धर्मांतरण: आईएएस इफ्तिखारुद्दीन मामले एसआईटी से जांच के आदेश, सीएम योगी को सात दिन में देंगे रिपोर्ट

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 28 Sep 2021 08:33 PM IST

सार

धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने को लेकर सामने आए कानपुर के आईएएस इफ्तिखारुद्दीन के मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। टीम पूरे मामले की रिपोर्ट सात दिन में शासन को सौंपेगी।
SIT will investigate IAS Iftikharuddin case.
- फोटो : amar ujala
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विस्तार

उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम के चेयरमैन मोहम्मद इफ्तिखारुद्यीन के धर्मांतरण को लेकर कथित वायरल वीडियो को शासन ने गंभीरता से लिया है। शासन ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, जिसकी जांच कराई जा रही है। सीबीसीआईडी के डीजी जीएल मीणा की अध्यक्षता में एक एसआईटी का गठन किया गया है जिसमें कानपुर जोन के एडीजी भानु भास्कर को सदस्य नामित किया गया है। एसआईटी सात दिनों में अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
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जानकारी के अनुसार कानपुर में लंबे समय तक कमिश्नर रहे इफ्तिखारुद्यीन का धार्मिक तकरीरों को लेकर कुछ वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो उनके सरकारी आवास का बताया जा रहा है। इस वीडियो में वह मुस्लिम धर्म को लेकर तकरीर करते नजर आ रहे हैं। उसी तरह के एक वीडियो में उनका एक साथी धर्मांतरण को लेकर भी तकरीर करता नजर आ रहा है। इस वीडियो के वायरल होने केबाद कानपुर के एक भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इफ्तिखारुद्यीन द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करने और कानपुर के मंडलायुक्त रहते हुए बड़ी संख्या में लोगों के धर्मांतरण का आरोप लगाया गया है। साथ ही भाजपा नेता ने पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग की है।


इफ्तिखारुद्यीन 14 फरवरी 2014 से लेकर 22 अप्रैल 2017 तक कानपुर के मंडलायुक्त रहे। इसके अतिरिक्त वह कानपुर में श्रमायुक्त भी रह चुके हैं। इफ्तिखारुद्यीन से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद पहले कानपुर पुलिस ने स्थानीय स्तर पर जांच शुरू की। लेकिन जब मामला ज्यादा हाईलाइट हुआ तो शासन ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक एसआईटी के गठन का फैसला ले लिया। अब आगे की कार्रवाई एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी।

मौलाना कल्बे जव्वाद ने किया इफ्तिखारुद्यीन का बचाव
इस मामले में शिया धर्मगुरू मौलाना कल्बे जव्वाद ने मोहम्मद इफ्तिखारुद्यीन का बचाव करते हुए कहा है कि सभी अफसर अपने धर्म के अनुसार सरकारी घरों में पूजा करते हैं। इफ्तिखारुद्यीन ने भी अपने धर्म के हिसाब से प्रोग्राम किया। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

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