बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP
विज्ञापन
विज्ञापन
ये चार राशि के लोग हो जाएं सावधान, कष्टकारी रहेगा शनिवार
Myjyotish

ये चार राशि के लोग हो जाएं सावधान, कष्टकारी रहेगा शनिवार

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Digital Edition

बड़ा खुलासा: मध्यप्रदेश से चोरी हुई राइफल्स बिहार के नक्सलियों तक कैसे पहुंचीं? जानें पूरी कहानी

मध्यप्रदेश में जबलपुर की सेंट्रल ऑर्डिनेंस डिपो से 70 एके राइफल की चोरी मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। चोरी हुई राइफल्स बिहार के नक्सलियों के हाथों बेची गई थी। एनआईए (नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी ) ने अपनी चार्जशीट में इसका खुलासा किया है। चार्जशीट में डिपो के रिटायर्ड आर्मोरर को मास्टरमाइंड बताया गया है। 2018 में जबलपुर की सेंट्रल ऑर्डिनेंस डिपो ये सभी राइफाल्स चोरी किए गए थे।  सभी राइफल्स रिजेक्ट थे। आरोपियों ने इनके पार्ट-पुर्जे चोरी कर फिर से इन्हें असेंबल किया। इसके बाद बिहार के मुंगेर जिले में बेच दिया था, जहां से नक्सलियों के हाथों बेच दिए गए। 

एनआईए ने अपनी जांच में ये पाया कि चुराए गए AK 47 हथियारों को नक्सलियों और अन्य आरोपियों को सप्लाई किया था। 29 जुलाई, 2018 को बिहार के मुंगेर जिले की जमालपुर थाने की पुलिस ने मोहम्मद इमरान आलम और शमशेर को गिरफ्तार किया था। इन दोनों के पास से 5 एके-47 राइफल के अलावा उसके पास से पार्ट-पुर्जे भी मिले थे। इनमें 30 मैगजीन, 7 स्प्रिंग, 7 बॉडी कवर, 7 रीकॉइल स्प्रिंग, 7 ब्रिज ब्लॉक और अन्य पुर्जे शामिल थे। एनआईए ने दो जून को पटना में स्पेशल जज गुरविंदर सिंह मल्होत्रा के कोर्ट में 22 एके-47 राइफल की बरामदगी मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ चार्ज शीट दाखिल की।
... और पढ़ें

कोरोना पर भारी अंधविश्वास, राजगढ़ में जादुई पानी पीने उमड़ी भीड़

मध्यप्रदेश: इंदौर के अस्पताल में 20 दिन के भीतर ब्लैक फंगस के 32 मरीजों ने तोड़ा दम

मध्यप्रदेश में ब्लैक फंगस (म्यूकर माइकोसिस) कहर बनकर टूट रहा है। इंदौर जिले में ब्लैक फंगस के ज्यादा मरीज सामने आ रहे हैं। शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) में पिछले 20 दिनों के भीतर इस बीमारी के 32 मरीजों की मौत हो गई। एमवायएच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। एमवायएच, राज्य में ब्लैक फंगस का इलाज करने वाला सबसे व्यस्त अस्पताल है जहां इंदौर के अलावा अन्य जिलों के मरीज भी भर्ती हैं।

एमवायएच के अधीक्षक प्रमेंद्र ठाकुर ने बताया, "हमारे अस्पताल में ब्लैक फंगस का पहला मरीज 13 मई को भर्ती हुआ था और अब तक इसके कुल 439 मरीज भर्ती हो चुके हैं। इनमें से 84 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि 32 मरीजों की मौत हो चुकी।" अधीक्षक ठाकुर ने बताया कि एमवायएच में ब्लैक फंगस के मरीजों की वर्तमान मृत्यु दर 7.29 प्रतिशत है। हालांकि, यह दर राज्य के अन्य अस्पतालों के मुकाबले कम है।

