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ये चार राशि के लोग हो जाएं सावधान, कष्टकारी रहेगा शनिवार
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ये चार राशि के लोग हो जाएं सावधान, कष्टकारी रहेगा शनिवार

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मध्यप्रदेश: पूर्व मंत्री की अंतिम विदाई में कोविड गाइडलाइंस की उड़ी धज्जियां, ना मास्क, ना सोशल डिस्टेंसिग का पालन

मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा का आज विदिशा के सिरोंज में अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में हजारों की भीड़ उमड़ गई, इस दौरान लॉकडाउन की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। ना किसी ने मास्क पहना और ना ही कोई सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हुआ। जबकि राज्य में कोरोना पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। अब भी राज्य में कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं। मंगलवार को राज्य में 1078 नए केस मिले। बावजूद इसके लोग नियमों को मानने को तैयार नहीं हैं। 

राज्य सरकार की ओर से लॉकडाउन लागू है, हालांकि इस दौरान कुछ छूटें दी गई हैं, लेकिन अंतिम संस्कार, श्राद्ध कार्यक्रमों के लिए निश्चित संख्या तय की गई है।  अंतिम संस्कार में सिर्फ 10 लोगों के शामिल होने की इजाजत है, लेकिन पूर्व मंत्री के अंतिम संस्कार के दौरान नियमों का पालन नहीं हुआ। हजारों की संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंच गए। वह भी बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के। नेता के अंतिम संस्कार में लोगों ने कोविड गाइडलाइन्स की ही धज्जियां उड़ा दीं।

कोविड के कारण भाजपा नेता का निधन
गौरतलब है कि भाजपा नेता लक्ष्मीकांत शर्मा पिछले कुछ समय से कोरोना पीड़ित थे। 11 मई को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लंबे इलाज के बाद मंगलवार की शाम उनका निधन हो गया। निधन पर नेताओं ने शोक व्यक्त किया। 

व्यापम घोटाले में जाना पड़ा था जेल
पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा सिरोंज लटेरी विधानसभा से तीन बार विधायक चुके गए थे।  1998, 2003 और 2008 में विधायक रहे, लेकिन 2013 के चुनाव में उन्हें यहां से हार का सामना करना पड़ा।  बता दें कि मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यापम घोटाले के आरोप में पूर्व शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा को 2014 में जेल भी जाना पड़ा था। हालांकि, जांच में उनके खिलाफ सबूत नहीं मिलने पर कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी। 
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हनीट्रैप मामला: दो साल पुराने केस में कमलनाथ से आज होगी पूछताछ, पेन ड्राइव का दावा कर फंसे पूर्व सीएम

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ से आज एसआईटी  पूछताछ करेगी। हनीट्रैप की पेन ड्राइव अपने पास होने वाले बयान को लेकर एसआईटी ने पिछले दिनों उन्हें नोटिस जारी किया था। मध्यप्रदेश में हनीट्रैप की जांच कर रही एसआईटी ने श्यामला हिल्स स्थित उनके आवास पर बुधवार को पूछताछ के लिए रहने को कहा था। एसआईटी दोपहर 12 बजे के बाद उनसे पूछताछ करेगी। साथ ही एसआईटी ने कमलनाथ से पेन ड्राइव की भी मांग की । हालांकि एसआईटी के नोटिस के बाद कमलनाथ ने कहा कि उनके पास हनीट्रैप की कोई पेन ड्राइव मौजूद नहीं है। 

उमंग सिंघार के बचाव में उतरे थे कमलनाथ
गौरतलब है कि कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री उमंग सिंघार की महिला मित्र ने भोपाल में खुदकुशी कर ली थी। वो मोहाली की रहने वाली थी। बताया जा रहा था कि कुछ दिनों बाद वो उससे शादी करने के वाले थे। खुदकुशी के अगले दिन पुलिस ने उमंग सिंघार के ऊपर केस दर्ज कर लिया था। उसके बाद कमलनाथ ने उनका बचाव करते हुए कहा था कि उनके पास भी हनीट्रैप की पेन ड्राइव है। उनके कहने का मतलब था कि भाजपा नेताओं के हनीट्रैप वाला वीडियो उनके पास भी मौजूद है।  कमलनाथ ने बताया था कि मृतक के परिजनों ने पुलिस से कोई शिकायत दर्ज नहीं की । इसके बावजूद उमंग पर केस दर्ज कर दिया गया। यह राजनीति से प्रेरित केस है, इसे तत्काल वापस लेने की जरूरत है।

