अजीत सिंह हत्याकांड: पूर्व सांसद धनंजय सिंह भगोड़ा घोषित, 25 हजार रुपये का है इनाम

न्यूज डेस्क, अमर उसजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 06 Jul 2021 08:58 PM IST

सार

राजधानी में विभूति खंड स्थित कठौता चौराहे पर छह जनवरी को शाम 8.30 बजे ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर अजीत सिंह की हत्या कर दी गई थी। इसमें उसका साथी मोहर सिंह और एक राहगीर आकाश यादव भी घायल हुआ था।
पूर्व सांसद और बाहुबली धनंजय सिंह।
पूर्व सांसद और बाहुबली धनंजय सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अजीत सिंह हत्याकांड मामले में आरोपी जौनपुर के पूर्व सांसद व बाहुबली नेता धनंजय सिंह को मंगलवार को सीजेएम रवि कुमार गुप्ता ने भगोड़ा घोषित कर दिया। पूर्व सांसद पर मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख अजीत सिंह की हत्या का साजिश रचने का आरोप है। 
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कोर्ट ने धनंजय सिंह के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 का आदेश जारी किया है। इसके तहत एक महीने के भीतर पूर्व सांसद अगर कोर्ट में समर्पण नहीं करते हैं तो कोर्ट उनकी संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश जारी कर सकता है।





विवेचक व प्रभारी निरीक्षक विभूति खंड चंद्रशेखर सिंह ने धनंजय सिंह के खिलाफ धारा 82 की कार्रवाई के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी। इसमें कहा गया है कि विवेचना के दौरान पता चला कि उनसे हत्याकांड में मुख्य भूमिका निभाई है और अन्य आरोपियों की मदद की है। इसके बाद से उसकी तलाश की जा रही है, लेकिन वह फरार हो गया है। आरोपी शातिर किस्म का अपराधी है और अपनी चल व अचल संपत्तियों को हटा रहा है। उसकी तलाश में कई बार दबिश दी गई, लेकिन कोई पता नहीं चल रहा है।

क्या था मामला
राजधानी में विभूति खंड स्थित कठौता चौराहे पर छह जनवरी को शाम 8.30 बजे ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर अजीत सिंह की हत्या कर दी गई थी। इसमें उसका साथी मोहर सिंह और एक राहगीर आकाश यादव भी घायल हुआ था। मोहर सिंह की तहरीर पर आजमगढ़ के अखंड सिंह व कुंटू सिंह, शूटर गिरधारी सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। 

बाद में जांच के दौरान 11 और आरोपी बनाए। पुलिस ने कुल 15 में से 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन तीन आरोपी फरार चल रहे हैं। इनमें पूर्व सांसद धनंजय सिंह, उनका करीबी विपुल सिंह और शूटर रवि यादव शामिल है। जबकि इस हत्याकांड के मुख्य शूटर गिरधारी को पुलिस ने 14/15 फरवरी की रात उसे मुठभेड़ में मार गिराया था।

धनंजय सिंह पर दर्ज हैं 38 मुकदमे
पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की जमानत अर्जी में पूर्व सांसद धनंजय सिंह खुद ही अपनी हिस्ट्रीशीट पेश की थी। उसने हलफनामा दिया था कि उसके खिलाफ 38 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से 24 से वह बरी हो चुका है। एक मुकदमे में वह आरोपमुक्त है, चार में फाइनल रिपोर्ट लग गई है और तीन मुकदमे सरकार वापस ले चुकी है। इस तरह उसके खिलाफ अब सिर्फ पांच मुकदमे बचे हैं।  

अजीत सिंह हत्याकांड में घटनाक्रम
- 6 जनवरी को अजीत सिंह की गोली मारकर हत्या
- आरोपियों से पूछताछ में धनंजय सिंह का नाम सामने आया
- 14/15 फरवरी की मुख्य शूटर गिरधारी मुठभेड़ में ढेर
- 20 फरवरी को पूर्व सांसद के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी
- 4 मार्च को लखनऊ पुलिस ने धनंजय सिंह पर 25 हजार का इनाम घोषित किया
- 5 मार्च को पूर्व सांसद ने पुराने मामले की जमानत तोड़वाकर प्रयागराज कोर्ट में समर्पण किया
- 29 मार्च को पूर्व सांसद को प्रयागराज के मामले में जमानत मिली
- 31 मार्च को जेल से रिहा होते ही अंडरग्राउंड हुआ, तलाश में पुलिस की दबिश
- 3 जुलाई को पूर्व सांसद ने बाहुबल से पत्नी श्रीकला को जौनपुर से जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित कराया
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