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भोपाल: मदद के बहाने लड़की को घर बुलाया, कमरे में बंद कर किया सामूहिक दुष्कर्म

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक युवती से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी ने मदद के बहाने लड़की को पहले घर बुलाया फिर अपने तीन दोस्त के साथ मिलकर युवती के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद मंगलवार सुबह पांच बजे थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई। लड़की की शिकायत पर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

घटना ईटखेड़ी थाना क्षेत्र के इस्लाम नगर की है।  पुलिस ने बताया कि 23 साल की लड़की के माता-पिता दिव्यांग हैं। परिवार चलाने के लिए उसके पास पैसे तक नहीं हैं। आर्थिक तंगी के कारण वह काम की तलाश में मार्केट में घुमती रहती है। पिछले दिनों उसके एक परिचित ने एक व्यक्ति का फोन नंबर दिया और कहा कि इससे बात कर लेना ये तुम्हें मदद के अलावा काम भी दिलवा देगा। जिस शख्स का नंबर दिया था उसका नाम अबरार है। 

चार युवकों ने लड़की से किया दुष्कर्म
लड़की ने सोमवार शाम को उसे फोन किया। उससे कुछ मदद मांगी। जिसपर अबरार ने उसे घर आने को कह दिया। वहां पहुंचने पर बात करते हुए उसने उसे कमरे में बंद कर दिया। उसके साथ उसके तीन और दोस्त थे। पहले अबरार ने उसके साथ दुष्कर्म किया। फिर उसके तीन दोस्तों ने भी ज्यादती की। पुलिस ने लड़की की शिकायत पर अबरार, याकूब, सारिक और रहमान पर सामूहिक दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है। 
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सतना: भाजपा प्रत्याशी प्रतिमा बागरी की उम्मीदवारी पर खतरा, दो विधानसभा क्षेत्रों की वोटर लिस्ट में नाम होने से बढ़ी मुसीबत

सतना के रैगांव उपचुनाव से भाजपा प्रत्याशी प्रतिमा बागरी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रतिमा बागरी की उम्मीदवारी खतरे में पड़ सकती है। प्रतिमा का जिले की दो विधानसभा क्षेत्रों की मातदाता सूची में नाम है। जिले की दो अलग-अलग विधानसभा नागौद और रैगांव के गांवों की मतदाता सूची में दर्ज है।  मामला उजागर होने के बाद क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है। हालांकि, प्रतिमा ने एक जगह नाम कटवाने के लिए आवेदन भी दिया है। इतना ही नहीं जिस विधानसभा से यानी रैगांव से वो प्रत्याशी हैं, वहां की वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए पिछले 6 महीनों से अपने नौकर के घर पर किराएदार बनकर भी रहीं।

इधर भाजपा का दावा है कि प्रतिमा ने नागौद विधानसभा क्षेत्र के अमदरी गांव की वोटर लिस्ट से नाम काटने का आवेदन दे दिया है। उसकी पावती भी ले ली है। अब आगे का काम निर्वाचन आयोग का है। इस कारण परेशानी नहीं है। दोनों जगह मतदाता सूची में प्रतिमा बागरी का नाम होना प्रतिमा के लिए खतरा हो सकता है। 

प्रतिमा की उम्मीदवारी पर खतरा
एक ही व्यक्ति का दो जगहों पर नाम होना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 17 व 31 के तहत दंडनीय है। माना यह भी जा रहा है कि नागौद के अमदरी और रैगांव के कोठी में एक ही समय पर मतदाता होने की जानकारी छिपाने की वजह से प्रतिमा की उम्मीदवारी को भी खतरा हो सकता है, हालांकि अभी स्क्रूटनी नहीं हुई है।

दो विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशी का नाम
भाजपा प्रत्याशी का घर प्रतिमा बागरी सतना शहर के राजेंद्र नगर मोहल्ले में है, लेकिन उनकी ससुराल नागौद विधानसभा क्षेत्र के अमदरी में है। लिहाजा, उनका नाम वहां मतदान केंद्र ग्राम पंचायत भवन अमदरी के भाग संख्या 155 में मतदाता क्रमांक 223 के रूप में दर्ज है। इसके साथ ही प्रतिमा संदीप बागरी रैगांव क्षेत्र की कोठी नगर परिषद के वार्ड नंबर 2 से भी मतदाता हैं। कोठी की वोटर लिस्ट में भी उनका नाम भाग संख्या 213 में मतदाता क्रमांक 897 के रूप में दर्ज है। उन्होंने नामांकन में अपना नाम कोठी की मतदाता सूची में दर्ज होने की जानकारी रिटर्निंग अफसर को शपथ पत्र के साथ दी है। 

