लखनऊ में चल रही थी पटाखा फैक्ट्री : धमाके के साथ लगी आग, उड़ गई कमरे की छत, इलाके में दहशत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Wed, 22 Sep 2021 10:46 AM IST

सार

अचानक ताबड़तोड़ कमरे में कई धमाके हुए और कमरे के ऊपर रखी टीन शेड की छत उड़ गई। कमरे से भीषण धुंआ निकल रहा था। मजदूर और रेहान दौड़े कमरे के बाहर बने हौद से पानी निकाल कर फेंकना शुरू किया।
पटाखा फैक्ट्री में धमाके के बाद निकलता धुआं
पटाखा फैक्ट्री में धमाके के बाद निकलता धुआं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

लखनऊ में गोसाईगंज के अमेठी कस्बे के बाहर खेत में बने एक कमरे में पटाखा फैक्ट्री में धमाके के साथ आग लग गई। हादसा मंगलवार दोपहर को हुआ। ताबड़तोड़ कई धमाकों से पूरा इलाका दहशत में आ गया। धमाका इतना तेज था कि फैक्ट्री की टीन की छत भी उड़ गई। ग्रामीणों ने पानी फेंककर आग पर काबू पाया। हादसे के  वक्त वहां दो फैक्ट्री के मालिक व मजदूर कुछ दूरी पर खाना खा रहे थे। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। फैक्ट्री में आग से सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे।
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अमेठी कस्बे से मोहम्मदाबाद मार्ग पर अमेठी निवासी आतिशबाज रेहान की खेत में पटाखा फैक्ट्री है। फैक्ट्री में पटाखे बनने के साथ ही बिक्री भी होती है। मंगलवार दोपहर मजदूर बाहर खाना बना रहे थे। हादसे के समय रेहान भी मौजूद थे। अचानक ताबड़तोड़ कमरे में कई धमाके हुए और कमरे के ऊपर रखी टीन शेड की छत उड़ गई। कमरे से भीषण धुंआ निकल रहा था। मजदूर और रेहान दौड़े कमरे के बाहर बने हौद से पानी निकाल कर फेंकना शुरू किया।


एकाएक कमरे से आग की लपटें निकलने लगीं। सूचना पर नगर पंचायत से पानी का टैंकर भेजा गया। जिसकी मदद से कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया। घटना से आस पड़ोस के लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस पहुंची। प्रभारी निरीक्षक गोसाईगंज अमरनाथ वर्मा के मुताबिक रेहान के पास पटाखा बनाने और बिक्री का लाइसेंस है। लाइसेंस वर्ष 2023 तक मान्य है। बरसात में भीगे हुए पटाखे कमरे और बरामदे में सुखाए जा रहे थे। इसी दौरान एकाएक विस्फोट हुआ था। हादसे की जांच की जा रही है। विस्फोट के अलावा फैक्ट्री के मानकों की जांच अग्निशमन विभाग करेगा।

बिना सुरक्षा उपकरणों के चल रही थी फैक्ट्री
पटाखा फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर दिया गया था। काफी संवेदनशील होने के बावजूद मालिक रेहान ने सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किये थे। बिना अग्नि सुरक्षा उपकरणों के ही पटाखों की फैक्ट्री चला रहा था साथ ही गोदाम भी बना रखा था। इस बिंदु पर पुलिस व अग्निशमन विभाग की टीम जांच कर रही है।

लखनऊ में पटाखा फैक्ट्री के विस्फोट में अब तक 38 गवां चुके है जान

लखनऊ के बाहरी और घनी आबादी में कई जगहों  पटाखा के वैध व अवैध कारोबार फैलें हैं। इन कारोबारियों के लापरवाही का खामियाजा कई लोगों को अपनी जान गवां कर देनी पड़ती है। राजधानी में अब तक 12 विस्फोट के हादसों में 38 लोगों की जान जा चुकी है। जबकि 30 से अधिक लोंगो को शारीरिक नुकसान उठाना पड़ा। लेकिन इन हादसों के बाद भी कोई सबक नहीं लिया गया। यहां तक कि प्रशासनिक अमला भी ऐसे मामलों में संवेदनशीलता नहीं दिखाता है। जबकि खुफिया विभाग ने राजधानी के सात पटाखा फैक्ट्री के लाइसेंस निरस्त करने की रिपोर्ट दे दी। रिकार्ड में प्रशासन ने लाइसेंस को निरस्त कर दिया लेकिन इनमें ज्यादातर ने अवैध रूप से पटाखों का निर्माण कार्य जारी रखा है।

लखनऊ का सबसे बड़ा पटाखा विस्फोट कांड 20 सितंबर 2014 को हुआ था। मोहनलालगंज के सिसेंडी इलाके में पटाखा फैक्ट्री में धमाका हुआ। जिसमें 16 लोगों को जान गवानी पड़ी थी। इस हादसे में 20 लोग घायल हुए थे। जिनमें से ज्यादातर लोगों के शरीर का कोई न कोई हिस्सा बेकार हो गया। पटाखा कारोबार ग्रामीण इलाकों में गोसाईंगंज के अमेठी कस्बा, नगराम के गढ़ी व चौखंडी, बीकेटी के सरैंया बाजार, सुशांत गोल्फ सिटी का अहिमामऊ, मोहनलालगंज के मौरावां, मऊ, सिसेंडी प्रमुख रुप से शामिल हैं। वहीं शहरी इलाकों में वजीरगंज, बाजारखाला, चौक, रकाबगंज पुल के आसपास पटाखों का कारोबार होता है। जहां दुकान व गोदाम भी बनाए गये हैं।

पटाखों से हुए अब तक के बड़े हादसे
- 1998 में सिसेंडी में पटाखा बनाते समय हुए धमाके में तीन लोगों की मौत
- 2003 में अमेठी के मोती का तालाब में रियाजुल  की फैक्ट्री में बारूद पीसते समय विस्फोट से महिला की मौत
- 2004 में गोसाईगंज कस्बे में पटाखा बनाते समय हुए विस्फोट में एक की मौत
- 2004 में मऊ में पटाखा बनाते समय हुए धमाके से एक घायल
- 2008 में जैती खेड़ा में धमाके से एक की मौत
- 2012  में कनकहा में  पटाखा फैक्ट्री मे  धमाके से दो की मौत व महिला समेत दो घायल ।
- 18  जून 12  पारा के गांव सलेमपुर पतौरा  में पटाखा फैक्ट्री के गोदाम में विस्फोट, मां-बेटे  की मौत
- 28  सितंबर 12  पारा के गांव बादर खेड़ा में पटाखों के गोदाम में धमाका, दो बहनों की मौत
- 15  मार्च 14  अमेठी के मोती तालाब में रियाजुल  की फैक्ट्री में धमाका, छह की मौत
- 20  सितंबर 14  मोहनलालगंज के गांव सिसेंडी  में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट 16  की मौत, 20  घायल
- 13  सितंबर 15  पारा के डॉक्टर खेड़ा श्रीनाथनगर  में पटाखों के विस्फोट से मकान उड़ा। बेटी समेत दंपती  की मौत।
- 10 अप्रैल 19 को मोहनलालगंज कस्बा में पटाखों के धमाका हुआ था। जिसमें मारूफ व शकील घायल हो गये थे। शकील की दस दिन बाद मौत हो गई थी।
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