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30 जुलाई 2021

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30 जुलाई 2021

Digital Edition

लखनऊ: पुलिस के कार्रवाई न करने से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ता टंकी पर चढ़ा, जमकर किया हंगामा

कांग्रेस पार्टी कार्यालय में हुए कुछ दिन पहले पूर्व प्रवक्ता कोणार्क दीक्षित के साथ मारपीट हुई। इस मामले में उन्होंने हुसैनगंज थाने में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह सहित कई लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में किसी की गिरफ्तारी न होने से नाराज होकर रविवार को वह जियामऊ स्थित ओवर हेड टैंक पर चढ़ गये। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीन घंटे तक मान.मनौव्वल करती रही। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद तीन बजे नीचे उतारा जा सका।

एसीपी हजरतगंज राघवेंद्र मिश्रा के मुताबिक कुछ दिन पहले पूर्व प्रवक्ता कोणार्क दीक्षित कांग्रेस कार्यालय माल एवेन्यू गये थे। प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को प्रत्यावेदन दे रहे थे। इसी दौरान उनसे मारपीट हुई थी। इस वारदात की तहरीर उन्होंने हुसैनगंज थाने में दी थी। जिसमें प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और राष्ट्रीय सचिव प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह सहित आधा दर्जन लोगों को आरोपी बनाया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। कोणार्क का आरोप है कि पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। इस बात से नाराज कोणार्क ने प्रियंका गांधी के निजी मोबाइल नंबर पर मैसेज भी किया। वहीं कार्रवाई न होता देख वह रविवार को पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया। इसके बाद सुबह करीब 12 बजे जिया मऊ स्थित पानी के ओवर हेड टैंक पर चढ़ गये। उनको टंकी पर चढ़ता देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची गौतमपल्ली पुलिस ने मान-मनौव्वल शुरू कर दिया।

टंकी पर चढ़ता देख लोगों की भीड़ जुटी
गौतमपल्ली के जिया मऊ में रविवार सुबह करीब 11.30 बजे कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता कोणार्क दीक्षित ओवर हेड टैंक पर चढ़ गये। उनको टंकी पर चढ़ता देख लोगों ने शोर मचाया। इसी बीच देखते देखते वह टंकी के ऊपरी हिस्से पर पहुंच गये। उन्होंने कार्यवाही की मांग की। कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तब तक नीचे नहीं उतरेंगे। इसकी जानकारी होने पर गौतमपल्ली इंस्पेक्टर अपनी टीम के साथ पहुंच गये। वहीं एसीपी हजरतगंज भी अपनी टीम के साथ पहुंच गये हैं। सुरक्षा की दृष्टि से लोगों को दूर कर दिया गया है। वहीं अग्निशमन विभाग की टीम भी बुला ली गई है।

तीन घंटे बाद उतरे नीचे
एसीपी हजरतगंज राघवेंद्र मिश्रा के मुताबिक पुलिस व पूर्व कांग्रेस प्रवक्ता के बीच लगातार बातचीत हो रही थी। दोपहर करीब पौने तीन बजे कोणार्क ने पीने के लिए पानी मांगा। उसे नीचे आने के  लिए कहा गया। नीचे आने पर पुलिस ने पानी पिलाया। इसके बाद कोणार्क को अपने साथ लेकर हजरतगंज थाने गई। जहां उनको कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। साथ ही इस बात के लिए लिखित पत्र लिया गया कि इस तरह का कोई काम नहीं करेंगे। इसके उनको छोड़ दिया गया।
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यूपी एटीएस ने धर्म-परिवर्तन विरोधी कानून के तहत नागपुर से तीन को किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने राज्य के धर्म-परिवर्तन रोधी कानून के तहत लखनऊ में दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में नागपुर से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को इस आशय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीनों को नागपुर शहर के गणेशपेठ इलाके से शुक्रवार की रात गिरफ्तार किया गया।

नागपुर के पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नागपुर के प्रसाद रामेश्वर कावले, झारखंड के कौसर आलम शौकत अली खान और महाराष्ट्र के गडचिरोली से भुप्रिया बंदो देवीदास मंकार के रूप में हुई है।

उन्होंने बताया कि तीनों आरोपी गणेशपेठ थाना क्षेत्र के हंसपुरी में रह रहे थे। उत्तर प्रदेश पुलिस के एटीएस ने पिछले महीने भी कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था और धर्म-परिवर्तन करने वाले राष्ट्रव्यापी गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया था। इस संबंध में लखनऊ के गोमतीनगर थाने में राज्य के धर्म-परिवर्तन रोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया।