कोठी में नौकर के घर किराए लेकर रह रही थीं प्रतिमा
रैगांव के कोठी में जनवरी-फरवरी नाम जुड़वाया था। संगठन में हूं। मैं आगे चुनाव की तैयारी करना चाहती थी। इसी के लिए वह पिछले एक साल से उनके यहां काम करने वाले गोविंद के यहां कमरा किराए से ले रखा है। प्रतिमा बागरी ने रैगांव क्षेत्र से चुनावी लड़ाई लड़ने के जुगाड़ में अपना नाम कोठी नगर पंचायत क्षेत्र में दर्ज कराया। यहीं से अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाया।
 
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मध्यप्रदेश: दमोह में दर्दनाक हादसा, गिट्टी से लदा ट्रक घर में घुसा, तीन बच्चों की मौत, चार लोग घायल

मध्यप्रदेश के दमोह में एक ट्राला बेकाबू होकर घर पर जा चढ़ गया, जिसमें सो रहे तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई। वहीं, चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जिले के बटियागढ़ थाना क्षेत्र के आंजनी टपरिया गांव में यह भीषण हादसा हुआ। गिट्टी से भरा तेज रफ्तार ट्राला अनियंत्रित होकर कच्चे मकान पर पलट गया।  तीनों भाई बहन थे।  घटना के बाद चारों ओर चीख पुकार मच गई।  ग्रामीणों की मदद से घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दुर्गा पूजा में हरिराम दिल्ली से गांव आया था। उसके तीनों बच्चे आकाश, मनीषा और ओमकार घर में सोए थे। हरिराम अपनी पत्नी से बात कर रहे थे। पास में बच्चे सोए थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्राला आया और खंभे से टकराकर मकान पर पलट गया। पलटने के कारण गिट्टी मकान पर गिरी और दंपति व बच्चे उसमें दब गए। जैसे तैसे लोगों ने हरिराम व उसकी पत्नी को बाहर निकाल लिया,  लेकिन बच्चों को नहीं निकाल सके। दम घुटने से उनकी मौत हो गई। करीब एक से दो घंटे बाद बच्चों को बाहर निकाला जा सका। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। पुरुषोत्तम नाम के एक व्यक्ति की भी मौत हुई है।

आर्थिक मदद के लिए किया चक्काजाम
घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल छाया हुआ है। वहीं, ग्रामीणों में ट्रक चालक के खिलाफ आक्रोश भी है।  परिजनों ने आक्रोश जताते हुए दमोह छतरपुर मार्ग पर चक्काजाम किया। पीड़ित परिवार को तीस लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की मांग की। बाद में पुलिस और प्रशासन और जनप्रतिनिधि घटनास्थल पर पहुंचे।

सीएम शिवराज सिंह ने जताया दुख
पथरिया विधायक रामबाई परिहार मौके पहुंचीं। हृदयविदारक घटना देख वह भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि मैं समझ सकती हूं कि उस मां पर क्या बीत रही होगी जिसने तीन बच्चों को खोया है। हालांकि, थोड़ी देर बाद ग्रामीणों व परिजनों को समझाइश देकर जाम खुलवाया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्र शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर घटना पर दुख जताया।
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मध्यप्रदेश: दुष्कर्म मामले में कांग्रेस विधायक का बेटा गिरफ्तार, छह महीने से फरार चल रहा था इनामी आरोपी

मध्यप्रदेश में एक महिला नेता से कथित दुष्कर्म के मामले में उज्जैन जिले के कांग्रेस विधायक मुरली मोरवाल के फरार बेटे करण मोरवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, शादी का झांसा देकर महिला नेता से दुष्कर्म करने का आरोपी पिछले साढ़े छह महीने से फरार था और उसकी गिरफ्तारी पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित था।

महिला पुलिस थाने की प्रभारी ज्योति शर्मा ने पीटीआई को बताया कि करण मोरवाल (30) को इंदौर से करीब 80 किलोमीटर दूर मक्सी के पास से पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि करण की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि करण के खिलाफ इंदौर के महिला थाने में दो अप्रैल को दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक मामला दर्ज कराने वाली महिला नेता का आरोप है कि विधायक के 30 वर्षीय बेटे ने शादी का झांसा देकर उससे दुष्कर्म किया।


