

5- विकास प्राधिकरण के रिपेयर या मेंटिनेंस के लिये अभी शासन से अनुमति लेनी पड़ती थी। खासकर पर्यटन के विकास में बाधा आ रही थी। इसमें लखनऊ, प्रयागराज, आगरा, बनारस, आदि जिलों में प्राधिकरण पयर्टन का काम करा सकेंगे।

6- लखनऊ में हैदर केनाल पर 120 एमलडी का एसटीपी बनेगा जिसमें 297.38 करोड़ का खर्च आएगा। जिसका 88.53 करोड़ केंद्र, 125 करोड़ राज्य सरकार बाकी नगर निगम देगा। गोमती की सफाई हो सकेगी। 1090 चौराहे के समीप बन रहा है। लागत को मंजूरी दी गई है।

वहीं, मंत्रियों को ब्लॉक स्तर पर प्रवास का एजेंडा दिया गया है। जून-जुलाई में प्रभारी मंत्री अपने जिले के हर ब्लॉक में प्रवास करेंगे। एक दिन में दो ब्लॉक जाएंगे। इस दौरान उन्हें सरकारी योजनाओं, सीएससी, पीएचसी, कोटे की दुकान का निरीक्षण, कार्यकर्ताओं से संवाद व समन्वय बैठक करनी होगी। इसी कड़ी में मंत्रियों को 21 जून को योग दिवस पर प्रभार क्षेत्र में आयोजन से जुड़ना होगा। 23 जून से 6 जुलाई तक पौधरोपड़ अभियान चलेगा। 27 जून को हर बूथ पर मन की बात सुनी जाएगी। सभी मंत्री भी बूथ पर जाएंगे।
... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us