बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
TRY NOW
विज्ञापन
विज्ञापन
इन तीन राशियों के लिए निवेश का शुभ समय, भाग्यफल से जानें अन्य राशियों का हाल
Myjyotish

इन तीन राशियों के लिए निवेश का शुभ समय, भाग्यफल से जानें अन्य राशियों का हाल

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Digital Edition

मध्यप्रदेश: रेमेडिसिवर इंजेक्शन की कालाबाजारी पर पुलिस सख्त, अभी तक 21 लोगों के खिलाफ रासुका

भारत में कोरोना बीमारी रोजाना हजारों लोगों को लील रहा है। लोग दवा, इंजेक्शन और उचित इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इंजेक्शन की कालाबाजारी चरम पर है। मध्यप्रदेश में कोरोना में इस्तेमाल होने वाली जीवन रक्षक दवा रेमेडिसिविर ब्लैक में धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं, वह भी शीशी में पानी भरकर शातिर इसे मुंहमांगी कीमत वसूल रहे हैं। मध्यप्रदेश पुलिस ने अभी तक 21 लोगों के खिलाफ रासुका लगाया गया है। आरोप में 11 मामले दर्ज किए गए हैं।

नकली इंजेक्शन बेचने वाले मेडिकल स्टोरों पर पुलिस की पैनी नजर
 इंदौर के आईजीपी हरिनारायणचारी मिश्रा ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि नकली रेमेडिसिविर बेचने और इसकी कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्ती से पेश आ रही है, कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं। साथ ही एसआईटी का भी गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ मेडिकल स्टोर भी नकली रेमेडिसिविर की सप्लाई में शामिल हैं। उनपर भी पुलिस प्रशासन की नजर है, ऐसे लोगों के खिलाफ जांच चल रही है। वहीं गुजरात से मध्यप्रदेश में 1200 नकली रेमेडिसिविर इंजेक्शन सप्लाई करने के आरोप में सात लोगों पर केस दर्ज किया गया है। इन सात लोगों की तलाश की जा रही है। 

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश समेत देश के दूसरे हिस्सों में कोरोना की जीवन रक्षक दवा रेमेडिसिविर की कालाबजारी और नकली इंजेक्शन की वजह से सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है। मध्यप्रदेश में कई मरीजों की जान चली गई। इसलिए कुछ लोगों के खिलाफ मौत का भी मामला दर्ज किया गया है। 
... और पढ़ें

वारदात: दो लाख लेकर भी नहीं कराई शादी तो नाराज दूल्हे ने बिचौलिए को चलती कार से फेंका, हुई मौत

शादी को लेकर बिचौलिए से अक्सर अनबन बनी रहती है लेकिन इस बार एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां बिचौलिए ने दो लाख लेकर भी शादी नहीं कराई तो नाराज दूल्हे ने बिचौलिए को चलती कार से फेंक दिया। इस दौरान मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

मामला मध्यप्रदेश का है, यहां एक दूल्हा सागर शादी के लिए बारात लेकर पहुंचा था लेकिन वहां न दुल्हन थी न ही उसके परिवार वाले। इस बात से नाराज बारातियों ने घटना को अंजाम दिया, इसमें  बिचौलिए और उसके साथी को बारातियों ने चलती कार से फेंक दिया। बिचौलिए की तो मौके पर मौत हो गई और उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया।

यह मामला एक महीने पुराना है। बिचौलिए ने 2 लाख रुपए दूल्हे के परिवार से लिए थे और 6 अप्रैल को शीदी तय की थी। इसके लिए वह बारात लेकर सागर गए हुए थे। लेकिन वहां न दुल्हन मिली, न ही ससुराल वाले। इस बात से दूल्हा और उसके परिजन काफी नाराज हो गए। 

