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गुदगुदी: एग्जाम में किताब ने ऐसा क्या कह दिया

17 जुलाई 2021

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अमर उजाला लेकर आया है अमर उजाला आवाज की गुदगुदी। जहां आपको रोज नए-नए जोक्स सुनने को मिलेंगे रानी के अंदाज में। सुनिए और लुत्फ उठाइए इन मजेदार चुटकुलों का...

गुदगुदी: एग्जाम में किताब ने ऐसा क्या कह दिया

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ये बताएं कि सर्जन और विसर्जन में क्या फर्क होता है। चलिए हम बताते हैं कि वैसे तो मतलब तो दोनों का अलग है लेकिन फर्क महीन है। वो ऐसे कि मान लीजिए अगर ऑपरेशन सही से हो गया तो आप सर्जन हैं और अगर सर्जन का हाथ हिल गया तो आपका विसर्जन पक्का है।

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भई रोजाना जिंदगी की शुरुआत S से होती है, वो ऐसे कि S से सूरज, सुबह, शाम, समय उसके बाद S से सगाई, शादी, फिर सास-ससुर, साला, साली और आखिर में सत्यानाश। 

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एक बात बताएं, कहीं चोट के घाव तो भर सकते हैं लेकिन जो कड़वी बात मुंह से निकल जाए ना उसकी भरपाई कभी भी नहीं हो सकती। हम तो कहें कि कोई भी मामला हमेशा लात-घूंसों मतलब कि मार- पिटाई से ही सुलझाओ तो फायदे में रहोगे।

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गुस्सा तो तब आता है जब किसी बरात की गाड़ी में सबसे पहले जाकर पहले तो सीट रोक कर बैठो, फिर जब गाड़ी चलने लगे तो घर वालो की आवाज आती है कि बेटा ऐसा कर तुम उठ जाओ, जरा फूफा जी को बैठने दो। तो ऐसे ही बन जाता है बने बनाए मूड का हलवा।

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भई हर भारतीय महिला की रोज की ये सबसे बड़ी परेशानी है कि आज खाने में क्या बनाया जाए। हम तो कहेंगे कि इस समस्या को महिलाओं की राष्ट्रीय समस्या घोषित कर देना चाहिए।

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अब नवरात्रि को ही ले लीजिए, उसमें वो गरबा डांस बहुत जोर का होता है। आगे-पीछे, पीछे आगे, बस यही तो करना होता है लेकिन एक बात बताएं कि अगर तुम्हें ये नहीं पता कि जीवन में कैसे आगे-पीछे चलना है तो कसम से तुम लोग ये गरबा डांस कभी नहीं कर सकते। 

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अब जिंदगी कैसे जी जाए, अक्सर मैं और मेरी तन्हाई बात करती हैं। एक बार मैंने खुद से पूछा कि जिंदगी कैसे जीनी चाहिए। मुझे मेरे कमरे के हिस्सों ने एकएककर जवाब देना शुरू किया।

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एक शख्स गया शादी में, जहां पंडाल बहुत जोरों का लगाया हुआ था। उसमें अंदर जाने की खातिर दो दरवाजे थे। एक पर लिखा रिश्तेदार और दूसरे पर दोस्त, ये देखकर वो शख्स  दोस्त वाले दरवाजे में घुस गया।

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बहुत सारी खोजबीन के बाद ये पता चला है कि मियां-बीवी के बीच चिक-पिक के लिए जो जिम्मेदार होता है ना वो है उनकी शादी कराने वाला पंडित। वो इसीलिए कि वो ही शादी में फेरों के समय आग में घी डालता रहता है।

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अमर उजाला आवाज की 'गुदगुदी' में सुनिए एक ऐसा खतरनाक विचार जिसके चक्कर में आजकल के लड़के बहुत आसानी से आकर अपनी जिंदगी खराब कर लेते हैं, वो ये कि अरे भई वो तुझे ही देख रही थी।

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