नगालैंड हिंसा: शहीद गौतम के पार्थिव शरीर का दिनभर इंतजार करते रहे परिजन, रो-रोकर हुआ बुरा हाल, तस्वीरें

संवाद न्यूज एजेंसी, श्रीनगर Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 06 Dec 2021 09:09 PM IST
परिजनों का बुरा हाल
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उत्तराखंड के टिहरी जिले के हिसरियाखाल क्षेत्र की ग्राम पंचायत नौली के नौसिला तोक निवासी सेना के जवान गौतम लाल के नगालैंड में शहीद होने की खबर से क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। घर के सबसे छोटे बेटे गौतम की शहादत के बाद से माता-पिता, भाई-बहन को रो-रोककर बुरा हाल है। परिजन सोमवार दिनभर उनके पार्थिव शरीर की इंतजार करते रहे, लेकिन वह नहीं पहुंचा।

शहीद का पार्थिव शरीर देर शाम देहरादून जौलीग्रांट एयरपोर्ट ही पहुंच पाया। जिसे अब एम्स ऋषिकेश ले जाया गया है। अब मंगलवार को ही शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचेगा। गांव से शहीद की अंतिम यात्रा निकलेगी। तत्पश्चात राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ उसको पैतृक घाट पर अंतिम विदाई दी जाएगी। 

रविवार सुबह नौसिला के रमेश लाल के लिए बुरी खबर लेकर आई। उनका बेटा जो सेना की पैरा स्पेशल फोर्स की 21वीं बटालियन में पैराट्रूपर था, वह नगालैंड में शहीद हो गया। गौतम पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनकी तीन बहनें हैं। उसकी शहादत की खबर सुनकर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी।
 
परिजनों का बुरा हाल
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सोमवार को दिनभर उनके घर में ढांढस बंधाने वालों का तांता लगा रहा, लेकिन गौतम की मां और बहन दरवाजे की ओर टकटकी लगाए रही कि शायद अभी गौतम आ जाए। उनका रोना देखकर ढांढस बंधाने आ रहे लोगों की आंखों से भी आंसू आ गए। गौतम के दोस्त भी उनकी शहादत से गमगीन हैं। वह बताते हैं कि गौतम ने जनवरी मेें आने का वादा किया था। हालांकि परिजन और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि गौतम की शहादत पर उन्हें गर्व है। गौतम के बड़े भाई सुरेश ने बताया कि गौतम मई में अपनी बहन की शादी में घर आया था।
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परिजनों का बुरा हाल
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जून में वह ड्यूटी पर चला गया था। इसके बाद वह अक्तूबर में घर आया था। उसने बताया कि ऑपरेशन से एक दिन पूर्व फोन पर बात करते हुए गौतम ने बताया था कि वह कहीं जा रहा है। लौटने के बाद फोन करेगा, लेकिन इसके बाद कोई फोन नहीं आया। सोमवार को 21वीं बटालियन के सूबेदार शेर सिंह और नायब सूबेदार ने गौतम के घर में पहुंचकर आधिकारिक तौर पर उसके शहीद होने की सूचना दी। दोनों अधिकारियों ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए गौतम को कुशल योद्धा बताया।
परिजनों को ढांढस बंधाया
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एसडीएम कीर्तिनगर सोनिया पंत और तहसीलदार सुनील राज ने भी प्रशासन की ओर से सांत्वना दी। गौतम की दो बहनों की शादी हो चुकी है। एक बड़ी है और एक छोटी। छोटी बहन की शादी इसी साल मई में हुई थी। बहन को विदा करने के बाद गौतम ड्यूटी पर लौट गए थे। अपने प्यारे भाई के दुनिया से विदा होने के बाद वह रो-रोकर बेसुध हो रही है। होश में आते ही उसके मुंह से यही शब्द निकलते हैं कि भाई तुमने ये मेरी कैसी विदाई की।
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शहीद गौतम
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बीए की पढ़ाई के दौरान वर्ष 2018 में गौतम सेना में भर्ती हो गए। इससे पूर्व गौतम ने देहरादून में यूथ फाउंडेशन के कैंप में सेना भर्ती पूर्व प्रशिक्षण लिया। फरवरी 2019 में प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद गढ़वाल रेंजीमेंटर सेंटर लैंसडौन में उनका चयन पैरा स्पेशल फोर्स में हो गया। विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी सोमवार सुबह से ही जौलीग्रांट एयरपोर्ट में डटे हुए हैं। पहले बताया गया था कि शहीद का पार्थिव शरीर विशेष विमान से सुबह 10 बजे पहुंच जाएगा, लेकिन इसमें देरी हो गई। विधायक ने बताया शाम लगभग साढ़े पांच बजे विमान पार्थिव शरीर लेकर पहुंचा।
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