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साप्ताहिक राशिफल (26 जुलाई से 01 अगस्त): इस हफ्ते क्या कहते हैं आपके सितारे, किसको मिलेगा भाग्य का साथ
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अयोध्या: समाजसेवी बने कोतवाल ने तिहुरा मांझा गांव लिया गोद, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित इन मुद्दों पर होगा काम

कोरोना काल में अभाव की जिंदगी जी रहे ग्रामीणों की मदद करने के लिए अयोध्या कोतवाल अशोक सिंह आगे आए हैं। उन्होंने मानवता का फर्ज निभाते हुए कोतवाली क्षे...

6 जुलाई 2021

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Digital Edition

अयोध्या: हनुमानगढ़ी के पास बम की फर्जी सूचना से हड़कंप, शराब के नशे में फोन करने वाले को पुलिस ने किया गिरफ्तार

गुरु पूर्णिमा के त्योहार पर शनिवार की देर शाम एक व्यक्ति ने पुलिस को फोन करके सहादतगंज के कैंटोंमेंट गेट स्थित हनुमानगढ़ी के पास बम होने की सूचना दी। बम निरोधक दस्ता समेत अधिकारियों की सघन जांच में कहीं कोई बम नहीं मिला, इस दौरान पूरे इलाके में हड़कंप मचा रहा। एसएसपी ने बताया कि फर्जी कॉलर की पहचान करके गिरफ्तार कर लिया गया है वह शराब के नशे में था उसने फर्जी सूचना देना स्वीकार कर लिया है, अब उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

राम नगरी में गुरु पूर्णिमा पर शनिवार को भोर से सरयू स्नान के बाद सभी मठ मंदिरों में गुरु पूजा के लिए भक्तों की भीड़ रही। सुरक्षा के लिए इंतजाम किए गए थे। खुद प्रदेश के पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल आए हुए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी रविवार को यहां आने का कार्यक्रम है। 

इसी बीच शाम होते ही एक सिरफिरे व्यक्ति ने पुलिस को कॉल करके सहादतगंज के कैंटोंमेंट गेट स्थित हनुमानगढ़ी के पास बम की सूचना दी। इसके बाद तत्काल पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी बम निरोधक दस्ते के साथ मौके पर पहुंचे। आसपास की दुकानें धड़ाधड़ बंद हो गईं। पुलिस ने पूरे इलाके की बैरिकेडिंग कर दी। चप्पे-चप्पे की तलाशी और छानबीन के बाद कहीं भी बम होने का नामोनिशान नहीं मिला।

इस बीच पुलिस की एक टीम ने सर्विलांस के जरिए फोन पर सूचना देने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश पांडे ने बताया कि फोन पर सहादतगंज के कैंटोंमेंट गेट के पास हनुमान गढ़ी मंदिर से सटे इलाके में बम होने की सूचना मिली थी, बीडीएस टीम ने पूरे इलाके को खंगाला। कोई बम नहीं मिला। पुलिस ने फर्जी कॉल करने वाले को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह नशे में था गिरफ्तार करके कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक फर्जी कॉलर अनिल कानपुर का रहने वाला है, वह सहादतगंज के कुमार मंडी में अपनी बहन के यहां रहता था।
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हनुमान गढ़ी में मौजूद पुलिस के आलाअधिकारी हनुमान गढ़ी में मौजूद पुलिस के आलाअधिकारी

आतंकी कनेक्शन: कानपुर के छह ठिकानों पर जांच एजेंसी की नजर, किसी भी वक्त हो सकती बड़ी कार्रवाई

कानपुर के जिन ठिकानों पर शुक्रवार रात एटीएस ने दबिश दी थी उनकी निगरानी लगातार जारी है। यही नहीं जाजमऊ में भी एक घर पर नजर रखी जा रही है। आतंकियों व उनके मददगारों का यहां से कनेक्शन मिला है। जांच एजेंसी साक्ष्य जुटा रही है।

अगर पर्याप्त साक्ष्य मिलेंगे तो कार्रवाई की जाएगी। लखनऊ में पकड़े गए अलकायदा के समर्थित संगठन के आतंकियों का कानपुर कनेक्शन सामने आया था। जिसमें पता चला था कि कानपुर के चमनगंज इलाके से आतंकियों ने असलहा खरीदा था।

