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अपराध लोक

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अपराध लोक में हम आपको सुनाते हैं देश-दुनिया में घटित होने वालीं अपराध जगत की घटनाएं. इस शो में होगी जुर्म की हर बात... होगा ऐसी घटनाओं का जिक्र जो सालों बाद बन गया इतिहास...

अंडरगार्मेंट से 38 महिलाओं का गला घोंटने वाला दरिंदा, जिसे मिली 2410 साल की सजा

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सभी 60 एपिसोड

जनवरी 1995...दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया का अटेरिजविले इलाका...यहां जंगल में मवेशी चरा रहे एक चरवाहे को एक महिला की लाश मिलती है. पुलिस मौका ए वारदात पर पहुंचती है और शव की शिनाख्त में जुट जाती है. ये 27 साल की स्थानीय अश्वेत महिला ब्यूटी नुकु सोको का शव था. सोको की बलात्कार के बाद हत्या की गई थी। इसके बाद अश्वेत महिलाओं की लाशें मिलने का सिलसिला शुरू होता है और जनवरी से अप्रैल तक 5 महिलाओं के शव पुलिस को और मिलते हैं. सभी महिलाओं को एक ही पैटर्न से मारा गया था. पहले उनके साथ बलात्कार किया जाता फिर किसी कपड़े से उनका गला घोंट दिया जाता.
जुर्म की दुनिया में बात होगी दक्षिण अफ्रीका के एक ऐसे सीरियल किलर की जिसने महज एक साल में 38 महिलाओं की आबरू को लूटा और उन्हें मौत की नींद सुला दिया. वह बाद में पीड़ितों के परिवारों को फोन करता और अपनी हैवानियत की दास्तां सुनाता. देश में इसका इतना खौफ हो गया था कि तत्कालीन राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला ने हत्यारे को पकड़ने के लिए लोगों से सार्वजनिक सहायता मांगी और उस जिले का दौरा किया जहां इस अपराध को अंजाम दिया जा रहा था. इस कातिल के गुनाहों के लिए इसे 2410 सालों की सजा सुनाई गई. इसका नाम था मोसेस सिथोल जिसे दक्षिण अफ्रीका का टेड बंडी भी कहा जाता है. 

जनवरी 1994....जगह फ्रांस की बर्नहौप्ट-ले-हौट...पुलिस को खबर मिलती है कि यहां कि एक गली में रहने वालीं मैरी विंटरहोलर अपने बिस्तर पर मृत पाई गई हैं...पुलिस मौके पर पहुंचती है और देखती है कि मैरी पीठ के बल लेटी थी। डॉक्टरों ने निष्कर्ष निकाला कि यह एक प्राकृतिक मौत है उन्हें दफनाने का लाइसेंस जारी कर दिया. लेकिन ये प्राकृतिक मौत नहीं बल्कि कत्ल था. जुर्म की दुनिया में आज बात होगी फ्रांसीसी सीरियल किलर यवन केलर की जिसे द पिलो किलर भी कहा जाता है. इस हत्यारे ने 1989 और 2006 के बीच तीन देशों फ्रांस, स्विटजरलैंड और जर्मनी में कम से कम 23 बूढ़ी महिलाओं को मौत के घाट उतारा और कानून  के शिकंजे से बचता रहा। आखिर ये कातिल बूढ़ी महिलाओं को क्यों शिकार बनाता था सुनिए पूरी कहानी..

