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Nirbhaya Case: दोषी विनय को फांसी बचाने के लिए वकील की थी नई चाल, 'वो दिमागी रूप से बीमार', लेकिन...

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 15 Feb 2020 08:49 AM IST
Nirbhaya Case
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राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका को खरिज किए जाने के फैसले के खिलाफ निर्भया केदोषी विनय की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को खारिज कर दिया। जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने विनय की याचिका में मेरिट का अभाव बताते हुए खारिज कर दिया। पीठ ने अपने आदेश में कहा है, हमें राष्ट्रपति के निर्णय पर न्यायिक परीक्षण करने का कोई कारण नहीं मिला। गत एक फरवरी को राष्ट्रपति ने विनय की दया याचिका खारिज कर दी थी। पीठ ने कहा कि दया याचिका पर विचार करते वक्त विनय की दिमागी स्थिति सहित अन्य रिपोर्ट पर भी गौर किया गया था।
 
विनय शर्मा
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विनय ने अपनी याचिका में कहा था कि राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज कानूनन गलत है, लिहाजा उसे खारिज किया जाना चाहिए। याचिका में कहा गया था कि यह पक्षपातपूर्ण है और बिना दिमागी कसरत केदया याचिका खारिज की गई। विनय की ओर से पेश वकील एपी सिंह ने दावा किया था कि दया याचिका खारिज करने में प्रक्रियात्मक खामियां हैं। इसमे न्याय की हत्या हुई है। 
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विनय शर्मा(फाइल फोटो)
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उन्होंने आरोप लगाया कि दया याचिका संबंधित आपराधिक फाइल में उपराज्यपाल और दिल्ली के गृह मंत्री केहस्ताक्षर नहीं हैं। हालांकि जब पीठ ने आधिकारिक रिकार्ड देखा तो पाया कि उसमें उपराज्यपाल और दिल्ली के गृह मंत्री केहस्ताक्षर हैं। लिहाजा पीठ ने सिंह केइस आरोप को खारिज कर दिया। साथ ही सिंह का कहना था कि विनय की मेडिकल रिपोर्ट, सामाजिक जांच रिपोर्ट आदि राष्ट्रपति के समक्ष नहीं रखी गई। दया याचिका में इस बात पर गौर नहीं किया गया कि विनय दिमागी रूप से बीमार है। 
विनय शर्मा
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साथ ही सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि मनीष सिसोदिया के ओएसडी के व्हाट्स एप मैसेज के जरिए दया याचिका खारिज होने की सिफारिश की गई थी। साथ ही दया याचिका में मेडिकल रिपोर्ट और उसके परिवार की आर्थिक स्थिति से संबंधित दस्तावेज नहीं लगाए गए। सिंह ने कहा कि उस वक्त चुनावी आचार संहिता लागू थी इसलिए मंत्रिमंडल की सलाह नहीं ली गई। 
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फाइल फोटो
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सिंह ने कहा कि विनय की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं रही है, बावजूद इसके फांसी की सजा दी गई। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि दया याचिका लंबित होने के दौरान विनय को एकांत में रखा गया था। वहीं निर्भया के दोषियों को एक-साथ फांसी पर लटकाने के फैसले को चुनौती देने वाली केंद्र व दिल्ली सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई टल गई। 
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