अस्पताल में 200 मरीजों की सर्जरी
एमवायएच अधीक्षक ने बताया, "हम ब्लैक फंगस के मरीजों की जान बचाने के लिए पिछले 20 दिनों में 200 से ज्यादा लोगों की सर्जरी कर चुके हैं।" एमवायएच में फिलहाल ब्लैक फंगस के 323 मरीज भर्ती हैं। इनमें से 14 लोग कोविड-19 से संक्रमित हैं, जबकि 301 व्यक्तियों में इस महामारी से उबरने के बाद ब्लैक फंगस की समस्या उत्पन्न हुई है। ब्लैक फंगस के आठ अन्य मरीजों को कोविड-19 होने का कोई रिकॉर्ड नहीं है।

राज्य में इंदौर सबसे ज्यादा प्रभावित जिला
गौरतलब है कि इंदौर, मध्य प्रदेश में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, करीब 35 लाख की आबादी वाले जिले में 24 मार्च 2020 से लेकर अब तक महामारी के कुल 1,50,516 मरीज मिले हैं। इनमें से 1,347 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई।

सूबे में पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी से कम
मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी से नीचे आ गया है। सूबे में एक्टिव केसों की संख्या 20,000 से भी कम हो गई है। राज्य में अब तक कोरोना के 7.80 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं, जिनमें से 7.5 लाख से ज्यादा लोग स्वस्थ हो चुके हैं। हालांकि 8,000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। राज्य में अब तक 1,11,67,304 वैक्सीन डोज भी लग चुकी हैं।
... और पढ़ें

शर्मनाक: खूबसूरत लड़की से कराते थे कॉल, फिर न्यूड वीडियो बना मांगते थे पैसे, कई राज्यों में बनाए शिकार

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की साइबर क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो खूबसूरत लड़की से कॉल कराकर युवाओं का न्यूड वीडियो बनाकर पैसे ऐंठने का धंधा कर रहा था। इतना ही नहीं एक साल में यह गिरोह मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों में लोगों को शिकार बनाया । अकेले मध्यप्रदेश में 60 लोगों को फंसाया गया है।  पुलिस ने हरियाणा से एक और राजस्थान से दो लोगों को गिरफ्तार किया है।  आरोपी व्हॉट्सएप कॉल पर न्यूड लड़की के वीडियो के साथ युवकों के वीडियो को जोड़ देते थे। इसके बाद, सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी देक ब्लैकमेल करते थे। आरोपी वसीम को फिरोजपुर झिरका को  हरियाणा के मेवात से और पुरुषोत्तम व यादराम को राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार किया गया है।

पिछले दिनों भोपाल के एक युवक ने साइबर क्राइम में इसकी शिकायत की थी। उसने बताया कि फेसबुक के माध्यम से किसी महिला के नाम की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। रिक्वेस्ट स्वीकार करने पर महिला ने फेसबुक मैसेंजर पर बात की फिर कुछ दिन इसी पर बात होती रही। इसी बीच व्हॉट्सएप नंबर ले लिया।

पैसे की डिमांड करती थी महिला
उसके बाद उसने वीडियो कॉल किया। थोड़ी देर में एक सुंदर महिला न्यूड दिखने लगी। महिला ने उसे भी न्यूड होने को कहा। वह भी महिला की बात में आकर न्यूड हो गया और इसी दौरान उस कॉल की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। जिसके बाद इस रिकॉर्डिंग को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी मिलने लगी। युवक का आरोप है कि महिला ने कहा कि अगर उसे पैसे नहीं देगा तो वह उसके रिश्तेदार, परिवार समेत सभी को यह वीडियो भेज देगा। 

युवक का आरोप है कि आरोपी महिला ने वीडियो को वायरल नहीं करने लिए बैंक खाते या मोबाइल वॉलेट में रुपये ट्रांसफर करने की बात कही। डर और लोकलाज की वजह से युवक ने काफी कुछ रुपये भी उसके खाते में भेजे। उसके बाद भी उसकी डिमांड बढ़ने लगी। जिससे तंग आकर युवक ने पुलिस से शिकायत की।  पुलिस ने जांच के बाद हरियाणा व राजस्थान में छापेमार कार्रवाई कर तीन आरोपियों को पकड़ा। 