7 अप्रैल को वापस लौटते समय दूल्हा और उसके तीन साथियों ने हसनाबाद और सरकंडी गांव के बीच चलती कार से बिचौलिए जगदीश मेहर और उसके साथी हेमराज को नीचे फेंक दिया।

इस दौरान जगदीश की मौत हो गई, वहीं हेमराज मेहर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल हेमराज का अस्पताल में इलाज चला, बाद में जब वह ठीक हुआ तो उसने एक महीने बाद 9 मई को पुलिस से शिकायत की। जिसके बाद 4 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ।

दो आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
बैरसिया थाना पुलिस ने घायल हेमराज मेहर की शिकायत पर आरोपी दूल्हा देवकरण मेहर और उसके तीन साथी मंगीलाल मेहर, चिरोंजीलाल और रामप्रसाद मेहर के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपियों पर हत्या और हत्या की कोशिश की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अब तक दो आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं, जबकि दो आरोपियों की तलाश की जा रही है।
... और पढ़ें

खुदकुशी: छठी मंजिल से कूदा कोरोना संक्रमित, भोपाल के हमीदिया अस्पताल में हुई घटना

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के सरकारी हमीदिया अस्पताल की छठी मंजिल से कूदकर एक कोरोना वायरस संक्रमित ने खुदकुशी कर ली।  घटना सोमवार शाम को हुई। कोहेफिजा पुलिस थाना प्रभारी अनिल वाजपेयी ने बताया कि मरने वाले की पहचान रईस शेख (50) के रूप में की गई है। वह सीहोर जिले के रेहटी का रहने वाला था।

कोरोना संक्रमित होने के बाद वह इस अस्पताल में एक दिन पहले रविवार सुबह ही भर्ती हुआ था। वह कोरोना के जनरल वार्ड में भर्ती था। उन्होंने बताया कि वह सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे छठी मंजिल पर गया और वहां से नीचे कूद गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि उसने ऐसा कठोर कदम क्यों उठाया।
... और पढ़ें

प्रज्ञा ठाकुर के बोल: रोज करती हूं गोमूत्र का सेवन, इसलिए नहीं हुआ कोरोना

विवादित बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाली मध्यप्रदेश के भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने एक बार फिर ऐसी ही बात कही है। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मैं रोज गोमूत्र का सेवन करती हूं जिसके चलते मुझे कोरोना नहीं हुआ है और मैं अब तक इस बीमारी से बची हुई हूं। बता दें कि डॉक्टर सलाह देते रहे हैं कि कोरोना होने पर गोमूत्र आदि का सेवन न करें। 

भोपाल में रविवार की शाम को एक कार्यक्रम में भाजपा सांसद ने कहा कि देशी गाय के मूत्र के सेवन से फेफड़ों की बीमारी ठीक होती है। उल्लेखनीय है कि प्रज्ञा ठाकुर पहले भी दावा कर चुकी हैं कि गोमूत्र के इस्तेमाल से कैंसर जैसी बीमारी भी ठीक हो सकती है। वहीं, इसी साल फरवरी में सीने में जकड़न और सांस लेने में समस्या आने पर उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था।

शहर के बैरागढ़ इलाके में रविवार शाम ऑक्सीजन कन्संट्रेटर जनता को समर्पित करने के बाद एक कार्यक्रम में ठाकुर ने कहा, ‘देसी गाय के गोमूत्र का अर्क हम अगर लेते हैं तो उससे हमारे फेफड़ों का संक्रमण दूर होता है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत तकलीफ में हूं, लेकिन प्रतिदिन गोमूत्र अर्क लेती हूं और इस कारण मुझे कोरोना के लिए कोई और औषधि नहीं लेनी पड़ रही है।'
... और पढ़ें
साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर

ब्लैक फंगस: जानिए इंफेक्शन की ABCD..और किन लोगों पर सबसे ज्यादा करता है अटैक

कोरोना महामारी के बीच ब्लैक फंगस बीमारी भी तेजी से फैल रही है। यह फंगस इतना खतरनाक है कि इससे इंसान की आंखों की रोशनी तो खत्म हो ही सकती है, जान भी जान सकती है।  पिछले साल दिसंबर में सबसे पहले दिल्ली में इसके केस सामने आए, फिर अहमदाबाद , राजस्थान, पंजाब समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में इसके मामले मिलते गए। वहीं  मध्यप्रदेश में ब्लैक फंगस तेजी से पैर पसार रहे हैं। भोपाल में करीब 100 मरीज सामने आ चुके हैं। ये एक फंगल बीमारी है, जो म्यूकरमायोसिस नाम के फंगाइल से पैदा होती है। ये ज्यादातर उन लोगों को होता है, जिन्हें पहले से कोई बीमारी हो या वो ऐसी दवा लेते हों जो इम्यूनिटी को कमजोर करती हो।


ब्लैक फंगस शरीर में कैसे पहुंचता ?
सांस के जरिए वातावरण में मौजूद फंगस हमारे शरीर में पहुंचते हैं। अगर शरीर में किसी तरह का कटा फटा है या घाव हो तो वहां से भी ये इंफेक्शन शरीर में फैल सकता है। अगर इसे शुरुआती दौर में पहचान नहीं की गई, तो जानलेवा साबित भी हो सकती है। आखों की रोशनी जा सकती है।

लक्षण होने पर क्या करें
शरीर में अगर ब्लैक फंगस के लक्षण दिखे तो सबसे पहले डॉक्टर के पास जाकर इसकी जांच कराएं और डॉक्टरों की सलाह के हिसाब से दवा लें। दुकानदार से पूछकर इसकी दवा कतई ना खाएं। इससे इसके कई साइड इफेक्ट हो सकते हैं। 

फंगस के लक्षण क्या हैं?
शरीर में अगर इंफेक्शन हैं तो चेहरे का एक तरफ से सूज जाना, सिरदर्द होना, नाक बंद होना, उल्टी आना, बुखार आना, चेस्ट पेन होना, साइनस कंजेशन, मुंह के ऊपर हिस्से या नाक में काले घाव होना, जो बहुत ही तेजी से गंभीर हो जाते हैं।

 ये इंफेक्शन किन लोगों को होता है?
ये उन लोगों को होता है जो डायबिटिक हैं, जिन्हें कैंसर है, जिनका ऑर्गन ट्रांसप्लांट हुआ हो, जो लंबे समय से स्टेरॉयड ले रहे हों, जिन्हें कोई स्किन इंजरी हो, प्रिमेच्योर बेबी को भी ये हो सकता है। जिन लोगों को कोरोना हो रहा है, उनका भी इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। अगर किसी हाई डायबिटिक मरीज को कोरोना हो जाता है तो उसका इम्यून सिस्टम और ज्यादा कमजोर हो जाता है। ऐसे लोगों में ब्लैक फंगस इंफेक्शन फैलने की आशंका और ज्यादा हो जाती है।

इससे कैसे बचें?
- निर्माणाधीन कार्य स्थल और धूल वाले इलाके में जाने से बचना चाहिए। साथ ही बेवजह घर से बाहर निकलने से बचें। जरूरी काम होने पर मास्क और चश्मा लगाकर ही बाहर निकले। 
... और पढ़ें

Black Fungus in Bhopal: ब्लैक फंगस के 20 नए मामले मिले, संक्रमित मरीजों के लिए हमीदिया अस्पताल में 30 बेड का नया वार्ड शुरू