इसमें दो शख्स लईक व आफाक का नाम सामने आया था। सूत्रों के मुताबिक लईक से कई दिनों से एटीएस पूछताछ कर रही है। आफाक की तलाश में शुक्रवार देर रात चमनगंज के तीन इलाकों में दबिश दी गई थी। अभी तक वह हाथ नहीं आया है।

इन तीन ठिकानों के अलावा जाजमऊ के तीन ठिकानों पर जांच एजेंसी की नजर है। किसी भी वक्त बड़ी कार्रवाई हो सकती है। आशंका है कि इन ठिकानों में से कई जगहों पर आतंकी यहां आए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद इन्हीं ठिकानों में पनाह लेने की साजिश थी। 
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लेखा-जोखा : योगी सरकार ने साढ़े चार वर्ष में दीं 6.65 लाख नौकरियां, चुनाव तक 7 लाख पार करने की तैयारी

प्रदेश की योगी सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग में 6,696 शिक्षकों की नियुक्ति पत्र का वितरण करने के साथ ही साढ़े चार वर्ष में 6.65 लाख से अधिक भर्तियां पूरी कर ली हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले युवाओं को रिझाने के लिए सरकार यह संख्या 7 लाख पार करने की योजना पर काम कर रही है। भर्ती एजेंसियों की रिक्त पदों पर भर्ती की कार्यवाही पर मुख्यमंत्री कार्यालय नजर रख रहा है। 

विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी नेता प्रदेश में बेरोजगारी को मुद्दा बनाने का प्रयास कर रहे हैं। तो सत्ताधारी दल ज्यादा से ज्यादा सरकारी नौकरियां देकर सपा व बसपा राज में दी गई नौकरियों से तुलनात्मक रिपोर्ट पेश कर तथ्यात्मक जवाब देने की योजना पर काम रहा है। शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि विभिन्न भर्ती आयोगों, चयन बोर्डों व विभागों ने अब तक 6 लाख 65 हजार 339 रिक्त पदों पर भर्ती की है।

 इसमें 3 लाख 44 हजार 136 पदों पर नियमित सरकारी नौकरी दी गई हैं। इसमें सबसे ज्यादा भर्तियां पुलिस व बेसिक शिक्षा विभाग ने की हैं। बाकी 3,21,203 पदों पर संविदा व आउटसोर्सिंग के माध्यम से लोगों को सरकारी सिस्टम में काम का अवसर दिया गया है। सरकार आने वाले दिनों में रिक्त पदों पर प्रक्रियाधीन भर्तियों को पूरी कर 7 लाख नौकरी देने का रिकार्ड बनाएगी।

74 हजार रिक्त पदों पर भर्ती की कार्यवाही तेज
प्रदेश सरकार चुनाव से पहले 74 हजार से अधिक और रिक्त पदों पर नियमित सरकारी नौकरी देने की योजना पर काम कर रही है। भर्ती आयोगों व बोर्डों के अध्यक्षों ने दो जुलाई को मुख्यमंत्री के साथ बैठक में 74 हजार रिक्त पदों पर भर्ती की कार्ययोजना पेश की थी। इसमें अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 30 हजार, उच्चतर शिक्षा चयन आयोग ने 17 हजार और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने 27 हजार रिक्त पदों पर भर्ती की बात कही थी। अधिकारी ने बताया कि इनमें से कुछ विज्ञापन निकल चुके हैं तो कुछ की लिखित परीक्षा की तैयारी चल रही है। कोविड की तीसरी लहर ने खलल न डाली तो ये भर्तियां जनवरी से पहले पूरी हो जाएंगी। इस तरह पांच वर्ष में 4.28 लाख (3.44 लाख व 74 हजार मिलाकर) नियमित सरकारी नौकरी देना एक रिकार्ड होगा।