पिछले साल नवंबर में लागू किया गया उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म-परिवर्तन निषेध अध्यादेश, 2020, गैर-कानूनी धर्म परिवर्तन पर पाबंदी लगाता है और सिर्फ धर्म परिवर्तन के लिए किए गए विवाह को अमान्य ठहराता है। इस कानून के तहत अधिकतम 10 साल कैद और अधिकतम 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा का प्रावधान है।
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लखनऊ: फर्जी शिक्षिका पर नहीं दर्ज किया जा रहा केस, जारी किया जा चुका है सेवा समाप्ति का आदेश

एसटीएफ की जांच रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिक विद्यालय सुबंशीपुर बीकेटी में तैनात शिक्षिका सीता पाठक के बीए और बीएड के शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। एडी बेसिक ने व कार्यकारी बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सेवा समाप्ति का आदेश भी जारी कर दिया। साथ ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के भी आदेश दिए, लेकिन स्थानीय अधिकारी स्तर पर मामले को दबा दिया गया और एफआईआर दर्ज नहीं की गई।

एडी बेसिक पीएन सिंह ने बताया कि गत 23 जून को सीता पाठक की सेवा समाप्ति के आदेश जारी किए गए। साथ ही एबीएसए बीकेटी को एफआईआर दर्ज करने के भी आदेश दिए, लेकिन उसने इस पर कार्रवाई नहीं की। उन्होंने बताया कि बताया कि फर्जी शिक्षकों के मामलों में मुख्यमंत्री के आदेश पर पिछले कुछ महीने एसटीएफ ने जांच की।

जांच में सीता पाठक का 1993 का बीए का अंकपत्र और 1996 का बीएड का अंकपत्र गड़बड़ मिला। इसकी सत्यता पुष्ट नहीं हो पाई। जिसके बाद एडी बेसिक ने उसकी सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर एबीएसए को एफआईआर दर्ज कराने को भी निर्देश दिए, लेकिन अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।

... तो मामले को दबा रहे स्थानीय अधिकारी
एडी बेसिक ने साफ कहा है कि जांच में प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। सेवा समाप्ति से पहले कई बार उसे अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया, लेकिन वह प्रस्तुति नहीं हुई। बताया जा रहा है कि उसका यह मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है।
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बाराबंकी: बस हादसे में एआरटीओ प्रवर्तन ने दर्ज कराई एफआईआर, अब तक 17 मृतकों की शिनाख्त हुई

बाराबंकी जिले के रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र में हुए बस हादसे में 18 लोगों की मौत के बाद एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा जिले के एआरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव ने कोतवाली रामसनेहीघाट में दर्ज कराया है।

इस एफआईआर में बस व ट्रक की ट्रैवल एजेंसी के मालिक, दोनों वाहनों के चालक और टोलकर्मियों को भी आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि बस करीब साढे़ 4 घंटे खराब खड़ी रही इसके बावजूद एनएचआई के पेट्रोलिंग वाहन उसे नहीं देख सके और ना ही कोई मदद पहुंचाई गई।

इसके तहत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई हैं। इसके अलावा, मृतकों में एक और की पहचान हो गई है। अब कुल 17 मृतकों की पहचान हो गई है जबकि एक शव अज्ञात है जिसके बारे में पुलिस पता लगाने का प्रयास कर रही है।

बता दें कि मामले में पहले भी एक मुकदमा दर्ज किया जा चुका है जिसमें बस व ट्रक चालक, ट्रैवल एजेंसी के मैनेजर और मालिक को आरोपी बनाया गया हैद्घ पुलिस अब दोनों मुकदमों की जांच कर दोषियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी में जुटी है।
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हादसे के बाद का एक दृश्य। हादसे के बाद का एक दृश्य।

मानव तस्करी मामले में बड़ा खुलासा: त्रिपुरा के रास्ते भारत लाई जातीं थीं रोहिंग्या किशोरियां, फिर तस्कर करते थे घिनौना काम

रोहिंग्या किशोरियों की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए यूपी एटीएस के 30 से अधिक अधिकारियों ने 36 घंटे का विशेष अभियान चलाया था। आपको बता दें कि यूपी एटीएस ने रोहिंग्या किशोरियों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य सरगना समेत तीन लोगों को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। साथ ही तस्करी के लिए ले जाए जा रही दो किशोरियों और एक पुरुष को मुक्त करा दिया है।

एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि इस गिरोह के बारे में मानव तस्करी की जानकारी मिली थी। जिसके बाद इसके लिए टीमें गठित कर काम शुरू किया गया। जांच के दौरान पता चला कि मानव तस्करी का मुख्य सरगना मोहम्मद नूर कुछ रोहिंग्या व बंगलादेशी नागरिकों के साथ ट्रेन ब्रह्मपुत्र मेल से दिल्ली जा रहा है, इसपर यूपी एटीएस की टीम ने पांच लोगों गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर उतारा और पूछताछ की गई। 

गिरोह के सरगना मोहम्मद नूर ने बताया कि उनका एक साथी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उनसे मिलने आने वाला है। एटीएस की टीम ने उसे भी हिरासत में ले लिया गया। सभी को लखनऊ एटीएस मुख्यालय लाया गया और पूछताछ की। पता चला कि हिरासत में लिए गए उक्त छह में से दो किशोरियों और एक व्यक्ति को तस्करी के लिए मोहम्मद नूर लेकर दिल्ली जा रहा था। 

उन्होंने बताया कि यह गिरोह म्यांमार व बांग्लादेश से महिलाओं व बच्चों को अवैध तरीके भारत लाकर यहां फर्जी दस्तावेज बनवा कर बेच देते थे। उन्होंने बताया कि इस गिरोह का सरगना मुहम्मद नूर उर्फ नूरुल इस्लाम है जो रोहिंग्या व बांग्लादेशी महिलाओं को शादी तथा पुरुषों व बच्चों को फैक्ट्रियों में काम करने का लालच देकर अवैध तरीके से भारत में लाकर उन्हें फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में बसाता है व शादी कराने तथा बेहतर जिंदगी मुहैया कराने झांसा देकर उन्हें असामाजिक तत्वों के हाथों बेच देता है। 
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सीतापुर : मुठभेड़ में हत्या आरोपी को लगी गोली, चोरी के विरोध में महिला की गोली मारकर की थी हत्या

सीतापुर कोतवाली तालगांव इलाके में शनिवार देर रात चोरी कर भागते समय पकड़ने पर महिला की हत्या के मामले में फरार तीसरे बदमाश से सोमवार रात पुलिस की मुठभेड़ हो गई। बदमाश ने लहरपुर कोतवाल पर फायरिंग की, लेकिन बुलेट प्रुफ जैकेट पहने होने की वजह से वह बाल-बाल बच गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली पैर में लगने के बाद बदमाश घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका एक साथी मौके से फरार हो गया है। बदमाश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

तालगांव इलाके के अग्गरपुर मजरा बंभनावा निवासी रामहेत के घर शनिवार की रात चोरी कर भाग रहे बदमाश को उसकी पत्नी विनीता (38) ने पकड़ लिया था। शोर सुनकर परिवार के अन्य लोग आ गए थे। बदमाश ने महिला विनीता को गोली मार दी, जबकि उसके पति, देवर संतोष को पीटकर घायल कर दिया था। गोली लगने से विनीता की मौत हो गई थी। परिजनों और ग्रामीणों ने एक बदमाश को दबोच लिया था, जबकि उसके दो साथी फरार हो गए थे। आरोपी की पहचान लहरपुर के रमुआपुर निवासी देशराज के रूप में हुई थी। पुलिस ने देशराज से कड़ाई से पूछताछ कर घटना में शामिल अन्य बदमाशों के बारे में जानकारी जुटाई थी। दूसरे बदमाश रमवापुर के पंकज लोधी को सोमवार को गिरफ्तार कर चोरी की नकदी और जेवरात बरामद कर लिए थे। दोनों बदमाशों को पुलिस ने सोमवार को जेल भेज दिया था।

एसपी आरपी सिंह ने मंगलवार दोपहर पुलिस लाइंस सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वारदात में शामिल तीसरे बदमाश की तलाश में पुलिस की टीमें लगी थीं। पुलिस टीम को सोमवार देर रात मुखबिर से जानकारी मिली। इसके बाद लहरपुर और तालगांव पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए लहरपुर इलाके में लखीमपुर मार्ग पर दबिश देकर नवीनगर कटरा पुलिया के पास दबिश दी, जहां पर बाइक से जा रहे दो लोगों को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखकर बाइक सवार भागने लगे। इस पर पुलिस ने पीछा किया। पुलिस का दावा है कि पीछा करने पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी।