हनीट्रैप को लेकर मचा था सियासी तूफान
यह मामला 2019 का है। कुछ महिलाओं ने प्रदेश के कुछ नेताओं और अधिकारियों को अपने जाल में फंसाकर सीडी बनाई थी, जिसके बाद कई आपत्तिजनक वीडियो भी सामने आए थे। इसके बाद सूबे में हंगामा मचा था। इस मामले में कुछ महिलाओं की गिरफ्तारी भी हुई थी, जिसकी सुनवाई इंदौर की एक अदालत में चल रही है।
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इंसानियत शर्मसार: युवक को घर बुलाकर पांच दबंगों ने लाठी-डंडों और रॉड से की पिटाई, मरने के बाद भी पीटते रहे, वीडियो वायरल

मध्यप्रदेश में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें ना तो पुलिस का डर है और नहीं कानून का। अपराधियों की बेरहमी का एक मामला उज्जैन से सामने आया।  मवेशीपालन के विवाद में पांच लोगों ने एक युवक को बेरहमी से पीट-पीट कर मार डाला। इतना ही नहीं आरोपी पीड़ित को मरने के बाद भी पीटते रहे। 

28 मई के दिन शहर के लवकुश नगर के पांच युवकों ने 26 साल के गोविंद पिता राजेश लकवाल को घर पर बुलाया। उसके बाद हमलावरों ने युवक को रस्सी से बांधकर पीटना शुरू किया। पीड़ित युवक दबंगों के सामने हाथ जोड़कर जान बचाने की भीख मांगता रहा, लेकिन हमलावर लाठी-डंडे और लोहे की रड से मारते रहे। यहां तक की युवक के दम तोड़ने के बाद भी दबंग उसपर लाठी बरसाते रहे। पीड़ित को पीटने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तब लोगों ने उज्जैन पुलिस पर आरोपियोें को पकड़ने का दबाव बनाया। बताया जा रहा है कि मवेशीपालन को लेकर यह विवाद हुआ था। 

युवक को झूठी बात कहकर घर पर बुलाया
दरअसल, आरोपी आशु डागर ने गोविंद को झूठी बात कहकर घर बुलाया था। गोविंद ने अपने दोस्त सूरज के साथ  लवकुशनगर निवासी आशु डागर के यहां पहुंचा। आशु डागर मवेशी पालन का काम करता है। दोनों के बीच पहले से विवाद चल रहे थे।  इस दौरान आशु के साथी लाला भाट, विशाल भाट, सागर भाट, दीपक और भय्यू घर पर ही हथियार लेकर उसका इंतजार कर रहे थे। जैसे गोविंद दोस्त के साथ उसके घर पर पहुंचा कि सभी युवकों ने उसपर हमला बोल दिया। हालांकि सूरज किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग निकला, लेकिन गोविंद को आरोपियों ने घेर कर  लाठी, रॉड और चाकुओं से हमला शुरू कर दिया।

पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं पांचों आरोपी
शहर के एसीपी अमरेंद्र सिंह ने कहा कि इस इलाके के रहने वाले पांच युवकों ने बेरहमी से पिटाई की, सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो पीड़ित को घायल अवस्था में इंदौर जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित किया गया। एसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि हमलावर पुलिस गिरफ्त से बाहर है  आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम गठित कर दी गई है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। 
 
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केंद्रीय मंत्री तोमर बोले: अनुच्छेद 370 पर दिग्विजय सिंह का बयान देश को कांग्रेस मुक्त कराने वाला