सीरियल किलर से जुड़ी आपने ऐसी कई कहानियां सुनी होगी, जिसने एक-दो नहीं बल्कि कई लोगों की बेरहमी से हत्या की होगी। लेकिन क्या आपने कभी ऐसे सीरियल किलर के बारे में सुना है, जो इंसान नहीं बल्कि बिल्लियों का कत्ल करता हो। आपको ये बात थोड़ी अजीब जरूर लग रही होगी, लेकिन कुछ साल पहले ब्रिटेन के अलग-अलग इलाकों में ऐसी खौफनाक घटनाएं घटी थी, जिसने पूरे देश को हिला दिया था। जुर्म की दुनिया में आज बात होगी एक ऐसे सीरियल किलर की जो पालतू जानवरों को अपना शिकार बनाता था, इन जानवरों में खरगोश, उल्लू, कुत्ते और सबसे ज्यादा संख्या में पालतू बिल्लियां थीं. इस शख्स ने पूरे ब्रिटेन में 400 से अधिक बिल्लियों और कई अन्य जीव-जंतुओं की बेरहमी से हत्या की और उनके शवों को भी क्षत-विक्षत कर दिया...
बिल्लियों की हत्याओं की शुरुआत साल 2014 में दक्षिण लंदन के क्रॉयडन शहर से होती है। इसलिए मीडिया अंजान कातिल को 'क्रॉयडन कैट सीरियल किलर' का नाम देती है। कुछ लोग इसे 'एम-25 कैट किलर' भी कहते हैं। क्रॉयडन शहर से शुरू हुई ये वारदातें धीरे-धीरे पूरे लंदन में फैल जाती हैं और देखते ही देखते इस कैट सीरियल किलर की दहशत पूरे ब्रिटेन में महसूस की जाने लगती है.

जापान का इसेई सवागा दुनिया का ऐसा आदमखोर होगा जो बाद में लोगों के बीच मशहूर हो गया। उसे कई आयोजन में सेलिब्रिटी की तरह बुलाया जाने लगा इसकी कहानी भी काफी डरावनी है, सुनिए कैसे और कब इसने पहली बार चखा था इंसानी गोश्त।

8 अगस्त 2016...तमिलनाडु के सेलम से चेन्नई जाने वाली 11064 सेलम-चेन्नई इग्मोर एक्सप्रेस ट्रेन रात के अंधेरे में धड़धड़ाती चली जा रही थी. इस ट्रेन में भारतीय रिजर्व बैंक के 342 करोड़ रुपये ले जाए जा रहे थे. इन पैसों की हिफाजत के लिहाज से ट्रेन में हथियारबंद सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे. लेकिन जब ट्रेन अपने गंतव्य तक पहुंचती है तो आरबीआई के अधिकारियों को बोगी की छत में एक बड़ा छेद दिखता है और चारों तरफ पैसे बिखरे पड़े थे. अधिकारियों को समझते देर नहीं लगती की ट्रेन में पड़ चुकी है डकैती...जुर्म की दुनिया में आज बात होगी आजाद भारत के इतिहास की सबसे बड़ी ट्रेन डकैती की जिसमें चलती ट्रेन से करोड़ों रुपये उड़ा लिए गए और सुरक्षाकर्मियों को भनक तक नहीं लगी.  पूरे 730 दिन लगे. 2 हजार लोगों से पूछताछ की गई. लाखों कॉल डिटेल खंगाली गई. और आखिर में नासा से मदद ली गई. तब जाकर पता चला कि हिंदुस्तान की अब तक की सबसे बड़ी ट्रेन रॉबरी किसने की थी? 

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में जन्मे आफताब अंसारी जर्नलिज्म कर अच्छा पत्रकार बनना चाहता था। मगर बदकिस्मती से वो पहले अपहरणकर्ता और बाद में डॉन बन गया । सुनिए इसके इंटरनेशनल डॉन बनने की कहानी

ऐसी बहुत सारी बैंक डकैतियों के बारे में आपने सुना होगा, जिसमें लाखों या करोड़ों रुपये की लूट हुई हो। लेकिन आज हम आपको जिस बैंक डकैती के बारे में बताने जा रहे हैं, वो बैंक डकैती के इतिहास में सबसे अनोखा मामला है, क्योंकि इसमें सीधे तौर पर उस देश के राष्ट्रपति का बेटा शामिल था। जी हां, यह हैरान करने वाली बात तो है, लेकिन बिल्कुल सच है। इस बैंक डकैती में कुल एक बिलियन डॉलर यानी आज के हिसाब से करीब 7562 करोड़ रुपये की लूट हुई थी। 