एक तरफ पूरा देश पहले ही कोरोना वायरस से फैली महामारी से जूझ रहा है और अब लोग ब्लैक फंगस नामक फंगल इंफेक्शन की जद में भी आने लगे हैं। कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों में एक खास तरीके का फंगल इंफेक्शन देखा जा रहा है। यह नाक के रास्ते मस्तिष्क तक पहुंच जाता है। कई मामलों में तो इसे ठीक करने के लिए डॉक्टरों को मरीजों की आंख तक निकालनी पड़ रही है। भारत के कई राज्यों में ब्लैक फंगस के मामले दर्ज किए गए हैं। इसमें एक मध्यप्रदेश भी है, जहां कि राजधानी भोपाल में रविवार (16 मई) को ब्लैक फंगस के 20 और मरीज मिले। रोजोना इस फंगल इंफेक्शन के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रविवार को हमीदिया अस्पताल में 30 बेड का नया वार्ड शुरू कर दिया गया है।

भोपाल में 100 से ज्यादा मरीज भर्ती
भोपाल के अलग-अलग अस्पतालों में अब तक ब्लैक फंगस के 100 से ज्यादा मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। डॉक्टरों को इनमें से आठ मरीजों की सर्जरी करनी पड़ी। गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि हमीदिया में ब्लैक फंगस के 34 मरीज भर्ती हैं। इनमें 31 रैफर होकर आए हैं। वहीं, होशंगाबाद रोड के एक निजी अस्पताल में रीवा की एक डॉक्टर का भी इलाज चल रहा है।

ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एम्स) के डायरेक्टर डॉ. सरमन सिंह ने बताया कि अस्पताल में भर्ती होकर कोरोना का इलाज कराने वाले मरीजों की अपेक्षा होम आइसोलेशन में स्टेरॉयड दवाएं लेकर ठीक हुए मरीजों को ब्लैक फंगल के संक्रमण का खतरा ज्यादा है। इसकी वजह अस्पताल की अपेक्षा लोगों के घरों में फंगस और पर्यावरण में फंगस के जीवाणु की मौजूदगी ज्यादा होना है। 

... और पढ़ें

कार्रवाई: सतना पुलिस ने ढूंढ निकाली नई तरकीब, लॉकडाउन तोड़ने वालों को लिखना होगा राम-राम

मध्यप्रदेश की सतना पुलिस लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एक अनोखा तरीका इजाद की है। नियम तोड़ने वालों को पुलिस सजा के तौर पर राम-राम लिखवाती है। पुलिस 45 मिनट से 1 घंटे तक अपने पास बैठाकर उससे राम-राम लिखने को अपील करती है।

सिधी कैंप बाबा दयालदास चौक पर तैनात सब-इंस्पेक्टर संतोष सिंह नियम तोड़ने वालों से ऐसा करने की अपील करते हैं। उन्होंने बताया कि गांव के एक समुदाय के लोग उन्हें कुछ पुस्तिकाएं और कॉपी भेंट की और राम-राम लिखवाने का आग्रह किया। संतोष सिंह  के मुताबिक नियम तोड़ने वालों को एक घंटे तक वह बैठाकर रखते थे, इसी दौरान व्यक्ति से राम-राम लिखने की अपील करता। हालांकि इस दौरान किसी पर दबाव नहीं डाला जाता। साथ ही किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचे इसका पूरा ख्याल रखा जाता है। 



घर पर रहने की सलाह
संतोष सिंह के मुताबिक यह तरीका पिछले तीन दिन से चालू है और 25 लोगों को अभी तक दंडित किया गया है। लेकिन यह सुनिश्चित किया कि यह तरीका किसी के धार्मिक विश्वास के विपरीत नहीं हो। संतोष बताते हैं कि वह लोगों से लॉकडाउन के नियमों को समझाते हैं और बाहर घूमने के बजाय घर पर ही अपने माता-पिता की देखभाल और परिवार के साथ समय बिताने का आग्रह करते हैं। 





एसपी ने गैरकानूनी करार दिया
हालांकि संतोष सिंह के इस तरीकों से जिले के पुलिस अधीक्षक अनजान हैं। उन्होंने बताया कि शहर में 20 चेक पॉइंट ऐसे हैं, जिनमें दो अधिकारी दो पालियों में ड्यूटी करते हैं। यह उपाय एक अधिकारी ने अपने हिसाब से तैयार किया है, जो कानूनी तौर पर उचित नहीं है।
... और पढ़ें