फर्जी मोबाइल नंबर से आरोपी करते थे कॉल
आरोपी फर्जी मोबाइल नंबर से फेसबुक पर सुंदर महिलाओं की फोटो प्रोफाइल में लगाकर फर्जी फेसबुक आईडी बनाते थे। ठगी के लिए लोगो को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दोस्ती करते थे। फेसबुक मैसेंजर पर बातों करते और फिर सामने वाले को विश्वास में लेकर उसका व्हॉट्सएप नंबर लेकर उससे रोमांटिक चैटिंग शुरू कर देते फिर उसे न्यूड महिलाओं की तस्वीर भेजकर उसे भी उकसाते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्स्पेट करने वालों से रात में मैसेंजर पर बात करते थे। उसके बाद उसका व्हॉट्सएप नंबर लेकर वीडियो कॉल करते थे। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों से इस बारे में जल्द ही जानकारी जुटाकर इस मामले में जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। 
... और पढ़ें
साइबर क्राइम साइबर क्राइम

मध्यप्रदेश: इंदौर में तेजाब पिलाकर महिला को मौत के घाट उतारा, परिजनों ने ससुरालवालों पर लगाया आरोप

मध्यप्रदेश के इंदौर में एक विवाहित महिला को तेजाब पिलाकर मारने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बाणगंगा थाना क्षेत्र की महिला की मौत के बाद परिजनों ने ससुराल वालों पर उसकी हत्या का आरोप लगाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 24 घंटे अस्पताल में भर्ती रहने के बाद महिला की मौत हो गई तो परिजन शव लेकर डीआईजी कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को पति और ससुराल वालों ने तेजाब पिलाकर उसकी हत्या कर दी।

इंदौर जिले के देवली तराना के रहने वाले राजा परमार ने विवाहिता का शव लेकर रीगल चौराहा स्थित डीआईजी कार्यालय पहुंचे। यहां पर उन्होंने पुलिस के आला अधिकारियों से न्याय की गुहार की लगाई। परमार ने  बताया कि एंबुलेंस में उनकी बहन सोनाली का शव है जिसे ससुराल वालों और पति ने मार दिया। परिजनों का आरोप है कि महिला को ससुरालवालों ने एसिड पिलाकर मौत के घाट उतार दिया । 26 वर्षिय सोनाली को गुरुवार  दोपहर करीब 3 बजे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती किया गया था। शुक्रवार दोपहर को डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतिका के परिजनों ने आरोप लगाया कि ससुराल वाले सोनाली से दहेज की मांग करते थे। इसके लिए वे आए दिन उसे प्रताड़ित करते थे। बीते दिनों पति ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। परिजनों ने कहा कि सोनाली का एक बच्चा भी है। जिसे ससुराल वाले अपने पास रखना चाहते हैं। फिलहाल सीएसपी निहित उपाध्याय ने महिला की मौत के मामले की जांच खुद ही कर रहे हैं। 
... और पढ़ें

जबलपुर: इस गांव में हर शख्स को लगा कोरोना का टीका, भाजपा विधायक ने दिया पांच लाख का 'इनाम'

कोरोना का टीका लगवाने के लिए पूरे देश में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस बीच मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में एक गांव ने कोरोना टीकाकरण का अनोखा रिकॉर्ड बना दिया। दरअसल, इस गांव में हर शख्स ने कोरोना की वैक्सीन लगवा ली। ऐसे में भाजपा विधायक ने गांव को पांच लाख रुपये का इनाम दिया। 

गांव में हुआ शत प्रतिशत टीकाकरण 
जानकारी के मुताबिक, जबलपुर जिले का महगवां परियट गांव शत-प्रतिशत कोरोना टीकाकरण वाला गांव बन गया है। महगवां परियट ग्राम पंचायत में मतदाता सूची में दर्ज 1,002 व्यक्तियों में से 956 पात्र व्यक्तियों को विशेष अभियान चलाकर कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। बताया जा रहा है कि बाकी 46 व्यक्तियों में कोरोना वायरस संक्रमण से हाल ही में ठीक होने वाले, गर्भवती महिलाएं और गांव से बाहर रहने वाले लोग शामिल हैं।

