Osho Quotes: ये हैं ओशो के पांच अनमोल विचार, जो आपके जीवन में लेकर आएंगे बदलाव

धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संकल्प सिंह Updated Mon, 11 Oct 2021 04:13 PM IST

सार

ओशो का जन्म 11 दिसंबर 1931 को मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में हुआ था। उनका मूल नाम रजनीश था। ओशो ने धर्म, समाज, विज्ञान, अध्यात्म आदि विषयों पर खुल कर अपने विचार प्रकट किए। उनके द्वारा दी गई शिक्षा आज के समय में भी प्रासंगिक है। मूल रूप से उन्होंने लोगों को अध्यात्म के प्रति जागरूक करने का कार्य किया। ऐसे में आइए जानते हैं ओशो के उन सर्वश्रेष्ठ विचारों को, जो आपके जीवन में बदलाव लेकर आएंगे।
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Osho - फोटो : social media
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विस्तार

ओशो का जन्म 11 दिसंबर 1931 को मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में हुआ था। उनका मूल नाम रजनीश था। ओशो ने धर्म, समाज, विज्ञान, अध्यात्म आदि विषयों पर खुल कर अपने विचार प्रकट किए। उनके द्वारा दी गई शिक्षा आज के समय में भी प्रासंगिक है। मूल रूप से उन्होंने लोगों को अध्यात्म के प्रति जागरूक करने का कार्य किया। इस कारण ओशो को आध्यात्मिक गुरु भी कहा जाता है। अध्यात्म की वकालत करते हुए उन्होंने धार्मिक पाखंड के ऊपर खुल कर अपने विचार व्यक्त किए। उनके क्रांतिकारी विचार से देश-दुनिया में करोड़ों लोग प्रभावित हुए और हजारों-लाखों की संख्या में भारत आने लगे। ओशो ने पूर्व के अध्यात्म और पश्चिम के भौतिकवाद को एक करने की बात कही। ओशो का मानना था कि व्यक्ति को बाहर और भीतर दोनों जगह से संपन्न होना चाहिए। पश्चिम का भौतिकवाद मनुष्य की बाहरी जरूरतों को पूरा करेगा और पूर्व की आध्यात्मिक विरासत उसको आंतरिक शांति प्रदान करेगी। ऐसे में आइए जानते हैं ओशो के उन सर्वश्रेष्ठ विचारों को, जो आपके जीवन में बदलाव लेकर आएंगे।
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ओशो के अनुसार हमें अपने आप से प्यार करना चाहिए। जब तक हम अपने आप को प्यार करना नहीं सीखेंगे, तब तक कोई दूसरा हमें पसंद नहीं करेंगा। जिस पल हम अपने आप को स्वीकार करना सीख लेंगे, उस पल आप देखेंगे कि दुनिया आपको पसंद करने लगी है। 

ओशो के मुताबिक हमें डर से ऊपर उठना चाहिए। डर एक बंदिश है, जिसके आधार पर व्यक्ति का शोषण किया जाता है। डर में जी रहा व्यक्ति कभी अध्यात्म की तरफ गति नहीं कर पाता है।

ओशो का कहना था कि अगर जीवन में अंधकार है, तो हमें घबराना नहीं चाहिए। क्योंकि सितारों को देखने के लिए एक निश्चित अंधेरे की जरूरत होती है। अर्थात मुश्किल वक्तों में हमें धैर्य से काम लेना चाहिए क्योंकि इन्हीं परिस्थितियों में हमें सफलता के विकल्पों की पहचान होती है।

ओशो के अनुसार यदि आप पूर्ण हैं तो कभी भी आगे नहीं बढ़ पाएंगे। आगे बढ़ने के लिए सबसे जरूरी है हमारा अपूर्ण होना। अपूर्ण लोग ही नई चीजों को सीखकर आगे बढ़ पाते हैं।

उनके मुताबिक बाहर से हम भले ही अपने आप में कितने भी बदलाव ले आएं, पर हम कभी खुश नहीं होंगे जब तक हम अपने भीतर कोई बदलाव लेकर नहीं आते। उनका कहना था कि सत्य हमारे भीतर ही छुपा है। उसकी तलाश हमें अपने अंदर करनी चाहिए।  
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