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इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर बप्पा के घर में आगमन से होंगी ये राशियां धनवान
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इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर बप्पा के घर में आगमन से होंगी ये राशियां धनवान

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शिक्षक दिवस विशेष: कोरोना काल में भी इन शिक्षकों ने नहीं मानी हार, अपने इनोवेशन से फैलाया ज्ञान का प्रकाश

कोरोना काल में हर क्षेत्र को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। ऐसी विकट परिस्थितियों में भी कुछ शिक्षकों ने चुनौतियों को स्वीकार किया और अपने नवाचार के जर...

5 सितंबर 2021

Digital Edition

योगी सरकार के साढ़े चार साल: मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने दिया रिपोर्ट कार्ड, बोले- अब सुशासन ही प्रदेश की पहचान

यूपी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर लोकभवन में मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा के साढ़े चार साल के शासन के बाद अब सुशासन और विकास उत्तर प्रदेश की पहचान है। प्रदेश में साढ़े चार लाख युवाओं को नौकरी दी गई है। सरकार के किए गए सुधार व विकास कार्यों का ही यह असर है कि आज प्रदेश निवेश के लिए पहले स्थान पर हैं। पहले उद्योगपति यहां आने से डरते थे पर अब वह यहां पर निवेश करना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही ये बातें:
- केंद्र द्वारा संचालित योजनाओं में से 44 योजनाओं में प्रदेश पहले स्थान पर है।
- एक करोड़ 56 लाख लोगों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन दिए गए।
- तीन करोड़ श्रमिकों को दो लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा की गारंटी दी गई।
- प्रदेश के छह करोड़ लोगों को आयुष्मान योजना का लाभ मिला।
- प्रदेश के 40 लाख गरीबों को राशन कार्ड दिया गया।
- किसानों के लिए कई सिंचाई योजनाओं को आगे बढ़ाया।
- बंद चीनी मिलों को शुरू किया गया।
- गन्ना किसानों को सही भुगतान किया गया।
- प्रदेश के एक लाख 43 हजार किसानों को गन्ने का भुगतान किया गया।
- प्रदेश में पहला इंवेस्टर्स समिट का आयोजन किया। जिससे लोगों की सोच प्रदेश के बारे में बदली।
- अयोध्या में भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। इसके पहले की सरकारों के मुख्यमंत्री अयोध्या नहीं जाते थे। डरते थे कि उन पर सांप्रदायिकता का लेवल लग जाएगा पर अब हर वर्ष वहां भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
- मथुरा में होली मनाई जाती है। इस सरकार में प्रदेश की विरासत को दुनिया के सामने रखने का प्रयास किया गया।
- लोगों को रोजगार देने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट की योजना पर काम किया जा रहा है।
- यूपी में अब कानून का राज है। प्रदेश में पिछले साढ़े चार साल में एक भी दंगा नहीं हुआ।
- योगी ने कहा कि पहले गुंडों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त था और अब अपराधियों की संपत्ति जब्त की जा रही है।
- पहले ट्रांसफर व पोस्टिंग में खूब लेन-देन होता था पर अब ऐसा बिल्कुल नहीं होता है।
-पिछले साढ़े चार साल में साफ-सुथरे ढंग से साढ़े चार लाख युवाओं को नौकरियां दी गईं।
- 'ईज आफ डूइंग बिजनेस' में प्रदेश 14वें से दूसरे स्थान पर आया है। प्रदेश में निवेश का माहौल बना है।
- यूपी एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित हो रहा है।
- पहले ताश के पत्तों की तरह नौकरशाही फेंट दी जाती थी पर अब प्रशासन में स्थिरता है।
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यूपी सरकार के चार साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व अन्य। यूपी सरकार के चार साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व अन्य।

यूपी: 28 वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों के तबादले, आज कानपुर सहित कई जिलाधिकारियों को हटाने की तैयारी

उत्तर प्रदेश में शनिवार को देर रात पीसीएस अफसरों के तबादले हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तबादलों को मंजूरी दे दी है। आज कानपुर सहित कई जिलों के जिलाधिकारियों को हटाने की तैयारी है। 

शनिवार को देर रात कई जिलों के सिटी मजिस्ट्रेट और एडीएम इधर से उधर किए गए हैं। शासन ने 28 वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। चुनाव के मद्देनजर अफसरों की तैनाती में बदलाव किया जा रहा है। 

ये भी देखें: मौसम पर बटरफ्लाई इफेक्ट: यलो अलर्ट में उड़ गए काले बादल, नहीं हुई बारिश, निकली धूप