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा हाल ही में अनुच्छेद 370 को लेकर दिए गए बयान को देश को कांग्रेस से मुक्त कराने वाला करार दिया है।

तोमर ने शुक्रवार को ग्वाालियर में मीडिया से बातचीत में कहा, 'सारा देश अनुच्छेद 370 को बहाल करने के खिलाफ है और दिग्विजय सिंह का बयान भारत को कांग्रेस से मुक्त करने वाला है। अभी तो कांग्रेस सरकार बनने की संभावना भी नहीं दिखाई देती है, और यदि बन भी गई तो इसे दोबारा बहाल करना संभव नहीं होगा। गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने कथित रूप से कहा था कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लागू करने पर पुनर्विचार किया जा सकता है ।

कानूनी वापसी को छोड़कर किसानों से बात को तैयार
केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों द्वारा कई माह से किए जा रहे आंदोलन के सवाल पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार हमेशा किसानों से बात करने को तैयार है। कानूनों को वापस लेने की बात को छोड़कर, कानून संबंधित प्रावधानों को लेकर कोई किसान यूनियन आधी रात को भी बात करने को तैयार है तो नरेंद्र सिंह तोमर उसका स्वागत करेंगे।

उन्होंने बताया कि ग्वालियर-चंबल अंचल में मेडिकल सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है और कोविड संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी हो रही है। अस्पतालों में पीएम केयर फंड और राज्य सरकार ने ऑक्सीजन प्लांट से लेकर मेडिकल उपकरण दिए हैं और इसके बाद भी जरुरत होने पर कई निजी कंपनियों से मदद लेकर प्रत्येक जिले में मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कोरोना के टीके को लेकर उन्होंने कहा कि अगस्त महीने से ज्यादा मात्रा में टीके उपलब्ध रहेंगे और यह काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
 
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कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर

शर्मनाक: खूबसूरत लड़की से कराते थे कॉल, फिर न्यूड वीडियो बना मांगते थे पैसे, कई राज्यों में बनाए शिकार

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की साइबर क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो खूबसूरत लड़की से कॉल कराकर युवाओं का न्यूड वीडियो बनाकर पैसे ऐंठने का धंधा कर रहा था। इतना ही नहीं एक साल में यह गिरोह मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों में लोगों को शिकार बनाया । अकेले मध्यप्रदेश में 60 लोगों को फंसाया गया है।  पुलिस ने हरियाणा से एक और राजस्थान से दो लोगों को गिरफ्तार किया है।  आरोपी व्हॉट्सएप कॉल पर न्यूड लड़की के वीडियो के साथ युवकों के वीडियो को जोड़ देते थे। इसके बाद, सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी देक ब्लैकमेल करते थे। आरोपी वसीम को फिरोजपुर झिरका को  हरियाणा के मेवात से और पुरुषोत्तम व यादराम को राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार किया गया है।

पिछले दिनों भोपाल के एक युवक ने साइबर क्राइम में इसकी शिकायत की थी। उसने बताया कि फेसबुक के माध्यम से किसी महिला के नाम की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। रिक्वेस्ट स्वीकार करने पर महिला ने फेसबुक मैसेंजर पर बात की फिर कुछ दिन इसी पर बात होती रही। इसी बीच व्हॉट्सएप नंबर ले लिया।

पैसे की डिमांड करती थी महिला
उसके बाद उसने वीडियो कॉल किया। थोड़ी देर में एक सुंदर महिला न्यूड दिखने लगी। महिला ने उसे भी न्यूड होने को कहा। वह भी महिला की बात में आकर न्यूड हो गया और इसी दौरान उस कॉल की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। जिसके बाद इस रिकॉर्डिंग को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी मिलने लगी। युवक का आरोप है कि महिला ने कहा कि अगर उसे पैसे नहीं देगा तो वह उसके रिश्तेदार, परिवार समेत सभी को यह वीडियो भेज देगा। 