सभी लोगों को लग चुका पहला टीका
जनसंपर्क विभाग के मुताबिक, गांव के सभी लोगों को टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है। वहीं, कई लोग दूसरी डोज भी लगवा चुके हैं। गांव के लोग इस कदर जागरूक हैं कि 102 साल की महिला तिज्जो बाई कोल और 100 साल की त्रिवेणी बाई ने भी खुद टीका लगवाया। बताया जा रहा है कि गांव में टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने छह टीमें बनाई थीं। वहीं, एक टीम ने बीमार, बुजुर्ग और दिव्यांगों को घर-घर जाकर टीका लगाया। 

भाजपा विधायक ने दिया पांच लाख का इनाम
गांव में शत प्रतिशत टीकाकरण की जानकारी मिलने के बाद पनागर से विधायक सुशील तिवारी इंदु ने प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने विधायक निधि से ग्राम पंचायत को विकास कार्यों के लिए पांच लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी। वहीं, टीका लगवाने वाली तिज्जोबाई और त्रिवेणी बाई को पांच-पांच हजार रुपये की पुरस्कार राशि का चेक दिया। 
... और पढ़ें

मध्यप्रदेश: सिर्फ सात आमों की रखवाली में लगे हैं 4 गार्ड और 6 कुत्ते, जानें क्यों खास हैं ये आम

अब तक आपने आभूषण और घर की रखवाली के लिए कड़ी सुरक्षा करते हुए देखा होगा, लेकिन शायद ही कभी आपने फलों के राजा आम की रखवाली में लाठी वाले दादा नहीं बल्कि खूंखार कुत्ते और सिक्योरिटी गार्ड लगे देखे होंगे। मध्यप्रदेश के शहर में जबलपुर में ऐसा भी बाग है, जहां महज सात आमों की रखवाली के लिए छह गार्ड और छह खूंखार कुत्ते तैनात किए गए हैं। जानें कि आखिर इन आमों में ऐसा क्या खास है, जो 4 गार्ड और 6 कुत्ते कर रहे हैं रखवाली...

जबलपुर में बाग से कोई आम चुरा कर न ले जाए। इसलिए पेड़ के मालिक ने आम के दो पेड़ों की चार गार्ड और छह कुत्तों के जरिए विशेष सुरक्षा की है। इसका कारण आम की किस्म है, जो भारत में दुर्लभ है और दुनिया में सबसे महंगे आमों में से एक है।

कीमत सुनकर हो जाओगे हैरान
अब आप सोच रहे हैं कि आमों की सुरक्षा कौन करता है, तो आपके बता दें कि ये कोई सामान्य आम नहीं हैं। ये जापान का लाल रंग वाला आम मियाजाकी है, जिसे सूर्य के अंडे के रूप में भी जाना जाता है। दुनिया के सबसे महंगे आम का दर्जा इसी किस्म को मिला हुआ है। इस आम को लेकर किसान दंपती ने दावा किया कि पिछले साल अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसे 2.70 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचा गया था। किसान दंपती संकल्प और रानी परिहार ने तीन साल पहले जबलपुर में अपने बगीचे में इस आम के दो पौधे लगाए थे, जिसे चेन्नई के एक व्यक्ति ने दिया था।
... और पढ़ें

श्रीराम मंदिर ट्रस्ट भूमि घोटाला: चंपत राय पर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का तंज, मोदी उन्हें ट्रस्ट से जल्द हटाएं

आमों की रखवाली में लगे खूंखार कुत्ते
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण ट्रस्ट पर लगे जमीन घोटाले के आरोप के बाद बढ़ी सियासत के साथ-साथ संत समाज भी नाराज है। द्विपीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने चंपत राय पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को गैरजिम्मेदार बताते हुए हटाने की मांग की है। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने इस दौरान अयोध्या में हो रहे मंदिर निर्माण में लगे ट्रस्ट के बहाने आरएसएस और भाजपा पर भी निशाना साधा। 

