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साप्ताहिक स्वास्थ्य राशिफल 16 से 22 मई : कन्या राशि समेत इन पांच राशियों के लोगों को रखना होगा खास ख़्याल
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साप्ताहिक स्वास्थ्य राशिफल 16 से 22 मई : कन्या राशि समेत इन पांच राशियों के लोगों को रखना होगा खास ख़्याल

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मिसाल: खुद के साथ परिवार भी संक्रमित हुआ, पर ठीक होते ही मरीजों की सेवा में जुट गए डॉक्टर दंपती

कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही जंग में कई चिकित्सक ऐसे भी हैं जो वायरस से लड़ते-लड़ते खुद बीमार हो गए। परिवार संक्रमित हो गया, लेकिन ठीक होते ही दोबारा...

12 मई 2021

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Digital Edition

यूपी सरकार का दावा: प्रदेश में कोरोना की रिकवरी दर 88 प्रतिशत पहुंची, कम हुआ संक्रमण

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड-19 की रोकथाम के लिए ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट की नीति के साथ प्रदेशवासियों के जीवन और जीविका की सुरक्षा हेतु किये जा रहे प्रयासों के संतोषप्रद परिणाम मिल रहे हैं। एग्रेसिव टेस्टिंग की नीति के बाद भी नए केस लगातार कम हो रहे हैं, जबकि स्वस्थ होने वालों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है।

बीते माह 17 अप्रैल को प्रदेश में लगभग 1.70 लाख एक्टिव केस थे, जो 13 दिनों के भीतर बढ़कर 30 अप्रैल को सर्वाधिक 03 लाख 10 हजार तक पहुंच गए थे। सतत प्रयासों का परिणाम है कि आज 15 दिनों के बाद एक बार फिर एक्टिव केस की संख्या घटकर 1.77 लाख रह गई है। अब तक 14,14,259 प्रदेशवासी कोविड की लड़ाई जीत कर आरोग्यता प्राप्त कर चुके हैं। प्रदेश की रिकवरी दर अब 88% तक हो गई है।

उन्होंने कहा कि एग्रेसिव टेस्टिंग की नीति के अनुरूप विगत 24 घंटों में प्रदेश में 02 लाख 56 हजार 755 टेस्ट किए गए, जिसमें 1,12,000 टेस्ट आरटीपीसीआर के माध्यम से हुए। इसी अवधि में 12,547 नए कोविड केस की पुष्टि हुई , जबकि इसी अवधि में 28,404 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। 4 करोड़ 44 लाख 27 हजार 447 टेस्ट के साथ देश में सर्वाधिक टेस्ट करने वाला राज्य उत्तर प्रदेश ही है। प्रयोगशालाओं की टेस्टिंग क्षमता को बढ़ाये जाने की कार्रवाई तेज की जाए। मुख्यमंत्री योगी शनिवार को टीम-9 के साथ प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति पर चर्चा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अफसरों को निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में 1.48 लाख लोग होम आइसोलेशन में उपचाराधीन हैं। इनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए टेलीकन्सल्टेशन के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श की व्यवस्था को और बेहतर किया जाए। चिकित्सकों की संख्या, फोन लाइन की संख्या में बढ़ोतरी की जरूरत है। निगरानी समितियों के माध्यम से होम आइसोलेशन के मरीजों और जरूरत के अनुसार उनके परिजनों को मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाए। मेडिकल किट वितरण व्यवस्था की सतत मॉनीटरिंग की जाए। जनपदीय आइसीसीसी और सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से मरीजों से संवाद कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जांच कराई जाए।

