बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को इन 4 राशिवालों की पलटेगी किस्मत, जेब में आएगा पैसा
Myjyotish

मंगलवार को इन 4 राशिवालों की पलटेगी किस्मत, जेब में आएगा पैसा

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Digital Edition

इंसानियत शर्मसार: युवक को घर बुलाकर पांच दबंगों ने लाठी-डंडों और रॉड से की पिटाई, मरने के बाद भी पीटते रहे, वीडियो वायरल

मध्यप्रदेश में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें ना तो पुलिस का डर है और नहीं कानून का। अपराधियों की बेरहमी का एक मामला उज्जैन से सामने आया।  मवेशीपालन के विवाद में पांच लोगों ने एक युवक को बेरहमी से पीट-पीट कर मार डाला। इतना ही नहीं आरोपी पीड़ित को मरने के बाद भी पीटते रहे। 

28 मई के दिन शहर के लवकुश नगर के पांच युवकों ने 26 साल के गोविंद पिता राजेश लकवाल को घर पर बुलाया। उसके बाद हमलावरों ने युवक को रस्सी से बांधकर पीटना शुरू किया। पीड़ित युवक दबंगों के सामने हाथ जोड़कर जान बचाने की भीख मांगता रहा, लेकिन हमलावर लाठी-डंडे और लोहे की रड से मारते रहे। यहां तक की युवक के दम तोड़ने के बाद भी दबंग उसपर लाठी बरसाते रहे। पीड़ित को पीटने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तब लोगों ने उज्जैन पुलिस पर आरोपियोें को पकड़ने का दबाव बनाया। बताया जा रहा है कि मवेशीपालन को लेकर यह विवाद हुआ था। 

युवक को झूठी बात कहकर घर पर बुलाया
दरअसल, आरोपी आशु डागर ने गोविंद को झूठी बात कहकर घर बुलाया था। गोविंद ने अपने दोस्त सूरज के साथ  लवकुशनगर निवासी आशु डागर के यहां पहुंचा। आशु डागर मवेशी पालन का काम करता है। दोनों के बीच पहले से विवाद चल रहे थे।  इस दौरान आशु के साथी लाला भाट, विशाल भाट, सागर भाट, दीपक और भय्यू घर पर ही हथियार लेकर उसका इंतजार कर रहे थे। जैसे गोविंद दोस्त के साथ उसके घर पर पहुंचा कि सभी युवकों ने उसपर हमला बोल दिया। हालांकि सूरज किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग निकला, लेकिन गोविंद को आरोपियों ने घेर कर  लाठी, रॉड और चाकुओं से हमला शुरू कर दिया।

पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं पांचों आरोपी
शहर के एसीपी अमरेंद्र सिंह ने कहा कि इस इलाके के रहने वाले पांच युवकों ने बेरहमी से पिटाई की, सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो पीड़ित को घायल अवस्था में इंदौर जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित किया गया। एसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि हमलावर पुलिस गिरफ्त से बाहर है  आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम गठित कर दी गई है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। 
 
... और पढ़ें

मध्यप्रदेश हनीट्रैप मामला: पूर्व सीएम कमलनाथ की मुश्किलें बढ़ीं, एसआईटी करेगी पूछताछ

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ की मुश्किलें बढ़ने वाली है।  हनीट्रैप की पेन ड्राइव मामले में एसआईटी ने नोटिस जारी किया है। पूर्व मंत्री उमंग सिंघार के बचाव में कमलनाथ ने कहा था कि मेरे पास हनीट्रैप की पेन ड्राइव है। मध्यप्रदेश में हनीट्रैप की जांच कर एसआईटी ने उन्हें 2 जून को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है।  एसआईटी ने कमलनाथ से पेन ड्राइव की भी मांग की है। साथ ही नोटिस में 2 जून को पूछताछ करने के लिए श्यामला हिल्स स्थित उनके आवास पर पहुंचने का जिक्र किया है।
 