मंदिर ट्रस्ट से पहले चंपत राय को कोई नहीं जानता था- स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती
मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के झोतेश्वर में परमहंसी गंगा अश्रम में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार ने मंदिर बनाने के लिए ट्रस्ट का निर्माण किया और उसमें बड़ी संख्या में भ्रष्टाचारियों को शामिल कर लिया गया। राम मंदिर ट्रस्ट में नियुक्ति से पहले तक चंपत राय को कोई नहीं जानता था, लेकिन उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ी जिम्मेदारी दे दी गई। शंकराचार्य ने चंपत राय पर आड़े हाथ लेते हुए कहा कि मंदिर निर्माण के लिए जो राशि आई उससे महंगे दामों पर जमीन खरीद-बिक्री जा रही है। ऐसे में चंपत राय कह रहे हैं कि हम पर गांधी जी की हत्या का भी आरोप लगा। हम आरोपों की परवाह नहीं करते तो ऐसे गैर जिम्मेदार लोग किस तरह से ट्रस्ट में बैठे हुए हैं।

मोदी सरकार पर भी शंकराचार्य का निशाना
स्वरूपानंद सरस्वती ने बिना नाम लिए मोदी सरकार पर भी गोहत्या बंद नहीं कराने को लेकर तंज किया। शंकराचार्य ने कहा की गो हत्या बंदी के लिए जब इनकी संख्या संसद में 2 थी, तब लंबे समय तक इसके खिलाफ संघर्ष किया गया, जब संसद में इनकी संख्या 200 से ज्यादा हो गई तो यह गोहत्या बंद करने का नारा भूल गए।  

क्या है पूरा मामला
दरअसल, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीन पर सवाल उठ रहे हैं। आप नेता संजय सिंह और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता तेज नारायण पांडेय पवन ने ट्रस्ट पर जमीन खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। आरोप लगने के बाद कांग्रेस ने भी सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की। 
... और पढ़ें

गिरी गाज: इंदौर में चोरी के शक में पुलिस ने सब्जीवाले को पीटा, गंदा पानी पिलाया, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

मध्यप्रदेश पुलिस की बर्बरता की खबरें आए दिन चर्चा में रहती हैं। प्रदेश की पुलिस पर आए दिन जांच के नाम पर टॉर्चर करने के आरोप भी लगते रहे हैं। ऐसा ही एक मामला इंदौर के चंदन नगर पुलिस स्टेशन से आया है। यहां के पुलिसवालों पर आरोप है कि चोरी के शक में एक सब्जी बेचने वाले व्यक्ति को पीटा, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। मामला बढ़ता देख दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। दोनों पुलिसकर्मी एक कथित चोरी के आरोप की जांच कर रहे थे।

चंदन नगर थाना क्षेत्र में सब्जी बेचने वाले अजय गनवणे का आरोप है कि तीन चार महीने पुराने चोरी मामले में पुलिस ने उनसे पूछताछ के लिए थाने बुलाया। इसी दौरान पुलिसवालों ने इतनी पिटाई की एक हफ्ता से ज्यादा बीतने के बाद भी लगी चोटें ठीक नहीं हुई। थाने में जब पीने के लिए पानी मांगा तो गंदा पानी दिया गया और दोनों हाथों को कुचल दिया गया।

पुलिस ने थाने में बुलाकर पीटा
गनवणे ने कहा कि इतना ही नहीं दोनों पुलिसवाले उन्हें 4 जून को सिरपुर तालाब के पास ले  जाकर प्लास्टिक की पाइपों और डंडों से बेदम पिटाई की। पुलिस की पिटाई से अभी तक चोट के निशान ठीक नहीं हुए हैं। इधर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान तक दोनों पुलिसवालों को निलंबित कर दिया गया है। 
... और पढ़ें