पिछले दिनों विधायक थाना पहुंचकर अधिकारियों से की थी बात
अधिकारियों ने बताया कि करण की तलाश कर रही पुलिस ने 19 अक्तूबर को उसके छोटे भाई शिवम को इंदौर के महिला पुलिस थाने लाकर पूछताछ की थी क्योंकि जांचकर्ताओं को लगा था कि उसे पता है कि बलात्कार का आरोपी कहां छिपा है। चश्मदीदों के मुताबिक अपने छोटे बेटे शिवम से पुलिस की पूछताछ के बीच नाटकीय घटनाक्रम के तहत उज्जैन के बड़नगर क्षेत्र के कांग्रेस विधायक मुरली मोरवाल 19 अक्तूबर को इंदौर के महिला थाने से सटे पलासिया थाने पहुंच गए थे और उन्होंने बंद कमरे में पुलिस अधिकारियों से गुप्त चर्चा की थी।

चर्चा के बाद विधायक जैसे ही पलासिया पुलिस थाने से बाहर निकले, मीडिया ने उनसे उनके बड़े बेटे करण के साढ़े छह महीने से फरार चलने के बारे में सवाल किए थे। हालांकि, वह सिर्फ इतना कहकर थाने से तुरंत रवाना हो गए थे कि उन्हें मीडिया के सामने अपना पक्ष नहीं रखना है।
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उज्जैन पुलिस उज्जैन पुलिस

आश्रम पर सियासी बवाल: गृहमंत्री ने मिलाए बजरंग दल के सुर में सुर, कहा- धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली फिल्में मप्र में नहीं बनने देंगे

भोपाल में वेब सीरीज आश्रम-3 की शूटिंग के दौरान हुए हमले का विवाद अब सियासी रंग ले रहा है। मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि राज्य में शूटिंग के लिए नई गाइडलाइन बनाई जाएगी। आपत्तिजनक या धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले सीन होंगे तो शूटिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी। अब ऐसे किसी भी सीन की शूटिंग से पहले स्क्रिप्ट प्रशासन को देनी होगी। रविवार को भोपाल में वेब सीरीज की शूटिंग के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की थी। फिल्म निर्माता प्रकाश झा पर स्याही फेंकी थी। साथ ही शूटिंग में शामिल कार्यकर्ताओं के साथ भी झूमाझटकी की थी। 

मिश्रा ने कहा कि आश्रम नाम पर हमें भी आपत्ति है। हमेशा हमारी भावनाओं को आहत करने वाले दृश्य ही क्यों फिल्माते हो। अगर हिम्मत है तो दूसरे धर्म की भावनाओं को आहत करने वाले दृश्य फिल्माओ। गृहमंत्री ने उग्र विरोध प्रदर्शन करने की निंदा करते हुए कहा कि प्रकाश झा को भी विचार करना चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ।

इससे पहले भाजपा के ही विधायक रामेश्वर शर्मा और प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने भी आश्रम की शूटिंग पर सवाल उठाए थे। रामेश्वर शर्मा ने कहा था कि 'आश्रम' पर वेब सीरीज बनाने वाले क्या कभी 'मदरसों' पर वेब सीरीज बनाने की औकात रखते हैं?  ईद पर जबलपुर में पुलिस पर हमला करने वाले कठमुल्ले क्या थे, राजा साहब? शांति दूत? उस दिन आपकी ट्विटर की चिड़िया क्यों नहीं चहकी? इसी तरह पाराशर ने कहा था कि महिला उत्पीड़न के स्थान का नाम 'आश्रम' ही क्यों?? 'अफगानिस्तान' क्यों नहीं ?? 



दिग्विजय ने सीएम पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बताए कि उनके पाले हुए गुंडों को जनता कब तक बर्दाश्त करेगी? इस पर भाजपा ने भी पलटवार किया है। इस विवाद से जुड़ा वीडियो शेयर करते हुए दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया कि भोपाल फिल्मों की शूटिंग के लिए काफी लोकप्रिय हो गया है। प्रकाश झा देश के ख्याति प्राप्त फिल्म निर्माता हैं। क्या प्रकाश झा की यूनिट को भोपाल पुलिस द्वारा संरक्षण नहीं देना चाहिए था? मुख्यमंत्री जी, गृहमंत्री जी, मध्यप्रदेश की जनता आपके पाले हुए गुंडों को कब तक बर्दाश्त करेगी? पूर्व मुख्यमंत्री ने इस घटना को मंडला में एनएसयूआई नेता सोनू परोचिया और अभिषेक ज्योतिषी पर हुए हमले से जोड़ा और आरोप लगाया कि संघ का बजरंग दल अपराधिक प्रवृत्ति लोगों का दल बन चुका है। 