क्या मचा सियासी बवाल?
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री उमंग सिंघार की महिला मित्र ने भोपाल में आत्महत्या कर ली थी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उमंग सिंघार उससे कुछ दिन बाद शादी करने वाले थे। खुदकुशी के अगले दिन पुलिस ने उमंग सिंघार के ऊपर एफआईआर दर्ज की थी।  उसके बाद उमंग सिघार के बचाव में कांग्रेस उतर आई थी।  21 मई को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भोपाल में पत्रकारवार्ता को संबोधित किया था। कमलनाथ ने इसी पर कहा था कि उनके पास भी  हनीट्रैप की पेन ड्राइव है। उनके कहने का मतलब था कि भाजपा नेताओं के हनीट्रैप वाला वीडियो उनके पास भी मौजूद है। इस पर भाजपा ने कमलनाथ को आड़े हाथ लिया था। उसी बयान को लेकर विवाद बढ़ा है।

21 मई को कमलनाथ ने कोरोना को लेकर केंद्र सरकार पर बोला था हमला
दरअसल, 21 मई को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भोपाल में पत्रकारवार्ता को संबोधित किया था। इस दौरान कमलनाथ ने केंद्र की मोदी सरकार पर कोरोना को लेकर कई आरोप लगाए थे। कमलनाथ ने कहा कि दुनियाभर में देश की पहचान इंडियन कोरोना के नाम से बन गई है। सरकार अपनी छवि सुधारने में लगी हुई है और लोग यहां मर रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार पर कोरोना से मरने वाले की संख्या छिपाने का भी आरोप लगाया था। जिसके अगले दिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनके बयानों पर सफाई दी थी। 
... और पढ़ें

वाह रे क्लर्क बाबू: घर पर छापेमारी में करोड़ों बरामद, कैश गिनने के लिए घर पर रखता था मशीन

मध्यप्रदेश में एक और बाबू करोड़पति निकला । उसके घर से 2 करोड़ की राशि , नोट गिनने की मशीन, बड़ी मात्रा में सोना-चांदी समेत बैंक खातें और जमीन के दस्तावेज मिले हैं। मामला राजधानी भोपाल का है।  क्लर्क किशोर मीणा को सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने तीन अधिकारियों के साथ गिरफ्तार किया था। चारों पर सिक्योरिटी एजेंसी से रिश्वत मांगने और लेने का आरोप था।  

सिक्योरिटी एजेंसी और अन्य लोगों ने FCI के बाबू किशोर मीणा के खिलाफ सीबीआई से शिकायत दर्ज की थी। उसी आधार पर सीबीआई ने शुक्रवार को सिक्योरिटी एजेंसी का 11 लाख रुपए का बिल पास करने के लिए एक लाख रुपए की रिश्वत लेते दो अधिकारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया और दो एक संभागीय मैनेजर और क्लर्क मीणा को बाद में गिरफ्तार किया ।

कैश गिनने वाली मशीन और जमीन के कागजात जब्त
शनिवार को सीबीआई ने किशोर मीणा और तीन अन्य अधिकारियों के आवास पर सुबह-सुबह दबिश दी। इसमें तीन अधिकारियों के घर पर सीबीआई टीम को कुछ भी हाथ नहीं लगा. लेकिन क्लर्क मीणा के छोला स्थित घर की तलाशी में  कैश, ज्वेलरी, बैंक खाते और जमीन के कागजत मिले हैं। 