फायर लहरपुर कोतवाल मनीष सिंह पर की, लेकिन उन्होंने बुलेट प्रूफ जैकेट पहन रखी थी, इसलिए बाल-बाल बच गए। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए भाग रहे बदमाशों पर फायरिंग कर दी। गोली लखीमपुर के थाना ईसानगर इलाके के भिखारी पुरवा (महरिया) निवासी बदमाश विनोद के पैर में लगी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां पर उसका इलाज जारी है। एसपी आरपी सिंह ने बताया कि बदमाश विनोद तालगांव में चोरी के दौरान हुई हत्या की घटना में शामिल था। पकड़े गए बदमाश देशराज से पूछताछ के बाद उसका नाम प्रकाश में आया था।

25 हजार का घोषित था इनाम
पुलिस मुठभेड़ में दबोचे गए शातिर बदमाश विनोद पर एसपी आरपी सिंह ने 25 हजार का इनाम रखा था। पकड़े गए बदमाश देशराज और पंकज लोधी से पूछताछ के बाद प्रकाश में आए बदमाश विनोद की गिरफ्तारी को लेकर कप्तान ने इनाम रखा था। विनोद के कब्जे से चोरी की नकदी, चोरी के जेवरात, 20 लीटर मेंथा ऑयल, एक असलहा, तीन कारतूूस, एक खोखा, एक बाइक बरामद हुई है।

कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
पुलिस मुठभेड़ के दौरान बदमाश को पकड़ने वाली पुलिस टीम में कोतवाल तालगांव अनिल सिंह, इंस्पेेक्टर लहरपुर मनीष सिंह, एसआई कृष्ण चंद्र तिवारी, एसआई पवन मिश्रा, हेड कांस्टेबल महेंद्र सिंह, रामप्रताप, अबूहादी खान, नीरज सिंह, धर्मेंद्र यादव, मो. कासिम, जयप्रकाश, दशरथ, दिनेश कुमार शामिल थे।
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यूपी: बांग्लादेश से मानव तस्करी करने वाले गिरोह का खुलासा, सरगना सहित तीन गिरफ्तार

यूपीएटीएस ने मंगलवार को मानव तस्करी के एक बड़े रैकेट का खुलासा करते हुए गिरोह के सरगना सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। ये लोग बांग्लादेश से रोहिंग्या के साथ ही महिलाओं व बच्चों को अवैध रूप से भारत लाकर बेचते थे। मानव तस्करी के इस गिरोह को पकड़ने के लिए यूपीएटीएस के 30 अधिकारियों ने 36 घंटे से अधिक का ऑपरेशन किया।

एटीएस को आरोपियों के पास से मोबाइल, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बांग्लादेश नागरिकता पहचान पत्र, एटीएम, रेलवे टिकट व यूएनएचसीआर के कार्ड की छायाप्रति, पांच बांग्लादेशी टका और 24480 रुपये बरामद हुए हैं।


मामले का खुलासा करते हुए एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि यूपी एटीएस को पिछले कुछ दिनों से सूचना प्राप्त हो रही थी कि एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह बांग्लादेश व म्यांमार के नागरिकों को अवैध रूप से भारत में लाकर और उनके नकली दस्तावेज तैयार करवाकर उन्हें भारत के विभिन्न राज्यों एवं एनसीआर क्षेत्र जैसे नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली में बसाता है।

जांच करने पर पता चला कि गिरोह का सरगना मोहम्मद नूर उर्फ नूरुल इस्लाम है जो रोहिंग्या व बांग्लादेशी महिलाओं को शादी और पुरुषों व बच्चों को फैक्ट्रियों में काम करने जैसे प्रलोभन देकर अवैध रूप से भारत में लाकर बसाता है व शादी कराने और बेहतर जिंदगी मुहैया कराने का झांसा देकर उन्हें असामाजिक तत्वों के हाथों बेच देता है।

इसके बदले ये मानव तस्कर पीड़ित व्यक्तियों, महिलाओं व बच्चों का आर्थिक, शारीरिक व मानसिक शोषण करते हैं। इससे धन अर्जित करते हैं।