क्या है मामला
रविवार रात बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने फिल्म निर्माता प्रकाश झा के साथ धक्कामुक्की कर दी। उन पर स्याही फेंकी। बजरंग दल वालों ने आश्रम-3 वेब सीरीज के अन्य कर्मचारियों से भी मारपीट की और गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इस विवाद में मीडियाकर्मियों के घायल होने की भी खबर आई है। हंगामे के दौरान बॉबी देओल अपनी वैनिटी वैन में बैठे रहे। बजरंग दल कार्यकर्ता उन्हें तलाशते दिखे थे।
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दुखद: संतान की चाह में दो नरबलि से हिल उठा ग्वालियर, मुख्य आरोपी ने दोनों कॉल गर्ल से बनाया था संबंध

बच्चे की चाह कभी-कभी इंसान को सीरियल किलर भी बना देता है। उसे पता नहीं चलता कि कब वह हत्यारा बन गया। ग्वालियर में बच्चे के लिए एक सप्ताह में दो कॉल गर्ल को नरबलि देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इतना ही नहीं दोनों कॉल गर्ल की नरबलि देने से पहले इस वारदात का मास्टरमाइंड नीरज परमार ने शारीरिक संबंध बनाया था। इसके बाद उनकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई। यही नहीं, तांत्रिक भी शातिर और हाईटेक है। दोनों बलि के समय वह वीडियो कॉल पर मौजूद था। वह वहीं से तंत्र मंत्र पढ़ रहा था। नेटवर्क समस्या होने से वीडियो कॉल कट गया, जिसके बाद सामान्य कॉल कर तांत्रिक मंत्र पढ़ने लगा।

घटना के बाद नीरज परमार शव को ठिकाना लगाने के लिए ने बाइक पर लाश को लादकर गांव से बाहर की ओर से ले जा रहा, इसी दौरान शव फिसलकर नीचे गिर गया जिसके बाद मामला उजागर हुआ।  

संतान नहीं होने पर तांत्रिक ने बलि देने की सलाह दी थी
21 अक्तूबर की सुबह एक लड़की की पहचान एक कॉलेज के पास मुरैना रोड पर महिला का शव सड़क किनारे पड़ा मिला था। गर्दन पर गला दबाने और कसने के निशान थे। पहचान हजीरा की रहने वाली आरती उर्फ लक्ष्मी मिश्रा (40 साल) के रूप में हुई थी। पुलिस ने इस मामले में  मोतीझील की ममता, उसके पति बेटू भदौरिया, बेटू की बहन मीरा राजावत, मीरा का पुरुष दोस्त नीरज परमार और तांत्रिक गिरवर यादव को गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि ममता और बेटू को शादी के 18 साल बाद भी बच्चे नहीं हो रहे थे। तांत्रिक ने उन्हें मानव बलि देने को कहा था।

दो लड़कियों से मास्टरमाइंड ने बनाया संबंध
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि पहली बलि 13 अक्तूबर को दुर्गाष्टमी के दिन नीरू की दी थी। मास्टरमाइंड नीरज परमार ने नीरू के साथ पहले संबंध बनाया फिर उसकी हत्या की। हत्या से पहले नीरू ने शराब पी ली थी। जिस पर तांत्रिक इस बलि को खंडित बताकर दूसरी बलि का इंतजाम करने के लिए कहा था। इसके बाद उन्होंने आरती उर्फ लक्ष्मी मिश्र नाम की कॉल गर्ल को पकड़ा गया, जिसके 10 हजार रुपये देकर शरद पूर्णिमा के दिन बलि दी गई। मोतीझील में बेटू भदौरिया की छत पर उसके साथ संबंध बनाए फिर गला घोंट दिया। जिस समय वह उसकी हत्या कर सिंदूर लगा रहा था, तो उस समय तांत्रिक अपने घर से मोबाइल के जरिए मंत्रों का उच्चारण कर रहा था।
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हफ्ते में 5 दिन ही काम: मप्र के सरकारी दफ्तरों में सोमवार से शुक्रवार तक ही होगा कामकाज, 31 मार्च 2022 तक लागू होगा आदेश

मध्यप्रदेश के सरकारी दफ्तरों में एक सप्ताह में पांच दिन ही काम होगा। यह व्यवस्था 31 मार्च 2022 तक जारी रहेगी। मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। 

पिछले साल कोरोना की दस्तक के बाद से ही सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ था। जिंदगी बचाने की होड़ लगी थी। कामकाज पर भी इसका असर हुआ और निजी संस्थानों में वर्क फ्रॉम होम कल्चर शुरू हुआ। सरकारी कर्मचारियों के लिए भी नए नियम लागू किए गए थे। शासन ने आदेश जारी किया था कि शासकीय कार्यालयों में सप्ताह में पांच दिन ही काम होगा। सोमवार से शुक्रवार तक दफ्तर में कामकाज की व्यवस्था की गई थी।

