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बुध का तुला राशि गोचर, जानें क्या होगा आपके जीवन पर प्रभाव
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मध्यप्रदेश: 20 सितंबर से पहली से पांचवीं कक्षा तक खुलेंगे स्कूल, शिवराज कैबिनेट का फैसला

कोरोना की दूसरी लहर कमजोर पड़ने के बाद मध्यप्रदेश शासन ने पहली से पांचवीं कक्षा तक के स्कूल खोलने की अनुमति दे दी है। 20 सितंबर से 50 फीसदी क्षमताओं के साथ क्लास शुरू होंगी।  बच्चों के स्कूल आने के लिए पेरेंट्स से अनुमति जरूरी होगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। वहीं, आवासीय स्कूल में आठवीं, दसवीं और बारहवीं की कक्षा पूरी क्षमता के साथ चलेगी। 

आठवीं, दसवीं और बारहवीं के छात्रों के लिए 100 फीसदी क्षमता के साथ हॉस्टल खुलेंगे। वहीं, 11वीं के छात्रों के लिए भी हॉस्टल की सुविधा रहेगी, लेकिन यहां पर सिर्फ 50 फीसदी क्षमताओं को ही रहने की अनुमति दी जाएगी। 

कोरोना की दूसरी कमजोर पड़ने पर खुलेंगे स्कूल
कोरोना महामारी की दूसरी लहर थमने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने दो चरणों में स्कूल खोलने का निर्णय लिया। पहले चरण के तहत सरकार ने 26 जुलाई को स्कूल खोलने का एलान किया। जिसमें सबसे पहले 11वीं और 12वीं की कक्षा शुरू हुईं। कक्षा में 50 फीसदी से ज्यादा बच्चे मौजूद नहीं होने की पाबंदी थी।

सरकार ने दूसरे चरण के तहत 1 सितंबर से 6वीं से 8वीं तक की सभी क्लासेस रोजाना (रविवार को छोड़कर) चलने के निर्देश दिए। निर्देश में 50 फीसदी तक उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे। बीते दिनों शिवराज सिंह कैबिनेट में इसे तत्काल प्रभाव से शुरू करने के निर्देश दिए हैं। कक्षाओं में 50 फीसदी बच्चे उपस्थित रहने के निर्देश दिए थे।  
 
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मध्यप्रदेश: विवाहित जोड़े के रूप में किया था होटल में चेक-इन, कुछ देर बाद ही प्रेमिका ने खिड़की से लगा दी छलांग

मध्यप्रदेश के उज्जैन में सोमवार देर रात अपने प्रेमी के आरोप से आहत होकर एक किशोरी ने होटल की तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार मृतक लड़की अपने प्रेमी के साथ महाकालेश्वर मंदिर के पास होटल में चेक इन किया था जहां उसने अपने एक दोस्त को मिलने के लिए बुलाया था। पुलिस के अनुसार दोनों ने एक विवाहित जोड़े के रूप में चेक इन किया था और होटल प्रबंधन को फर्जी पहचान प्रस्तुत की थी।  

खौफनाक कदम उठाने के पीछे रही ये वजह
पुलिस ने कहा कि पीड़िता के प्रेमी को उसके अपने दोस्त के साथ संबंध होने का संदेह था, जो कि सोमवार को होटल में उससे मिलने आया था। लड़का ने उसके दोस्त की उपस्थिति में ही उसे बार-बार थप्पड़ मारा, जिसके बाद लड़की ने यह खौफनाक कदम उठाया।

