यूपी कैबिनेट के फैसले : एक करोड़ विद्यार्थियों को मिलेगा टैबलेट या स्मार्ट फोन, अब निजी बिल्डरों के ईडब्ल्यूएस मकान की भी रजिस्ट्री 500 रुपये के स्टांप पर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 05 Oct 2021 10:34 PM IST

सार

टैबलेट या स्मार्ट फोन वितरण के लिए लाभार्थी वर्ग की प्राथमिकता का निर्धारण, चरणबद्ध खरीद के  लिए भी मुख्यमंत्री के स्तर से निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा वर्ग के तकनीकी रूप से सक्षम होने से युवा वर्ग को रोजगार का सृजन एवं सेवायोजन में सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

प्रदेश में स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, कौशल विकास, पैरामेडिकल तथा नर्सिंग सहित विभिन्न शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रमों के 60 लाख से एक करोड़ विद्यार्थियों को निशुल्क स्मार्ट फोन या टैबलेट वितरित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के युवाओं के तकनीकी सशक्तिकरण के लिए टैबलेट या स्मार्ट फोन वितरित करने की योजना मंजूर की गई। कैबिनेट ने इस योजना में भविष्य में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों के निराकरण और योजना में किसी भी संशोधन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है।
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प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने युवाओं को शिक्षित, प्रशिक्षित और स्वावलंबी बनाने के लिए उन्हें निशुल्क स्मार्ट  या टैबलेट वितरित करने का निर्णय किया है। योजना पर 3000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रस्तावित लाभार्थी वर्ग में अन्य वर्ग के युवाओं को भी मुख्यमंत्री के अनुमोदन से शामिल किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि किस लाभार्थी वर्ग को टैबलेट प्रदान किया जाना है तथा किसे स्मार्ट फोन दिया जाएगा इसका निर्णय भी मुख्यमंत्री करेंगे। उन्होंने बताया कि टैबलेट या स्मार्ट फोन वितरण के लिए लाभार्थी वर्ग की प्राथमिकता का निर्धारण, चरणबद्ध खरीद के  लिए भी मुख्यमंत्री के स्तर से निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा वर्ग के तकनीकी रूप से सक्षम होने से युवा वर्ग को रोजगार का सृजन एवं सेवायोजन में सहायता मिलेगी।


सेवा मित्र पोर्टल पर पंजीकृत युवाओं को भी मिलेगा लाभ
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि कौशल विकास विभाग के सेवा मित्र पोर्टल पर पंजीकृत युवाओं को भी टेबलेट या स्मार्ट फोन दिया जाएगा। पोर्टल पर पंजीकृत युवा प्लंबर, कारपेंटर, नर्स, इलेक्ट्रीशियन, एसी मैकेनिक का प्रशिक्षण दिया जाता है।

ऑनलाइन क्लास और आवेदन में मिलेगी मदद
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि टैबलेट और स्मार्ट फोन से छात्र- छात्राओं को ऑनलाइन क्लास में लाभ होगा। इसके अतिरिक्त युवाओं को  विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी नौकरियों में आवेदन करने, कोचिंग, प्रशिक्षण प्राप्त करने में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि  तकनीकी एवं शैक्षणिक संस्थाओं भी अपने विद्यार्थियों  को शिक्षण सामग्री, ट्यूटोरियल का वितरण ऑनलाइन ही कर रहे है। इंटरनेट कनेक्टिविटी के माध्यम से डेटा एक्सेस की सुविधा को भी सस्ती दरों पर प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के बाद भी युवा सरकारी या निजी क्षेत्र की नौकरी और स्वावलंबन की योजनाओं में भी वे टैबलेट और स्मार्ट फोन का उपयोग कर सकेंगे।

कानपुर नगर सर्किट हाउस में लगेगी अटलजी की प्रतिमा

कानपुर नगर के सर्किट हाउस में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। योगी कैबिनेट की सोमवार को आयोजित बैठक में मूर्ति लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि कैबिनेट ने कानपुर नगर के सर्किट हाउस में अटलजी की मूर्ति स्थापित करने के लिए 37.35 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति भी दी है। इसमें 22 लाख पांच हजार रुपये में मूर्ति का निर्माण होगा।  प्लेटफॉर्म का निर्माण, एसएस रेलिंग आदि का कार्य तथा अन्य कार्य कराए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि अटलजी की शिक्षा कानपुर में हुई थी इसलिए सरकार ने वहां उनकी प्रतिमा लगाने का निर्णय किया है।

