लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

CWG 2022: भारत को हॉकी में 16 साल बाद पदक दिलाने वाली कप्तान सविता पूनिया की कहानी, पढ़कर नहीं रोक पाएंगे आंसू

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम Published by: स्वप्निल शशांक Updated Sun, 07 Aug 2022 09:44 PM IST
सविता पूनिया
1 of 9
विज्ञापन
कहते हैं कि पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि पहचानने वाले की नजर पारखी होनी चाहिए। भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान गोलकीपर सविता पूनिया आज किसी पहचान की मोहताज नहीं है। प्राइमरी शिक्षा के दौरान शिक्षक ने छठी कक्षा में ही सविता पूनिया की प्रतिभा को पहचान लिया था। केवल इस हीरे को तराशने की जरूरत थी। हुआ भी ऐसा ही। मेहनत करवाई तो इसका सकारात्मक परिणाम आज सभी के सामने है।

भारतीय महिला टीम ने जीता कांस्य

न्यूजीलैंड के खिलाफ कांस्य पदक मैच में सविता द्वारा सेव करने के बाद बाकी खिलाड़ी उनपर कूद पड़ीं
2 of 9
भारतीय महिला हॉकी टीम ने बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता है। टीम ने कांस्य पदक के मैच में न्यूजीलैंड को पेनल्टी शूटआउट में 2-1 से हरा दिया। इसमें सबसे ज्यादा योगदान गोलकीपर सविता पूनिया का रहा। सविता ने शूटआउट में चार गोल नहीं होने दिए। कांस्य जीतने के बाद सविता की आंखों में आंसू थे। भारतीय महिला हॉकी टीम स्वर्ण की दावेदार थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में शूटआउट के दौरान हुई बेईमानी ने भारत को हारने पर मजबूर कर दिया।
विज्ञापन

पेरिस ओलंपिक है नजर में

सविता पूनिया ने राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय टीम को लीड किया
3 of 9
हालांकि, कप्तान सविता ने यह तय किया कि भारतीय टीम का मनोबल न टूटे। पिछले कुछ सालों में भारतीय महिला हॉकी टीम के प्रदर्शन में  निखार आया है और इसमें सविता का बहुत बड़ा योगदान रहा है। टोक्यो ओलंपिक में भी कई मैचों में उन्होंने भारत की नैया पार लगाई थी। टोक्यो ओलंपिक में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच को कौन भूल सकता है, जब सविता गोल के सामने दीवार बनकर खड़ी हो गई थीं और कोई गोल नहीं करने दिया था। 

Image
'टोक्यो ओलंपिक की सविता पूनिया की ये तस्वीर कौन भूल सकता है

ओलंपिक में हार के बाद रोने लगी थीं

सविता पूनिया ओलंपिक कांस्य पदक मैच में हार के बाद रोते हुए
4 of 9
भारत ने तब ऑस्ट्रेलिया को हराया था और पहली बार ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुंची थी। ओलंपिक के कांस्य पदक मैच में इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद सविता की रोती हुई तस्वीरों ने हर भारतीय को भावुक कर दिया था। इससे पता चलता है कि सविता के लिए देश सर्वोपरि है और देश के लिए पदक जीतना उनके लिए कितना मायने रखता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हरियाणा के सिरसा के रहने वाली हैं सविता

परिवार के साथ सविता पूनिया।
5 of 9
हरियाण के सिरसा जिले के गांव जोधकां की मूल निवासी सविता पूनिया को वर्ष 2018 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इतना ही नहीं, उन्हें भीम अवॉर्ड के लिए भी चुना गया था। सविता मौजूदा समय में महिला हॉकी में देश की सबसे बड़ी खिलाड़ी हैं। राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने के बाद सविता की नजर 2024 में होने वाले पेरिस ओलंपिक में पदक जीतने पर है।
विज्ञापन
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00