नाबालिग लड़के और होटल प्रबंधक के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने कहा कि नाबालिग लड़के और होटल प्रबंधक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है, जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नाबालिगों को होटल में प्रवेश की अनुमति दी थी। वहीं पुलिस ने आगे कहा है कि सोमवार को होटल आए दूसरे नाबालिग लड़के की अब तक कोई भूमिका नहीं मिली है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने दिया बयान: पुलिस
प्रत्यक्षदर्शियों से बात करने के बाद पुलिस ने दावा किया कि घटना के वक्त होटल में कई लोग ठहरे हुए थे। कई लोगों ने युवाओं को लड़ते हुए देखा या सुना। उनके बयान भी दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने यह भी दावा किया कि दोनों नाबालिगों के माता-पिता को उनके ठिकाने के बारे में तब से पता नहीं था जब से उन्होंने होटल में चेक-इन किया था, हालांकि, गुमशुदगी की कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई थी।
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इंदौर: कोरोना के बाद डेंगू बना काल, एक दिन में 17 नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हुआ सतर्क

रतलाम: शराबी पति ने दांतों से काट ली पत्नी की नाक, गुजारा भत्ता देने के लिए कोर्ट में किया था केस

मध्यप्रदेश के रतलाम में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है। एक शराबी पति ने पहले अपनी पत्नी के साथ मारपीट की और फिर बर्बरता दिखाते हुए उसकी नाक काट दी। महिला को गंभीर हालत में अस्तपाल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

दरअसल, शराबी पति की प्रताड़ना से तंग आकर महिला ने कुछ साल पहले ही थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उचित कार्रवाई नहीं होने पर महिला ने कोर्ट में पति के खिलाफ मामला दर्ज करवाया और गुजारा भत्ता देने की मांग की। कुछ दिन बाद कोर्ट से उसके पति के नाम का समन आया। इससे पति नाराज हो गया। उसने पहले तो पत्नी को पीटा फिर दांतों से उसकी नाक काट दी।  यह घटना रतलाम जिले में आलोट इलाके की है।  

दरअसल, आलोट की रहने वाली टीना माली की शादी 2008 में उज्जैन जिले के झुठावद गांव के दिनेश माली के साथ हुई थी। टीना और दिनेश की दो बेटी हैं।  टीना माली का आरोप है कि दिनेश दिनभर घर में बैठा रहता था। काम करने के लिए बोलती तो नाराज होकर घर से बाहर चला जाता था। शादी के दो साल बाद स्थिति और बिगड़ती चली गई। टीना के  मुताबिक, दिनेश 2011 से शराब पीने लगा। जब विरोध करती तो वह मारपीट करने लगाता था।  प्रताड़ना से तंग आकर वह दोनों बेटियों के साथ वापस मायके आकर रहने लगी। और दूसरों के यहां खाना बनाकर अपना जीवन यापन कर रही हैं। 

2019 में टीना ने दिनेश के खिलाफ कोर्ट में केस दायर किया
2019 में टीना ने पति के खिलाफ कोर्ट में भरण पोषण के लिए केस दायर किया। टीना ने यह बात अपने पति दिनेश को भी बताई। इससे दिनेश नाराज हुआ। वह केस वापस लेने के लिए दबाव बनाने लगा। दो साल तक केस खत्म करने के लिए वह दबाव बनाता रहा, लेकिन टीना केस वापस नहीं ली। 26 सितंबर (रविवार) दोपहर अंजुमन कॉलोनी स्थित टीना के घर आरोपी पति दिनेश पहुंचा औऱ उसने टीना और दो बेटियों से मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान उसने दांतों से पत्नी की नाक काट दी, इसके बाद फरार हो गया। पड़ोसियों ने टीना को अस्पताल में भर्ती कराया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करेगी। 
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मध्यप्रदेश पुलिस (सांकेतिक) मध्यप्रदेश पुलिस (सांकेतिक)

इंदौर: पेट्रोल-डीजल की चोरी करने वाला गिरोह का पर्दाफाश, तीन साल में क्लीनर बन गया टैंकर मालिक

इंदौर में पेट्रोल-डीजल की चोरी करने वाला एक गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। यह बात सुनकर आपको हैरानी होगी कि क्लीनर सालभर में टैंकर मालिक बन गया। चोरी करने का तरीका भी ऐसा कि कोई पकड़ नहीं सकता। फिल्मी अंदाज में टैंकर से पेट्रोल-डीजल की चोरी होती थी। टैंकर के अंदर 200 लीटर का चोर कंपार्टमेंट बनवा रखा था। इस चोरी से वह हर माह 4-5 लाख रुपए बचा लेता था। इसमें से टैंकर ड्राइवर को हर खेप पर 20 लीटर पेट्रोल दिया जाता था। कुछ ही सालों में पेट्रोल पंप पर काम करने वाला क्लीनर ट्रंक का मालिक बन गया। 