मार्च 2022 तक प्रभावशील आदेश
सरकार का हफ्ते में 5 दिन काम का आदेश 31 अक्टूबर 2021 तक लागू था। इसे देखते हुए कर्मचारियों को लग रहा था कि 1 नवंबर से पहले की ही तरह सरकारी दफ्तरों में कामकाज शुरू हो जाएगा, लेकिन सरकार ने शुक्रवार को आदेश जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी है। अब सरकारी दफ्तरों के कार्य-दिवस सप्ताह में 5 दिवस (सोमवार से शुक्रवार) की व्यवस्था 31 मार्च 2022 तक प्रभावशील रहेगी। उप सचिव सामान्य प्रशासन विभाग डीके नागेंद्र ने बताया कि राज्य शासन द्वारा कोविड-19 महामारी के रोकथाम एवं बचाव के संबंध में संपूर्ण प्रदेश के शासकीय कार्यालयों के कार्य-दिवस सप्ताह में 5 दिवस (सोमवार से शुक्रवार) निर्धारित किए गए थे। यह आदेश 31 अक्टूबर 2021 तक प्रभावशील है, जिसे 31 मार्च 2022 तक बढ़ाया गया है।   
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जबलपुर: मंडला जनपद पंचायत के पूर्व प्रभारी यादव के ठिकानों पर छापे, चार मकान समेत में लाखों की संपत्ति मिली

वल्लभ भवन- भोपाल
मध्यप्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराधा शाखा ने मंडला के सेवानिवृत्त जनपद पंचायत सीईओ नागेंद्र यादव के ठिकानों पर छापा मारकर लाखों की अनुपातहीन संपत्ति का पता लगाया है। यादव के जबलपुर, मंडला और भोपाल स्थित परिसरों पर एक साथ कार्रवाई की गई। जबलपुर, मंडला व भोपाल में यादव के चार मकान मिले हैं।

ईओडब्ल्यू सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नागेंद्र यादव की भर्ती आदिवासी विभाग में छोटे से पद से हुई थी वह अपनी जुगाड़ से मंडला जनपद पंचायत के सीईओ का प्रभार संभाल रहे थे। अब वे रिटायर हो चुके हैं। पिछले 10 सालों में आरोपी ने अकूत संपत्ति बनाई है। उनकी संपत्ति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पूरी नौकरी में 11 लाख रुपये पाने वाले नागेंद्र यादव के पास प्रारंभिक आकलन में 97 लाख रुपये की संपत्ति मिली है।

खुद के चार मकान फिर भी किराए पर रहता था
ईओडब्ल्यू सूत्रों के अनुसार आय से ज्यादा की संपत्ति के मामले में घिरे आरोपी नागेंद्र यादव का मंडला में दो, जबलपुर में एक और भोपाल में एक मकान मिला। आरोपी ने जबलपुर के तिलहरी स्थित थीम पार्क में बड़ा सा मकान बना रखा है। उसने इस मकान को 40 हजार रुपये में किराए पर दे रखा है। वह खुद 10 हजार रुपये किराए वाले मकान में रह रहा है। जबलपुर स्थित आरोपी के घर में सर्चिंग चल रही है। इसके बाद उसे लेकर एक टीम मंडला पहुंचेगी। वहां एक टीम पहले से जांच कर रही है। 
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धार: प्रतिबंधित क्षेत्र से जुलूस निकालने की नहीं थी अनुमति, पुलिस ने किया लाठीचार्ज 

मध्यप्रदेश के धार शहर में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस निकालने के दौरान भगदड़ की स्थिति मच गई। प्रतिबंधित क्षेत्र से जुलूस नहीं निकालने की अनुमति थी, लेकिन मंगलवार को करीब सवा 10 बजे अचानक से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जुलूस जब उटावद दरवाजा क्षेत्र से गुजर रहा था तो उसमें शामिल कुछ लोगों ने बेरिकेड्स हटाकर प्रवेश निषेध वाले क्षेत्र में घुसने का प्रयास करने लगे। इस पर पुलिस के जवानों ने प्रवेश करने से रोका, लेकिन कुछ युवा अंदर घुसने के लिए हंगामा करने लगे। इसपर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। ऐसे में वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी के हालात बन गए। हालांकि, पुलिस बल ने हालात पर तुरंत ही काबू पा लिया। लाठीचार्ज के बाद कई इलाकों में भीड़ जमा होने लगी थी।