बता दें कि एक दिन पहले, शासन के निर्देश पर डीआईजी डॉ प्रीतिंदर सिंह ने मुजफ्फरनगर जनपद में तीन साल से अधिक अवधि से तैनात 28 इंस्पेक्टरों के तबादले मंडल क्षेत्र के सहारनपुर और शामली जनपद में किए हैं। इनमें 12 थाना प्रभारी भी शामिल हैं।

विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मंडल में 57 इंस्पेक्टरों को इधर से उधर किया गया है। इनमें जनपद में तैनात 28 इंस्पेक्टर भी शामिल हैं, जिन्हें यहां तीन साल पूरे हो चुके हैं।

इस सूची में जनपद के 12 थाना प्रभारी और साइबर हेल्प सेंटर प्रभारी इंस्पेक्टर संजीव भटनागर भी शामिल हैं। जिन थाना प्रभारियों को जनपद से सहारनपुर व शामली भेजा गया है।

एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि यह चुनाव संबंधी सामान्य प्रक्रिया है। शासन के निर्देश आने के साथ ही जनपद में नए इंस्पेक्टरों के आने के बाद रिलीव प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।

जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं उम्मीद की जा रही है कि तबादलों का दौर जारी रहेगा। ... और पढ़ें

योगी आदित्यनाथ: सुशासन के साढ़े चार साल, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश को 24 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप सुरक्षित, समृद्ध, समुन्नत और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को सिद्धि में परिवर्तित करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए आज साढ़े चार वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी में हमारे समक्ष जो चुनौतियां आईं, उनसे न केवल सफलतापूर्वक निपटा गया बल्कि ‘लक्ष्य अंत्योदय, प्रण अंत्योदय और पथ अंत्योदय’ के लक्ष्य को साधते हुए आपदा को अवसर में भी बदला गया।

हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास’ मंत्र के साथ आगे बढ़े और आज मुझे व्यक्तिगत रूप से यह संतुष्टि है कि हम अपनी नीतियों को इसके अनुरूप क्रियान्वित करने में सफल रहे। सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से ‘ईज ऑफ लाइफ’ की दिशा में बढ़ रहा है।

सुनियोजित रणनीति के कारण एक तरफ कोरोना संक्रमण की चेन टूटती रही और दूसरी तरफ आर्थिक विकास एवं रोजगार की कड़ियां भी जुड़ती रहीं। कोरोना से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश की रणनीति की डब्ल्यूएचओ और नीति आयोग से लेकर वैश्विक मीडिया जगत तक में मुक्त कंठ से प्रशंसा हुई।

42 लाख लोगों का ‘अपने घर का सपना’ पूरा हुआ
साढे़ चार वर्षों में 42 लाख लोगों का ‘अपने घर का सपना’ पूरा हुआ है। ‘सौभाग्य’ योजना के अंतर्गत 2 करोड़ 94 लाख लोगों के घर विद्युत कनेक्शन देकर घरों को रोशन किया गया है। ‘उज्ज्वला’ के तहत 1.5 करोड़ महिलाएं मुफ्त गैस कनेक्शन पाकर धुएं से उपजने वाली बीमारियों से बचीं।

10 लाख स्वयं सहायता समूहों की 1 करोड़ से अधिक महिलाओं को संबद्ध कर उनके आर्थिक उन्नयन का मार्ग प्रशस्त हुआ है तो बैंकिंग करस्पॉन्डेंट सखी योजना के माध्यम से लगभग 59 हजार महिलाओं तक बैंकिंग व्यवस्था और प्रत्येक गांव तक बैंक पहुंचाया गया।

बीमारू से औद्योगिक विकास तक
उत्तर प्रदेश का भूगोल और प्रकृति उसे समृद्धि और विकास की बहुआयामी संभावनाओं से संपन्न बनाती है। इसके बावजूद इसकी गिनती बीमारू राज्य के रूप में होती रही। भाजपा सरकार ने किसान, श्रमिक, युवा और महिला सहित सभी वर्गों की सुरक्षा, समृद्धि और कल्याण की दिशा में बढ़ना आरंभ किया, वहीं दूसरी तरफ इन्फ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास की व्यूहरचना बनाई।