किशोर मीणा के घर की तलाशी में एक डायरी, बड़ा लॉकर और नोट गिनने की मशीन भी मिली है। लॉकर में पैसे, सोना और चांदी रखी हुई थी। सीबीआई ने बताया कि एफसीआई के अधिकारी रिश्वत लेकर क्लर्क के घर पर रखते थे। सीबीआई डायरी में  अलग-अलग कंपनियों से फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) के अधिकारियों ने जो घूस ली है उसकी डिटेल लिखी हुई है। फिलहाल कार्रवाई जारी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एफसीआई में गुड़गांव की एक सिक्योरिटी कंपनी कैप्टन कपूर एंड संस का टेंडर था, जिसका साल का 11 लाख रुपए का बिल बनता है। एफसीआई के संभागीय मैनेजर हर्ष हिनायना, अकाउंट मैनेजर अरुण श्रीवास्तव और सिक्योरिटी मैनेजर मोहन पराते 10 प्रतिशत कमीशन मांग रहे थे, लेकिन कंपनी इतना पैसे देने को तैयार नहीं थी, कंपनी ने पुराने बिल का 50 हजार और नए बिल के 70 हजार रुपए देने की बात कही और डील पक्की हो गई। 
... और पढ़ें

गिरी गाज: इंदौर में चोरी के शक में पुलिस ने सब्जीवाले को पीटा, गंदा पानी पिलाया, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

मध्यप्रदेश पुलिस की बर्बरता की खबरें आए दिन चर्चा में रहती हैं। प्रदेश की पुलिस पर आए दिन जांच के नाम पर टॉर्चर करने के आरोप भी लगते रहे हैं। ऐसा ही एक मामला इंदौर के चंदन नगर पुलिस स्टेशन से आया है। यहां के पुलिसवालों पर आरोप है कि चोरी के शक में एक सब्जी बेचने वाले व्यक्ति को पीटा, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। मामला बढ़ता देख दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। दोनों पुलिसकर्मी एक कथित चोरी के आरोप की जांच कर रहे थे।

चंदन नगर थाना क्षेत्र में सब्जी बेचने वाले अजय गनवणे का आरोप है कि तीन चार महीने पुराने चोरी मामले में पुलिस ने उनसे पूछताछ के लिए थाने बुलाया। इसी दौरान पुलिसवालों ने इतनी पिटाई की एक हफ्ता से ज्यादा बीतने के बाद भी लगी चोटें ठीक नहीं हुई। थाने में जब पीने के लिए पानी मांगा तो गंदा पानी दिया गया और दोनों हाथों को कुचल दिया गया।

पुलिस ने थाने में बुलाकर पीटा
गनवणे ने कहा कि इतना ही नहीं दोनों पुलिसवाले उन्हें 4 जून को सिरपुर तालाब के पास ले  जाकर प्लास्टिक की पाइपों और डंडों से बेदम पिटाई की। पुलिस की पिटाई से अभी तक चोट के निशान ठीक नहीं हुए हैं। इधर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान तक दोनों पुलिसवालों को निलंबित कर दिया गया है। 
... और पढ़ें
मामले की जांच करती मध्यप्रदेश पुलिस मामले की जांच करती मध्यप्रदेश पुलिस

तलाश पूरी : दिल्ली से लापता हुआ 23 वर्षीय रैपर MC Kode को पुलिस ने जबलपुर में ढूंढ निकाला

दिल्ली पुलिस ने 1 जून को घर से लापता हुए वसंत कुंज में रहने वाले 23 वर्षीय रैपर आदित्य तिवारी को ढूंढ निकाला है। पुलिस ने जानकारी दी है कि तिवारी की तलाश में अभियान चलाया गया था। इस दौरान तिवारी की लोकेशन मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में होने का पता चला था। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंची और तिवारी को अपने साथ लेकर लौट रही है। बता दें कि तिवारी को रैपर एमसी कोड के नाम से भी जाना पहचाना जाता है।

दक्षिण दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि रैपर आदित्य तिवारी मध्य प्रदेश के जबलपुर में अपने दोस्त के घर पर है। उन्होंने बताया कि पुलिस के एक दल को जबलपुर भेजा गया जहां बुधवार को उसका पता लगा गया। उनके अनुसार, तिवारी को राष्ट्रीय राजधानी वापस लाया जा रहा है जहां उससे पूछताछ की जाएगी।