युवक का आरोप है कि आरोपी महिला ने वीडियो को वायरल नहीं करने लिए बैंक खाते या मोबाइल वॉलेट में रुपये ट्रांसफर करने की बात कही। डर और लोकलाज की वजह से युवक ने काफी कुछ रुपये भी उसके खाते में भेजे। उसके बाद भी उसकी डिमांड बढ़ने लगी। जिससे तंग आकर युवक ने पुलिस से शिकायत की।  पुलिस ने जांच के बाद हरियाणा व राजस्थान में छापेमार कार्रवाई कर तीन आरोपियों को पकड़ा। 

फर्जी मोबाइल नंबर से आरोपी करते थे कॉल
आरोपी फर्जी मोबाइल नंबर से फेसबुक पर सुंदर महिलाओं की फोटो प्रोफाइल में लगाकर फर्जी फेसबुक आईडी बनाते थे। ठगी के लिए लोगो को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दोस्ती करते थे। फेसबुक मैसेंजर पर बातों करते और फिर सामने वाले को विश्वास में लेकर उसका व्हॉट्सएप नंबर लेकर उससे रोमांटिक चैटिंग शुरू कर देते फिर उसे न्यूड महिलाओं की तस्वीर भेजकर उसे भी उकसाते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्स्पेट करने वालों से रात में मैसेंजर पर बात करते थे। उसके बाद उसका व्हॉट्सएप नंबर लेकर वीडियो कॉल करते थे। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों से इस बारे में जल्द ही जानकारी जुटाकर इस मामले में जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। 
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ग्वालियर: बिजली के खंभे पर चढ़े ऊर्जा मंत्री, फिर लोगों से माफी भी मांगी, जानें पूरा मामला

मध्यप्रदेश में शुक्रवार को ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न तोमर का अलग ही अंदाज लोगों को देखने को मिला। वे ग्वालियर दौरे पर पहुंचे थे। यहां लोगों की ओर से बार-बार बिजली कटने और समय पर बिजली नहीं आने की शिकायत से आजिज आकर वो खुद जांच करने पहुंच गए और समस्या को जानने के लिए बिजली के खंभे पर चढ़ गए। बता दें कि ऊर्जा मंत्री तोमर ग्वालियर के ही रहने वाले हैं।

जानकारी के मुताबिक, मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न तोमर ग्वालियर दौर पर थे, जहां लोगों ने उनसे बार-बार बिजली कटने और समय बिजली न आने की शिकायत की।इसके बाद, ऊर्जा मंत्री तोमर लोगों की नाराजगी दूर करने के लिए सीढ़ियों के सहारे खंभे पर चढ़कर खुद उसे ठीक करने लगे और वहां जमा कचरे को हटाकर साफ-सफाई की। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न तोमर ने ट्रांसफॉर्मर पर झाड़ और पेड़ों की झाडि़यों को बिजली सप्लाई में अवरोध माना। बिजली कंपनी के अफसरों की लापरवाही पर उन्हें जमकर लताड़ लगाई। साथ ही आम लोगों से माफी मांगी।






बिजली नहीं मिलने की शिकायत से नाराज ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न तोमर ने कहा कि जहां भी ट्रिपिंग होगी, वहां जाकर निरीक्षण करेंगे और जरूरत पड़ी तो प्रशासनिक सर्जरी भी होगी। उन्होंने पीएस और एमडी को लोगों को सही तरीके से बिजली पहुंचाने का निर्देश भी दिया। ऊर्जा मंत्री तोमर ने प्रमुख सचिव, बिजली कंपनी के तीनों एमडी को भी शख्त हिदायत दी कि अगर प्रदेश में ट्रिपिंग की समस्या होगी तो खुद भी ठीक करूंगा और अधिकारियों से भी ठीक करवाऊंगा, जो इन निर्देशों का पालन नहीं करेगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी चाहे वो सीई, एसई, डीई या कोई भी अन्य अधिकारी हो।