रिकॉर्ड खरीद, समयबद्ध भुगतान
किसान और कृषि को पहली कैबिनेट से वरीयता प्रदान की गई। किसान को समय पर बीज और खाद, कम लागत और उपज को उपयुक्त कीमत मिले, इसकी व्यवस्था की गई। वर्ष 2020-21 में प्रदेश का कुल अनाज उत्पादन रिकॉर्ड 618.49 लाख मीट्रिक टन रहा। साथ ही सरकार ने एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद की गई। गन्ना किसानों का अब तक 1.45 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

4 लाख से ज्यादा नौकरियां
सरकार ने अन्य क्षेत्रों में नियोजन एवं रोजगार के अलावा 4 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान कीं।

भव्य राममंदिर का निर्माण शुरू
सकल आस्था के केंद्र प्रभु श्रीराम के भव्य-दिव्य मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास के साथ शताब्दियों से जारी साधना फलित हुई। श्रीकृष्ण की लीलास्थली ब्रज और मां विंध्यवासिनी धाम के पुनरुद्धार का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। काशी विश्वनाथ धाम का चिर प्रतीक्षित पुनरुद्धार भी निष्कर्ष की ओर बढ़ रहा है।

ईज ऑफ डूइंग में छलांग
उत्तर प्रदेश ’ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की राष्ट्रीय रैंकिंग में दूसरे पायदान पर पहुंचा, सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु को पीछे छोड़ देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना।

गांव स्वावलंबन की ओर
गांव और जनपदों को स्वावलंबी बनाने के लिए ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ कार्यक्रम को बढ़ाया गया। लाखों एमएसएमई इकाइयों को वित्तीय सुविधा प्रदान कर गति प्रदान की गई। इन्फ्रास्ट्रक्चर किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए ग्रोथ इंजन होता है। इस तथ्य को ध्यान में रखकर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक्सप्रेसवे का संजाल विकसित करने के साथ-साथ जलमार्गों और वायुमार्गों को विकसित करने की दिशा में निर्णायक कार्य किया है। राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की कुछ पंक्तियां सहज ही मानस पटल पर उभरती हैं...

आरंभ जब जो कुछ किया हमने उसे पूरा किया।
था जो असंभव भी सब संभव हुआ दिखला दिया।
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लखनऊ: पढ़ाई के लिए टोकने पर बेटे ने पिता को ही मार दी गोली, हालत गंभीर

लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र के मटियारी में रविवार सुबह पढ़ाई के लिए टोकने पर नाराज बेटे ने अपने पिता को गोली मार दी। पिता को गंभीर हालत में लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां हालत गंभीर देख उसे ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजनों ने अभी कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रभारी निरीक्षक चिनहट घनश्याम मणि त्रिपाठी के मुताबिक मटियारी के ननुहा विहार कॉलोनी में अखिलेश यादव उर्फ टिंकू अपने परिवार के साथ रहते हैं।

रविवार सुबह उनका बेटा अमन पास की एक दुकान पर बैठा था। मॉर्निंग वॉक कर वापस लौटे अखिलेश ने बेटे को दुकान पर बैठा देख फटकार लगाई । कहा घर में जाकर पढ़ाई करो। यह बात बेटे को नागवार गुजरी।

बेटा घर के अंदर गया और अपने पिता की ही लाइसेंसी बंदूक लेकर फायरिंग कर दी। गोली अखिलेश के जांग पर लगी। गंभीर रूप से घायल अखिलेश को आनन-फानन में लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की पड़ताल में जुट गई है। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक हालत गंभीर होने पर अखिलेश को लोहिया अस्पताल से ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया है। अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है।
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मड़ियांव: प्लास्टिक फैक्टरी में लगी भीषण आग से मचा हड़कंप, दमकल गाड़ियों ने दो घंटे में काबू पाया

प्रतीकात्मक तस्वीर
मडियांव थाना क्षेत्र स्थित रैंथा रोड बढ़ौली बीकेटी फायर स्टेशन के पास रविवार सुबह आठ बजे के करीब एक प्लास्टिक फैक्टरी में आग लग गई। यहां पर प्लास्टिक की कुर्सियां बनती है और इसका गोदाम है। प्लास्टिक होने से चंद मिनट में आग ने विकराल रूप ले लिया। भीषण आग और उसके बीच हुए दो धमाकों से पूरा इलाका दहल गया।

आग की सूचना मिलते ही बीकेटी, इंदिरा नगर, हजरतगंज और चौक फायर स्टेशन की 12 गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। हर एक गाड़ी ने दस से अधिक चक्कर लगाकर आग पर काबू पाया। अलीगंज एसीपी अखिलेश कुमार के मुताबिक, अलीगंज निवासी सुनील बंसल की रैंथा रोड कमला बाद बढ़ौली में श्रीराधे मोल्डिंग इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड के नाम से प्लास्टिक फैक्टरी है।

