लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

मुकेश
सुन सिनेमा

करोड़पति पिता की बेटी से की थी गायक मुकेश ने मोहब्बत, लोग कहते थे बेमेल है जोड़ी

9 August 2022

Play
4:18
यह महज़ ख़्याल ही नहीं, बल्कि मोहब्बत की एक इबारत है, जो जवां दिलों में ख़्वाहिश बनकर आज भी सांसे ले रही है और इस गीत को मुकेश साहब ने अपनी जादुई आवाज़ से अमर बना दिया। अब कभी-कभी नहीं, बल्कि प्यार में डूबे हर शख़्स के दिल में यह ख़्याल हमेशा के लिए मकाम कर गया है।  मुकेश साहब की रूहानी आवाज़ हमारे कानों से जुदा होने को आज भी तैयार नहीं होती। उनके गीतों में मिठास ऐसी कि जितना भी सुनो, जी नहीं भरता। कहते हैं बॉलीवुड में सभी गायकों का गाना गाने का एक ख़ास अंदाज़ होता था और गाने के मूड के हिसाब से गायक का चुनाव होता था, लेकिन मुकेश साहब के साथ इस तरह का कोई बंधन नहीं रहा। प्रेमिका की प्रशंसा हो या प्यार का इज़हार, मोहब्बत का ग़म हो या ज़िंदगी के मायने, हर हालात को मुकेश साहब की दिलकश आवाज़ ने ज़िंदा कर दिया।

करोड़पति पिता की बेटी से की थी गायक मुकेश ने मोहब्बत, लोग कहते थे बेमेल है जोड़ी

1.0x
  • 1.5x
  • 1.25x
  • 1.0x
10
10
X

सभी 398 एपिसोड

दोस्तों आज हम बात करेंगे बॉलीवुड के मशहूर विलेन रहे केएन सिंह के बारे में...जी हां..वही केएन सिंह जिनके बदन पर ओवर कोट,मुंह में पाइप और सिर पर हैट लगी होती थी...

आपने सदाबहार अभिनेता और अभिनेत्रियों के बारे में तो सुना होगा लेकिन हम आज बात करेंगे सदाबहार खलनायक की..एक ऐसा खलनायक जिसने परदे पर सबसे ज्यादा बार नारद मुनि का किरदार निभाया...जिसकी संवाद अदायगी से ही एक अलग तरह की मक्कारी झलकती थी...जी हां, हम बात कर रहे हैं हिंदी सिनेमा के मशहूर खलनायकों में शुमार रहे जीवन की...छरहरी काया, लंबे कद और डायलॉग बोलने के अपने खास अंदाज से जीवन ने हिंदी सिनेमा में ऐसी छाप छोड़ी कि नई पीढ़ी के कलाकार उनकी नकल करते नजर आते हैं...उनकी जुबान से निकलने वाले डायलॉग उनके चेहरे के हावभाव से होकर जब गुजरते थे तो देखने वाले सिर्फ नफरत की नजर से देखते थे...और यही वो कलाकारी थी जो उनके अभिनय की एक अलग पहचान बन गई।

चलिए जमाते हैं सुन सिनेमा की महफिल और आज महफिल की रौनक है फिल्म मैंने प्यार किया...जी हां...वही मैंने प्यार किया जिससे सलमान खान ने बतौर हीरो अपना फिल्मी सफर शुरू किया और ये सफर आज तक जारी है...आज आपको बताएंगे कि सलमान खान को किस लड़की ने मैंने प्यार किया दिलवाई...सलमान से पहले किसे-किसे प्रेम का रोल ऑफर किया गया था और भाग्यश्री की जगह कौन उनका रोल करने वाला था....

फिल्मों में जितनी जरूरत हीरो की होती है उतनी ही जरूरत एक खलनायक की भी होती है। खलनायक को हराकर ही हीरो बनता है। वैसे तो हिंदी फिल्मों में कई विलेन रहे हैं लेकिन आज हम बात करेंगे उस विलेन की जिसने कभी फिल्मों के बारे में नहीं सोचा था। उसका मकसद तो नौकरी करना था जबकि उसके परिवार के लोग फिल्मों से जुड़े थे। पहले ये कलाकार नायक बना और जब सफलता नहीं मिली तो खलनायक बनकर शोहरत पा ली। इस एक्टर का नाम है अनवर हुसैन।
 

राजकुमार का किरदार पहले धर्मेंद्र को ऑफर किया गया था. लेकिन वो एक बड़े भाई की भूमिका नहीं निभाना चाहते थे। यह भूमिका बाद में राज कुमार के पास चली गई...