बता दें कि ऊर्जा मंत्री तोमर इन दिनों एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। ग्वालियर में बीते दिनों उन्होंने अचानक एक सब स्टेशन पर भी छापा मारा था, जहां से शराब की बोतलें पकड़ी थी। इसके बाद उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को इसके लिए फटकार भी लगाई थी।
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मध्यप्रदेश: उमरिया में वाहन की चपेट में आने से बाघ की मौत, जांच में जुटी वन विभाग की टीम

मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में शुक्रवार तड़के एक बाघ की मौत हो गई। कथित रूप से राजमार्ग पार करते समय एक वाहन की चपेट में आने से बाघ की मौत हो गई। उमरिया के वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) मोहित सूद ने पीटीआई को फोन पर बताया कि जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर एनएच-43 पर यह दुर्घटना हुई। शुक्रवार तड़के लगभग तीन बजे किसी चार पहिया वाहन ने बाघ को टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, बाघ के सभी अंग सलामत पाए गए हैं।



नेशनल हाइवे पर जागरूकता के लिए लगाए जाएंगे साइन बोर्ड
डीएफओ ने कहा कि यह संरक्षित वन क्षेत्र नहीं था और बाघ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से नहीं था। उन्होंने बताया कि इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इस क्षेत्र में वाहन चलाते समय सावधानी बरतने और चालकों को जागरूक करने के लिए राजमार्ग पर साइन बोर्ड लगाने के बारे में वन विभाग के उच्च अधिकारियों से बात की गई है। सूद ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से एनएच-43 पर गति रोधक बनाने का भी अनुरोध किया है। इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कुछ अन्य आवश्यक कदम भी उठाए जाएंगे।
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श्रीराम मंदिर ट्रस्ट भूमि घोटाला: चंपत राय पर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का तंज, मोदी उन्हें ट्रस्ट से जल्द हटाएं

सड़क पार करते समय बाघ की मौत
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण ट्रस्ट पर लगे जमीन घोटाले के आरोप के बाद बढ़ी सियासत के साथ-साथ संत समाज भी नाराज है। द्विपीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने चंपत राय पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को गैरजिम्मेदार बताते हुए हटाने की मांग की है। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने इस दौरान अयोध्या में हो रहे मंदिर निर्माण में लगे ट्रस्ट के बहाने आरएसएस और भाजपा पर भी निशाना साधा। 

मंदिर ट्रस्ट से पहले चंपत राय को कोई नहीं जानता था- स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती
मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के झोतेश्वर में परमहंसी गंगा अश्रम में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार ने मंदिर बनाने के लिए ट्रस्ट का निर्माण किया और उसमें बड़ी संख्या में भ्रष्टाचारियों को शामिल कर लिया गया। राम मंदिर ट्रस्ट में नियुक्ति से पहले तक चंपत राय को कोई नहीं जानता था, लेकिन उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ी जिम्मेदारी दे दी गई। शंकराचार्य ने चंपत राय पर आड़े हाथ लेते हुए कहा कि मंदिर निर्माण के लिए जो राशि आई उससे महंगे दामों पर जमीन खरीद-बिक्री जा रही है। ऐसे में चंपत राय कह रहे हैं कि हम पर गांधी जी की हत्या का भी आरोप लगा। हम आरोपों की परवाह नहीं करते तो ऐसे गैर जिम्मेदार लोग किस तरह से ट्रस्ट में बैठे हुए हैं।

मोदी सरकार पर भी शंकराचार्य का निशाना
स्वरूपानंद सरस्वती ने बिना नाम लिए मोदी सरकार पर भी गोहत्या बंद नहीं कराने को लेकर तंज किया। शंकराचार्य ने कहा की गो हत्या बंदी के लिए जब इनकी संख्या संसद में 2 थी, तब लंबे समय तक इसके खिलाफ संघर्ष किया गया, जब संसद में इनकी संख्या 200 से ज्यादा हो गई तो यह गोहत्या बंद करने का नारा भूल गए।  