रविवार सुबह फैक्ट्री के गोदाम में आग लग गई। धुंआ देखकर कर्मचारियों ने पुलिस और दमकल को सूचना दी। फैक्टरी के पास स्थित बीकेटी फायर स्टेशन की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गई। आग बढ़ते देख आसपास के फायर स्टेशन से भी गाड़ियां बुलाई गईं। दमकलकर्मियों ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।

दमकलकर्मियों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
दमकल कर्मियों की तत्परता से समय पर आग बुझा ली गई। आग इतनी तेज थी कि उसकी लपटें बढ़कर पास के ऑक्सीजन प्लांट तक पहुंच रही थीं। समय रहते आग पर काबू पाने और पास ही स्थित ऑक्सीजन प्लांट तक आग न पहुंचने से बड़ा हादसा टल गया। सीएफओ विजय कुमार सिंह ने बताया कि आग बड़ी थी। समय रहते काबू पा लिया गया था। फैक्टरी में प्लास्टिक का सामान होने से आग बुझाने में दिक्कत आ रही थी। शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है। जांच के बाद ही आग लगने के सही कारणों का पता लग सकेगा।
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राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप-2021: बजरंग पुनिया बोले- देश में सुविधा की मोहताज नहीं कुश्ती, मेडल लाने के लिए करनी पड़ती कड़ी मेहनत

राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप-2021 में शामिल पहलवानों का हौसला बढ़ाने के लिए ओलंपिक-2021 के फ्री स्टाइल कुश्ती के कांस्य पदक विजेता बजरंग पुनिया शुक्रवार को अमेठी में थे। सुबह से लेकर शाम तक कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे। देश के 23 राज्यों से आए पहलवानों के प्रदर्शन पर ताली बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। पुनिया जिले के युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत साबित हुए। पहले दिन की प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद अमर उजाला ने पुनिया से कुश्ती व अमेठी में हो रहे इस आयोजन पर बातचीत की।

पुनिया ने कहा कि यह बहुत ही अच्छा आयोजन है। कुश्ती मुख्य रूप से गांव का ही खेल है। इससे खिलाड़ी प्रेरणा लेंगे। ऐसा नहीं कि कोई हरियाणा दिल्ली के पहलवान ही मेडल जीत सकते हैं। मन से मेहनत करे तो भारत के किसी भी हिस्से में रहने वाला पहलवान मेडल जीत सकता है।

कुश्ती का खेल सुविधाओं का मोहताज नहीं होता। मैं भी गांव से ही निकल कर आया हूं। यह सब कोई बात नहीं है कि गांव के लड़के यह सब नहीं कर सकते हैं। मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती। अगर मेहनत करेंगे। अपने बड़ों का सम्मान करेंगे, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। जो भी खिलाड़ी यहां आए हैं। उनसे प्रेरणा लें। जीवन में आगे बढ़ें। संघर्ष से ही मुकाम तय होता है। कुश्ती का बहुत अच्छा भविष्य है। हर साल मेडल आ रहे हैं। कुश्ती में भारत दिन-ब-दिन आगे जा रहा है।

कुश्ती में भाग्य आजमाएं लड़कियां
शनिवार को सैनिक स्कूल पहुंचीं फ्री स्टाइल कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय पहलवान गीता फोगाट ने ग्रामीण क्षेत्र में हो रहे राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता के आयोजन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि इसके लिए केंद्रीय मंत्री स्मृति की जितनी प्रशंसा की जाए कम है। यह आयोजन अमेठी के साथ उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। इस आयोजन से जिले के युवाओं को प्रेरणा मिलेगी। युवा दिन रात मेहनत करें। हमने भी गांव से निकलकर यहां तक का सफर तय किया है। लड़कियों को चाहिए कि वे संकोच तोड़कर कुश्ती में भाग्य आजमाएं। अभिभावकों को भी चाहिए कि वे इस क्षेत्र में बढ़ने वाली अपनी लाडली को सपोर्ट करें। बेटियों को सपोर्ट करेंगे तो वे आपके साथ देश का भी नाम रोशन करेंगी।