पुलिस ने यहां बताया था कि रैपर के लापता होने के बाद उसकी मां दीपा ढींगरा ने अपहरण का मामला दर्ज कराया था। उन्होंने बताया कि वसंत कुंज निवासी दीपा ढींगरा ने अपनी शिकायत में कहा था कि उनका बेटा बुधवार से लापता है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि दीपा ढींगरा ने शुक्रवार को दर्ज कराई गई शिकायत में यह भी उल्लेख किया था कि तिवारी ने इंस्टाग्राम पर एक सुसाइड नोट पोस्ट किया था और उसका फोन बाद में बंद पाया गया।

अपने बेटे का जबलपुर में पता चलने के बाद ढींगरा ने कहा कि तिवारी का रैप गाना सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उसे ट्रोल किया गया था। उन्होंने कहा कि उसे सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकियां भी मिली थीं। इस वजह से वह परेशान था और घर छोड़ गया। वह मानसिक रूप से थक गया है।

ढींगरा ने कहा कि इसके लिए माफी मांगने के बावजूद, धमकियां आना बंद नहीं हुईं। उसे थप्पड़ मारने वाले शख्स को 50,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई थी। उन्होंने कहा कि उन्हें शाम साढ़े चार बजे खबर मिली कि उनके बेटे का पता लगा लिया गया है।

जानकारी के अनुसार, 25 मई को ट्विटर पर हैशटैड अरेस्ट एमसीकोड ट्रेंड कर रहा था, जिसमें लोग न सिर्फ उनके लिए अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे, बल्कि उन्हें तरह-तरह की धमकियां भी मिल रही थीं, जिससे परेशान होकर इस रैपर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक खुदकुशी का नोट लिखा था और इसके बाद से ही लापता हो गया था। दिल्ली पुलिस लगातार इस मामले की छानबीन कर रही है।
... और पढ़ें

लापरवाही : कोविशील्ड की 10 हजार डोज गायब, अफसर बोले- अस्पताल के बारे में जानकारी नहीं

मध्यप्रदेश में कोविशील्ड वैक्सीन की 10 हजार डोज (एक हजार वायल) के गायब होने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। खास बात यह है कि टीके की डोज जबलपुर के जिस मैक्स हेल्थ केयर अस्पताल के नाम खरीदी गई थी, वह असल में है ही नहीं। जी हां, जिले में नियुक्त टीकाकरण अधिकारी का कहना है कि जबलपुर में इस नाम के अस्पताल होने की कोई जानकारी नहीं है। मामला सिर्फ इतना ही नहीं है, दो दिन तक इस अस्पताल को तलाशा गया, परंतु कुछ हासिल नहीं हुआ। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कोवीशील्ड की खरीदी किसने की और वैक्सीन अभी कहां है?

मध्यप्रदेश में कुल छह निजी अस्पतालों ने सीरम इंस्टीट्यूट से सीधे कोविशील्ड खरीदा है। इसमें जबलपुर, भोपाल और ग्वालियर की एक-एक तो इंदौर की तीन निजी अस्पताल शामिल हैं। प्रदेश के सभी 6 निजी अस्पतालों ने कुल 43 हजार डोज खरीदी है। इसमें जबलपुर के नाम से मैक्स हेल्थ केयर इंस्टीट्यूट ने 10 हजार डोज खरीदा है। एक वायल में 10 डोज रहती है। आइए जानते हैं पूरा मामला...



 
... और पढ़ें

बड़ी खबर: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ में कोरोना वायरस के लक्षण, मेदांता में हुए भर्ती

प्रतीकात्मक तस्वीर
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोरोना वायरस के लक्षण दिखने के बाद उन्हें अस्पताल में एडमिट कराया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कमलनाथ पिछले दो दिनों से सर्दी-बुखार से पीड़ित हैं। उनमें बुखार के अलावा कोरोना संक्रमण के अन्य लक्षण भी दिखे हैं। कमलनाथ सुबह 10 बजे मेदांता अस्पताल में चेकअप के लिए पहुंचे, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती होने को कहा। 