निगरानी में पता चला कि नूर मोहम्मद कुछ रोहिंग्या व बांग्लादेशी नागरिकों के साथ ट्रेन से दिल्ली जा रहा है। जिस पर यूपी एटीएस की टीम ने पांच व्यक्तियों को गाजियाबाद में ट्रेन से उतारकर उनसे पूछताछ की। गिरोह के सरगना ने बताया कि उनका एक साथी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उनसे मिलने आने वाला है जिसकी सूचना पर उस व्यक्ति को भी दिल्ली रेलवे स्टेशन से हिरासत में लेकर सभी छह व्यक्तियों को एटीएस मुख्यालय लखनऊ लाकर पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद इस गिरोह में शामिल तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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लखनऊ: पैतृक जमीन बेचने से मना करने पर कलयुगी बेटे ने मां की पिटाई करने के बाद गला घोंटा

गिरफ्तार हुए नूर मोहम्मद, रहमत उल्लाह और शबीउल्लाह।

लखनऊ: एमजे फन सिटी पर चला प्रशासन का डंडा, 50 करोड़ की जमीन पर बना अवैध निर्माण ढहाया

लखनऊ जिला प्रशासन ने मंगलवार को करीब 50 करोड़  मूल्य की सरकारी जमीन से एमजे फन सिटी के अवैध कब्जे को ढहा दिया।

इस संबंध में उच्चाधिकारियो के निर्देश पर सोमवार देर रात इंदिरानगर थाने में आरोपी जुनैद सिद्दीकी के विरुद्ध 11 बजकर 40 मिनट पर गुपचुप तरीके से एफआईआर दर्ज की गई।

वहीं, मंगलवार सुबह जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारी, बीकेटी तहसील के शीर्ष अधिकारी, एलडीए के संबंधित अधिकारी पुलिस बल के साथ पहुंच गए।

गाटा संख्या 178/3, 178/8, 173/4 में मौजूद राज्य सरकार में निहित जमीनों से वाटर पार्क के अवैध कब्जे को हटा दिया। सूत्रों की माने तो एक बड़े मीडिया हाउस के चीफ एडिटर की भी इसमे हिस्सेदारी है।
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अमेठी में साढ़े तीन साल पहले 11 वीं के छात्र की हत्या की जांच करेगी सीबीआई

साढ़े तीन साल पहले अमेठी के गौरीगंज में हुई 11वीं के छात्र की हत्या के मामले की जांच सीबीआई करेगी। उत्तर प्रदेश सरकार के तीन साल पहले किए गए अनुरोध को सीबीआई ने स्वीकार कर लिया है। सीबीआई की लखनऊ स्थित स्पेशल क्राइम ब्रांच ने गौरीगंज थाने में दर्ज मुकदमे के आधार पर अपने यहां एफआईआर दर्ज कर ली है।

जानकारी के अनुसार 14 जनवरी 2018 को अमेठी के गौरीगंज थाने में अजय कुमार सिंह ने तहरीर दी थी कि उनके बेटा अभय प्रताप सिंह जो अमेठी के जवाहर नवोदय विद्यालय में 11वीं का छात्र था और वह विद्यालय के हास्टल में रहता था। 14 जनवरी को उसकी लाश रेलवे ट्रैक पर मिलने की सूचना उन्हें दी गई। मौकेपर पहुंचने के बाद पता चला कि उनके बेटे की हत्या की कुछ अज्ञात लोगों और स्कूल प्रशासन की मिली भगत से की गई है।

साक्ष्य मिटाने की नियत से स्कूल का आवागमन का इंट्री रजिस्टर भी गायब कर दिया गया। इस मामले में अमेठी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद परिजनों की मांग पर प्रदेश सरकार ने सीबीआई को यह जांच सौंपने का फैसला किया था। तीन साल पहले प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को इसकी सिफारिश भी भेज दी। लेकिन सीबीआई ने अब यह मामला अपने यहां दर्ज किया है।
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अखिलेश यादव के नाम पर किया फर्जी ट्वीट, सपा के प्रदेश अध्यक्ष ने दर्ज कराया मुकदमा

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम से बाबरी मस्जिद को लेकर ट्विटर पर फर्जी बयान दिया गया। जानकारी होने पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने गौतमपल्ली थाने में ट्वीट करने वाले 10 लोगों का स्क्रीन शॉट लेकर तहरीर दी। पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है। गौतमपल्ली थाना प्रभारी निरीक्षक रत्नेश कुमार सिंह के मुताबिक नरेश उत्तम की तहरीर पर अज्ञात ट्विटर यूजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