लखनऊ में भी ऐसे आयोजन की जरूरत
शनिवार को प्रदेश के कानून मंत्री बृजेश पाठक भी सैनिक स्कूल पहुंचे। कानून मंत्री ने अमेठी में हो रही राष्ट्रीय स्तर की दंगल प्रतियोगिता की मुक्तकंठ से सराहना की। कहा कि यह ग्रामीण इलाके में होने वाला शानदार आयोजन है। अमेठी की सरजमीं पर यह ऐतिहासिक कार्य है। आयोजन के लिए बड़ी बहन स्मृति व राष्ट्रीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह बधाई के पात्र हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कुश्ती को लगातार प्रोत्साहित कर रहे हैं। हरियाणा व कई अन्य प्रांतों से निकलकर खिालाड़ी खेल के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पटल पर पहचान बना रहे हैं। देश का नाम रोशन कर रहे हैं। अब पूरे देश की निगाहें यूपी पर हैं। इस आयोजन से युवा प्रेरणा लेंगे। यूपी से भी खिलाड़ी निकलेंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों में प्रतिभाग कर मेडल लाने में सफल होंगे।
 
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यूपी: 28 साल बाद लखनऊ करेगा टेस्ट मैच की मेजबानी, इकाना स्टेडियम में भारत-न्यूजीलैंड के बीच होगा मुकाबला

28 साल के लंबे अंतराल के बाद लखनऊ का अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम भारत के पहले टेस्ट मैच की मेजबानी करेगा। यह मुकाबला न्यूजीलैंड और मेजबान भारत के बीच नवंबर माह में खेला जाएगा।

इससे पहले इसी स्टेडियम में नवंबर 2018 में भारत और वेस्टइंडीज के बीच एक टी20 इंटरनेशनल मैच खेला गया था। यहीं पर अफगानिस्तान के साथ वेस्टइंडीज से टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल सीरीज हो चुकी है।

हालांकि, अभी तक यूपीसीए की ओर से इस संदर्भ में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है लेकिन एसोसिएशन के पदाधिकारी मुकाबला होना तय मान रहे हैं।

बता दें कि टी20 विश्व कप के बाद भारत व न्यूजीलैंड के बीच दो टेस्ट मैच की सीरीज खेली जाएगी। जिसका पहला मैच लखनऊ के भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में खेला जाएगा जबकि दूसरा मैच बैंगलौर के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होगा। न्यूजीलैंड की टीम ने सुरक्षा कारणों से अपना पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया था।

इसके पहले 2018 में यहां पर भारत वेस्टइंडीज के बीच एक टी20 मैच खेला गया था। 2020 में भारत व दक्षिण अफ्रीका के बीच  वनडे मैच खेला जाना था पर कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण यह मैच रद्द कर दिया गया। दोनों ही टीमें लखनऊ आने के बाद होटल से ही वापस लौट गईं थीं। इकाना में 2016 से ही प्रथम श्रेणी मैच खेले जा रहे हैं।

इसके अलावा, उम्मीद जताई जा रही है कि इकाना स्टेडियम में अब आईपीएल के मैच भी खेले जाएंगे। बीसीसीआई लखनऊ को बड़े क्रिकेट सेंटर के रूप में देख रहा है। इकाना स्टेडियम में करीब 50 से 60 हजार दर्शकों की क्षमता है। 70 एकड़ में फैले इस स्टेडियम में नौ पिच हैं। यहां पर एक हजार कारें व करीब पांच हजार टू व्हीलर्स पार्क की जा सकती हैं।
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बहराइच सीरियल हत्याकांड का खुलासा: तीन हत्यारोपी गिरफ्तार, एक ही परिवार के थे तीन बच्चे व मां, मुंबई में बना था प्रेम संबंध

36 घंटे के अंदर तीन मासूम समेत चार लोगों की गला रेतकर बेरहमी से हत्या करने के बाद खेत में शव फेंक देने की घटना का खुलासा पुलिस ने शनिवार को कर दिया। हत्यारोपी ने पैसे की लालच व शादी के दबाव से छुटकारा पाने के लिए अपने दो सहयोगियों के साथ मिलकर चार लोगों की हत्या को अंजाम दिया था और मुंबई भाग गया था। मां व तीन बच्चे एक ही परिवार के थे। एसओजी टीम ने सीसीटीवी फुटेज व रेलवे के रिर्जवेशन चार्ट की मदद से मुंबई पहुंचकर हत्यारोपियों को हिरासत में लिया व बहराइच आए। उनके पास से मृतक महिला का मोबाइल व अन्य सामान बरामद हुआ। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। दो दोहरे हत्याकांड का खुलासा होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। जघन्य अपराध के खुलासे पर शासन, आईजी व एसपी ने खुलासा करने वाली टीम को नगद इनाम देकर पुरस्कृत करने की घोषणा किया है। 

