सीएम योगी का निर्देश: अधिकारी और कर्मचारी फील्ड में उतरकर बारिश से नुकसान का लें जायजा, पीड़ितों को पहुंचाएं राहत

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 17 Sep 2021 10:37 AM IST

सार

प्रदेश के कई हिस्सों में फिर तूफानी बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। जिसके बाद सीएम योगी ने नगर निकाय और पंचायती राज के सभी अधिकारी और कर्मियों को फील्ड में उतरने के निर्देश दिए हैं, साथ ही रिकॉर्ड तोड़ बारिश के कारण हुए नुकसान का जायजा लेने को कहा है। 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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विस्तार

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। गुरुवार को बारिश के दौरान विभिन्न हादसों में 30 लोगों की मौत हो गई। बारिश की वजह से प्रदेशभर में काफी नुकसान हुआ है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि नगर निकाय और पंचायती राज के सभी अधिकारी और कर्मी फील्ड में उतर कर रिकॉर्ड तोड़ बारिश के कारण हुए नुकसान का जायजा लें और लोगों को समुचित राहत पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग और नगर निकाय को यह भी निर्देश दिया है कि जलजमाव के कारण कोई रोग ना फैले इसके लिए यथोचित उपाय करें।
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मूसलाधार बारिश बनी मुसीबत, 30 की मौत, कई घायल
आपको बता दें कि बृहस्पतिवार को प्रदेश भर में बारिश के दौरान हादसों में 30 लोगों की मौत हो गई और कई जख्मी हुए। राजधानी लखनऊ में बीते 36 घंटे में 222 मिमी बरसात रिकॉर्ड की गई। यहां तेज बारिश के दौरान खंभे में करंट उतरने से अलीगंज में एक किशोर की मौत हो गई। वहीं मड़ियांव के मोहिबुल्लापुर स्टेशन के सामने मैदान के गड्ढे में भरे पानी में डूबकर दो किशोरों की मौत हो गई। ग्रामीण क्षेत्र में कुछ जगह मकान, दीवार गिरने की घटनाएं हुई हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर जलभराव व पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा। बरसात में फसलों, सब्जियों को भी खासा नुकसान पहुंचा है।


कानपुर में दो दिन से तेज हवाओं के साथ शुरू बारिश ने सात और लोगों की जान ले ली। इनमें सबसे अधिक फतेहपुर में चार, चित्रकूट, औरैया और उन्नाव में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं कन्नौज में इंदरगढ़ थाने की बैरक की दीवार ढहने से दो सिपाही घायल हो गए और यहां चार गोवंश समेत कई बकरियां भी मर गईं। बांदा में फसल सहित सब्जियों को खासा नुकसान हुआ है। खेत में मूंग, उर्द, तिल की फसल तैयार है, लेकिन बारिश से किसान फसल काटने व मड़ाई की हिम्म्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

इटावा में जलभराव व कई जगह पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा। औरैया में शहर से लेकर ग्रामीण इलाके जलमग्न हो गए। कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे टूटने से 200 गांवों की बिजली गुल हो गई। फर्रुखाबाद में कई स्थानों पर पेड़ टूटने से बिजली गुल हो गई। शहर के कई मोहल्लों में जलभराव होने से लोग परेशान रहे। सीएसए के मौसम विभाग के रिकार्ड के मुताबिक 16 सितंबर को कानपुर परिक्षेत्र में 15 साल बाद इतनी बारिश हुई है।
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