प्रथम चरण में इन 17 बस अड्डों को विकसित करने की है योजना

कौशांबी (बस स्टेशन, डिपो कार्यशाला), गाजियाबाद साहिबाबाद (बस स्टेशन, डिपो कार्यशाला), ट्रांसपोर्ट नगर (आगरा),  ईदगाह (आगरा), आगरा फोर्ट, मथुरा (पुराना),  कानपुर सेंट्रल (झकरकटी), वाराणसी कैंट (बस स्टेशन, क्षेत्रीय एवं डिपो कार्यशाला), सिविल लाइंस प्रयागराज, जीरो रोड प्रयागराज,  विभूति खंड लखनऊ (बस स्टेशन, क्षेत्रीय एवं डिपो कार्यशाला), अमौसी (बस स्टेशन, डिपो कार्यशाला), चारबाग, सोहराब गेट मेरठ (बस स्टेशन, डिपो कार्यशाला), रसूलाबाद अलीगढ़ (बस स्टेशन/, डिपो कार्यशाला) एवं गोरखपुर।

 17 बस अड्डों को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने संबंधी बिड संशोधन को कैबिनेट की हरी झंडी
उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम के 17 बस स्टेशनों को पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जाने संबंधी बिड संशोधन को कैबिनेट में मंजूरी प्रदान कर दी गई। प्रदेश सरकार की मंशा है कि इन प्रोजेक्ट पर जल्द ही काम शुरू किया जाए। प्रदेश में कुल 23 बस अड्डों को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाना है।  प्रथम चरण में 17 बस अड्डों को डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर मॉडल पर विकसित किए जाने के लिए अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग द्वारा बिड डाक्यूमेंट के प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव मंगलवार को कैबिनेट के समक्ष रखा गया था। इसमें नौ शर्तों में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया जिसे मंत्रिपरिषद ने अनुमोदित कर दिया। अब बिड डॉक्यूमेंट का अपलोड संबंधित वेबसाइट पर भी नए सिरे से संशोधित रूप में किया जाएगा।

चित्रकूट का दस किमी परिधि मार्ग टैक्स फ्री जोन घोषित

चित्रकूट में उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश की सीमा पर दस किमी क्षेत्र को टैक्स फ्री जोन घोषित करने करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी। अब इस परिधि से गुजरने वाले वाहनों को कर से छूट दी जाएगी। प्रमुख सचिव परिवहन राजेश कुमार ने बताया कि जिला चित्रकूट से सटा मध्यप्रदेश का जिला सतना है। यहां भौगोलिक स्थिति इस प्रकार है कि यहां से होकर गुजरने वालों को कुछ दूरी उत्तर प्रदेश में तो पुन: मध्य प्रदेश और फिर उत्तर प्रदेश की सीमा में जाना पड़ता है। खास तौर से धार्मिक स्थल की परिक्रमा करने में दस किमी का मार्ग ऐसा ही पड़ता है। धार्मिक स्थल केचलते यहां यात्रियों का आवागमन भी काफी है।

दरअसल एक्ट में एक दूसरे राज्य की सीमा में बिना परमिट घुसने पर कर से पांच गुना पेनाल्टी का प्रावधान है पर यहां तो भौगोलिक स्थिति ही ऐसी है कि दोनों जगहों के आम लोगों को भी एक दूसरे राज्य के क्षेत्र में जाना ही पड़ता है। ऐसे में इस क्षेत्र को टैक्स फ्री जोन घोषित करने का प्रस्ताव कैबिनेट में रखा गया था। इसके लिए उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम 1997 की धारा10 में अध्यादेश द्वारा परन्तुक बढ़ाये जाने का निर्णय लिया है। इसे लगाकर इस क्षेत्र को टैक्स फ्री जोन घोषित कर दिया जाएगा और इस करार से यहां से गुजरने वालों को कर में छूट मिलेगी। वर्तमान में विधान मंडल सत्र के न चलने की स्थिति में विधेयक प्रस्तुत होने तक अध्यादेश के माध्यम से अधिनियम में संशोधन का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय का यह भी लाभ होगा कि  लोगों को दोनों राज्यों में स्थित पर्यटन स्थलों से आवागमन में कोई व्यवधान नहीं होगा और इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही उस क्षेत्र में स्थानीय निवासियों को नवीन रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