खुडैल थाना क्षेत्र में पुलिस ने ऐसे पेट्रोल डीजल चोर गिरोह को पकड़ा है। पुलिस के खुफिया तंत्र ने इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। सीएसपी अजय वाजपेयी के मुताबिक, मुखबिर की सूचना पर पेट्रोल-डीजल के गोरखधंधे को तो पकड़ लिया गया है, लेकिन मामले में लगातार पेट्रोल पंप संचालक से संपर्क किया जा रहा है, लेकिन वह मामले की शिकायत तो दूर थाना आना भी मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। पुलिस इस मामले में पेट्रोल पंप संचालकों पर  मिलीभगत के आरोप के रूप में देख रही है। 

पुलिस के अनुसार , पूछताछ में ट्रक संचालक पिंटू ने बताया कि वह 4 साल पहले इन टैंकरों पर क्लीनर की नौकरी करता था, लेकिन धीरे-धीरे उसे चोरी करने का प्लान बनाया। उसने पेट्रोल डीजल चोरी करना सीख लिया। 1 साल पहले वह एक टैंकर का मालिक बन बैठा और उसने भी फिर पेट्रोल-डीजल की डिलीवरी देना शुरू किया,
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विवाद: मुरैना में सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति लगाने पर बवाल, दो गुट आपस में भिड़े, बस में तोड़फोड़

मध्यप्रदेश के ग्वालियर में पिछले दिनों सम्राट मिहिर भोज की मूर्ति लगने के बाद एक नया विवाद शुरू हो गया है। मुरैना में गुरुवार को सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। करीब एक दर्जन युवाओं ने चलती बस रोककर तोड़फोड़ की और घंटों तक चक्काजाम किया। सम्राट मिहिर को अपनी-अपनी जाति और वंश का बताकर गुर्जर और क्षत्रिय आमने-सामने आ गए हैं।

मुरैना में सड़क जाम के बाद बानमोर में 12 से अधिक युवकों ने गुरुवार रात को मुरैना व ग्वालियर के बीच चलने वाली बसों में तोड़फोड़ की। हालांकि, उपद्रवियों की ओर से मचाए गए हंगामा पर किसी भी यात्री को चोट नहीं आने की सूचना है। वहीं, तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए जिला प्रशासन ने आगामी तीन दिनों तक मुरैना में स्कूल व कोचिंग संस्थान बंद रखने के आदेश देर रात जारी कर दिए हैं। 

मिहिर भोज की पट्टिका पर नाम लिखने को लेकर विवाद
मुरैना में गुरुवार को दिन में एक समुदाय के लोगों ने सड़क जाम भी किया था, प्रदर्शनकारियों ने  मिहिर भोज की पट्टिका से नाम हटाने की मांग की। एक समुदाय का कहना है कि सम्राट मिहिर भोज की पटि्टका पर जिस वर्ग का नाम लिखा है, वह गलत है, उसे हटाया जाना चाहिए। क्षत्रिय समुदाय के लोगों को कहना है कि अगर नाम नहीं हटाया गया तो आने वाले समय में इस पर प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। 

प्रशासन को हिंसा भड़कने की आशंका
मुरैना जिला प्रशासन को इस बात का अंदेशा है कि दोनों समुदाय इस बात को लेकर अड़े हुए हैं, ऐसे में हिंसा भड़क सकती है। हालात बिगड़ने से पहले ही प्रशासन ने एक आदेश जारी कर जिले के स्कूल व कोचिंग संस्थानों को तीन दिन के लिए बंद रखने का फैसला किया है। दूसरी तरफ शुक्रवार से शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात कर दी गई है। साथ ही लोगों से किसी तरह की अप्रिय घटना को अंजाम नहीं देने की अपील की गई है। 
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इंदौर में एक बार फिर कोरोना की दहशत : महू कैंट एरिया में 30 सैनिक संक्रमित, शहर में भी दो की रिपोर्ट पॉजिटिव