वर्ष 2017 से अब तक युवाओं को दी गई सरकारी नौकरियां
यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ                1,43,445
बेसिक शिक्षा विभाग                                         1,25,987
राज्य लोक सेवा आयोग                          32,685
यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग                 18,584
यूपी माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, प्रयागराज        15,004
यूपी उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग प्रयागराज            1,924
यूपी पॉवर कार्पोरेशन लि./ विद्युत सेवा आयोग लखनऊ     6,507
-------                            --------
योग                                                         3,44,136        
------                            ---------
संविदा के माध्यम से रखे गए कार्मिक             47,546
आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखे गए कार्मिक         2,73,657
--------                            -------
कुल योग                            6,65,339
--------                            -------
आउटसोर्सिंग नौकरियों से कर्मचारी खुश नहीं
प्रदेश में सरकारी नौकरियों को आउटसोर्सिंग से भरने को प्रोत्साहन दिए जाने पर कार्मिकों में गहरी नाराजगी है। कार्मिकों का कहना है कि पिछले साढ़े चार वर्ष में जो भर्तियां हुई हैं उसमें 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी आउटसोर्सिंग व संविदा की पहुंच गई है। ये भर्तियां प्राइवेट एजेंसियों के माध्यम से की जाती हैं। शासन स्तर से तमाम तरह के दिशानिर्देश जारी किए जाने के बावजूद आउटसोर्सिंग में नियुक्ति के समय एडवांस वसूली, नवीनीकरण में मुश्किलें, समय से मानदेय भुगतान की समस्याएं बनी हुई हैं।

संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग/संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रीतेश मल्ल का कहना है कि आउटसोर्सिंग कार्मिकों को कभी भी समय से वेतन नहीं मिलता। पीएफ व ईएसआई का समय से भुगतान नहीं होता है। जब चाहे पुराने कार्मिकों को हटाकर नए को रख लिया जाता है। सरकार को आउटसोर्सिंग की व्यवस्था समाप्त कर कार्मिकों को शोषण से मुक्त करना चाहिए।
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यूपी: सीएम योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी पर कसा तंज, कहा- आपका टेस्ट ही विभाजनकारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आम के स्वाद को लेकर दिए गए बयान पर खिंचाई की है। राहुल के इस कथन पर कि उन्हें यूपी नहीं आंध्र प्रदेश के आम पसंद हैं, सीएम योगी ने ट्वीट के जरिये तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी का टेस्ट ही विघटनकारी है।

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें यूपी के आम पसंद हैं? राहुल गांधी ने कहा था, ‘आई लाइक आंध्रा, आई डोंट लाइक यूपी आम’ (मुझे आंध्र प्रदेश के आम का स्वाद पसंद है, मैं यूपी के आम पसंद नहीं करता।) इस बयान पर उन्हें मुख्यमंत्री ने आड़े हाथों लिया है।



मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी को टैग करते हुए ट्वीट में लिखा कि राहुल गांधी जी आपका टेस्ट ही विघटनकारी है। आपके विभाजनकारी संस्कारों से पूरा देश परिचित है। आप पर विघटनकारी कुसंस्कारों का प्रभाव इस कदर हावी है कि फल के स्वाद को भी आपने क्षेत्रवाद की आग में झोंक दिया। लेकिन ध्यान रहे कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत का स्वाद एक है।
 
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यूपी: नहीं मिला कोविड वायरस का डेल्टा प्लस वैरिएंट, केजीएमयू और बीएचयू में 211 नमूनों की हुई जांच

फाइल फोटो
यूपी अभी तक कोविड 19 वायरस के डेल्टा प्लस वैरिएंट से सुरक्षित है। केजीएमयू और बीएचयू में 211 नमूनों की जांच में डेल्टा प्लस वैरिएंट नहीं मिला है। हालांकि जुलाई के पहले सप्ताह में डेल्टा प्लस वैरिएंट के दो मरीजों की पुष्टि हुई थी। इनमें से एक की मौत हो गई और दूसरा इलाज के बाद स्वस्थ हो गया था। 

शुक्रवार को यह जानकारी कोविड समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अधिकारियों ने दी। उन्होंने कहा कि कोरोना मरीजों में से रैंडम पद्धति से चुने गए नमूनों की लगातार जीनोम सिक्वेंसिंग की जा रही है। 

बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी ऑक्सीजन प्लांटों की स्थापना की कार्रवाई 15 अगस्त तक संपन्न करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ऑक्सीजन प्लांट पर न्यूनतम दो टेक्नीशियन की तैनाती की जाए। 

