इस नौसिखिए गेंदबाज ने महान बल्लेबाज को तीन बार किया था आउट, बदले में मिला था ये इनाम

राजन राय, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 13 Nov 2020 02:01 PM IST
Hashan nadeem
1 of 5
विज्ञापन
सुनील गावस्कर, कपिल देव, संदीप पाटिल, मदन लाल सहित वर्ल्ड कप क्रिकेट 1983 की विजेता टीम के ज्यादातर खिलाड़ियों ने सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम गोरखपुर में मैच खेला था। सिंगल क्रिकेट टूर्नामेंट में गोरखपुर से तीन चमकते क्रिकेटर हसन नदीम, प्रेम शाही और परवेज हसन ने हिस्सा लिया था। मैच देखने वालो की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। हसन नदीम ने सुनील गावस्कर को तीन बार आउट किया और क्वार्टर फाइनल जीत लिया था। गावस्कर ने खुश होकर नदीम को अपना बल्ला ईनाम में दे दिया और तत्कालीन डीएम की सिफारिश से तीनों खिलाड़ियों को रेलवे में नौकरी मिल गई।
Hashan nadeem
2 of 5
22 मार्च 1982 को हुआ था मैच
मैच की आयोजन को लेकर कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। मैच खेलने वाले हसन नदीम (वर्तमान में सीसीएम दफ्तर में ओएस) बताते हैं कि उनके साथ खेलने वाले रेलवे के कुछ खिलाड़ियों ने तत्कालीन डीएम बीएम बोहरा से मुलाकात की थी और उन से अनुरोध किया था कि कुछ बड़े मैच कराएं ताकि वे अपनी प्रतिभा दिखा सकें।

उनकी बात से तत्कालीन डीएम बहुत खुश हुए और उन्होंने कहा कि तुम तैयारी करो, हम पूरी भारतीय टीम बुला देंगे। यह सुनकर किसी को यकीन नहीं हुआ लेकिन 3 दिन बाद डीएम ने इन खिलाड़ियों को बुलाया और कहा कि 22 मार्च 1982 को सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम में तुम लोगों का मैच होगा। हमारी बात भारतीय टीम के कप्तान सुनील गावस्कर से बात हो चुकी है। उनके साथ टीम के और खिलाड़ी भी आएंगे।
 
विज्ञापन
Hashan nadeem
3 of 5
डीएम ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। गावस्कर उनके साथ पढ़े हैं। यह सुनकर उनके सामने ही गोरखपुर के खिलाड़ी उछल पड़े फिर क्या था मैच की तैयारियां शुरू हो गई समय कम था इसलिए गोरखपुर से तीन ही खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिला।

हसन के लिए रवि शास्त्री ने सजाई थी फील्डिंग
हसन नदीम बताते हैं कि मेरा पहला मैच भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सैयद किरमानी से पड़ा था लेकिन सैयद किरमानी के पिताजी का निधन हो गया इसलिए वह नहीं आ सके। इसके बाद मेरा मैच भारतीय टीम में वैकल्पिक रूप से विकेटकीपर जुल्फिकार से पड़ा। मैंने पहले मैच में जुल्फिकार को हरा दिया। फिर मुझसे डीएम ने कहा कि अब किससे खेलोगे।
Hashan nadeem
4 of 5
मैंने कहा सुनील गावस्कर या कपिल देव से। तब उन्होंने सुनील गावस्कर से मेरा मैच कराया। मैंने पहले बल्लेबाजी की 3 ओवर का मैच था। एक बार आउट होने पर 4 रन की कटौती थी। मैंने कुल 3 ओवर में 28 रन बनाए। 2 बार आउट हुआ तो 8 रन मेरे काट लिए गए। इस तरह गावस्कर को 20 रन का लक्ष्य मिला।

मेरा सौभाग्य था कि मैंने पहले ही ओवर में गावस्कर को आउट कर दिया। मेरे लिए फील्डिंग रवि शास्त्री ने सजाई थी। मैं लेफ्ट आर्म स्पिनर था और रवि शास्त्री की भी खूबी यही थी। लिहाजा वह जानते थे कि मेरे फील्डिंग कैसे सजानी है। गावस्कर को मैंने 3 ओवर में 3 बार आउट किया। उनका अंक घटकर 12 रह गया और मुझे उनसे मैं जीतने का गौरव हासिल हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम क्रिकेट ग्राउंड। (फाइल फोटो)
5 of 5
जीत के बाद उन्होंने मुझको बुलाया। अपना बल्ला मुझे उन्होंने इनाम में दे दिया। मेरे जीवन में इससे बड़ी सौगात और कुछ नहीं हो सकती थी। वह बल्ला आज भी मेरे ड्राइंग रूम है। हसन बताते हैं को वे उस समय गोरखपुर विश्वविद्यालय टीम के कप्तान थे और एमए प्रथम वर्ष के छात्र थे।

प्रेम शाही और परवेज ने भी दी कड़ी टक्कर
परवेज हसन और प्रेम शाही पहला मैच में हार गए थे लेकिन उन्होंने ने भी कड़ी टक्कर दी थी। प्रेम शाही का मुकाबला करसन घावरी से और परवेज ने मिलिंद से खेला था।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00