ईद मिलादुन्नबी के मौके पर धार प्रशासन ने शुरुआत में जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन सोमवार देर शाम को फैसला हुआ कि सीमित क्षेत्रों में जुलूस निकाला जा सकेगा। इसके लिए रूट तय किया था। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे जुलूस शुरू हुआ। धार की गुलमोहर कॉलोनी से होते हुए जुलूस बस स्टैंड व धान मंडी होता हुआ पिंजारवाड़ी पहुंचा। रास्ते में से लोग जुलूस में शामिल होते गए और देखते ही देखते संख्या एक हजार के ऊपर हो गई। पिंजारवाड़ी क्षेत्र में पुलिस ने बैरिकेड्स लगा  रखे थे। इसे प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर रखा था। जब जुलूस यहां पहुंचा तो पुलिस ने समझाया कि इस रूट पर अनुमति नहीं है। फिर भी कुछ लोग उसमें घुसने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन मानने को तैयार नहीं हुए। जिसपर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। 

शरारती तत्वों के खिलाफ होगी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग के बजाए जब एक वर्ग के कुछ लोग परंपरागत मार्ग से जाने का दबाव बनाने लगे। इस पर इन लोगों को रोका गया, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं हुए इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ उलझने लगे।  पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस निकलवाया। फिलहाल हम शरारती तत्वों को चिह्नित कर रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
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इंदौर: फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ठगी करने वाला आरोपी करता था सीएम हेल्प लाइन का इस्तेमाल, नोटों की बारिश के लिए तांत्रिक के पास जमा करवाता था धन

इंदौर में फर्जी पुलिस अधिकारी पकड़े जाने के मामले में पुलिस ने नया खुलासा किया है। एसपी आशुतोष बागरी ने बताया है कि रवि सोलंकी उर्फ राजवीर ने खुलासा किया है कि वह जितने भी रुपये महिलाओं से लेता था। उन रुपयों को छोटू महाराज नामक महिला तांत्रिक को देता था। महिला तांत्रिक द्वारा उसे नोट की बारिश का लालच दिया गया था। आरोपी ने पूछताछ में पुलिस अधिकारियों से  बताया कि मुझे पुलिस में भर्ती कर लीजिए जिससे मैं आपको हर सूचना प्रदान करता रहूंगा। 

एसपी आशुतोष बागरी ने कई घंटे तक पूछताछ की जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। आरोपी शहर के विजय नगर लसूडिया हीरा नगर खजराना थाना क्षेत्र में है लोगों को ठगी का शिकार बनाता था कई बार आरोपी जब उन्हें बताता था कि वह एक अंडरकवर एजेंट है। तो कई लोग उसे फोन पर शिकायत भी लिखवाते थे। जहां रवि उन शिकायतों को सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कर देता था और पीड़ित व्यक्ति की शिकायत का हल होने पर बताता था कि उसने समस्या का समाधान करवा दिया।

तांत्रिक को देता था रुपया
थाना प्रभारी तहजीब काजी ने आरोपी से रुपये ठगने के बारे में पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि इन रुपयों को वह तांत्रिक छोटू महाराज के पास लेकर जाता था। उससे वह नोटों की बारिश करने के लिए कई तंत्र क्रियाओं का सामान भी मंगाया था कुछ समय पहले वह इंदौर के समीप माचल स्थित श्मशान घाट गए थे। जहां पर छोटू बाबा के साथ अन्य दो व्यक्ति भी थे जहां पर नोटों की बारिश की बात हुई थी, लेकिन बाबा द्वारा किसी आत्मा को दिखा कर वहां से उसे वापस ले आए लेकिन नोटों की बारिश नहीं हुई।

कई थाना क्षेत्रों में रवि का था रसूख
पुलिस पूछताछ में आरोपी रवि ने बताया कि कैसे वह अपना जाल जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में फैला रखा था। रवि का रसूख इतना बढ़ा हुआ था कि क्षेत्रों के लोग इसे फोन कर सूचना देते थे।  गांजा बेचने वाले जुआ सट्टा खेलने वालों के नाम पते देते थे। वहीं कई लोग उसे रेड डालने की जब बात करते थे तो रवि वहां नहीं जाता था। और कहां देता था कि मैं अभी दूसरे थाने पर हूं तुम तुरंत 100 नंबर पर डायल कर अपनी शिकायत दर्ज करा दो।  मैं  वरिष्ट अधिकारी को कह देता हूं।
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खंडवा उपचुनाव: 41 साल बाद इस सीट पर उपचुनाव, भाजपा-कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर, गांव-गांव घूमकर इंदिरा गांधी ने मांगा था समर्थन