अधिकारियों ने उन्हें बताया कि प्रदेश में अभी तक 548 ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना को स्वीकृत किया गया है। इसके सापेक्ष 214 ऑक्सीजन प्लांट चालू हो चुके हैं। अब तक 280 टेक्नीशियन को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। 
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विधवा मामला: पति जीवित तो कैसे बन गई गलत रिपोर्ट? लखनऊ के डीएम ने राजस्व विभाग से मांगा जवाब

राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में पति के जीवित होने के बावजूद महिला को राजस्व विभाग की रिपोर्ट में विधवा दिखाया गया। हालांकि शुरुआती पड़ताल में राजस्व विभाग के कर्मियों ने अपने हस्ताक्षर को फर्जी बताया है। पर इस घपले में समाज कल्याण विभाग और राजस्व विभाग के किन कार्मिकों की मिलीभगत है, यह तो विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

इधर, लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने सीडीओ को इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। उनका कहना है कि जिला प्रशासन पूरी पारदर्शिता के साथ एक-एक तथ्य की पड़ताल कराएगा। ‘अमर उजाला’ लगातार राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में घपले को उजागर कर रहा है। 

इस योजना में परिवार के कमाऊ मुखिया की मौत पर 30 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। लखनऊ की तहसील सरोजनीनगर के ग्राम बंथरा और चंद्रावल में वर्ष 2019-20 और 2020-21 में 88 लोगों को योजना का लाभ दिया गया। बंथरा में 21 महिलाओं के पतियों के जीवित होने के बावजूद उन्हें विधवा दिखाते हुए लाभ दे दिया गया। इसके अलावा 8 महिलाओं को नियमविरुद्ध ढंग से लाभ देने के लिए उनके पति की मौत की तारीख ही बदल दी गई।

योजना में भुगतान समाज कल्याण विभाग के स्थानीय अधिकारी करते हैं। मगर परिवार के कमाऊ मुखिया की मौत होने, उसकी तिथि और उम्र प्रमाणित करने का कार्य राजस्व विभाग करता है। संबंधित लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदार से इस बाबत आख्या मिलने के बाद एसडीएम के डिजिटल साइन से संबंधित पोर्टल पर रिपोर्ट लॉक की जाती है। 
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प्रधानमंत्री मोदी से मिले यूपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव, मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें तेज हुई

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने शुक्रवार सुबह संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। स्वतंत्र देव सिंह की प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद प्रदेश में मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार की अटकलें तेज हो गई है। हालांकि स्वतंत्र देव ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया है।

सूत्रों के मुताबिक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने गत दिनों प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात का समय मांगा था। पीएमओ से उन्हें बृहस्पतिवार रात फोन कर शुक्रवार सुबह 11 बजे संसद भवन स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में मुलाकात के लिए बुलाया गया। स्वतंत्र देव ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने उन्हें दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर शुभकामनाएं दी। दोनों के बीच प्रदेश की राजनीति को लेकर अनौपचारिक चर्चा भी हुई। स्वतंत्र देव ने प्रधानमंत्री का आभार जताया। स्वतंत्र देव के शुक्रवार शाम लखनऊ लौटते ही सियासी गलियारों में मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार की अटकलें तेज हो गई।
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69,000 शिक्षक भर्ती संपन्न : मुख्यमंत्री योगी ने दोहराया वसूली गैंग के लिए खाली करवा रखीं हैं यूपी की जेल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा सरकारी नौकरियों की भर्ती में वसूली गैंग के लिए सरकार ने यूपी की जेलें खाली करा रखी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के साढ़े चार साल में सवा चार लाख सरकारी नौकरियां दी गई है, लेकिन एक भी नौकरी में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई। नौकरियों के नाम पर अवैध वसूली बंद होने से घबराए लोग युवाओं को गुमराह करने में जुट गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही होने वाली प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) कराने जा रहे इसमें 30 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे, देश की सबसे बड़ी परीक्षा में एक तिनका भी नहीं हिलेगा। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को बेसिक शिक्षा परिषद में 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में रिक्त रहे 6696 पदों पर प्रतीक्षा सूची से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