इंदौर में तीन महीने बाद एक बार फिर कोरोना विस्फोट हुआ है। जिले में एक दिन में यहां पर 32 संक्रमित मरीज मिले हैं,इसमें शहर के दो और महू कैंट एरिया के 30 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। ये सभी सैनिक बताए जा रहे हैं। महू कैंट एरिया में एक दिन पहले बुधवार को पांच मरीज सामने आए थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जो सैनिक संक्रमित पाए गए हैं, वे दूसरे राज्यों से ट्रेनिंग लेकर लौटे हैं।

गुरुवार रात में मिलिट्री अस्पताल की ओर से जारी बुलेटिन में एक दिन में 30 पॉजिटिव पाए जाने की सूचना दी गई है। चीफ मेडिकल हेल्थ ऑफिसर डॉ. बीएस सैत्या ने कहा कि गुरुवार को 8552 सैंपल टेस्ट किए गए, जिनमें से 8512 निगेटिव और 32 पॉजिटिव पाए गए। सीएमएचओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम मिलिट्री हॉस्पिटल पहुंची और संक्रमितों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। राहत की बात है कि किसी मरीज में गंभीर लक्षण नहीं है। मरीजों में सर्दी, बुखार, जुखाम और बदन दर्द की शिकायत है। 

तीन महीने बाद अचानक बढ़ी संख्या
जून महीने में कोरोना की दूसरी लहर कमजोर पड़ने लगी थी। 16 जून को जिले में 34 संक्रमित मरीज मिले थे, उसके बाद धीरे-धीरे मामले कम होने लगे। लेकिन अचानक से 53 लोगों के संक्रमित होने से तीसरी लहर की आशंका बढ़ने लगी है। 

एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़ने से बढ़ी चिंता
जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एक हफ्ते में एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 53 हो गई है। दो दिन पहले यहां संख्या 21 थी। अचानक यह संख्या बढ़ने से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।

मुख्यमंत्री ने सतर्क रहने की अपील की
इंदौर में अचानक कोरोना मामलों में बढ़ोतरी पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चिंता जाहिर की है। शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया "प्रदेश में कोरोना संक्रमण नियंत्रण में है। इंदौर में 30 पॉजिटिव मामले एक साथ मिले। वे सेना के जवान हैं जो कहीं बाहर से आए थे। इसलिए कल का संक्रमितों का आंकड़ा 36 के आसपास पहुंच गया है। हमें अत्यंत सावधानी रखने की आवश्यकता है"

कोरोना से अब तक 10 हजार से ज्यादा लोगों की मौत
राज्य में पिछले पांच दिनों से  काेरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, इसमें इंदौर में सबसे ज्यादा मामला सामने आया है। सबसे बड़ी चिंता की बात है कि छोटे जिले संक्रमण की जद में तेजी से आ रहे हैं। राज्य में अब तक 7 लाख 92 हजार 425 लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं, 7 लाख 81 हजार 814 ठीक हो चुके है। कोरोना के कारण अब तक 10 हजार 517 की मौत हो चुकी है।
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इंदौर: कपड़े की दुकानों में भीषण आग, शॉर्ट सर्किट की आशंका, काबू पाने की कोशिश जारी

इंदौर कोरोना (फाइल फोटो)
बड़ी खबर इंदौर से आ रही है। सेंट्रल कोतवाली थाना क्षेत्र रिव्हर साइड रोड पर भीषण आग लग गई है। कपड़ों की कुछ दुकानों में आग लगी है। आग लगने के बाद अफरातफरी का माहौल मचा हुआ है। मौके पर फायर ब्रिगेड, पुलिस और निगम की टीम मौजूद हैं। आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है। शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। 