दोस्तों वो दौर ही अलग था जब अभिनेत्रियों ने अपने यादगार किरदारों से हिंदी सिनेमा में एक अलग जगह बनाई...आज की अभिनेत्रियां कब आती हैं और कब चली जाती हैं पता नहीं चलता...आज हम जिस अभिनेत्री की बात करने जा रहे हैं उनके चाहने वाले आज भी हैं...उनकी फिल्में आज भी पसंद की जाती हैं...हम बात कर रहे हैं नंदा की....नंदा अपने दौर की बेहद खूबसूरत और लाजवाब अदाकारा थीं।

दोस्तों आज बात होगी अपने जमाने की मशहूर अभिनेत्री शशिकला की...शशिकला का नाम सुनते ही आपकी नजरों के सामने एक बुरी औरत की तस्वीर आ जाती होगी जो फिल्मों में वैम्प का किरदार अदा करती थी...लेकिन क्या आप जानते हैं कि शशिकला परदे पर जैसी दिखती थीं, वैसी थीं नहीं...असल जिंदगी में वो बेहद सौम्य, मृदुभाषी और रहमदिल थीं...वो खुद कहती थीं कि मुझे पता नहीं मैंने कैसे दुष्ट औरत के रोल कर लिए...उन्होंने करीब 100 बॉलीवुड फिल्मों में काम किया।

आज हम बात करेंगे एक ऐसी फिल्म के बारे में जो शुरुआत में तो दर्शकों को बिल्कुल नहीं भायी लेकिन जब चली तो ऐसी चली की छप्पर फाड़ कमाई के साथ-साथ कई रिकॉर्ड्स तोड़ दिए...जी हां...हम बात कर रहे हैं 1978 में रिलीज हुई फिल्म डॉन की...डॉन में अमिताभ बच्चन, जीनत अमान और प्राण मुख्य भूमिकाओं में थे...आज डॉन हिंदी सिनेमा की क्लासिक और कल्ट फिल्मों में भले ही शुमार हो लेकिन इसे एक प्रोड्यूसर की मदद के लिए बनाया गया था। चलिए शुरुआत करते हैं कि कैसे ये फिल्म वजूद में आई...

दोस्तों अगर हम आज की बॉलीवुड फिल्मों की बात करें तो कहानी में मुख्यता दो किरदार ही केंद्र में नजर आते हैं और पूरी फिल्म उन्हीं के इर्द-गिर्द चक्कर खाती दिखाई पड़ती है। बाकी सारे किरदार साइड कैरेक्टर मालूम पड़ते हैं। लेकिन हम फिल्मों की किताब के थोड़े पन्ने उलटते हैं और आज से कुछ साल पीछे नजर दौड़ाएं तो कई ऐसी कहानियां मिलेंगी जहां लीड कैरेक्टर के अलावा अन्य किरदार भी अहम हुआ करते थे।

दोस्तों आज बात होगी मशहूर अभिनेता राजेंद्र नाथ की....हिंदी सिनेमा का एक ऐसा अभिनेता जिसकी अदाओं भर से लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती थी...जो सिनेमा के पर्दे पर अगर खामोश भी हो जाता था तो लोगों की हंसी थमती नहीं थी। 60 के दशक में हिंदी सिनेमा में कॉमेडियन के तौर पर महमूद की तूती बोलती थी...आलम ये था कि अपने जमाने के मशहूर कॉमेडियन जॉनी वॉकर की चमक महमूद के आगे फीकी पड़ती जा रही थी...ऐसे में राजेंद्र नाथ ने न सिर्फ अपना रुतबा कायम रखा बल्कि अपनी कमाल की टाइमिंग से जो एक्टिंग की उसने दर्शकों का दिल जीत लिया...

आवाज

एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00