लोक भवन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 52 महीनों में हुईं सवा चार लाख सरकारी पदों पर पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर निुक्तियां दी गई। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले इसी प्रदेश में जब भी कहीं भर्ती निकलती थी तो  कुछ गैंग ऐसे थे जो वसूली के लिए निकल पड़ते थे। कुछ खानदान और कुछ परिवार ऐसे थे, जिनके लिए भर्तियों में वसूली, आजीविका का जरिया हो गया था। कोई भर्ती निकलती थी तो गैंग के लोग झोला लेकर वसूली के लिए निकल पड़ते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन गैंगों को पता है कि यदि अब झोला लेकर निकलेंगे तो सरकार की एजेंसियां सतर्क हैं और इनके लिए जेलें भी खाली करवा रखी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्षों में इन लोगों की अवैध कमाई बंद होने से घबराए लोग युवाओं को गुमराह करने में लग गए हैं।

...ताकि गरीब का बच्चा पढ़ नहीं सके
मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव का नाम लिए बिना कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग खुद आस्ट्रेलिया में पढ़े, बच्चों को लंदन में पढ़ा रहे हैं लेकिन उन्होंने कभी यूपी के परिषदीय स्कूलों की ओर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वे लोग नहीं चाहते थे कि गरीब का बच्चा भी पढ़लिखकर आगे बढ़े, क्योंकि यदि गरीब का बच्चा पढ़ लिख लिया तो इनकी जातिवादी, वंशवादी राजनीति बंद हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने साढ़े चार साल में बेसिक शिक्षा में 1.20 लाख शिक्षकों को नौकरी दी है। वहीं उच्च और माध्यमिक सहित करीब डेढ़ लाख शिक्षकों को नौकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि परिषदीय स्कूलों का कायाकल्प कराकर उन्हें कॉन्वेंट स्कूलों की टक्कर का बनाया जा रहा है। बच्चों को मुफ्त यूनिफार्म, जूते-मोजे, स्कूल बैग और स्वेटर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग का बजट 53 हजार करोड़ रुपये है। उन्होंने नवनियुक्त शिक्षकों से भी ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन कर शिक्षा की गुणवत्ता और स्कूलों के स्तर में सुधार करने का आह्वान किया।

सरकारी स्कूलों के प्रति नजरिया बदला
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के सरकारी स्कूलों और उनमें पढ़ने वाले बच्चों के प्रति दृष्टिकोण अच्छा नहीं था। लेकिन साढ़ चार साल में योगी सरकार ने नकलविहीन परीक्षाएं, स्कूलों के कायाकल्प, शिक्षकों की भर्तियों और अन्य सुविधाओं से सरकारी स्कूलों और उनके विद्यार्थियों के प्रति लोगों का नजरिया बदला है।

युवाओं को गुमराह कर रहे हैं राजनीतिक दल - द्विवेदी
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि विपक्षी दलों के लोग युवाओं को भर्ती के नाम पर गुमराह कर रहे हैं। उन्हें बर्दाश्त नहीं हो रहा है कि सवा चार साल में सवा लाख शिक्षकों को ईमानदारी से नौकरी कैसे मिल गई। इस अवसर पर प्रमुख सचिव दीपक कुमार, सचिव अनामिका सिंह, महानिदेशक विजय किरन आनंद, निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम सिंह, विशेष सचिव आरबी सिंह  सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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अयोध्या : सतीश चंद्र मिश्रा बोले, बसपा सरकार में पूरा होगा मंदिर निर्माण का कार्य, दर्शन-पूजन के लिए भाजपा की परमिशन जरूरी नहीं

‘भाजपा ने अयोध्या के लिए कुछ नहीं किया। वह आज भी श्रीराम के नाम को राजनीति के लिए इस्तेमाल कर रही है। उनकी मंशा है कि जब जैसे चाहेंगे, उस तरह इस नाम का इस्तेमाल करेंगे। अयोध्या व श्रीराम भाजपा की ठेकेदारी नहीं हैं। यहां दर्शन-पूजन करने के लिए हमें उनकी परमिशन की जरूरत नहीं है। आज हम अयोध्या में श्रीराम, बजरंगबली की पूजा व मां सरयू का आचमन करके आपके बीच आए हैं और समाज के प्रबुद्घ लोगों के बीच जनजागरण की शुरूआत कर रहे हैं।’ यह बात बसपा के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सदस्य सतीश चंद्र मिश्र ने कही। वह शुुक्रवार को देवकाली बाईपास स्थित एक रिसॉर्ट में बसपा के प्रबुद्ध वर्ग की विचार संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।