मध्यप्रदेशः भोपाल में अब 24 मई तक रहेगा लॉकडाउन, कलेक्टर ने जारी किए आदेश

लॉकडाउन नियम तोड़ने पर राम-राम लिखवाती पुलिल

कोरोना: ब्लड बैंक की महिला अधिकारी डॉ खदीजा शेख का निधन, बच्ची को जन्म देने के बाद ली आखिरी सांस

देवास के सरकारी अस्पताल के ब्लड बैंक अधिकारी डॉ खदीजा शेख कोरोना महामारी की शिकार हो गईं। शनिवार को इंदौर के अस्पताल में शेख ने आखिरी सांस ली। डॉ शेख सात महीने की गर्भवती थीं और मैटरनिटी अवकाश पर चल रही थीं। इसी दौरान वह कोरोना संक्रमित हो गईं। उन्हें इंदौर रेफर किया गया, जहां उनका इलाज चल रहा था। वह सात दिन से वेंटिलेटर पर थी। दो साल पहले ही वह ब्लड बैंक की अधिकारी बनी थीं। देवास के करीम कृपा रेस्टोरेंट के जमील शेख की बेटी थीं, उनका विवाह एक साल पहले इंदौर के एक टीचर से  हुआ था। 

बच्ची को दिया जन्म
परिजनों के मुताबिक इंदौर में डॉक्टरों ने बताया कि जिंदगी बचाने के लिए इनका ऑपरेशन करना होगा। परिजनों की अनुमति के बाद 7 महीने में ऑपरेशन कर दिया गया, जिससे एक बच्ची का जन्म हुआ। बच्ची फिलहाल स्वस्थ्य है। डॉक्टर ने बताया कि ऑपरेशन के बाद डॉ शेख होश में आईं, लेकिन कुछ समय बाद ही वह कोमा में चली गई। पिछले एक सप्ताह से वह कोमा में थी। 15 मई की रात उन्होंने आखिरी सांस ली। कोविड प्रोटोकॉल के तहत शव को दफनाया गया। डॉक्टर ख़दीजा शेख के पति इंदौर में टीचर हैं, वह बच्चों को कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कराते हैं। 
... और पढ़ें

हंगामा: उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया के दफ्तर में वैक्सीनेशन, विपक्ष ने खोला मोर्चा

मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में कोरोना टीका लगवाने के लिए लोग परेशान हैं, जिन लोगों ने बहुत पहले अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है, उनका नंबर अभी तक नहीं आया है, लेकिन जनप्रतिनिधि अपने दफ्तर में ही वैक्सीन लगवा रहे हैं। इस समय अलोट से सांसद अनिल फिरोजिया अपने कार्यालय पर ही कोरोना वैक्सीन लेने को लेकर सुर्खियों में हैं। सांसद फिरोजिया के घर की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें सांसद और उनके समर्थकों को टीका लगाते हुए देखा गया। एक अंग्रेजी वेबसाइट के मुताबिक शुक्रवार को सांसद समेत 14 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। स्थानीय लोगों ने भी इस तरह के आयोजन पर नाराजगी जताई है। 

कांग्रेस विधायक ने सांसद पर कसा तंज
मामला उजागर होने के बाद विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया। उज्जैन के कांग्रेस विधायक महेश परमार ने आरोप लगाया कि शहर में जो वैक्सीनेशन सेंटर चल रहे हैं, उसे सांसद आवास में खोल देना चाहिए। विधायक का आरोप है कि लोग वैक्सीन लगवाने के लिए इधर से उधर भटक रहे हैं और सांसद अपने अधिकार का दुरुपयोग करते हुए अपने घर स्थित ऑफिस में पूरे स्टाफ के साथ वैक्सीन ले रहे। 

