यूपी: गोलियों से भूना भाई का शव देख फफक पड़ा युवक, बोला- 'सिर से उठ गया पिता का साया'

संवाद न्यूज एजेंसी, गौरीबाजार/देसही देवरिया। Published by: vivek shukla Updated Thu, 19 Nov 2020 04:36 PM IST
रोते- बिलखते परिजन व घटनास्थल पर मौजूद पुलिस।
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उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में बुधवार को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने के बाद लूट की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के जिगनी बाजार निवासी सर्वेश्वर हर दिन की तरह बुधवार को भी अपने काम के सिलसिले में घर से हंसी खुशी निकला था। दोपहर में उसकी मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। मां शशिप्रभा देवी, पत्नी बबीता देवी, छोटे भाई तारकेश्वर के पैरों तले जमीन खिसक गई। आगे की स्लाइड्स में पढ़िए पूरा मामला...
भाई की मौत के बाद विलाप करता तारकेश्वर और वहां मौजूद पुलिस।(इनसेट में मृतक की फाइल फोटो)
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जानकारी के मुताबिक, सर्वेश्वर उर्फ मनोज पटेल (30) पुत्र स्व. रमेश पटेल पिछले आठ साल से गौरी बाजार थाना क्षेत्र के बखरा चौराहे पर ग्राहक सेवा केंद्र चलाते थे। बुधवार को वह घर से गौरी बाजार के रामपुर चौराहा स्थित स्टेट बैंक शाखा पहुंचे। बैंक से 5.40 लाख रुपये बैग में रखकर वह अकेले बखरा चौराहे की ओर बाइक से चल दिए। गौरीबाजार-हाटा मार्ग स्थित विशुनपुरा चौराहे के समीप दो बाइक सवार बदमाश आए और उन्हें ओवरटेक किया। खतरा भांपकर सर्वेश्वर बाइक साइड में लगाकर पटेल सड़क की तरफ भागे। इस दौरान सवारी से भरे टेंपो की तरफ बढ़े और उसमें चढ़ने का प्रयास करने लगे। इस बीच बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। गर्दन एवं सिर में गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद बदमाश बैग में रखे रुपये लेकर फरार हो गए।
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रोते-बिलखते परिजनों को ढांढस बांधते लोग।
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मौत की खबर सुनते ही मृतक का भाई तारकेश्वर घटनास्थल पहुंचा तो सवेश्वर का शव देखते ही दहाड़े मारकर रोने लगा। भाई की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं। तारकेश्वर के मुंह से सिर्फ यही निकल रहा था कि अब तो घर का साया ही उठ गया, पिता की मौत के बाद बड़े भाई के कंधों पर ही परिवार की सारी जिम्मेदारी थी। तारकेश्वर ने बिलखते हुए कहा कि बड़े भाई ने मुझे पिता की तरह पाला था, मेरे सिर से पिता समान बड़े भाई का साया उठ गया।
रोते-बिलखते मृतक के भाई से पूछताछ करती पुलिस।
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सर्वेश्वर के पिता रमेश पटेल की सड़क हादसे में बहुत पहले मौत हो गई थी। दो भाइयों में वह बड़े थे। सर्वेश्वर जब करीब 14 साल के थे तभी उनके कंधों पर परिवार की सारी जिम्मेदारी अचानक आ गई थी। जिसका वह बखूबी निर्वहन भी कर रहे थे। होनहार और मृदुल स्वभाव के धनी सर्वेश्वर हालात से कभी टूटे नहीं और आगे बढ़कर न केवल परिवार को संभाला बल्कि बड़े भाई होने का फर्ज भी बखूबी निभाया। घर की माली हालत को ठीक करने के लिए सर्वेश्वर ने कड़ी मेहनत की। दिन-रात मेहनत कर परिवार की हर सुख-सुविधा का ध्यान रखने वाले सर्वेश्वर गांव में काफी प्रिय थे।
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घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस व रोते बिलखते परिजन।
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तीन साल के पुत्र के सिर से उठ गया पिता का साया
बता दें कि इस वारदात से पूरे क्षेत्र के लोग गहरे सदमे में हैं। हर कोई मृतक सर्वेश्वर के परिवार के लिए चिंतित है। सर्वेश्वर की मौत के बाद तीन साल के उनके बेटे हर्ष के सिर से पिता का साया उठ गया। पत्नी बबीता एवं मासूम हर्ष को सभी लोग दिलासा दे रहे हैं। साथ ही लुटेरों को कोस भी रहे हैं कि उन्होंने ऐसा क्यों किया?
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