वैसे तो यह ब्राह्मण सम्मेलन था पर इसे प्रबुद्घ वर्ग विचार गोष्ठी नाम देकर चुनावी शंखनाद कर दिया गया। इस मौके पर सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि  मैंने बसपा मुखिया बहन मायावती से अयोध्या से ब्राह्मण सम्मेलन की अनुमति मांगी तो उन्होंने सहर्ष दे दी। उनकी अनुमति के बाद भाजपा के लोगों ने कई प्रश्न भी खड़े किए लेकिन, मैंने जवाब दिया कि अयोध्या और प्रभु श्रीराम हमारे आराध्य हैं, उनके दर्शन-पूजन के लिए हमें भाजपा व अन्य किसी से परमिशन लेने की जरूरत नहीं है। कहा कि पांच अगस्त को बिना किसी मुहूर्त के मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया जबकि वह अशुभ दिन था। इसके लिए अयोध्या के वरिष्ठ साधु-संतों से सलाह तक नहीं ली गई। आज एक साल से ज्यादा समय हो गया है अभी कार्य शुरू भी नहीं हुआ है। मंदिर कब बनेगा, इसका किसी को पता नहीं है।  मिश्र ने कहा कि जबसे अयोध्या में कदम रखा है तबसे बहुत से प्रश्न गूंज रहे हैं। आज भी अयोध्या वैसी ही है जैसे पहले थी। हमने वर्ष 2007 में पूर्ण बहुमत से सरकार बनने के बाद अयोध्या का बहुत ख्याल रखा था यह सभी जानते हैं। आज भाजपा ने क्या किया यह भी सब जान रहे हैं। अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण हो रहा है तो यह सुप्रीम कोर्ट की देन है। भाजपा का इसमें कोई योगदान नहीं है। यह तय है कि अयोध्या में मंदिर निर्माण बसपा के कार्यकाल में ही पूरा होगा।

सरकार बनी तो चंदे के एक-एक रुपए का हिसाब होगा
बीते 20 साल में भाजपा व उसके सहयोगियों ने मंदिर के नाम पर लाखों करोड़ों रुपये चंदा जमा किया है। यह रुपये कहां गए, इसका किसी के पास हिसाब नहीं है। आज जब मंदिर बनने वाला है तो इन लोगों ने फिर से चंदा मांगना शुरू कर दिया है। क्या बिना चंदे के मंदिर निर्माण नहीं हो सकता। 2022 में बसपा की सरकार बनने पर इनसे चंदे की एक-एक पाई का हिसाब लिया जाएगा।

अयोध्या से हुए शंखनाद को पूरे प्रदेश में ले जाएंगे
बसपा महासचिव ने कहा कि वर्ष 2005 से 2007 के बीच प्रदेश का ब्राह्मण समाज हाशिए पर था। तब हमने सोचा था कि जिस समाज में हमने जन्म लिया है, उसके लिए कुछ करना चाहिए। तब हमने ब्राह्मणों का खोया सम्मान वापस दिलाने की शपथ ली थी। उन्हें जागृत किया गया और बताया गया कि वह भले ही प्रदेश में 13 फीसदी हैं, लेकिन वह अगर एक हो जाएंगे तो उन्हें कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता। वर्ष 2007 में ऐसा ही हुआ भी जब 13 फीसदी ब्राह्मण और 23 फीसदी दलित ने मिलकर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। बहन जी ने चुनाव से पहले ही कहा था कि जिसकी जितनी तैयारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी। अपनी बात पर कायम रहते हुए उन्होंने सरकार बनने के बाद 15 ब्राह्मणों को मंत्री, 35 को राज्यमंत्री का दर्जा, 15 को विधान परिषद सदस्य बनाया। इसके साथ ही प्रदेश के मुख्य सचिव, डीजीपी समेत अन्य प्रमुख पदों पर ब्राह्मण अधिकारी को तैनात किया गया। यही नहीं इस चुनाव में 45 ब्राह्मण विधायक भी बने थे। उन्होंने ब्राह्मण समाज से अपील की कि आप भगवान परशुराम व चाणक्य के वंशज हैं।  मन से भय निकालो। बंटवारा भूल जाओ, तभी बड़ी शक्ति बनोगे।
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