1984 के दौरान पूर्वी यूक्रेन में युवा महिलाएं और बच्चियां गायब होनी शुरू हो जाती हैं। ज्यादातर लड़कियां 8 से 18 साल की थीं. इनमें कुछ लड़कियों की लाश पुलिस बरामद करती है और कईयों का कोई पता नहीं था. जांच में पता चलता है कि मरने वाली महिलाओ के साथ हैवानियत की सारी हदें पार की गई थीं. पहले उनका रेप किया जाता, फिर गला घोटा जाता और मौत के आगोश में समा जाने के बाद लाश से बलात्कार किया जाता... जुर्म की दुनिया में आज बात होगी यूक्रेन के एक ऐसे पुलिस अधिकारी की जिसने कानून को ताक पर रखकर अपराधों को अंजाम देना शुरू कर दिया. उसने दावा किया कि उसने 100 लोगों की हत्याएं कीं, जिसमें ज्यादातर बच्चियां और महिलाएं थीं. इस सिरफिरे कातिल का नाम था सीरेह एच. 

जुर्म की ये सच्ची घटना है हंगरी की। यहां एक गांव नागीरेव में पुरुषों के अचानक मरने का सिलसिला शुरू होता है और धीरे-धीरे मौत का ये सिलसिला बूढ़ी महिलाओं और बच्चों तक पहुंच जाता है। लगातार मौतें हो रहीं थीं लेकिन कोई ये पता नहीं कर पा रहा था कि ये मौतें क्यों हो रही हैं। मरने वालों के शरीर में किसी तरह की बीमारी के लक्षण भी नहीं मिल रहे थे और ना ही इनपर किसी तरह का हमला किया गया था. मामला पेंचीदा हो रहा था और लोगों में खौफ बढ़ता जा रहा था. जुर्म की दुनिया में आज बात होगी इतिहास के ऐसे कत्लेआम की जो बड़ी खामोशी से किया गया। कातिल भी कोई एक नहीं बल्कि 30 से ज्यादा महिलाएं थीं और इनकी सरगना थी ज़ुज़सन्ना फ़ज़ेकस नाम की एक दाई. कातिलों का ये दल एंजल मेकर्स ऑफ नागीरेव के नाम से कुख्यात हुआ और इसने लगभग 40 पुरुषों और बच्चों को मौत के घाट उतारा...माना तो ये भी जाता है कि इस कातिल दल ने करीब 300 लोगों की हत्या की. 

सन 1809 के आसपास इंग्लैंड से भारत आने वाले अंग्रेज अफसर कैप्टन विलियम स्लीमैन को ईस्ट इंडिया कंपनी ने लगातार गायब हो रहे मुसाफिरों के बारे में सूचना दी। कंपनी ने बताया कि पिछले कुछ सालों से राहगीरों के दल से कुछ लोग गायब हो जाते हैं और उनका कुछ पता नहीं चलता। यहां तक कि उनकी लाश भी नहीं मिलती। इनको मारा जा रहा है या ये खुद कहीं चले जाते हैं ये राज बना हुआ है. जुर्म की दुनिया में आज बात होगी दुनिया से सबसे शातिर हत्यारे की. वो जिस रास्ते से गुजरता वहां सन्नाटा पसर जाता। ये खूंखार लुटेरा अपने पास रखता था एक पीला रुमाल और सिक्का और इसी से इसने किए 931 कत्ल...इसका नाम था बेहराम...ये लोगों के काफिले को अपना निशान बनाता था। बेहराम ठग का दिल्ली से लेकर ग्वालियर और जबलपुर तक इस कदर खौफ था कि लोगों ने इस रास्ते से चलना और व्यापार करना बंद कर दिया था।

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