बताया जा रहा है कि शुक्रवार की रात पूरा बाजार बंद हो चुका था। सभी व्यवसायी अपने-अपने घर जा चुके थे। करीब चार बजे के आसपास लोगों ने  कपड़े की दुकानों से धुआं निकलते देखा। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस और दमकल गाड़ियों को दी, जिसके बाद मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम और आला अधिकारी पहुंचे। 
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आज दिन-रात बराबर: वेधशाला में लाइव देखी जा सकती है ग्रहों की चाल, जानिए कैसे होती है खगोलीय गणना

मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन काल गणना की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। खगोलशास्त्रियों की मान्यता है कि यह उज्जैन नगरी पृथ्वी और आकाश की सापेक्षता में ठीक मध्य में स्थित है। कालगणना के शास्त्र के लिए इसकी यह स्थिति सदा उपयोगी रही है। इसलिए इसे पूर्व से ग्रीनविच के रूप में भी जाना जाता है।  यहां लगे प्राचीन यंत्रों के माध्यम से ग्रहों की चाल, सूर्य और चंद्र ग्रहण और सूर्य की चाल से समय की गणना की जाती है। इसी भौगोलिक स्थिति के कारण इसे कालगणना का केंद्र बिंदु कहा जाता है । यहां लगे प्राचीन यंत्रों के माध्यम से ग्रहों की चाल, सूर्य और चंद्र ग्रहण और सूर्य की चाल से समय की गणना की जाती है। हर साल आज ही के दिन यानी 23 सितंबर को दिन व रात बराबर होते हैं। 

दरअसल, आज से सूर्य उत्तर से दक्षिणी गोलार्ध में प्रवेश कर जाएगा और फिर दिन छोटे और रातें बड़ी होने लगेंगी। आज के दिन नवग्रहों में प्रमुख ग्रह सूर्य विषुवत रेखा पर लंबवत रहता है। इसे शरद संपात कहते हैं। उज्जैन में जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने बताया कि सूर्य के दक्षिणी गोलार्ध में प्रवेश के कारण अब उत्तरी गोलार्ध में दिन छोटे और रातें बड़ी होने लगेंगी। ऐसा 22 दिसंबर तक चलेगा।

उज्जैन की वेधशाला सभी में प्रमुख
जयपुर के महाराज सवाई राजा जयसिंह द्वितीय ने देश के 5 शहरों में वेधशालाओं का निर्माण कराया। उज्जैन की वेधशाला 1719 को बनाई गई। यह सभी में प्रमुख है। इन वेधशालाओं में राजा जयसिंह ने 8 साल तक ग्रह-नक्षत्रों के वेध लेकर ज्योतिष गणित के कई प्रमुख यंत्रों में संशोधन किया। यहां मूल रूप से ईंटों और पत्थर से निर्मित वेधशाला की इमारतें और यंत्र आज भी जीवंत हैं।

सूर्य की स्थिति देखने के लिए इस यंत्र का करें इस्तेमाल
शंकु यंत्र के माध्यम से हम सूर्य की स्थिति को देख सकते हैं। इसी शंकु की परछाई से सूर्य की स्थिति को देखा जाता है। शंकु की छाया से गोल सतह पर 7 रेखाएं खींची गई हैं, जो 12 राशियों में सूर्य की स्थिति को प्रदर्शित करती हैं। बीच वाली सीधी रेखा भू-मध्य रेखा या विषुवत रेखा कहलाती है। 21 मार्च और 23 सितंबर को सूर्य जब भू-मध्य रेखा पर होता है, तो शंकु (कोन) की छाया पूरे दिन इस रेखा पर दिखती होती है। इस दिन सूर्य की क्रांति शून्य डिग्री होती है। दिन और रात बराबर होते हैं, अर्थात 12 घंटे का दिन और 12 घंटे की रात होती है।
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यूपी: उज्जैन की बैठक में महंत नरेंद्र गिरि बने थे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष, इनकी देखरेख में ही कराया गया था 2019 का महाकुंभ

