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यूपी में एक और जिले की मांग: भूख हड़ताल पर बैठने से पहले पुलिस से हुई जमकर नोकझोंक, उखड़वाया टेंट तो भड़का आक्रोश

अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र Published by: हरि User Updated Sat, 25 Sep 2021 12:30 AM IST
दुद्धी को जिला बनाने की मांग।
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उत्तर प्रदेश के सोनभद्र स्थित दुद्धी को जिला बनाने की मांग लंबे समय से चल रही है। दुद्धी को जिला बनाने के लिए संघर्ष समिति की भूख हड़ताल शुरू होने से पहले शुक्रवार को पुलिस-प्रशासन के अफसरों से प्रदर्शनकारियों की जमकर नोकझोंक हुई। प्रशासन ने समिति के टेंट-तंबू को उखड़वा दिया। इससे भड़के लोगों ने पूरे नगर में जुलूस निकाला। पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते हुए हुजूम के साथ तहसील परिसर में घुस गए। यहां रामलीला मंच पर भूख हड़ताल शुरू कर दी। एसडीएम-तहसीलदार के कोर्ट का बहिष्कार करते हुए अधिवक्ता भी आंदोलन में शामिल हो गए हैं। अफसरों पर जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाया।
रामलीला मंच पर भूख हड़ताल पर बैठे संघर्ष समिति के सदस्य।
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दुद्धी को जिला बनाओ संघर्ष समिति ने तहसील परिसर में 30 घंटे की भूख हड़ताल निर्धारित की थी। इसके लिए सुबह टेंट-तंबू लगाया जा रहा था। इसी दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे उखड़वा दिया। पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है, लिहाजा आंदोलन नहीं किया जा सकता।
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जिला बनाने की मांग करने वालों से बात करती पुलिस।
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पुलिस की यह बात सुनते ही लोग उग्र हो गए। कोतवाली प्रभारी राघवेंद्र सिंह ने तहसील परिसर खाली कराकर फोर्स लगा दी। गुस्साए प्रदर्शनकारी कचहरी पहुंच गए। यहां से जुलूस निकालकर नारे लगाते हुए तहसील तिराहा पहुंचे। नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर में घुस गए। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन उनके आगे पुलिस नाकाम रही।
भूख हड़ताल के लिए बन रहे टेंट को उखाड़ा गया।
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रामलीला मंच पर समिति के अध्यक्ष राजकुमार अग्रहरि, महासचिव प्रभु सिंह कुशवाहा, अवध नारायण यादव, उदयलाल मौर्य, अनिल कुशवाहा, शिवशंकर आदि भूख हड़ताल पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। कुछ देर बाद तहसीलदार सुरेश चंद शुक्ला मौके पर पहुंचे। संघर्ष समिति के लोगों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी।
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दुद्धी को जिला बनाने की मांग में शामिल वकील व अन्य।
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समिति के अध्यक्ष राजकुमार अग्रहरि ने कहा कि प्रस्तावित भूख हड़ताल से पहले ही स्थानीय शासन प्रशासन को अवगत करा दिया गया था। मौखिक अनुमति भी मिल गई थी, लेकिन ऐन वक्त पर जानबूझकर इसमें अवरोध डाला गया। लोगों को भड़काने की कोशिश की गई है। प्रशासन का यह दोहरा रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संघर्ष मोर्चा अब आर पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। 
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