अलर्टः युवतियों में बढ़ता मोटापा कहीं गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 13 Sep 2021 01:56 AM IST
लोकबंधु अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कंचन मिश्रा।
लोकबंधु अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कंचन मिश्रा।
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रोली खन्ना
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आपकी उम्र 15 से 35 वर्ष के बीच है और आप बढ़ते वजन व अनियमित मासिक चक्र जैसी दिक्कतों से जूझ रही हैं तो डॉक्टर की सलाह की जरूरत है। इसका कारण युवतियों में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओडी) के मामले तेजी से बढ़ना है।
खास बात है कि जानकारी के अभाव में इससे होने वाली दिक्कतों का समाधान तलाशने में युवतियां जिम, पार्लर में पैसा खर्च कर रही हैं। ऐसे में जब तक वे डॉक्टर के पास पहुंचती हैं, तब तक समस्या गंभीर हो चुकी होती है।

शहर की वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों का कहना है कि पीसीओडी के केस दस गुना बढ़े हैं। हर 100 में से 20 मरीज यह समस्या लेकर अस्पताल पहुंच रही हैं।
...इसलिए जरूरी है डॉक्टर की सलाह
जिम और डायटिशियन से नहीं मिला फायदा
इंदिरानगर निवासी इंटरमीडिएट की छात्रा का लोकबंधु अस्पताल में इलाज चल रहा है। कुछ सालों से वह पूरी तरह से डायटिशियन और जिम ट्रेनर पर निर्भर है, ताकि मोटापा कम हो जाए। इस दौरान उसके मासिक चक्र भी बदल गए। सहेली की मां की सलाह पर उसने चिकित्सक से संपर्क किया। जांच में पता चला कि वह पीसीओडी से जूझ रही है। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है।
अब प्रेग्नेंसी की चुनौती से जूझ रहीं
महानगर निवासी युवती इन दिनों प्रेग्नेंसी को लेकर तनाव में हैं। उसका क्वीन मेरी में इलाज चल रहा है। उसका कहना है कि कुछ दिक्कत थी, पर वह समझ नहीं पाई। लगातार अनियमित मासिक धर्म से जूझने के बावजूद इसे नजरअंदाज कर दिया। शादी के बाद प्रेग्नेंसी की कोशिश नाकाम होती जा रही है। दरअसल उसे पीसीओडी था, जिसका पता बहुत देर में चला।
जानिए क्या है यह सिंड्रोम और इसके कारण
क्वीन मेरी में वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. पुष्प लता शंखवार कहती हैं कि पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम में हार्मोन्स में असंतुलन के कारण ओवरी में छोटी-छोटी गांठें यानी सिस्ट बन जाती है। इससे बड़े-बड़े हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं, जो पीरियड्स व प्रेग्नेंसी को प्रभावित करते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण हमारी बिगड़ी जीवन शैली है। धूम्रपान व शराब की बढ़ती लत, देर रात तक जागना, तेजी से बढ़ता तनाव इसके कुछ जिम्मेदार कारक हैं।
पहले सिर्फ देर से शादी थी कारण
लोक बंधु अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कंचन मिश्रा कहती हैं कि पहले देर से शादी को इसके लिए जिम्मेदार माना जाता था। अब उम्र का अंतर घटकर 15 से 35 वर्ष के बीच हो गया है। ओपीडी में आने वालों में स्टूडेंट्स की बड़ी संख्या है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
चिकित्सकों का कहना है कि अनियमित मासिक चक्र, लगातार वजन बढ़ना, बालों का झड़ना, पेट में दर्द बने रहना, त्वचा संबंधी समस्याएं और अनचाहे बालों की दिक्कत बनी हुई है तो इसे नजरअंदाज न करें। डॉ. शंखवार के मुताबिक, जानकारी न होने से युवतियां जिम व पार्लर में रुपये खर्च कर दे रही हैं। ये लक्षण दिखने पर डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए। वहीं, डॉ. कंचन मिश्रा कहती हैं कि स्टूडेंट्स रहते ही लड़कियों को जीवन शैली सुधारनी होगी, वरना आगे कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं।
क्वीन मेरी में वरिष्ठ स्त्री एंव प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर पुष्पलता शंखवार।
क्वीन मेरी में वरिष्ठ स्त्री एंव प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर पुष्पलता शंखवार।

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