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और मठ बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरि के नेतृत्व वाली अखाड़ा परिषद की देखरेख में ही वर्ष 2019 का प्रयागराज का महाकुंभ कराया गया था जिसमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा हुआ था। दरअसल हरिद्वार कुंभ के बाद अखाड़ा परिषद को भंग मानते हुए बाघंबरी गद्दी में ही सात अखाड़ों की मौजूदगी में परिषद का चुनाव कराया गया था जिसमें निर्मल अखाड़े के सचिव श्रीमहंत बलवंत सिंह को अध्यक्ष और आनंद अखाड़े के श्रीमहंत शंकरानंद सरस्वती को महामंत्री चुना गया था। लेकिन, हरिद्वार कुंभ में परिषद के अध्यक्ष रहे श्रीमहंत ज्ञानदास और महामंत्री हरिगिरि इस चुनाव को लगातार अवैध मानते रहे। वहीं महंत बलवंत सिंह की अध्यक्षता वाली परिषद तेरह में से सात अखाड़ों की मौजूदगी के कारण अपने को वैध होने का दावा करती रही।

नवंबर 2010 में मठ बाघंबरी गद्दी में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के चुनाव जुटे सभी तेरह अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की नई कार्यकारिणी का गठन किया। सर्वसम्मति से महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रवींद्र पुरी को अध्यक्ष और पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के सचिव महंत मोहनदास को महामंत्री चुना गया। प्रत्येक पदाधिकारी के नाम के प्रस्ताव को शेष बारह अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने अनुमोदित किया। लेकिन, कई प्रयासों के बावजूद वर्ष 2013 के प्रयाग महाकुंभ में भी इस पर आम सहमति नहीं बन सकी थी।

तकरीबन पांच वर्षों की लंबी कवायद के बाद अंतत: 14 मार्च 2015 को बड़ा उदासीन अखाड़े के उज्जैन स्थित आश्रम में हुई परिषद की बैठक में पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव और मठ बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरि को सर्वसम्मति से अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का अध्यक्ष चुना गया। बड़ा उदासीन अखाड़े के श्रीमहंत रघुमुनि ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा जिसका महानिर्वाणी अखाड़े के श्रीमहंत प्रकाश पुरी ने समर्थन किया था। वहीं जूना अखाड़े के महंत हरिगिरि को दोबारा परिषद का महामंत्री चुना गया।

परिषद की बैठक में जूना अखाड़े के सचिव महंत नारायण गिरि, महंत उमाशंकर भारती, निरंजनी अखाड़े के महंत रामानंद पुरी, महंत आशीष गिरि, महानिर्वाणी के महंत प्रकाश पुरी, बड़ा उदासीन के श्रीमहंत महेश्वर दास, नया के महंत सर्वेश्वर मुनि, आनंद अखाड़े के महंत शंकरानंद सरस्वती, महंत सागरानंद सरस्वती, अटल अखाड़े के महंत उदय गिरि, आवाहन अखाड़े के महंत समुद्रगिरि, अग्नि अखाड़े के श्रीमहंत गोविंदानंद ब्रह्मचारी, निर्मल अखाड़े के महंत गोपालसिंह कोठारी और निर्मोही अनी के श्रीमहंत मदनमोहन दास ने अपना समर्थन व्यक्त किया। वहीं बैठक में शामिल न हो पाने की स्थिति में निर्वाणी अनी के श्रीमहंत धर्मदास और दिगंबर अनी के श्रीमहंत रामकृपाल दास ने फोन से अपना समर्थन जताया था।
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मिसाल: 90 साल की महिला ने हाइवे पर दौड़ाई कार, सीएम शिवराज सिंह बोले- दादी मां हम सभी को दे रहीं प्रेरणा

