Pandit Birju Maharaj: पंडित बिरजू महाराज ने माधुरी, दीपिका को दी थी ट्रेनिंग, माधुरी दीक्षित ने लिखा- आप एक विरासत छोड़कर गए हैं

एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: अपूर्वा राय Updated Mon, 17 Jan 2022 02:46 PM IST
Kathak dancer Pandit Birju Maharaj passes away
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प्रसिद्ध कथक नर्तक पंडित बिरजू महाराज का हार्ट अटैक की वजह से निधन हो गया है। पद्म विभूषण से सम्मानित 83 वर्षीय बिरजू महाराज ने रविवार-सोमवार की दरमियानी रात दिल्ली में अंतिम सांस ली। उनके पोते स्वरांश मिश्रा ने यह जानकारी दी। बिरजू महाराज के निधन की खबर से संगीत प्रेमियों में शोक की लहर छा गई। पंडित बिरजू महाराज ने न सिर्फ भारत में बल्कि पूरे विश्व में कत्थक को एक नई पहचान दिलाई। साथ ही कुछ बॉलीवुड फिल्मों में कोरियोग्राफी कर उन्हें एक नया रंग दिया है।

बिरजू महाराज कथक के पर्याय थे। बिरजू महाराज लखनऊ घराने के अच्छन महाराज के घर जन्मे थे। उन्होंने अपने चाचा लच्छू महाराज और शंभू महाराज से कथक सीखा था। 
देवदास
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बिरजू महाराज ने सबसे पहले सत्यजीत रे की फिल्म 'शतरंज के खिलाड़ी' में दो डांस नंबर की कोरियोग्राफी करने के साथ ही उन्हें अपनी आवाज भी दी थी। संजय लीला भंसाली की फिल्म 'देवदास' का गाना 'काहे छेड़ मोहे...' को बिरजू महाराज ने कोरियोग्राफ किया था। इस गाने के लिए माधुरी दीक्षित ने भारी भरकम लहंगा पहन कर डांस किया था। 
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मोहे रंग दो लाल में दीपिका पादुकोण
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माधुरी हमेशा ही उनकी पंसदीदा नृत्यांगना रही हैं। उनका मानना था कि माधुरी भी मीना कुमारी और वहीदा रहमान जैसी ही बेहतरीन डांसर हैं। फिल्म बाजीराव मस्तानी के गाने मोहे रंग दो लाल में दीपिका पादुकोण ने पिंडित बिरजू महाराज का सिखाया कथक ही किया था। दीपिका ने एक इंटरव्यू में बताया था कि इसे शूट करते वक्त वो रो पड़ी थईं क्योंकि उनसे ठीक से डांस हो नहीं पा रहा था।
पंडित बिरजू महाराज
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जबकि उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि कैटरीना कैफ को डांस करना नहीं आता, वो जो करती हैं उसे 'हिलना' कहते हैं। बिरजू महाराज ने सबसे ज्यादा माधिरी दीक्षित के गानों की कोरियोग्राफी की है। गायक मालिनी अवस्थी, अनुपम खेर और अदनान सामी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। सुभाष घई ने अपनी पोस्ट पर लिखा, 'मैंने सीखा डांस का मतलब शरीर है लेकिन आत्मा आंखों में है। इसीलिए वह कथक के जगत गुरु थे।'



 
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माधुरी दीक्षित
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माधुरी दीक्षित ने अपने गुरु के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा है, 'वह एक लेजेंड थे लेकिन उनके पास एक बच्चे जैसी मासूमियत थी। वह मेरे गुरु थे, लेकिन मेरे दोस्त भी थे। उन्होंने मुझे डांस की बारीकियां सिखाईं, और अपने मजेदार किस्सों से मुझे हंसाया भी। वह एक विरासत छोड़कर गए हैं, जिसे हम मिलकर आगे बढ़ाएंगे। आपने मुझे जो कुछ भी सिखाया है, उसके लिए धन्यवाद महाराज जी। कोटी कोटी प्रणाम।'

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