वाराणसी-भदोही-गोपीगंज मार्ग के लिए र269 करोड़ मंजूर

कैबिनेट ने वाराणसी-भदोही-गोपीगंज मार्ग (एसएच-87) के 8.6 किमी हिस्से की व्यय वित्त समिति से अनुमोदित लागत 269.10 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस मार्ग के चैनेज 0.00 से 4.310 तक का सघन शहरी भाग है। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि चैनेज 4.310 मोहनसराय दीनदयाल उपाध्याय नगर चकिया मार्ग से चांदपुर चौराहा पर स्थित है। मार्ग चैनेज 4.310 से 12.910 तक का भाग चांदपुर चौराहा से वाराणसी रिंग रोड फेज-2 को जोड़ता है। मार्ग का यह भाग रिंग रोड और भदोही से वाराणसी शहर का प्रवेश मार्ग है। इस मार्ग पर इंडस्ट्रियल एरिया चांदपुर, लोहता, भट्ठी कोरौता, अकेलवां परमपुर आदि घने आबादी वाले बाजार स्थित हैं। इसके कारण अक्सर जाम की स्थिति पैदा हो जाती है।

बिल्डरों को अब लेआउट के आधार पर देना होगा नगरीय विकास शुल्क

इंटीग्रेटेड टाउनशिप योजना में अब बिल्डरों को लेआउट के आधार पर नगरीय विकास शुल्क देना होगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया है। इसके लिए इंटीग्रेटेड टाउनशिप नियमावली 2014 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में आम लोगों की आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए इंटीग्रेटेड टाउनशिप में बदलाव किया गया है। किसी भी टाउनशिप का न्यूनतम क्षेत्रफल 25 एकड़ और विस्तार सहित अधिकतम क्षेत्रफल 500 एकड़ होना चाहिए। इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति के अनुसार योजना की स्वीकृत डीपीआर के तहत चरणबद्ध रूप से लेआउट प्लान की स्वीकृति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस नीति के आधार पर निजी क्षेत्रों में आवासीय योजनाएं विकसित करने वालों को लाइसेंस दिया जाएगा। अभी तक नीति और नियमावली में विरोधाभास था। इसकी वजह से कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

अब निजी बिल्डरों के ईडब्ल्यूएस मकान की भी रजिस्ट्री 500 रुपये के स्टांप पर

निजी बिल्डरों द्वारा बनाए जाने वाले ईडब्ल्यूएस मकानों की भी रजिस्ट्री अब 500 रुपये के स्टांप पेपर पर होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि निजी विकासकर्ता द्वारा निर्मित दुर्बल आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के मकानों को खरीदारों के पक्ष में होने वाली रजिस्ट्री पर यह सुविधा दी जाएगी। यह लाभ निजी विकासकर्ताओं द्वारा शासनादेश 5 दिसंबर 2013 की व्यवस्था के अंतर्गत विकसित की जाने वाली आवासीय परियोजनाओं में बनाए जाने वाले ईडब्ल्यूएस मकानों पर मिलेगा। अब तक सर्किल रेट के आधार पर यह रजिस्ट्री हो रही थी। अब बस पांच सौ रुपये का स्टांप पेपर लगाने से इन मकानों केखरीदारों को बड़ी राहत मिलेगी। कर एवं निबंधन विभाग ने आवास विकास परिषद,  विकास प्राधिकरण और प्रधानमंत्री आवास योजनाओं में बनने वाले इन मकानों पर पहले से 500 रुपये के स्टांप पर रजिस्ट्री की सुविधा दे रखी है। इस नए निर्णय से निजी डेवलेपर भी ईडब्ल्यूएस की ज्यादा आवासीय इकाइयां डेवलप करने की तरफ आकर्षित होंगे।

अधिकारियों को लिखित में देना होगा
इस योजना का लाभ तभी मिलेगा जब आवास आयुक्त आवास विकास परिषद, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, विहित प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र के अधिकारी द्वारा लिखित तथ्य की पुष्टि करेंगे और साक्षी के रूप में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करेंगे। इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि भवन की रजिस्ट्री शासनादेश के अधीन की गई।
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