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में आपकी उम्र 60 साल से ऊपर हो गई है तो आप आराम करना ज्यादा पसंद करेंगे या फिर किसी चीज के प्रति सीखने और सिखाने की ललक नहीं रह जाएगी, लेकिन अगर आपके हौसले में उड़ान भरने की ताकत हैं तो किसी भी उम्र में आप कुछ भी पा सकते हैं, उम्र आपके लिए सिर्फ एक नंबर है। किसी ने सच कहा है कि जिंदगी खुलकर जीने के लिए कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती है।


90 साल की दादी मां जब हाइवे पर फर्राटा भरती हैं तो देखने वाले भी दांत तले उंगली दबाकर हैरान रह जाते हैं और लोगों के मुंह से एक ही शब्द निकलते हैं कि जज्बा हो तो दादी रेश्म बाई जैसा..।  रेशम बाई तंवर मध्यप्रदेश के देवास की रहने वाली हैं। 90 साल की उम्र में वह कार चलाना सीखी हैं। कार चलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी सोशल मीडिया पर इस वीडियो को देखा है और इसे प्रेरणास्पद बताया है। 


परिवार में सबको गाड़ी चलाते देख कर मन में कार चलाने का आया ख्याल 
दरअसल, रेशम बाई देवास के पास बिलावली गांव में एक संयुक्त परिवार में रहती हैं। घर में सभी को कार चलाने आती है, सभी को कार चलाते देख रेशम बाई के मन में भी कार चलाने का ख्याल आया और अपने बेटे से कार सिखाने को कहा। बेटा पहले तो घबराया, लेकिन मां के जज़्बे को देख कार सिखाना शुरू कर दी। कुछ ही दिन में रेशम बाई अच्छे से कार चलाना सीख गईं। उनके कार चलाने के वीडियो पर सीएम शिवराज सिंह ने ट्वीट किया और कहा कि दादी मां ने हम सबको प्रेरणा दी है कि अपनी अभिरुचि पूरा करने में।उम्र का कोई बंधन नहीं होता। उम्र चाहे कितनी भी हो जीवन जीने का जज़्बा होना चाहिए।
 
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मध्यप्रदेश: सीधी में डेढ़ करोड़ रुपये का गांजा जब्त, ट्रक छोड़कर फरार हुआ ड्राइवर और तस्कर

मध्यप्रदेश के सीधी जिले में डेढ़ करोड़ रुपये की कीमत का गांजा जब्त हुआ है। कोतवाली थाना प्रभारी हितेंद्र नाथ शर्मा ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर रविवार दोपहर वाहन से 1,214 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कोतवाली थाना क्षेत्र के के तहत एक मिनी ट्रक गांजा ले जा रहा है।

सूचना के आधार पर जब ट्रक को पीछा किया गया तो ट्रक डाइवर बटोली गांव रोड पर वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि जब ट्रक की तलाशी ली गई तो नमक की बोरियों के नीचे गांजा छुपाकर रखा गया था। इसकी बाजार में कीमत 1.20 करोड़ रुपये से अधिक है। इस बीच, पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत ने मादक पदार्थ की खेप जब्त करने वाली टीम को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। 
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सुविधा: एमपी सरकार अब घर-घर करेगी राशन डिलीवरी, एक नवंबर से 89 आदिवासी ब्लॉकों में शुरू होगी योजना

मध्य प्रदेश सरकार ने अब घर-घर राशन पहुंचाने का फैसला किया है। 1 नवंबर से 89 आदिवासी ब्लॉकों में घर-घर राशन पहुंचाया जाएगा। शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी घोषणा की। स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लेने वाले आदिवासी नेताओं को सम्मानित करने के लिए जबलपुर में गौरव दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा, "हम मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस 1 नवंबर से 89 आदिवासी ब्लॉकों में घर-घर राशन वितरण शुरू करने जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आदिवासी भाई-बहन को अब काम छोड़कर राशन दुकानों पर जाने की जरूरत नहीं होगी। दरअसल आदिवासी समुदाय के लोग सरकार से इस सुविधा की मांग पहले से कर रहे थे। सरकार ने आदिवासियों की इस मांग को ध्यान में रखते हुए उन्हें घर पर राशन देने की योजना बनाई है। 
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