shattila Ekadashi 2021: 7 फरवरी यानि कल है षटतिला एकादशी, जानें तिल का छः प्रकार से प्रयोग, मुहूर्त और पूजा विधि

धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Sat, 06 Feb 2021 06:33 PM IST
Shattila Ekadashi 2021
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हिंदी पंचांग के अनुसार माघ मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को षटतिला एकादशी कहा जाता है। इस बार षटतिला एकादशी 7 फरवरी 2021 दिन रविवार को पड़ रही है। प्रत्येक एकादशी की तरह इस एकादशी पर भी विष्णु जी की पूजा का प्रावधान है। इस दिन विष्णु जी के अवतार श्री कृष्ण की पूजा भी की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भक्तिभाव और विधि पूर्वक भगवान विष्णु पूजा करने से सुखों की प्राप्ति होती है और जीवन में आने वाले संकटों से मुक्ति प्राप्त होती है। इस दिन तिलों के प्रयोग का बहुत महत्व माना गया है। तो चलिए जानते हैं षटतिला एकादशी तिल के प्रयोग का महत्व, शुभ मुहुर्त और व्रत-पूजा एवं पारण विधि...
षट्तिला एकादशी 2021 महत्व
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षटतिला एकादशी महत्व 
षटतिला एकादशी पर तिलों का छः प्रकार से प्रयोग करने से पापों का नाश होता है। इस दिन स्नान. उबटन, सेवन, तर्पण, दान और हवन इन छः तरीकों से तिल का प्रयोग करने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। जो लोग व्रत नहीं कर सकते हैं, उन्हें एकादशी पर अधिक से अधिक तिल का प्रयोग करना चाहिए। यदि इन छः तरहों से तिल का प्रयोग करना संभव न हो तो तिल का प्रयोग पूजन में तो अवश्य करना चाहिए। जानें विस्तार से..
  • षटतिला एकादशी पर पहला स्नान करते समय पानी में तिल डालें।
  •  तिल का प्रयोग उबटन में करें।
  • दक्षिण मुख होकर पितरों को जल में तिल डालकर जल दें।
  •  पीने के पानी और खाने की चीजों में तिल का प्रयोग करें।
  • तिल और तिल की बनी चीजों का दान करें।
  • पूर्व दिशा की ओर मुख करके तिल से हवन और पूजन करें।
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षटतिला एकादशी 2021 मुहूर्त (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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पंचांग के अनुसार एकादशी शुभ मुहूर्त
 
एकादशी तिथि आरंभ- 7 फरवरी 2021 प्रातः 06 बजकर 26 मिनट से 
 
एकदशी तिथि समाप्त- 8 फरवरी 2021 प्रातः 04 बजकर 47 मिनट तक
 
एकादशी व्रत पारण समय- 8 फरवरी दोपहर 01 बजकर 42 मिनट से 03 बजकर 54 मिनट तक
 
हरि वासर समाप्त- 08 फरवरी 2021 प्रातः 10 बजकर 25 मिनट पर
षटतिला एकादशी 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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एकादशी व्रत पूजा विधि
  • एकादशी से एक दिन पहले यानि दशमी तिथि पर दिन के भोजन के पश्चात भोजन न करें।
  • एकादशी तिथि के दिन प्रातः स्नानादि करके स्वच्छ हो जाएं और पूजा स्थान को भी साफ करें।
  • तत्पश्चात भगवान विष्णु का ध्यान करके पूजा आरंभ करें।
  • गंगाजल में तिल मिलाकर पूजा स्थान और चारों ओर छींटे दें।
  • भगवान विष्णु के तिल मिले हुए पंचामृत से स्नान कराएं।
  • भगवान श्री हरि के सम्मुख घी का दीपक प्रज्वलित करें। 
  • धूप-दीप पुष्प से भगवान विष्णु का पूजन करें और एकादशी का महातम्य पढ़ें।
  • आरती करें और साथ ही विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
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षटतिला एकादशी 2021 पारण विधि (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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पारण विधि-
  • एकादशी के व्रत का पारण द्वादशी तिथि यानि दूसरे दिन किया जाता है।
  • द्वादशी तिथि पर सुबह उठकर स्नान करने के पश्चात पूजा करें।
  • भोजन बनाकर किसी ब्राह्मण या फिर जरूरतमंद व्यक्ति को खिलाएं।
  • दान-दक्षिणा देकर उन्हें सम्मानपूर्वक विदा करें।
  • तत्पश्चात भोजन ग्रहण करके स्वयं व्रत का पारण करें।
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