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विपरीत ब्लड ग्रुप वालों में भी होगी प्लाज्मा थेरेपी

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 20 Apr 2020 01:49 AM IST
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विपरीत ब्लड ग्रुप वालों में भी होगी प्लाज्मा थेरेपी कोरोना मरीजों पर दिल्ली के बाद केजीएमयू करेगा प्रयोग, बनाएगा प्लाज्मा बैंक माई सिटी रिपोर्टर लखनऊ। दिल्ली के बाद अब केजीएमयू कोरोना मरीजों पर प्लाज्मा थेरेपी करने की तैयारी में है। खास बात यह है कि विपरीत ब्लड ग्रुप में भी यह प्रयोग किया जा सकेगा। इसके लिए ग्लाइकोशार्ब यूनिवर्सल प्लाज्मा थेरेपी तकनीक अपनाई जाएगी। इसके लिए केजीएमयू में प्लाज्मा बैंक तैयार किया गया है। कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों में प्लाज्मा थेरेपी के ट्रायल को मंजूूरी मिल गई है। लिवर, जीबी सिंड्रोम सहित विभिन्न तरह के मरीजों में पहले भी यह प्रयोग होता रहा है। अब कोरोना मरीजों में किया जा रहा है। इसमें कोरोना से ठीक हो चुके एक व्यक्ति के शरीर से निकाले गए एक यूनिट खून से प्लाज्मा को अलग किया जाता है। इस प्लाज्मा से कोरोना पीड़ित चार अन्य लोगों का इलाज किया जा सकता है। कोरोना से ठीक होने वाले मरीज के शरीर में वायरस के संक्रमण को बेअसर करने वाले प्रतिरोधी एंटीबॉडीज विकसित हो जाते हैं। इस एंटीबाडी को नए मरीज में भेजकर वहां मौजूद वायरस को खत्म किया जाता है। अभी तक यह प्रयोग मैचिंग ब्लड ग्रूप वालों में ही किया जाता है। लेकिन अब विपरीत ब्लड ग्रुप वालों में भी करने की तैयारी चल रही है। यह संभव होगा ग्लाइको शार्ब यूनिवर्सल प्लाज्मा थेरेपी के जरिए। यह प्रक्रिया पहले से चल रही प्लाज्मा थेरेपी जैसी ही है। मरीजों से कर ली गई है बात केजीएमयू के संक्रामक रोग नियंत्रण यूनिट के प्रभारी डॉ. डी हिमांशु ने बताया कि यहां से ठीक होने वाले मरीजों से बात की गई है। वे प्लाज्मा देने के लिए तैयार हैं। ट्रायल संबंधी कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है। जल्द ही यहां नया प्रयोग शुरू किया जाएगा। इससे गंभीर मरीजों को फायदा मिलेगा। केजीएमयू में इन दिनों भर्ती होने वाले मरीज काफी गंभीर किस्म के हैं। इस प्रयोग से उन्हें काफी फायदा मिलेगा। अगले सप्ताह करने की तैयारी केजीएमयू ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. तूलिका चंद्रा ने बताया कि दिल्ली के एक निजी अस्पताल में विपरीत ब्लड ग्रुप वालों में प्लाजा थेरेपी का प्रयोग हो चुका है। नतीजा सकारात्मक दिखा है। यह पहली ग्लाइकोशार्ब यूनिवर्सल प्लाज्मा थेरेपी थी। दूसरा प्रयोग केजीएमयू में होगा। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। डोनर भी तैयार हैं। इन दिनों केजीएमयू में कोरोना के कई गंभीर मरीज भर्ती हैं। ऐसे में अगले सप्ताह किसी मरीज पर यह प्रयोग किया जाएगा। **********
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