सियासी घमासान: 'हिंदू-मुस्लिम दोनों का डीएनए एक' भागवत के बोल पर मायावती का तंज-'मुंह में राम बगल में छुरी'

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 05 Jul 2021 09:10 PM IST

सार

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि भाजपा सरकार आरएसएस के एजेंडे पर काम कर रही है और चुनावी लाभ के लिए धर्मांतरण को मुद्दा बना रही है। अगर ऐसा कहीं कुछ है तो आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए पर पूरे मुस्लिम समुदाय को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
बसपा सुप्रीमो मायावती।
बसपा सुप्रीमो मायावती। - फोटो : amar ujala
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विस्तार

बसपा सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद में रविवार को एक कार्यक्रम में भागवत ने जो बयान दिया था, वह ‘मुंह में राम, बगल में छुरी’ जैसा है। लखनऊ में मायावती ने बयान जारी कर कहा कि संघ प्रमुख भागवत ने कहा था कि हिंदू और मुस्लिम दोनों का डीएनए एक ही है, लेकिन उनकी कही बात किसी के गले उतरने वाली नहीं है।
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बसपा सुप्रीमो ने कहा कि संघ, भाजपा व उनकी सरकारों की कथनी और करनी में जमीन आसमान का अंतर है। जातिवाद, सांप्रदायिक व धार्मिक आदि मामलों में ये लोग जो कहते हैं, उसका ठीक उल्टा करते हैं। उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख देश की राजनीति को विभाजनकारी बताकर कोस रहे हैं, जो ठीक नहीं है। उन्होंने तंज कसा कि संघ के सहयोग व समर्थन के बिना भाजपा का अस्तित्व कुछ भी नहीं है। फिर भी संघ अपनी कही बातों को भाजपा व उनकी सरकारों पर लागू क्यों नहीं करवा पा रही है। केंद्र, यूपी समेत जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें चल रही हैं, वहां सरकारें संविधान की सही मंशा के मुताबिक चलने की बजाए ज्यादातर संघ के संकीर्ण एजेंडे पर चल रही हैं।







धर्मांतरण को विधानसभा चुनाव के लिए मुद्दा बनाने की कोशिश
मायावती ने कहा कि जबरन धर्मांतरण पूरी तरह से अवैध है। ऐसे मामलों की जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, यह सवाल भी खड़ा होता है कि इतने लंबे समय से चल रहे धर्मांतरण के दौरान खुफिया एजेंसियां क्या कर रही थीं। ऐसा लगता है कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश की भाजपा सरकार अपनी कमजोरियों पर पर्दा डालने के लिए धर्मांतरण को राजनीतिक रंग देना चाहते हैं। लिहाजा ऐसे मामले में देश की जनता को सावधान रहना होगा। साथ ही यह समझना होगा कि अभी तक जिन मामलों में संपत्ति जब्त या ध्वस्त की गई हैं, वह ज्यादातर एक ही समाज के लोगों की हैं। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि भाजपा की इसी सोच के चलते बसपा वर्ष 1995 और 2003 में इनकी गठबंधन वाली सरकार से अलग हो गई थी।

राफेल सौदे पर संज्ञान ले केंद्र सरकार
बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि राफेल लड़ाकू विमान की खरीद में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर फ्रांस में शुरू हुई न्यायिक जांच से यह मामला फिर चर्चा में आ गया है। केंद्र सरकार भी इसका संज्ञान ले तो बेहतर होगा।

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