टाइप-2 डायबिटीज: सुबह दिखें ऐसे लक्षण तो हो जाएं सावधान, शुगर बढ़ने के हो सकते हैं संकेत

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Tue, 03 Aug 2021 11:40 AM IST
डायबिटीज की समस्या (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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डायबिटीज हाल के दशकों में दुनियाभर में सबसे तेजी से बढ़ने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। भारत में डायबिटीज रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने तेजी से बढ़ते इस रोग को लेकर चिंता जताते हुए इसके नियत्रंण और रोकथाम को लेकर विशेष जागरूक रहने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक डायबिटीज के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कई अन्य तरह की दिक्कतें भी हो सकती है, इसे नियंत्रित रखना बेहद आवश्यक माना जाता है। 
मधुमेह एक ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जिसमें उचित प्रबंधन बेहद आवश्यक हो जाता है। ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाना कई अंगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। बढ़ा हुआ ब्लड शुगर लेवल किडनी की खराबी, अंधेपन और हृदय रोगों का भी कारण बन सकता है, यही कारण है कि डायबिटीज के रोगियों को नियमित रूप से शुगर के स्तर की जांच करते रहने की सलाह दी जाती है। डॉक्टर कहते हैं, कई बार मरीजों को पता नहीं होता है कि उनका ब्लड शुगर लेवल दिन भर में कैसे बदल जाता है? सुबह के समय शरीर में हार्मोनल बदलाव के कारण ब्लड शुगर लेवल में परिवर्तन हो सकता है। ऐसे में कुछ लक्षणों के माध्यम से बढ़े हुए शुगर के स्तर की पहचान की जा सकती है। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में जानते हैं।
शुगर लेवल बढ़ने की समस्या (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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सुबह के समय बढ़ जाता है शुगर का स्तर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक रात में शरीर स्वाभाविक रूप से इंसुलिन में परिवर्तनों को व्यवस्थित नहीं कर पाता है, ऐसे में लोगों को अक्सर सुबह के समय ब्लड शुगर के स्तर में बदलाव का अनुभव हो सकता है। ज्यादातर लोगों का सुबह के समय ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक टाइप-2 डायबिटीज वाले लगभग 50 प्रतिशत लोगों को सुबह के समय शुगर का स्तर बढ़ने से संबंधित दिक्कतें हो सकती हैं। सामान्यतौर पर इन लक्षणों के माध्यम से बढ़े हुए शुगर लेवल की पहचान की जा सकती है।
  • बेहोशी की समस्या
  • मतली आना।
  • धुंधला दिखाई देना।
  • चीजों पर ध्यान केंद्रित न कर पाना।
  • बहुत ज्यादा प्यास महसूस होना।
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सुबह के समय बढ़ जाता है शुगर का लेवल (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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डाउन फेनॉमिना के कारण हो सकती है ऐसी समस्या
यूके के बोर्ड ऑफ डायबिटीज रिसर्च एंड वेलनेस फाउंडेशन में पोषण विशेषज्ञ डॉ सारा ब्रेवर कहती हैं, ज्यादातर लोगों को डाउन फेनॉमिना के कारण सुबह के समय रक्त शर्करा के स्तर में वृद्धि की समस्या हो सकती है। सुबह के समय (सुबह 2 से 8 के बीच) असामान्य रूप से शुगर लेवल में बढ़ोतरी को मेडिकल की भाषा में डाउन फेनॉमिना के नाम से जाना जाता है। डाउन फेनॉमिना की समस्या हमारे प्राकृतिक बायोरिदम के कारण होती है, जिसमें नींद के दौरान इंसुलिन हार्मोन का उत्पादन कम जबकि ग्लूकोज को बढ़ाने वाले अन्य हार्मोन (ग्रोथ हार्मोन, ग्लूकागन और कोर्टिसोल) का स्तर बढ़ा जाता है।
शुगर के स्तर को करें नियंत्रित (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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ब्लड शुगर का सामान्य स्तर कितना होता है?
यूएस सीडीसी (रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र) के अनुसार सभी लोगों को ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रखने का प्रयास करते रहना चाहिए। सामान्यतौर पर सीडीसी ने शुगर के लिए निम्नस्तर को समान्य निर्धारित किया है।  
  • भोजन से पहले: 80 से 130 मिलीग्राम/ डीएल।
  • भोजन के दो घंटे बाद: 180 मिलीग्राम/डीएल से कम।
सीडीसी के मुताबिक आपकी उम्र, किसी भी अतिरिक्त स्वास्थ्य समस्या और अन्य कारकों के आधार पर रक्त शर्करा का लक्ष्य भिन्न हो सकता हैं। इस बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लेना सबसे बेहतर माना जा सकता है।  
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डायबिटीज को नियंत्रित करने वाले उपाय करें (प्रतीकात्मक)
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सुबह के समय शुगर के स्तर को बढ़ने से कैसे रोकें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सुबह के समय शुगर के बढ़े हुए स्तर को नियंत्रित करने के लिए आप कुछ साधारण से नियमों का पालन कर सकते हैं। सुबह के वक्त शुगर का स्तर बढ़ने से रोकने के लिए डॉक्टर से सलाह लेकर रात में दवा या इंसुलिन ले सकते हैं। इसके अलावा डिनर जल्दी कर लें और खाना-खाने के बाद वॉक करें। रात के समय कार्बोहाइड्रेट बढ़ाने वाली चीजों को खाने से बचें। यदि सुबह के समय आपका ग्लूकोज़ स्तर लगातार बढ़ा रहता है तो डॉक्टर से आहार और जीवनशैली में परिवर्तन संबंधी सलाह लेकर उनका पालन करें। नियमित रूप से शुगर के स्तर की जांच करते रहें।


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स्रोत और संदर्भ: 
Diabetes type 2: Five warning signs in the morning your blood sugar levels are too high

अस्वीकरण नोट: यह लेख यूके के बोर्ड ऑफ डायबिटीज रिसर्च एंड वेलनेस फाउंडेशन के विशेषज्ञों के सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। संबंधित विषय के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से सलाह लें। 
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