उन्होंने कहा कि कोविड टीकाकरण की प्रक्रिया प्रदेश में सुचारु रूप से चल रही है। 45 वर्ष से अधिक और 18-44 आयु वर्ग के लोगों को कोविड सुरक्षा कवर प्रदान करने में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है। अब तक 1,16,12,525 लोगों ने  पहली डोज और 31,82,072 लोगों ने वैक्सीन की दोनों डोज प्राप्त कर ली है। इस तरह 01 करोड़ 47 लाख 94 हजार 597 कोविड वैक्सीन एडमिनिस्टर हुए हैं। प्रदेश के 18 जनपदों में 18-44 आयु वर्ग के 49,854 लोगों के कल हुए टीकाकरण के साथ अब तक इस आयु वर्ग के 3,65,835 लोगों ने टीका-कवर प्राप्त कर लिया है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

UP Lockdown: यूपी में 24 मई तक बढ़ सकता है लॉकडाउन, गांवों में बढ़ता संक्रमण बना मुसीबत

यूपी में लॉकडाउन 24 मई तक के लिए बढ़ाया जा सकता है। इस संबंध में जल्द ही आदेश जारी किए जाएंगे। बता दें कि अभी जारी लॉकडाउन 17 मई सुबह सात बजे तक प्रभावी है।

दरअसल, प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में संक्रमितों की संख्या कम हो रही है साथ ही रिकवरी रेट भी बढ़ रहा है पर गांवों में फैल रहा संक्रमण सरकार के लिए चिंता का सबब बन गया है इसलिए सरकार कोई मौका नहीं लेना चाहती है। हालांकि, लॉकडाउन बढ़ाने के संबंध में अभी कोई आदेश जारी नहीं हुआ है पर सूत्रों के अनुसार, सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है।

प्रदेश में कंटेनमेंट जोन की संख्या भी तेजी से कम हो रही है। जब पंचायत चुनाव चल रहा था उस समय प्रदेश में कंटेनमेंट जोन की संख्या 90 हजार पार कर गई थी। यह संख्या अब 51 हजार से कम हो गई है। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार के अनुसार, 11 मई तक प्रदेश में 51284 कंटेनमेंट जोन थे।

कंटेनमेंट जोन पर निगरानी रखने के लिए 37812 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। हालांकि, पंचायत चुनाव होने से 90 हजार कंटेनमेंट जोन पर 30 हजार पुलिसकर्मी ही तैनात थे। अब कंटेनमेंट जोन की संख्या घटी है और पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है। इसका सकारात्मक असर हुआ है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही प्रदेश में जांच का दायरा बढ़ाने का आदेश दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि शहर से लेकर गांव तक जांच करते रहने से वायरस की चेन नहीं बनने पाएगी।
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कोरोना से जंग: मुख्यमंत्री योगी ने ऑक्सीजन की ऑडिट जारी रखने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि ऑक्सीजन की ऑडिट जारी रखी जाए। एक सप्ताह पूर्व तक मेडिकल कॉलेजों में 300-350 मीट्रिक टन की मांग होती थी अब वह घट कर 250-300 एमटी तक हो गई है।

बीते 24 घंटों में 923 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का वितरण किया गया है। सभी जिलों में वेंटिलेटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए गए हैं। एसीएस स्वास्थ्य, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा प्रत्येक दशा में इन उपकरणों को क्रियाशील होना सुनिश्चित कराएं।

संबंधित जिलों से संपर्क कर इस संबंध में उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाए। इसके उपरांत भी यदि वेंटिलेटर व ऑक्सीजन कंसंट्रेटर क्रियाशील न होने की सूचना प्राप्त हो तो संबंधित डीएम व सीएमओ की जवाबदेही तय की जाएगी।
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लखनऊ: डीएल के लिए 17 से 29 मई का टाइम स्लाट भी रद्द, 15 जून के बाद दी जाएगी सूचना

कोरोना महामारी के चलते ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाने वालों को अभी इंतजार करना होगा। परिवहन विभाग ने डीएल आवेदकों को 17 से 29 मई के बीच आवंटित सभी टाइम स्लाट को रद्द कर दिया है। अब आवेदकों को 15 जून के बाद टाइम स्लाट आवंटित किया जाएगा।