क्या है पूरा मामला
दरअसल, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीन पर सवाल उठ रहे हैं। आप नेता संजय सिंह और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता तेज नारायण पांडेय पवन ने ट्रस्ट पर जमीन खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। आरोप लगने के बाद कांग्रेस ने भी सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की। 
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गिरी गाज: इंदौर में चोरी के शक में पुलिस ने सब्जीवाले को पीटा, गंदा पानी पिलाया, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

मध्यप्रदेश पुलिस की बर्बरता की खबरें आए दिन चर्चा में रहती हैं। प्रदेश की पुलिस पर आए दिन जांच के नाम पर टॉर्चर करने के आरोप भी लगते रहे हैं। ऐसा ही एक मामला इंदौर के चंदन नगर पुलिस स्टेशन से आया है। यहां के पुलिसवालों पर आरोप है कि चोरी के शक में एक सब्जी बेचने वाले व्यक्ति को पीटा, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। मामला बढ़ता देख दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। दोनों पुलिसकर्मी एक कथित चोरी के आरोप की जांच कर रहे थे।

चंदन नगर थाना क्षेत्र में सब्जी बेचने वाले अजय गनवणे का आरोप है कि तीन चार महीने पुराने चोरी मामले में पुलिस ने उनसे पूछताछ के लिए थाने बुलाया। इसी दौरान पुलिसवालों ने इतनी पिटाई की एक हफ्ता से ज्यादा बीतने के बाद भी लगी चोटें ठीक नहीं हुई। थाने में जब पीने के लिए पानी मांगा तो गंदा पानी दिया गया और दोनों हाथों को कुचल दिया गया।

पुलिस ने थाने में बुलाकर पीटा
गनवणे ने कहा कि इतना ही नहीं दोनों पुलिसवाले उन्हें 4 जून को सिरपुर तालाब के पास ले  जाकर प्लास्टिक की पाइपों और डंडों से बेदम पिटाई की। पुलिस की पिटाई से अभी तक चोट के निशान ठीक नहीं हुए हैं। इधर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान तक दोनों पुलिसवालों को निलंबित कर दिया गया है। 
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बड़ी खबर: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ में कोरोना वायरस के लक्षण, मेदांता में हुए भर्ती

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोरोना वायरस के लक्षण दिखने के बाद उन्हें अस्पताल में एडमिट कराया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कमलनाथ पिछले दो दिनों से सर्दी-बुखार से पीड़ित हैं। उनमें बुखार के अलावा कोरोना संक्रमण के अन्य लक्षण भी दिखे हैं। कमलनाथ सुबह 10 बजे मेदांता अस्पताल में चेकअप के लिए पहुंचे, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती होने को कहा। 

इंदौर में लिफ्ट हादसे से बिगड़ी थी तबियत
गौरतलब है कि इसी साल फरवरी महीने में इंदौर के एक निजी अस्पताल में लिफ्ट गिरने के हादसे में कमलनाथ बाल-बाल बच गए थे, लेकिन उस सदमे की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। अस्पताल में ही ब्लड प्रेशर चेक कराया गया था। जहां ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था।




2018 में सीएम बने थे कमलनाथ
मध्यप्रदेश में साल 2018 में हुए विधासभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी को बहुमत मिली थी। कांग्रेस क वरिष्ठ नेता कमलनाथ मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन पार्टी में बगावत के एक साल बाद ही कांग्रेस की सरकार प्रदेश में गिर गई। उसके बाद सीएम शिवराज सिंह के नेतृत्व में भाजपा सरकार की राज्य में वापसी हुई। 

हनीट्रैप मामले में कमलनाथ पर एसआईटी का शिकंजा
बता दें कि पिछले दिनों मध्यप्रदेश में हनीट्रैप का मामला जोरों पर था। इसमें कमलनाथ भी कटघरे में आ गए थे। एसआईटी ने नोटिस जारी कर पेन ड्राइव की मांग की थी। दरअसल, कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार की महिला मित्र ने आत्महत्या कर ली थी, इस मामले में उमंग सिंघार पर केस दर्ज हुआ था। उसके बाद कमलनाथ ने उमंग सिंघार का बचाव करते हुए कहा था कि उनके पास भी भाजपा नेताओं के हनीट्रैप की पेन ड्राइव है। इस मामले पर भाजपा ने आपत्ति जताते हुए कमलनाथ की निंदा की थी। इसी सिलसिले में एसआईटी ने उनपर शिकंजा कसा था।
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मध्यप्रदेश: कैबिनेट बैठक में सीएम शिवराज और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा आमने-सामने, जानें क्या है पूरा मामला

