मनीष हत्याकांड: केवल छह पुलिसकर्मी ही नहीं सात और भी हैं शामिल, एसआईटी की जांच के दायरे में हैं ये लोग

अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 07 Oct 2021 11:42 AM IST
मनीष गुप्ता हत्याकांड के मामले में जांच करती एसआईटी।
1 of 6
विज्ञापन
कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की हत्या के मामले की जांच कर रही एसआईटी कानपुर की जांच के दायरे में निलंबित किए गए छह पुलिस वालों के अलावा सात और पुलिस वाले शामिल हैं। ये सभी वे लोग हैं जो इंस्पेक्टर जगत नारायण के करीबी थे या फिर घटना वाले दिन मददगार की भूमिका में थे। एसआईटी इनकी भूमिका की भी जांच कर रही है। एसआईटी के सदस्यों ने तीसरी बार मेडिकल कॉलेज पहुंचकर ट्रॉमा सेंटर में घटना वाले दिन ड्यूटी पर तैनात डॉ. एके श्रीवास्तव समेत अन्य स्टाफ से बातचीत कर जानकारी हासिल किया। बारीकी से उनसे पूछताछ कर यह समझने की कोशिश की गई कि आखिर उस रात असल में हुआ क्या था? डॉक्टर ने भर्ती होने की जानकारी दी है, लेकिन दो पर्चे का सवाल अभी उलझा ही है। पर्ची काउंटर के कर्मचारी का भी बयान दर्ज कर लिया गया है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरा मामला...
मनीष गुप्ता हत्याकांड।
2 of 6
30 लोगों का बयान दर्ज कर चुकी है एसआईटी
एसआईटी पिछले पांच दिन में 30 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। सोमवार को नौ लोगों के बयान दर्ज किए गए तो मंगलवार को आठ लोगों से टीम ने जानकारी हासिल की है। बुधवार को 17 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। इसके साथ ही एक ही हर व्यक्ति को अलग-अलग समय बैठाकर और वीडियो कांफ्रेंसिंग पर बयान लेकर टीम उसे मैच भी करा रही है, ताकि किसी तरह की कोई संशय की स्थिति न बनने पाए।
 
विज्ञापन
मनीष गुप्ता हत्याकांड के मामले में जांच करती एसआईटी।
3 of 6
अब गिरफ्तारी ही बाकी...
अब तक जांच में किए गए सीन रिक्रिएशन, पकड़े गए टाइमिंग के खेल और बेंजाडीन टेस्ट कर जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर टीम उस दिन हुए घटनाक्रम की तह तक पहुंच गई है। सूत्रों के मुताबिक अब इस मामले में सिर्फ गिरफ्तारी होनी ही बाकी रह गई है। बताया जा रहा है कि अब टीम साक्ष्य संकलन के साथ ही आरोपितों की गिरफ्तारी कराकर ही गोरखपुर से वापस कानपुर जाएगी।
मनीष हत्याकांड में जांच करती एसआईटी कानपुर।
4 of 6
सीबीआई से पहले पर्दाफाश की कोशिश
एसआईटी की ओर से इस मामले के विवेचना अधिकारियों को भी गिरफ्तारी का इशारा मिलते ही ताबड़तोड़ दबिशें पड़नी शुरू हो गईं हैं। सूत्रों के मुताबिक सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही आरोपी गिरफ्त में होंगे। वहीं, दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि इस मामले में जरूरत पड़ने पर ही सिर्फ गोरखपुर पुलिस की मदद ली जा रही है। जबकि, कानपुर पुलिस की अलग-अलग टीमों ने गोरखपुर के अलावा अन्य शहरों में आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देनी शुरू कर दी हैं। आखिरी लोकेशन और सीडीआर (कॉल डिटेल रिकार्ड) के आधार पर भी आरोपियों की तलाश की जा रही है। वहीं, एसआईटी जांच के साथ ही एसआईटी की एक और कोशिश है कि इस मामले के सीबीआई के टेकओवर करने से पहले ही इसका पर्दाफाश हो जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
मनीष हत्याकांड की जांच करती एसआईटी।
5 of 6
एसआईटी ने अब तक पकड़े ये झूठ
  • रामगढ़ताल थाने की जीडी में गढ़ी गई पुलिस की झूठी कहानी।
  • थाने की जीडी में मनीष को मृतक और अस्पताल में घायल है दर्ज।
  • जीडी में दर्ज है जिला अस्पताल से रेफर होने की बात, जबकि हकीकत में मानसी अस्पताल से रेफर थे
  • मेडिकल कॉलेज में मनीष के बने दो पर्चे। एक में अज्ञात दूसरे में नाम।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00