गौरतलब है कि इससे पहले 23 अप्रैल से 1 मई तक के डीएल बनवाने के टाइम स्लाट को यह कहते हुए रद्द कर दिया गया था कि 15 मई के बाद नया टाइम स्लाट दिया जाएगा। 
पर, कोरोना संक्रमण के चलते टाइम स्लाट रीशिड्यूल नहीं हो सका। बाद में 3 मई से 15 मई के आवंटित सभी टाइम स्लाट को रद्द करते हुए एक जून से नया टाइम स्लाट देने पर फैसला किया है।

फिर तीसरी बार 17 से 29 मई तक टाइम स्लाट को रद्द कर दिया गया। परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने बताया कि अब 15 जून के बाद आवेदकों को नया टाइम स्लाट की सूचना मोबाइल नंबर पर दी जाएगी।
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लविवि: पिछले साल से 25% अधिक प्रवेश आवेदन, चार अन्य जिलों में भी बनेंगे प्रवेश परीक्षा केंद्र

ड्राइविंग लाइसेंस।
लखनऊ विश्वविद्यालय में नए सत्र 2021-22 की यूजी, पीजी, पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया गति पकड़ रही है। हाल में कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय की अध्यक्षता में हुई प्रवेश सेल की ऑनलाइन मीटिंग में जानकारी दी गई कि अभी तक सभी पाठ्यक्रमों में लगभग 31 हजार प्रवेश आवेदन आ चुके है। जो पिछले वर्ष में आये आवेदनों की तुलना में लगभग 25% अधिक हैं। जबकि पीएचडी के लिए प्रवेश आवेदन 15 मई तक और यूजी, पीजी कोर्सो के लिए 31 मई तक होंगे।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि लखनऊ विश्वविद्यालय से इस बार विवि से संबद्ध हुए 04 नए जिलों हरदोई, लखीमपुर खीरी, रायबरेली व सीतापुर में भी प्रवेश परीक्षा केंद्र बनाएगा। जिससे इन जिलों तथा आस-पास के अन्य जिलों के अभ्यर्थियों को लखनऊ आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

बैठक में कुलपति प्रो. राय ने निर्देश दिया कि नये जिलों के महाविद्यालयों के साथ अलग-अलग समय पर बात की जाएगी और उन्हें विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली, प्रवेश परीक्षा प्रणाली से अवगत कराया जाएगा। जिससे कि उन्हें विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली के साथ समायोजन करने में कोई असुविधा न हो।
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चित्रकूट जेल कांड : अमिताभ ठाकुर और डॉ. नूतन ठाकुर ने की न्यायिक जांच की मांग

अमिताभ ठाकुर और डॉ नूतन ठाकुर ने आज चित्रकूट जेल के कथित गैंगवार तथा एनकाउंटर के बाद इसमें मारे गए गैंगस्टर अंशु दीक्षित के एक कथित पुराने वीडियो में कही जा रही बातों के आधार पर इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को भेजे अपने पत्र में उन्होंने कहा कि वीडियो में अंशु दीक्षित ने अन्य बातों के अलावा यह भी कहा था कि जेल प्रशासन व आईजी एसटीएफ अमिताभ यश उनकी हत्या की साजिश रच रहे थे। उसके द्वारा कहा गया था कि जेल में अलार्म बजा कर उसके व उसके साथियों की हत्या की जा सकती है। उसके द्वारा कहा गया था कि यदि उसकी हत्या होती है तो इसका सीधा आरोप आईजी एसटीएफ अमिताभ यश व जेल प्रशासन के अफसरों पर लगाया जाये।

अमिताभ व नूतन ने कहा कि आज चित्रकूट जेल में घटित घटना अंशु दीक्षित द्वारा लगाये गए पूर्वानुमान से काफी मिलता है, जो इस घटना को अत्यंत संदिग्ध बना देता है। अतः उन्होंने एक कार्यरत हाई कोर्ट जज द्वारा इस वीडियो सहित इस पूरी घटना की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की है।
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आयुष कवच एप के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय ने बनाया कार्यक्रम