खंडवा लोकसभा सीट पर छह बार से सांसद रहे भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह के निधन के बाद उपचुनाव हो रहा है। इस सीट पर 41 साल बाद हो रहे उपचुनाव के लिए 30 अक्तूबर को वोट डाले जाएंगे। कांग्रेस ने पूर्व विधायक राजनारायण सिंह पुरनी को मैदान में उतारा है, वहीं, भाजपा ने ज्ञानेश्वर पाटिल को उम्मीदवार बनाकर ओबीसी कार्ड खेला है।   इस चुनाव में दोनों ही दलों के राष्ट्रीय नेता चुनाव प्रचार में शामिल नहीं हो रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ इस सीट पर प्रदेश के सबसे बड़े स्टार प्रचारक हैं।

इससे पहले इस सीट पर 1979 में तत्कालीन सांसद परमानंद गोविंदवाला के निधन के बाद उपचुनाव हुए थे। तब जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे ने कांग्रेस के ठाकुर शिवकुमार सिंह को हराया था। उस उपचुनाव में इंदिरा गांधी गांव-गांव घूमी थीं, लेकिन वे शिवकुमार को नहीं जितवा सकीं, लेकिन ठीक एक साल बाद 1980 में हुए आम चुनाव में ठाकरे को हार का सामना करना पड़ा था।

नंदकुमार सिंह ने बनाया ज्यादा अंतरों से चुनाव जीतने का रिकॉर्ड
खंडवा लोकसभा सीट से सबसे ज्यादा चुनाव जीतने का रिकॉर्ड नंदकुमार सिंह के नाम पर है। 2019 में इस लोकसभा सीट पर 79 फीसदी वोटिंग हुई थी। नंदकुमार चौहान ने कांग्रेस उम्मीदवार अरुण यादव को तीन लाख से ज्यादा मतों के अंतर से हराकर चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बनाया था। भाजपा अब इस सीट को अपने हाथ से फिसलने नहीं देना चाहती है। भाजपा ने संसदीय क्षेत्र में जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए करीब ढाई दशक बाद ओबीसी चेहरा पर भरोसा जताया है। भाजपा-कांग्रेस के लिए यह उपचुनाव नाक की लड़ाई बन गई है। खंडवा लोकसभा क्षेत्र में आठ विधानसभा सीटें आती हैं। इसमें खंडवा, बुरहानपुर, नेपानगर, पंधाना, मांधाता, बड़वाह, भीकनगांव और बागली शामिल हैं।

भाजपा ने  25 साल बाद ओबीसी पर लगाया दांव
मध्यप्रदेश भाजपा ने खंडवा लोकसभा सीट पर 25 साल बाद ओबीसी चेहरा को मैदान में उतारा है। इस संसदीय क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या 19.68 लाख है। इसमें से पिछड़ा वर्ग 5 लाख 16 हजार हैं, जबकि समान्य वर्ग के मतदाता 4 लाख से कम हैं। जातीय समीकरण के गणित पर गैर करे तो एससी-एसटी वर्ग के वोटर सबसे ज्यादा 7 लाख 68 हजार हैं। इस क्षेत्र में आठ में से सिर्फ 3 विधानसभा क्षेत्रों में आदिवासी वोटर निर्णायक भूमिका में हैं।
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नवरात्र में माता रानी से अनूठी अर्जियां: किसी ने लिखा - मां उससे मिलाने के लिए धन्यवाद, तो एक ने नोट प्रेस में पति की नौकरी लगाने के लिए मांगी मन्नत

अभी तक आपने दफ्तरों में पत्र लिखकर वरिष्ठ अधिकारियों से अर्जी लगाते हुए सुना या देखा होगा, लेकिन किसी मंदिर या धार्मिक कार्यक्रमों में भगवान से मनोकामना पूर्ण होने के लिए अर्जी नहीं लगाई होगी, किंतु आज हम आपको ऐसी ही खबर बताने जा रहे हैं जहां माता रानी को पत्र लिखकर गुहार लगाई गई है। माता रानी के पास कई अर्जियां पहुंची हैं। मध्यप्रदेश के देवास टेकरी के दान पेटियों में ऐसी कई अर्जियां मिली हैं।

नवरात्रि के बाद माता को आए चढ़ावे की गिनती के दौरान ये अर्जियां मिली हैं। 18 अक्तूबर को (सोमवार) छोटी माता और बड़ी माता मंदिर में दान पेटियों को खोला गया। एक अर्जी में लिखा गया कि मां उससे मिलवाने के लिए थैंक्यू, दूसरी अर्जी में लिखा गया कि हे मां नोट प्रेस में मेरे पति की नौकरी लग जाए । काउंटिंग मंगलवार शाम तक ही पूरी हो पाएगी। 

सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी में गिनती
नवरात्रि के समापन के बाद सोमवार को माता टेकरी पर दोनों माता मंदिरों की दान पेटियों में आए चढ़ावे की गिनती शुरू हुई। सुबह करीब 10 बजे मंदिर प्रांगण में 85 पटवारियों ने पेटी खोलकर चढ़ावे को गिनना शुरू किया। तहसीलदार पूनम तोमर ने बताया कि हमने छोटी माता की सभी 7 दान पेटी खोली है। इसके अलावा बड़ी माता की एक मेन दान पेटी खोलकर गिनती की गई है। गिनती करने वाली जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। 

ज्यादा राशि आने की उम्मीद
इमसें नकदी के साथ कुछ जेवरात भी निकले हैं, जिसमें चांदी के हार, त्रिशूल समेत कई चीजें शामिल हैं।  इसके अलावा इंडोनेशिया का एक नोट भी दानपेटी में मिला। कई लोगों ने मन्नत के साथ माता को पत्र लिखा तो कुछ ने मनोकामनापूर्ण होने पर मां को धन्यवाद दिया। सोमवार को खोली गई दानपेटी में नकदी के अलावा पायल, बिछिया और इंडोनेशिया का एक नोट भी मिला है। इस बार दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक थी। ऐसे में दान राशि भी अधिक आने की उम्मीद है।
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अब भोपाल में सिरफिरे ने लोगों को कुचला: दुर्गा विसर्जन करने जा रही भीड़ पर चढ़ा दी कार, सात लोग घायल, एक ही हालत गंभीर

पहले लखीमपुर खीरी, फिर जशपुर और अब भोपाल में कार से रौंदने की घटना सामने आई है। बजारिया थाना क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के जुलूस में एक युवक ने तेज रफ्तार कार घुसा दी। कार की चपेट में आने से सात लोग घायल हो गए। दो की हालत गंभीर है। सभी को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जुलूस में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल हुए थे। सिरफिरे युवक ने जुलूस को टक्कर मारते हुए कार घुसा दी।

इस बीच, इस घटना का एक वीडियो सामने आया जिसमें कार तेज रफ्तार से रिवर्स होते हुए नजर आ रही है, जबकि लोग खुद को वाहन से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, कार में दो अज्ञात लोग सवार थे। उनकी कार जुलूस में घुसी और लोगों से टकरा गई। इसके बाद वे वाहन को रिवर्स ले गए, जिससे कार ने फिर लोगों को टक्कर मारी और बादे में मौके से कार सहित चले गए। पुलिस ने सघन अभियान चलाकर आरोपी कार चालक को गिरफ्तार कर लिया है। 



इस दौरान वहां अफरा तफरी मच गई। लोग कार ड्राइवर को पकड़ने के लिए दौड़ लगाई, लेकिन वह भाग निकला। गुस्साए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर पुलिस ने लोगों से शांति बनाने की अपील की लेकिन लोग हंगामा करते रहे, जिसपर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद माहौल और गर्म हो गया। 

पुलिस कार्रवाई के बाद चक्काजाम
स्टेशन क्षेत्र बजरिया में शनिवार रात 11:15 बजे श्रद्धालु दुर्गा विसर्जन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान एक सिरफिरे ने तेज रफ्तार कार पीछे से जुलूस में घुसा दी। भगदड़ मचने के बाद तेजी से कार रिवर्स कर भाग निकला।  इसके बाद मौजूद भीड़ ने हंगामा शुरू कर दिया। उधर, पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज कर दिया जिससे नाराज होकर श्रद्धालुओं ने थाना बजरिया के सामने चक्काजाम कर दिया। 

कार रिवर्स कर भाग निकला युवक
भोपाल डीआईजी इरशाद वली के मुताबिक, विसर्जन जुलूस जब  स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक के सामने से निकल  रहा था, इसी दौरान चांदबड़ की ओर से एक तेज रफ्तार कार लोगों को रौंदते हुए जुलूस में घुस गई। लोग जबतक कुछ समझ पाते कार ड्राइवर ने तेज रफ्तार में ही गाड़ी को रिवर्स किया और वहां से फरार हो गया। इस दौरान कुछ लोग घायल हो गए। फिलहाल आरोपी ड्राइवर पुलिस गिरफ्त में है। पुलिस आरोपी ड्राइवर से पूछताछ कर रही है। 
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