तहरीर के मुताबिक 22 जुलाई को सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी हुई कि अखिलेश यादव के खिलाफ साजिश करने के मकसद से उनके नाम से ट्विटर पर झूठा बयान डाल दिया गया है। ट्वीट करने वाले ने लिखा कि उत्तर प्रदेश में अगर समाजवादी की सरकार बनेगी तो पार्टी मुस्लिम भाइयों से यह वादा करती है कि बाबरी मस्जिद का निर्माण उसी स्थान पर कराएगी जहां पर राम मंदिर बन रहा है। इस ट्वीट को एक नहीं कई लोगों ने साझा किया। प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि ऐसा कोई भी बयान अखिलेश यादव की तरफ से नहीं दिया गया है।
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लखनऊ : पूर्व राज्यमंत्री व उसके पिता की ढाई अरब की संपत्ति जब्त, कभी 1200 रुपये की करता था नौकरी

राजधानी की कमिश्नरेट पुलिस ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सपा राज में राज्यमंत्री रहे मो. इकबाल व उनके पिता कैरियर डेंटल के मालिक अजमत अली की 2.54 अरब रुपये की संपत्तियां जब्त कर ली। इनमें 10 करोड़ रुपये से अधिक की लग्जरी गाड़ियां हैं। दोनों पर जालसाजी, सरकारी जमीनों पर कब्जा करने और गिरोह बनाकर अवैध संपत्तियां बनाने के केस चल रहे हैं। कार्रवाई मड़ियांव थानाक्षेत्र के घैला, अल्लूनगर व मुतक्कीपुर में की गई।

एसीपी अलीगंज अखिलेश सिंह के मुताबिक पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर के आदेश पर गिरोहबंद व समाज विरोध क्रियाकलाप अधिनियम की धारा 14 (1) के तहत कार्रवाई की। एसीपी ने बताया कि अजमत अली ने 1995 में कैरियर कॉन्वेंट एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट बनाकर सरकारी रास्तों, चकरोड, व सरकारी जमीनों पर कब्जा करना शुरू कर अवैध संपत्तियां खड़ी कर दीं।

कार्रवाई की जद में ये संपत्तियां
कैरियर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल (एकेडमिक ब्लॉक, हॉस्पिटल, कैंपस), एमबीबीएस ब्वॉयज हॉस्टल, कैरियर पीजी इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस एंड हॉस्पिटल (डेंटल कॉलेज, डेंटल हॉस्पिटल, नर्सिंग कॉलेज, स्टेडियम, भवन इंटर्न ब्वायज हॉस्टल व परिसर), बीडीएस गर्ल्स हॉस्टल, ब्वायज हॉस्टल, एमबीबीएस गर्ल्स हॉस्टल, नर्सेस हॉस्टल, डॉ. रेजीडेंस हॉस्टल, इंटर्न पीजी गर्ल्स हॉस्टल, कैंटीन, मेस, डेंटल कॉलेज परिसर में एसटीपी, ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र मुतक्कीपुर, दो मंजिला अधूरा निर्माण, कैरियर कॉन्वेंट कॉलेज परिसर विकासनगर सेक्टर-5, अर्द्धनिर्मित दो मंजिला भवन, घैला, मुतक्कीपुर, अल्लूनगर डिगुरिया, बरौरा हुसैनबाड़ी, अलीनगर की जमीन।
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बेसिक शिक्षा विभाग: आधार नंबर से पकड़ में आए 40,636 डुप्लीकेट विद्यार्थी, डाटा दुरुस्त करने के दिए निर्देश

लखनऊ मंडल में बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में 40636 डुप्लीकेट विद्यार्थी मिले हैं। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने लखनऊ मंडल के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इन छात्र-छात्राओं के डाटा दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने निर्देशों में कहा है कि सूचना आधार वॉल्ट में श्रीट्रॉन इंडिया लि. के माध्यम से डुप्लीकेट छात्र-छात्राओं की सूचना प्राप्त हुई है। यानी, 20 हजार छात्र-छात्राएं ऐसे हैं, जिनकी आधार संख्या अन्य 20 हजार छात्र-छात्राओं के प्रमाणीकरण के लिए इस्तेमाल की गई है।

आधार वॉल्ट से शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं का ब्योरा आधार प्रेरणा पोर्टल और आधार वॉल्ट से डिलीट करते हुए शत-प्रतिशत शुद्ध डाटाबेस बनाया जाना है। इसलिए एक से अधिक विद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों को एक ही स्कूल में रखा जाएगा। दूसरे विद्यालय से उसका नामांकन डिलीट किया जाए।

अगर विद्यालय ने गलत आधार का प्रमाणीकरण किया है तो सही आधार प्रमाणीकरण कराते हुए डाटा अपडेट किया जाए।
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