कोविड संक्रमण से बचाव के लिए लोगों की इम्युनिटी बढ़ाने व उन्हें स्वस्थ रखने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय की फैकल्टी ऑफ योग एंड अल्टरनेटिव मेडिसिन से योग के विभिन्न कार्यक्रम चल रहे हैं।

फैकल्टी कोऑर्डिनेटर डॉ. अमरजीत यादव ने बताया कि इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से आयुष विभाग द्वारा निर्मित आयुष कवच एप के लिए भी फैकल्टी ने इम्युनिटी एवं स्वास्थ्य के विकास के लिए योग से संबंधित कार्यक्रम का निर्माण किया है। इसका प्रसारण प्रतिदिन आयुष कवच पर हो रहा है। फैकल्टी विशिष्ट व्याख्यानों एवं वेबिनार के माध्यम से भी विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं व जन समुदाय के लिए कोरोना  संक्रमण से बचाव व जागरूकता से संबंधित कार्यक्रम आयोजित कर रही है।

उन्होंने बताया कि योग विशेषज्ञों की टीम प्रतिदिन प्रात: 08 से 09 बजे के बीच फैकल्टी के फेसबुक पेज से माध्यम से ऑनलाइन प्रशिक्षण दे रही है।

अब तक योग प्रशिक्षक प्रशांत शर्मा, डॉ बृजेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ रामकिशोर, दीपा श्रीवास्तव, बॉबी लाइव कार्यक्रम के अंतर्गत-ऑक्सीजन लेवल संतुलित करने वाले योगाभ्यास, कोरोना संक्रमण काल मे बचाव हेतु योगाभ्यास, प्राणायाम के माध्यम से कोरोना संक्रमण से बचाव, प्राणायाम एवं शंखवादन से फेफड़ों की शक्ति का विकास, कोरोना संक्रमण काल में घर पर योग आदि विषय पर कार्यक्रम कर चुके हैं।

कोई भी व्यक्ति फैकल्टी के फेसबुक लिंक facultyofyamlu पर जाकर जुड़ सकता है। लाइव कार्यक्रम में न शामिल हो पाएं तो फैकल्टी के यूट्यूब चैनल Faculty of Yoga and alternative Medicine पर जाकर इसे फिर से देख सकते हैं।
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चित्रकूट जेल कांड : रायबरेली जेल में रहकर अंशु दीक्षित ने दो महीने में बना ली थी धमक

चित्रकूट जेल में मुठभेड़ में मारा गया शूटर अंशू दीक्षित उर्फ सुमित रायबरेली कारागार में दो महीने तक रहा। इस दौरान उसने अपनी धमक बना ली थी। उसकी और साथियों की दबंगई का आलम यह रहा कि उसके इशारे पर जेल प्रशासन घूमता था। जेल में शराब पार्टी और वही से फोन पर लोगों को धमकाना आम हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद जहां अंशु दीक्षित को दूसरी जेल स्थानांतरित कर दिया गया। वहीं वीडियो वायरल मामले में जेल अधीक्षक समेत छह जेल कर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई थी।

शार्प शूटर अंशू दीक्षित लखनऊ जेल से सितंबर 2018 को रायबरेली जेल लाया गया। यहां उसने शातिर अपराधी  दलश्रृंगार और सोहराब के साथ मिलकर कई वीडियो बनाए। इन्हीं वीडियो के बल पर जेल प्रशासन को दबाव में लेते रहे। अंशु दीक्षित और उसके साथियों की हरकतों से जिला कारागार का अनुशासन तार-तार होने लगा। इससे दूसरे कैदी भी सिर उठाने लगे। आखिर में जेल प्रशासन को अंशु दीक्षित को नवंबर महीने में दूसरी जेल शिफ्ट करना पड़ा। इधर अंशू ने जेल में बनाए गए सभी वीडियो वायरल कर दिए। इनमें से एक वीडियो में अंशु दीक्षित ने तत्कालीन एसटीएफ के आईजी अमिताभ यस और जिला जेल प्रशासन पर अपनी जान को खतरा बताया। यही नहीं वीडियो में वह कह रहा है कि जेल में भ्रष्टाचार चरम पर है। खाने की थी व्यवस्था नहीं है।