सांसद ने दी सफाई
विपक्ष के आरोपों पर सांसद फिरोजिया ने कहा कि जिन लोगों को टीका लगाया गया है, वह सभी समाजसेवी हैं, और ये लोग लगातार लंगर चलाकर जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। सांसद ने कहा कि यहां पर वैक्सीन लगवाने वाले सभी लोगों ने अपना रिजस्ट्रेशन पहले ही करा लिया था। इस पर हंगामा खड़ा करने की जरूरत क्या है। बता दें कि उज्जैन में कोरोना से अभी तक डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों की संख्या में लोग संक्रमित हैं। हालांकि सरकारी आंकड़ों पर लोग भरोसा नहीं कर रहे । लोगों का कहना है कि कोरोना से मरने वालों की जो संख्या बताई जा रही है वह सही नहीं है। 
... और पढ़ें

शर्मनाक: भोपाल के अस्पताल में कोरोना संक्रमित महिला से दुष्कर्म, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति ने लिया संज्ञान

मध्यप्रदेश के भोपाल से एक शर्मसार करने देने वाला मामला सामने आया है। भोपाल के एक अस्पताल में कोरोना संक्रमित महिला से दुष्कर्म किया गया था। इसका खुलासा घटना के एक महीने बाद हुआ है।वहीं इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है। महिला गैस पीड़िता थी।

समिति के सदस्य पुरनेंदु शुक्ला ने बताया कि हमें घटना के संबंध में शिकायत मिली है। यह गंभीर मामला है। संगठन से घटना से जुड़े दस्तावेजों की कॉपी उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके आधार पर कमेटी आगे की कार्रवाई करेगी। 

गैस पीड़ित संगठनों ने घटना के संबंध में गैस पीड़ितों के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए बनी समिति को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी। इस पत्र में बीएमएचआरसी के कोरोना वार्डों की खामियों को उजागर किया गया था।

वहीं, शिकायत करने वाले गैस पीड़ितों के हक में काम करने वाले चार संगठनों में से एक संगठन की पदाधिकारी रचना ढींगरा ने कहा कि हमारे पास मामले की एफआईआर समेत अन्य दस्तावेज हैं। हम कमेटी को सभी दस्तावेज रविवार को ही उपलब्ध करा देंगे। हमारी मांग है कि इस मामले की पूरी निष्पक्ष तरीके से जांच हो और जो भी दोषी पाए जाते हैं, उन पर कठोर कार्रवाई हो।

जानें क्या है पूरा मामला
इस घटना का खुलासा करीब एक महीने बाद हुआ है। कोरोना संक्रमित महिला निशातपुरा स्थिति मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) में भर्ती थी। छह अप्रैल यह घटना उसके साथ हुई। पुलिस ने आरोपी वार्ड बॉय को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने चेकअप के नाम पर महिला से गलत काम किया था। 

इसके बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई थी और उसे वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया था। अगले दिन महिला की मौत हो गई थी। पीड़िता ने अस्पताल की एक नर्स को घटना की जानकारी दी थी। वहीं, परिवार के लोग पीड़िता की मौत को सामान्य मान कर चल रहे थे।

दुष्कर्म की घटना के बारे में अस्पताल प्रबंधन और पुलिस ने पीड़िता के परिवार को जानकारी नहीं दी। इसको लेकर ही दोनों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे है। वहीं, एक अन्य जानकारी यह भी सामने आई कि आरोपी वार्ड बॉय पर एक नर्सिंग छात्रों ने भी दुष्कर्म का आरोप लगाया था।
... और पढ़ें

दवा की किल्लत: हमीदिया अस्पताल में ब्लैक फंगस की दवा एंफोटेरिसिन-बी नहीं, दूसरे शहरों से मंगा रहे 