फखपुर थाना क्षेत्र के गजाधरपुर गांव में बीते 11 सितंबर को गन्ने के खेत में दो मासूम बच्चों का शव फेंका गया था। जिनकी गला रेतकर हत्या की गई थी। इसकी जांच पुलिस कर ही रही थी। इसी बीच 12 सितंबर को इसी थाना क्षेत्र के माधवपुर गांव में धान के खेत में महिला का सिर कटा शव व गन्ने के खेत में मासूम बच्ची का शव मिला। सीरियल हत्याकांड से जिला थर्रा उठा। देवीपाटन मंडल के आईजी डॉ. राकेश सिंह ने दौरा कर कमान संभाली और एसपी सुजाता सिंह के निर्देशन में कैसरगंज सीओ कमलेश सिंह को विवेचक बनाकर चार टीमें गठित की। जिसमें एसओजी प्रभारी मुकेश सिंह व सर्विलांस प्रभारी निखिल श्रीवास्तव की टीमों ने अहम रोल निभाया। 

आईजी ने बताया कि जांच के दौरान ग्रामीणों ने हत्यारों का हुलिया बताया तो टीम ने लखनऊ जाने वाले मार्ग पर होटल व ढाबे पर सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। जिसमें कुछ जगहों पर हुलिया व उम्र मिलती दिखी तस्वीरें व फुटेज सामने आए। उसके बाद टीम ने लखनऊ के आसपास होटलों को खंगाला तो एक होटल के सीसीटीवी में वहीं लोग दिखे। वहां पर टीम को उनका नाम व नंबर मिला। उसके बाद टीम ने कड़ी से कड़ी को जोड़ना शुरू किया। टीम ने रेलवे के रिजर्वेशन चार्ट को खंगाला तो होटल में दर्ज नाम व उम्र का मिलान हुआ। टीम तत्काल मुंबई रवाना हुई और सर्विलांस की मदद से हत्यारोपियों के पास पहुंची और उनको हिरासत में लेकर बहराइच आई। 

पकड़े गए हत्यारोपियों की पहचान फखरपुर थाना क्षेत्र के ततेहरा गांव निवासी ननकू पुत्र मुबारक अली, सलमान खान पुत्र उस्मान खान व दानिश खान पुत्र नसीम खान के रूप में हुई। हत्यारोपियों से पूछताछ के दौरान अज्ञात शवों की शिनाख्त हुई। आईजी ने बताया कि पूछताछ के दौरान अज्ञात शवों की शिनाख्त करते हुए हत्यारोपियों ने बताया कि 35 वर्षीय महिला मैरी काशी कत्रायन पुत्री काशी कत्रायन, 11 वर्षीय राजाती, सात वर्षीय जोसेफ व चार वर्षीय सौंदर्या निवासी मुमरा देवी आर्केड दिवा ईस्ट थाना मुम्ब्रा जिला थाणे राज्य महाराष्ट्र के रहने वाले थे। सभी ने महिला का मकान बेचे जाने के बाद मिले 60 लाख रुपये हड़पने व छुटकारा पाने के लिए हत्याकांड को अंजाम देने की बात स्वीकार की। तीनों हत्यारोपियों को नामजद करते हुए पुलिस ने जेल भेज दिया है। 
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नहीं थमा बारिश से तबाही का सिलसिला: छप्पर का मकान ढहने से मां की मौत, बेटी घायल

दो दिन हुई तेज बारिश रुकने के बाद भी तबाही का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार रात मोतिगरपुर थाना क्षेत्र के पेमापुर गांव में छप्पर का मकान ढहने से मां-बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। ग्रामीणों ने आनन-फानन में दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सक ने मां को मृत घोषित कर दिया जबकि बेटी की हालत नाजुक बनी हुई है।

गांव निवासी दिलीप कुमार शुक्रवार रात अपनी पत्नी कमला (35) देवी व दो बेटियों आयुषी (13) व मोनी के साथ छप्पर के मकान में सोया हुआ था। मकान के चारों तरफ पानी होने से दीवार में काफी नमी हो गई थी। रात करीब एक बजे छप्पर की दीवार भर-भराकर ढह गई।

चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों ने सभी घायलों को छप्पर के नीचे से निकाला। ग्राम प्रधान ने सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सक ने कमला देवी को मृत घोषित कर दिया। आयुषी की हालत नाजुक बनी हुई है। इस हादसे में दिलीप को मामूली चोटें आई हैं। वहीं, मोनी बाल-बाल बच गई है।
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