दूसरे वीडियो में शराब पार्टी होना दिखाया जा रहा है। इसमें एक अपराधी जेलर को ₹10,000 देने की बात कह रहा है, जबकि दूसरा अपराधी किसे गुप्ता नाम के व्यक्ति को फोन से धमकी दे रहा है। एक अन्य वीडियो में जेल में मिल रहा खाना दिखाया जा रहा है। इसमें बुलेट, सिगरेट व अन्य आपत्तिजनक चीजें दिखाई दे रही हैं। इसी तरह के कई वीडियो वायरल होने पर तत्कालीन जेल अधीक्षक प्रमोद कुमार शुक्ल, डिप्टी जेलर समेत छह कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था। 

चित्रकूट जेल में अंशू दीक्षित की मौत की सूचना रायबरेली पहुंची तो यहां भी उसकी करतूतों और वायरल वीडियो फिर से चर्चा में आ गए। जिला जेल के प्रभारी अधीक्षक सत्य प्रकाश का कहना है कि चित्रकूट जेल में मारा गया अंशु दीक्षित करीब दो महीने तक जिला कारागार रायबरेली में रहा। इस दौरान साथियों के साथ उसने अपना आतंक बना रखा था। यह अलग बात है कि उस समय उनकी तैनाती यहां नहीं थी।
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लग सकता है जुर्माना: यूपी की नदियों में नहीं बहा सकेंगे शव, सीएम बोले- सभी घाटों पर हो जल पुलिस की पेट्रोलिंग

यूपी की नदियों में लोग अब शव नहीं बहा सकेंगे। राज्य सरकार ने इस पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को नदियों में शव बहाने पर सख्ती से रोक लगाने को कहा है। शव बहाने वालों पर जुर्माना भी लगाने पर विचार किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को निर्देश दिया है कि प्रदेश में राज्य आपदा प्रबंधन बल (एसडीआरएफ) और पीएसी की जल पुलिस को प्रदेश की सभी नदियों में पेट्रोलिंग के लिए लगाया जाए। यह फोर्स नावों के सहारे पूरे प्रदेश की नदियों में भ्रमण करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी परम्परा के नाते नदियों में शव न बहाए। 

उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि प्रदेश में नदियों के किनारे स्थित सभी गांवों तथा शहरों में ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम प्रधान तथा शहरों में निकायों के कार्यकारी अधिकारी व निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से समितियां बनाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि उनके गांव तथा शहर में से कोई भी व्यक्ति परम्परा के नाते नदियों में शव न बहाए।

सीएम ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति जिसकी मृत्यु हुई है उसे सम्मानजनक रूप से अंत्येष्टि का अधिकार है। प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व में ही प्रत्येक नागरिक जिसकी दु:खद मृत्यु हुई है ऐसे नागरिकों के सम्मान पूर्व अंत्येष्टि के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है। ऐसे में यदि परम्परागत रूप से भी जल-समाधि हो रही है अथवा कोई लावारिस छोड़ रहा है तो भी उसकी सम्मानजनक तरीके से धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उसका अंतिम संस्कार कराकर किसी भी दशा में किसी को धार्मिक परंपराओं के नाते नदी में शव न बहाने दिया जाए। यदि आवश्यक हो तो स्थानीय स्तर पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

सरकार का कहना है कि शव अथवा मरे हुए जानवर बहाने से नदी प्रदूषित होती है। प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार नदियों को साफ करने के लिए विशेष कार्यक्रम भी चला रही है। इस संबंध में गृह विभाग, नगर विकास विभाग, ग्राम विकास, पंचायत विभाग तथा पर्यावरण विभाग मिलकर एक कार्य योजना बनाएं, जिससे कि पूरे प्रदेश में परंपरा के नाते शव किसी भी दशा में न बहाए जाएं।
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