इंदौर में लिफ्ट हादसे से बिगड़ी थी तबियत
गौरतलब है कि इसी साल फरवरी महीने में इंदौर के एक निजी अस्पताल में लिफ्ट गिरने के हादसे में कमलनाथ बाल-बाल बच गए थे, लेकिन उस सदमे की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। अस्पताल में ही ब्लड प्रेशर चेक कराया गया था। जहां ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था।




2018 में सीएम बने थे कमलनाथ
मध्यप्रदेश में साल 2018 में हुए विधासभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी को बहुमत मिली थी। कांग्रेस क वरिष्ठ नेता कमलनाथ मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन पार्टी में बगावत के एक साल बाद ही कांग्रेस की सरकार प्रदेश में गिर गई। उसके बाद सीएम शिवराज सिंह के नेतृत्व में भाजपा सरकार की राज्य में वापसी हुई। 

हनीट्रैप मामले में कमलनाथ पर एसआईटी का शिकंजा
बता दें कि पिछले दिनों मध्यप्रदेश में हनीट्रैप का मामला जोरों पर था। इसमें कमलनाथ भी कटघरे में आ गए थे। एसआईटी ने नोटिस जारी कर पेन ड्राइव की मांग की थी। दरअसल, कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार की महिला मित्र ने आत्महत्या कर ली थी, इस मामले में उमंग सिंघार पर केस दर्ज हुआ था। उसके बाद कमलनाथ ने उमंग सिंघार का बचाव करते हुए कहा था कि उनके पास भी भाजपा नेताओं के हनीट्रैप की पेन ड्राइव है। इस मामले पर भाजपा ने आपत्ति जताते हुए कमलनाथ की निंदा की थी। इसी सिलसिले में एसआईटी ने उनपर शिकंजा कसा था।
... और पढ़ें

बड़ी राहत: मध्यप्रदेश में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, सरकार और एसोसिएशन के बीच इन मांगों पर बनी सहमति

मध्यप्रदेश में पिछले 6 दिनों से चल रही जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल आज खत्म हो गई। स्वास्थ्य मंत्री विश्वास सारंग से मुलाकात के बाद जूडा एसोसिएशन ने हड़ताल खत्म करने का एलान किया।  हड़ताल के खत्म होने के साथ ही अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों को बड़ी राहत मिली है।

जूनियर डॉक्टर्स अस्पतालों में काम पर लौट गए हैं। जूडा एसोसिएशन अध्यक्ष हरीश पाठक ने मीडिया से बताया कि सभी मांगों को लेकर सरकार और एसोसिएशन के बीच सहमति बनी। सरकार ने 17 फीसदी मानदेय बढ़ाने की मांग मान ली है, जबकि जूडा ने 24 फीसदी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग की थी। सरकार ने इसके लिए कमेटी बनाने का निर्देश दिया है। जल्द से जल्द इस पर निर्णय ले लिया जाएगा। उसके बाद सभी डॉक्टर अस्पताल में काम शुरू कर दिए हैं। 

एमपी: जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म
मध्यप्रदेश में करीब 3000 जूनियर डॉक्टरों ने हफ्ते भर से जारी अपनी हड़ताल सोमवार को खत्म कर दी। राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के साथ बैठक के बाद डॉक्टरों ने यह निर्णय लिया।

मंत्री सारंग ने कहा कि सरकार ने वेतन में 17 फीसदी वृद्धि की मांग को स्वीकार कर लिया है। बता दें, राज्य के छह मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टर बीते सोमवार से वेतन वृद्धि और अपने और परिवारों लिए मुफ्त कोरोना इलाज की मांग पर हड़ताल पर थे। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जेयूडीए) के अध्यक्ष अरविंद मीणा ने कहा कि बैठक के बाद हमने हड़ताल वापस ले ली।