मध्यप्रदेश में भी ब्लैक फंगस के संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसके साथ ही दवा की भी किल्लत बढ़ रही है। भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती मरीजों को फंगस रोधी दवा एंफोटेरिसिन-बी के इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं। बीते दस दिनों से यही हालात हैं।

उपयुक्त दवा नहीं मिलने के कारण डॉक्टर मरीजों को विकल्प के तौर पर फ्लुकोनाॅजोल की गोलियां दे रहे हैं। चिकित्सा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि फ्लुकोनाॅजोल की गोली भी फंगस बढ़ने से रोकती है, लेकिन एंफोटेरिसिन बी इंजेक्शन की तुलना में गोली का असर कम होता है। 

साल में एक दो मरीज मिलते थे
ब्लैक फंगस के मरीज आम दिनों में साल में एक दो मिलते थे, लेकिन कोरोना महामारी के बाद इनकी संख्या अचानक बढ़ गई है। चूंकि पहले यह संक्रमण कम होता था, इसलिए दवाई भी कम बनती थी। अब अचानक देशभर में यह रोग बड़े पैमाने पर फैलने लगा है, इसलिए दवाइयां भी कम पड़ने लगी है। 

मुंबई व इंदौर से मंगा रहे इंजेक्शन
हमीदिया में भर्ती मरीजों को भोपाल में दवा नहीं मिलने से वे मुंबई व इंदौर से एंफोटेरिसिन बी के इंजेक्शन मंगा रहे हैं। ब्लैक फंगस के मरीज को एक दिन में इस इंजेक्शन के पांच वाॅयल लगते हैं। यह दवा मरीज को दो से तीन सप्ताह तक दी जाती है।
... और पढ़ें

राहत: कोरोना संक्रमित पत्रकारों के इलाज का खर्च उठाएगी राज्य सरकार, मध्यप्रदेश सीएम का एलान

मध्यप्रदेश में राज्य सरकार ने पत्रकारों के लिए एक बड़ी घोषणा की है। सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकारों के हितों का ध्यान रखते हुए एलान किया कि राज्य के मान्यताप्राप्त और गैर मान्यताप्राप्त पत्रकारों और उनके परिवार के सदस्यों का कोविड-19 का इलाज प्रदेश सरकार कराएगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया कि आज मैंने हमारे पत्रकार साथियों व उनके परिवार के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पत्रकार साथियों का कोविड-19 का इलाज प्रदेश सरकार कराएगी। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के सभी मान्यताप्राप्त और गैर मान्यताप्राप्त पत्रकार साथियों का कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज की चिंता अब सरकार करेगी।



उन्होंने आगे कहा कि इस योजना में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के संपादकीय विभाग में कार्य कर रहे सभी पत्रकार, डेस्क में पदस्थ पत्रकार साथी, छायाकार, कैमरामेन आदि को कवर किया जाएगा। साथ ही मीडियाकर्मियों के परिवार के सदस्यों के कोविड-19 इलाज की चिंता भी सरकार करेगी।

चौहान ने कहा कि हमने देखा है कि जनता तक जानकारियां पहुंचाते-पहुंचाते अपने पत्रकारिता के धर्म का निर्वाह करते-करते कई हमारे पत्रकार साथी भी संक्रमित हुए हैं और कुछ का दुखद निधन भी हुआ है। इसके अलावा गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन लोगों के लिए राहत भरा एलान किया था, जिनके बुढ़ापे का सहारा छिन गया हो या जिन बच्चों के ऊपर से पिता का साया उठ गया हो।

शिवराज सिंह ने गुरुवार को ट्वीट कर जानकारी दी थी कि कई परिवार ऐसे हैं, जिनके बुढ़ापे का सहारा छिन गया और कुछ ऐसे बच्चे हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया है। वे बच्चे, जिनके पिता, अभिभावक का साया उठ गया और कोई कमाने वाला नहीं है, इन परिवारों को हर महीने पांच हजार रुपये पेंशन दी जाएगी।
... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us