अंधविश्वास: भोपाल की हलाली नदी में तीन बच्चे डूबे, दो की मौत, परिजनों ने नमक से ढक दिए बच्चों के शव!

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: देव कश्यप Updated Wed, 22 Sep 2021 01:40 AM IST

सार

घटनाक्रम में परिजनों का अंधविश्वास भी सामने आया है। दो बच्चों को संजीवनी अस्पताल ने जब मृत घोषित कर दिया तो परिजनों को भरोसा नहीं हुआ। वह अस्पताल के ही शव गृह में बच्चों के शव को नमक के ढेर में गाड़ कर जान फूंकने की कोशिश करते रहे।
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सांकेतिक चित्र - फोटो : सोशल मीडिया
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भोपाल की हलाली नदी में तीन बच्चे डूब गए, जिनमें से दो बच्चों की मौत हो गई और एक बच्चे को बचा लिया गया। हादसा मंगलवार दोपहर को उस समय हुआ, जब तीनों बच्चे नदी किनारे खेल रहे थे।
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घटनाक्रम में परिजनों का अंधविश्वास भी सामने आया है। दो बच्चों को संजीवनी अस्पताल ने जब मृत घोषित कर दिया तो परिजनों को भरोसा नहीं हुआ। वह अस्पताल के ही शव गृह में बच्चों के शव को नमक के ढेर में गाड़ कर जान फूंकने की कोशिश करते रहे।


दो घंटे तक बच्चों के शव नमक में ढके रहे
करीब दो घंटे तक बच्चों के शव नमक में ढके रहे। थोड़ी देर बाद पहुंची ईंटखेड़ी पुलिस ने परिजनों को समझाकर शवों को नमक से बाहर निकाला। इसके बाद बच्चों का हमीदिया अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ। मरने वाले दोनों बच्चे ईंटखेड़ी के रहने वाले हैं। इनकी पहचान पर्व परिहार (9) और शरस माली (7) के रूप में हुई है। तीसरे बच्चे युवराज माली को बचा लिया गया है।

घटना की कहानी, संजय की जुबानी
पर्व परिहार के चचेरे भाई संजय ने बताया कि दोपहर के करीब एक बजे रहे होंगे। मैं घर में था। इसी बीच मेरा छोटा भाई पर्व घर से करीब 300 मीटर दूर हलाली नदी के घाट पर गणेश विसर्जन देखने गया था। उसके साथ सरस और युवराज भी थे। मुझे किसी ने बताया कि एक लड़का नदी में डूब गया है। मैं तुरंत घर से भागा। अपने दो साथियों की मदद से युवराज नाम के लड़के को निकाल लिया। 

युवराज के परिजन उसे अस्पताल लेकर चले गए। हम लोग भी घर की तरफ जाने लगे। इसी बीच नदी के पास खड़ी छह-सात साल की बच्ची ने बताया कि तीन बच्चे डूबे हैं। हम लोगों को पहले बच्ची की बातों पर भरोसा नहीं हुआ। बाद में बच्ची ने डूबने वाली जगह बताई। हमलोगों ने रेस्क्यू शुरू किया। करीब पांच मिनट बाद मेरे चचेरे भाई पर्व का शव मिला। इसके दो मिनट बाद सरस का शव मिला। मुझे जिंदगी भर अफसोस रहेगा कि भाई को नहीं बचा सका। पर्व इस साल पहली कक्षा में गया था।

पर्व सुबह अपने पिता के साथ घाट पर घूमने गया था। घाट से उसका घर करीब 300 मीटर दूर है। दोपहर में अपने भाई संजय के साथ खाना खाने के बाद वह खेलने की बात कहकर घर से निकल गया। थोड़ी देर बाद वह मोहल्ले के रहने वाले साथियों के साथ नदी पर पहुंच गया। जहां, खेलते-खेलते नदी में गिर गए। बच्चों को लोगों ने पत्थर उछालते हुए देखा था।
 
युवराज बोला- हाथ पकड़कर खेलते समय गिरा
ईंटखेड़ी थाना प्रभारी सुनील चतुर्वेदी ने बताया कि युवराज के बयान र्दज किए गए हैं। उसने बताया है कि हम तीनों दोस्त नदी के किनारे हाथ पकड़कर खेल रहे थे। तभी पैर फिसलने से हम तीनों दोस्त नदी में गिर गए।

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