31 मई से हड़ताल पर थे डॉक्टर
बता दें कि छह मांगों को लेकर जूडा का 31 मई से आंदोलन चल रहा था। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपपुर , रीवा और सागर में जूनियर डॉक्टरों ने काम बंद कर हड़ताल शुरू की थी। पिछले सप्ताह एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जबलपुर ने जूडा को 24 घंटे के भीतर हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने का आदेश जारी किया था, लेकिन जूडा ने सामूहिक इस्तीफा देकर हड़ताल जारी रखी थी।

डॉक्टरों को हॉस्टल खाली करने का निर्देश
हरीश पाठक ने कहा 6 फीसदी वेतन वृद्धि को लेकर सीपीआई इंडेक्स की तर्ज पर हर साल बढ़ोतरी होगी। साथ ही ग्रामीण इलाकों में काम करने के लिए कमेटी तैयार की जाएगी। वहीं फाइनल ईयर स्टूडेंट का ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले बॉन्ड को कोविड बॉन्ड में बदला जाएगा। एसोसिएशन अध्यक्ष ने बताया कि जूनियर डॉक्टर कभी भी मरीजों का अहित नहीं चाहते हैं। मरीजों का बेहतर से बेहतर इलाज के लिए हमेशा लगे रहते हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में कोरोना वायरस और ब्लैक फंगस के बीच जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से सरकार नाराज थी। सरकार की ओर से रविवार को डॉक्टरों को हॉस्टल खाली करने का निर्देश जारी किया था। 
... और पढ़ें

शर्मनाक: बेटी पैदा होने से गुस्साए पति ने पत्नी और दो बेटियों को कुएं में धकेला, आठ साल की बच्ची की मौत

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में 42 वर्षीय एक व्यक्ति ने बेटा न होने पर कथित रूप से अपनी पत्नी एवं दो बेटियों को कुएं में धकेल दिया, जिससे आठ वर्षीय एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि महिला की आवाज सुनकर वहां से निकल रहे एक ग्रामीण ने महिला और उसकी एक बच्ची को बचा लिया। यह घटना छतरपुर जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर चंदला पुलिस थाना अंतर्गत हुई।

चंदला पुलिस थाना के विवेचना अधिकारी उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि मृत बच्ची की मां बिट्टी बाई यादव ने पुलिस के समक्ष बयान दिया है कि तीन माह पहले बेटी होने पर पति राजा भैया यादव उसे प्रताड़ित करता था और उसके साथ मारपीट करता था। इसी कारण वह अपनी बच्चियों के साथ एक माह पहले अपने मायके चली गई थी।

पति ने महिला और बच्चों पर पत्थर से किया हमला
उन्होंने बताया कि जानकारी के मुताबिक डढिया गांव का निवासी आरोपी राजा भैया यादव मोटारसाइकिल से पत्नी बिट्टी और दोनों बच्चियों को पन्ना जिले के लौलास गांव स्थित ससुराल से वापस लेकर आ रहा था। रास्ते में भी बेटी होने पर वह पत्नी को भला बुरा कह रहा था। पड़ोई गांव के पास सड़क से तीन-चार खेत दूर स्थित एक कुएं तक वह मोटरसाइकिल से पहुंचा और पत्नी और बच्चियों को कुएं में धकेल दिया।

पुलिस मामले की जांच में जुटी
अधिकारी उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि इस घटना में उसकी आठ वर्षीय बेटी की मौत हो गई, जबकि महिला, जो कि तैरना जानती थी, ने किसी तरह से तैर कर अपनी बच्ची को बचा लिया। हालांकि, जब वह कुएं से बाहर निकलने का प्रयास कर रही थी तब आरोपी ने उस पर पत्थर से हमला किया जिससे महिला के सिर पर चोट आई है। उन्होंने कहा कि महिला की आवाज सुनकर वहां से निकल रहे एक ग्रामीण ने महिला और उसकी एक बच्ची को कुएं से बाहर निकाला और दोनों को बचा लिया। सिंह ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपी फरार है और उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
... और पढ़ें

मप्र: इंफोटेरिसिन-बी इंजेक्शन लगते ही थर-थर कांपने लगे ब्लैक फंगस के 70 से ज्यादा मरीज, जानें पूरा मामला

देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच ब्लैक फंगस भी अपना कहर बरपा रही है। मध्यप्रदेश के इंदौर और सागर के बाद जबलपुर के अस्पतालों में भी ब्लैक फंगस के मरीजों को इंफोटेरिसिन-बी इंजेक्शन दिए जाने के बाद 70 से ज्यादा मरीजों की हालत बिगड़ गई। मरीजों में बुखार, उल्टी, सिर चकराने और ठंड से कांपने के लक्षण नजर आने के बाद प्रशासन ने इंफोटेरिसिन-बी इंजेक्शन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी। वहीं कांग्रेस ने शिवराज सरकार पर हमला बोलते हुए जांच की मांग की है।

अधिकारियों ने बताया कि दो अस्पतालों में इंफोटेरिसिन-बी के इंजेक्शन लगाने के बाद मरीजों की हालत बिगड़ गई। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से आपूर्ति किए गए इंजेक्शन का स्टॉक वापस कर दिया गया है।

इंदौर और सागर के बाद जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भी ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीजों को इंफोटेरिसिन-बी इंजेक्शन का रिएक्शन होने की बात सामने आई है। मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर पांच और 20 में भर्ती 60 मरीजों को इंजेक्शन लगने के 10 मिनट बाद तेज कंपकंपी, बुखार, उलटी और घबराहट होने लगी। एक घंटे तक दोनों वार्डों में अफरा-तफरी मची रही। 

इंदौर और सागर की खबर से सतर्क एक डॉक्टर ने पहले ही अस्पताल के डॉक्टरों को सूचित कर दिया। इसके बाद 20 नर्सों को बुला लिया गया। एक घंटे में सभी को एंटी रिएक्शन इंजेक्शन और दवाएं दी गईं। इसके बाद मरीजों को आराम हुआ। अब सभी ठीक हैं।
... और पढ़ें

बड़ा खुलासा: मध्यप्रदेश से चोरी हुई राइफल्स बिहार के नक्सलियों तक कैसे पहुंचीं? जानें पूरी कहानी

मध्यप्रदेश में जबलपुर की सेंट्रल ऑर्डिनेंस डिपो से 70 एके राइफल की चोरी मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। चोरी हुई राइफल्स बिहार के नक्सलियों के हाथों बेची गई थी। एनआईए (नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी ) ने अपनी चार्जशीट में इसका खुलासा किया है। चार्जशीट में डिपो के रिटायर्ड आर्मोरर को मास्टरमाइंड बताया गया है। 2018 में जबलपुर की सेंट्रल ऑर्डिनेंस डिपो ये सभी राइफाल्स चोरी किए गए थे।  सभी राइफल्स रिजेक्ट थे। आरोपियों ने इनके पार्ट-पुर्जे चोरी कर फिर से इन्हें असेंबल किया। इसके बाद बिहार के मुंगेर जिले में बेच दिया था, जहां से नक्सलियों के हाथों बेच दिए गए। 

एनआईए ने अपनी जांच में ये पाया कि चुराए गए AK 47 हथियारों को नक्सलियों और अन्य आरोपियों को सप्लाई किया था। 29 जुलाई, 2018 को बिहार के मुंगेर जिले की जमालपुर थाने की पुलिस ने मोहम्मद इमरान आलम और शमशेर को गिरफ्तार किया था। इन दोनों के पास से 5 एके-47 राइफल के अलावा उसके पास से पार्ट-पुर्जे भी मिले थे। इनमें 30 मैगजीन, 7 स्प्रिंग, 7 बॉडी कवर, 7 रीकॉइल स्प्रिंग, 7 ब्रिज ब्लॉक और अन्य पुर्जे शामिल थे। एनआईए ने दो जून को पटना में स्पेशल जज गुरविंदर सिंह मल्होत्रा के कोर्ट में 22 एके-47 राइफल की बरामदगी मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ चार्ज शीट दाखिल की।
... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us