मध्यप्रदेश: कैबिनेट बैठक में सीएम शिवराज और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा आमने-सामने, जानें क्या है पूरा मामला

मध्य प्रदेश में भाजपा की अंदरूनी कलह सामने आने लगी है। इसी सप्ताह हुई कैबिनेट बैठक में सियासी नजारा दिखने को मिला। कैबिनेट बैठक में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने नर्मदा घाटी विकास योजना में बजट से ज्यादा छूट देने के प्रस्ताव का विरोध किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में जिस तरह नरोत्तम मिश्रा ने परियोजनाओं को सरकारी छूट दिए जाने पर आपत्ति जताई वह हैरान करने वाली घटना थी, पहली बार मुख्यमंत्री और गृहमंत्री इस मुद्दे पर आमने-सामने दिखे।
 
दरअसल, कोरोना के बाद पहली बार भोपाल में सभी मंत्री वल्लभ भवन में बैठक करने आए थे। कोरोना के चलते पिछले कई महीनों से वर्चुअल कैबिनेट बैठक हो रही थी। बैठक में नर्मदा घाटी विकास योजना के 8800 करोड़ रुपये के दो प्रोजेक्ट को बजट से ज्यादा छूट देने का प्रस्ताव आया । इस पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने विरोध करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं में बांध नहीं बने हैं, लेकिन पाइप पहले ही डाले जा रहे हैं। यह समझ से परे है।

सरकार सीमा से ज्यादा छूट देने पर क्यों सोच रही
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जब कोरोना संकट के दौरान सारे विभागों के बजट में कटौती की जा रही है तो इस विभाग को सरकार सीमा से ज्यादा छूट देने पर क्यों  सोच रही है। हालांकि बैठक में  कुछ दूसरे मंत्रियों ने कहा कि इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी जानी चाहिए, जिसपर मिश्रा ने कहा कि इस पर उनका विरोध दर्ज किया जाए। वह इसके पक्ष में कतई नहीं हैं। मिश्रा के तेवर देख सभी मंत्री हैरान थे। हालांकि कुछ मंत्री गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के साथ थे, तो कुछ उनके खिलाफ में आवाज उठाए। 

बैठक में नरोत्तम मिश्रा के विरोध करने पर भी शिवराज सिंह चुपाचाप बैठे रहे
इतना ही नहीं गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस मामले पर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस से भी जवाब तलब किया। इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चुपचाप बैठे रहे और मिश्रा बैठक से उठकर सीधे भाजपा दफ्तर पहुंचे और और संगठन मंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रखी। हालांकि बाद में ये सारे प्रस्ताव पारित कर दिए गए।

कांग्रेस सरकार गिराने में नरोत्तम मिश्रा की अहम भूमिका
दरअसल, पिछले कुछ समय से शिवराज सिंह चौहान और नरोत्तम मिश्रा के बीच मनमुटाव चल रहा है। मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार गिराने के पीछे दतिया विधायक नरोत्तम मिश्रा की अहम भूमिका बताई जा रही थी। नरोत्तम मिश्रा और उनके करीबियों क मानना है कि प्रदेश में भाजपा सरकार भले ही सत्ता में आ गई, लेकिन उनका हक नहीं मिला। यही वजह है कि कुछ दिनों पहले उनकी कैलाश विजयवर्गीय, प्रभात झा और प्रह्लाद पटेल से बैठकों की तस्वीरें सामने आई थी उन्होंने इसे सामान्य मेल मुलाकात कहा था।
... और पढ़ें

तलाश पूरी : दिल्ली से लापता हुआ 23 वर्षीय रैपर MC Kode को पुलिस ने जबलपुर में ढूंढ निकाला

दिल्ली पुलिस ने 1 जून को घर से लापता हुए वसंत कुंज में रहने वाले 23 वर्षीय रैपर आदित्य तिवारी को ढूंढ निकाला है। पुलिस ने जानकारी दी है कि तिवारी की तलाश में अभियान चलाया गया था। इस दौरान तिवारी की लोकेशन मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में होने का पता चला था। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंची और तिवारी को अपने साथ लेकर लौट रही है। बता दें कि तिवारी को रैपर एमसी कोड के नाम से भी जाना पहचाना जाता है।

