लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Corruption in Lucknow Nagar Nigam by theft of oil.

तेल चोरी का नायाब तरीका: नगर निगम अभी तक निकाल रहा बारिश का पानी, गोपनीय जांचों में सामने आया खेल

प्रवेंद्र गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Sun, 27 Nov 2022 02:26 PM IST
सार

लखनऊ नगर निगम को सालाना 10 करोड़ रुपये की चपत लग रही है। टिकैतराय पंपिंग स्टेशन के लिए रोजाना 70 लीटर डीजल दिया जा रहा है। गाड़ियां भी जरूरत से ज्यादा तेल पी रही हैं। चोरी रोकने के हर उपाय को निगम के कर्मचारी फेल कर रहे हैं।

Corruption in Lucknow Nagar Nigam by theft of oil.
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार

बारिश को गुजरे अरसा हुआ, लेकिन इसके पानी को नगर निगम अभी तक निकाल रहा है। ये चमत्कार है इसके कुछ मुलाजिमों का, जो कागजों पर बाढ़ पंपिंग स्टेशन चलाकर डीजल चोरी कर रहे हैं। जोन छह के टिकैतराय पंपिंग स्टेशन के लिए रोजाना 70 लीटर डीजल दिया जा रहा है। इसी तरह 22 गाड़ियों के लिए 373 लीटर डीजल एक ही वाहन को एक स्लिप पर ड्रम में भरकर दे दिया गया। तेल जारी करने में की जा रहीं ऐसी गड़बड़ियां इसी महीने हुईं गोपनीय जांचों में सामने आई हैं। इससे साफ है कि नगर निगम में बड़े पैमाने पर तेल चोरी का खेल चल रहा है। सूत्रों की मानें तो हर साल इससे करीब दस करोड़ रुपये की चपत लग रही है।



तेल चोरी रोकने के उपाय फेल होने से नगर निगम में डीजल-पेट्रोल का सालाना खर्च 50 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। खास बात यह है कि औचक निरीक्षण, ऑडिट और बिल भुगतान की जांच में तेल जारी करने में चल रहा खेल पकड़ा जा चुका है, फिर भी सुधार नहीं हो रहा है। जानकार बताते हैं कि इसकी बड़ी वजह हर स्तर पर चल रही बंदरबांट है।


ये भी पढ़ें - लखनऊ की नवीन गल्ला मंडी में लगी भीषण आग में 25 दुकानें खाक, ढाई घंटे में पाया काबू

ये भी पढ़ें - किडनी देकर मां ने दिया बेटे को नया जीवन, केजीएमयू में शुरू हुआ लिविंग ट्रांसप्लांट


केंद्रीय कार्यशाला से हटाकर जोनल स्तर पर तेल जारी करने की व्यवस्था की गई तो उसमें भी नए हिस्सेदार बन गए और खर्च कम होने के बजाय बढ़ गया। तेल चोरी से कमाई कर रहे कर्मचारियों ने न तो जीपीएस और न ही व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) चलने दिया। पांच साल पहले जब वीटीएस लगने शुरू हुए, तब कर्मचारियों ने इन्हें लगाने वालों को ही धमकाकर भगा दिया था। फिर एवेरज से तेल देने की व्यवस्था लागू की गई तो 500 में से 300 गाड़ियों के फ्यूल मीटर ही खराब निकले थे। इन्हें सही भी कराया गया, पर कोई फायदा नहीं मिला।

पांच साल में डेढ़ गुना हुआ खर्च
नगर निगम में डीजल-पेट्रोल खर्च पांच साल में डेढ़ गुना हो गया है। पांच साल पहले यह 35 करोड़ था, जो अब 50 करोड़ रुपये हो गया है। सूत्रों का कहना है कि यह खर्च तेल चोरी बढ़ने से हुआ है, क्याेंकि अब ईकोग्रीन भी कूड़ा उठा रही है। ऐसे में तेल खर्च कम होना चाहिए। इससे साफ है कि तेल की चोरी हो रही है। इसमें ज्यादातर लोग शामिल रहते हैं, इस कारण सभी आंखें बंद किए हैं।
विज्ञापन

पुरानी मशीन से दे रहे तेल, सील
नगर निगम के पंप पर तीन मशीनें हैं। इनमें से दो नई हैं। फिर भी पुरानी मशीन से तेल दिया जा रहा था, जिससे खेल किया जा सके। जांच में मामला सामने आने पर नगर निगम ने पुरानी मशीन सील करवा दी है। अब नई मशीनों से ही तेल दिया जाएगा। साथ ही नगर निगम के प्रवर्तन दल के रिटायर्ड सैनिकों को भी तैनात कर दिया गया है। ये आरआर विभाग के अलावा बाहर के जिन आठ पंपों से नगर निगम की गाड़ियां तेल लेती हैं, वहां तेल चोरी को लेकर निगरानी करेंगे।

आदेश को भी नहीं माना जा रहा
आदेश है कि जिन गाड़ियों का वीटीएस सिस्टम चालकों ने तोड़ दिया है या खराब कर दिया है, उन्हें तेल नहीं दिया जाएगा। जब सिस्टम ठीक हो जाएगा, तभी तेल दिया जाएगा। इसके बाद भी ऐसी गाड़ियों को तेल दिया जा रहा है।

दोषियों पर रहेगी सख्ती
अपर नगर आयुक्त पंकज सिंह ने बताया कि पुरानी मशीन को बंद कर दिया गया है। तेल चोरी रोकने के लिए ही आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन डिवाइस) सिस्टम लाया जा रहा है। पूर्व में हुई जांच में जो कर्मचारी तेल चोरी में दोषी मिले, उन पर कार्रवाई हुई। आगे भी सख्ती की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Election
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00