मध्य प्रदेश में भाजपा की अंदरूनी कलह सामने आने लगी है। इसी सप्ताह हुई कैबिनेट बैठक में सियासी नजारा दिखने को मिला। कैबिनेट बैठक में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने नर्मदा घाटी विकास योजना में बजट से ज्यादा छूट देने के प्रस्ताव का विरोध किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में जिस तरह नरोत्तम मिश्रा ने परियोजनाओं को सरकारी छूट दिए जाने पर आपत्ति जताई वह हैरान करने वाली घटना थी, पहली बार मुख्यमंत्री और गृहमंत्री इस मुद्दे पर आमने-सामने दिखे।
 
दरअसल, कोरोना के बाद पहली बार भोपाल में सभी मंत्री वल्लभ भवन में बैठक करने आए थे। कोरोना के चलते पिछले कई महीनों से वर्चुअल कैबिनेट बैठक हो रही थी। बैठक में नर्मदा घाटी विकास योजना के 8800 करोड़ रुपये के दो प्रोजेक्ट को बजट से ज्यादा छूट देने का प्रस्ताव आया । इस पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने विरोध करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं में बांध नहीं बने हैं, लेकिन पाइप पहले ही डाले जा रहे हैं। यह समझ से परे है।

सरकार सीमा से ज्यादा छूट देने पर क्यों सोच रही
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जब कोरोना संकट के दौरान सारे विभागों के बजट में कटौती की जा रही है तो इस विभाग को सरकार सीमा से ज्यादा छूट देने पर क्यों  सोच रही है। हालांकि बैठक में  कुछ दूसरे मंत्रियों ने कहा कि इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी जानी चाहिए, जिसपर मिश्रा ने कहा कि इस पर उनका विरोध दर्ज किया जाए। वह इसके पक्ष में कतई नहीं हैं। मिश्रा के तेवर देख सभी मंत्री हैरान थे। हालांकि कुछ मंत्री गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के साथ थे, तो कुछ उनके खिलाफ में आवाज उठाए। 

बैठक में नरोत्तम मिश्रा के विरोध करने पर भी शिवराज सिंह चुपाचाप बैठे रहे
इतना ही नहीं गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस मामले पर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस से भी जवाब तलब किया। इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चुपचाप बैठे रहे और मिश्रा बैठक से उठकर सीधे भाजपा दफ्तर पहुंचे और और संगठन मंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रखी। हालांकि बाद में ये सारे प्रस्ताव पारित कर दिए गए।

कांग्रेस सरकार गिराने में नरोत्तम मिश्रा की अहम भूमिका
दरअसल, पिछले कुछ समय से शिवराज सिंह चौहान और नरोत्तम मिश्रा के बीच मनमुटाव चल रहा है। मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार गिराने के पीछे दतिया विधायक नरोत्तम मिश्रा की अहम भूमिका बताई जा रही थी। नरोत्तम मिश्रा और उनके करीबियों क मानना है कि प्रदेश में भाजपा सरकार भले ही सत्ता में आ गई, लेकिन उनका हक नहीं मिला। यही वजह है कि कुछ दिनों पहले उनकी कैलाश विजयवर्गीय, प्रभात झा और प्रह्लाद पटेल से बैठकों की तस्वीरें सामने आई थी उन्होंने इसे सामान्य मेल मुलाकात कहा था।
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मध्यप्रदेश: केंद्रीय मंत्री के दामाद पर नर्स के यौन उत्पीड़न का आरोप, पूर्व मंत्री का रिश्तेदार भी लपेटे में

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