दक्षिण दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि रैपर आदित्य तिवारी मध्य प्रदेश के जबलपुर में अपने दोस्त के घर पर है। उन्होंने बताया कि पुलिस के एक दल को जबलपुर भेजा गया जहां बुधवार को उसका पता लगा गया। उनके अनुसार, तिवारी को राष्ट्रीय राजधानी वापस लाया जा रहा है जहां उससे पूछताछ की जाएगी।

पुलिस ने यहां बताया था कि रैपर के लापता होने के बाद उसकी मां दीपा ढींगरा ने अपहरण का मामला दर्ज कराया था। उन्होंने बताया कि वसंत कुंज निवासी दीपा ढींगरा ने अपनी शिकायत में कहा था कि उनका बेटा बुधवार से लापता है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि दीपा ढींगरा ने शुक्रवार को दर्ज कराई गई शिकायत में यह भी उल्लेख किया था कि तिवारी ने इंस्टाग्राम पर एक सुसाइड नोट पोस्ट किया था और उसका फोन बाद में बंद पाया गया।

अपने बेटे का जबलपुर में पता चलने के बाद ढींगरा ने कहा कि तिवारी का रैप गाना सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उसे ट्रोल किया गया था। उन्होंने कहा कि उसे सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकियां भी मिली थीं। इस वजह से वह परेशान था और घर छोड़ गया। वह मानसिक रूप से थक गया है।

ढींगरा ने कहा कि इसके लिए माफी मांगने के बावजूद, धमकियां आना बंद नहीं हुईं। उसे थप्पड़ मारने वाले शख्स को 50,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई थी। उन्होंने कहा कि उन्हें शाम साढ़े चार बजे खबर मिली कि उनके बेटे का पता लगा लिया गया है।

जानकारी के अनुसार, 25 मई को ट्विटर पर हैशटैड अरेस्ट एमसीकोड ट्रेंड कर रहा था, जिसमें लोग न सिर्फ उनके लिए अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे, बल्कि उन्हें तरह-तरह की धमकियां भी मिल रही थीं, जिससे परेशान होकर इस रैपर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक खुदकुशी का नोट लिखा था और इसके बाद से ही लापता हो गया था। दिल्ली पुलिस लगातार इस मामले की छानबीन कर रही है।
... और पढ़ें

लापरवाही : कोविशील्ड की 10 हजार डोज गायब, अफसर बोले- अस्पताल के बारे में जानकारी नहीं

मध्यप्रदेश में कोविशील्ड वैक्सीन की 10 हजार डोज (एक हजार वायल) के गायब होने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। खास बात यह है कि टीके की डोज जबलपुर के जिस मैक्स हेल्थ केयर अस्पताल के नाम खरीदी गई थी, वह असल में है ही नहीं। जी हां, जिले में नियुक्त टीकाकरण अधिकारी का कहना है कि जबलपुर में इस नाम के अस्पताल होने की कोई जानकारी नहीं है। मामला सिर्फ इतना ही नहीं है, दो दिन तक इस अस्पताल को तलाशा गया, परंतु कुछ हासिल नहीं हुआ। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कोवीशील्ड की खरीदी किसने की और वैक्सीन अभी कहां है?

मध्यप्रदेश में कुल छह निजी अस्पतालों ने सीरम इंस्टीट्यूट से सीधे कोविशील्ड खरीदा है। इसमें जबलपुर, भोपाल और ग्वालियर की एक-एक तो इंदौर की तीन निजी अस्पताल शामिल हैं। प्रदेश के सभी 6 निजी अस्पतालों ने कुल 43 हजार डोज खरीदी है। इसमें जबलपुर के नाम से मैक्स हेल्थ केयर इंस्टीट्यूट ने 10 हजार डोज खरीदा है। एक वायल में 10 डोज रहती है। आइए जानते हैं पूरा मामला...



 
... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us