विज्ञापन
विज्ञापन
गंभीर से गंभीर परेशानी होगी दूर,ललिता देवी शक्तिपीठ-नैमिषारण्य पर कराएं ललिता सहस्रनाम पाठ, मात्र रु:51/- में,अभी बुक करें
Myjyotish

गंभीर से गंभीर परेशानी होगी दूर,ललिता देवी शक्तिपीठ-नैमिषारण्य पर कराएं ललिता सहस्रनाम पाठ, मात्र रु:51/- में,अभी बुक करें

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Digital Edition

पंजाब: मुख्यमंत्री चन्नी ने आज बुलाई सर्वदलीय बैठक, बीएसएफ, कृषि कानून, पंजाबी भाषा, विशेष पैकेज के मुद्दे पर होगी चर्चा

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सोमवार को सर्वदलीय बैठक बुला ली है। केंद्र सरकार के साथ विभिन्न लंबित मुद्दों पर सर्वसम्मति बनाने के उद्देश्य से बुलाई गई बैठक के लिए पंजाब के विपक्षी दलों- शिरोमणि अकाली दल, आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी ने बैठक में हिस्सा लेने पर सहमति जता दी है।

रविवार को सर्वदलीय बैठक के एलान से पहले मुख्यमंत्री चन्नी ने अपने मंत्रियों और सीनियर कांग्रेसी नेताओं के साथ एक बैठक कर उन सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श किया, जिन्हें सर्वदलीय बैठक में चर्चा के लिए रखा जाना है। जानकारी के अनुसार पंजाब सरकार केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा पंजाब में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र भारत-पाक सीमा से पंजाब के भीतर 50 किमी तक बढ़ाने के फैसले के विरोध में सर्वसम्मति जुटाएगी।

फिलहाल कांग्रेस जहां इस फैसले का विरोध कर रही है, वहीं विपक्षी दल केंद्र के फैसले को मुख्यमंत्री चन्नी की कमजोरी करार दे रहे हैं। उनका आरोप है कि चन्नी की ओर से सीमापार से आतंकवाद, नशा तस्करी के मुद्दे पर सीमा सील करने की मांग किए जाने के बाद ही केंद्र ने बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाया है। हालांकि विपक्षी दल भी केंद्र के फैसले के खिलाफ हैं। इस मुद्दे पर विपक्षी दल चन्नी सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग भी कर रहे थे।

इन मुद्दों के अलावा सर्वदलीय बैठक में तीनों विवादित कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग के साथ ही पंजाबी भाषा को माइनर भाषाओं की सूची से बाहर कराने और सीमावर्ती राज्य पंजाब के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग के लिए केंद्र पर दबाव बनाने पर विचार-विमर्श होगा। वहीं, रविवार को अकाली दल, आम आदमी पार्टी और बसपा ने बैठक में हिस्सा लेने का एलान किया, हालांकि भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

कांग्रेस की तरफ से सिद्धू भी लेंगे बैठक में हिस्सा
सर्वदलीय बैठक में पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू भी हिस्सा लेंगे। यह जानकारी रविवार को उन्होंने फोन पर दी। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस के कई सीनियर नेता भी बैठक में मौजूद रहेंगे।

यह भी पढ़ें :
राणा गुरमीत का पीएम से आग्रह: कृषि कानून वापस लें, ताकि किसान घर मना सके दिवाली, सरकार का बड़ा दिल दिखाएगा फैसला

सर्वदलीय बैठक में जाएंगे : चीमा
आम आदमी पार्टी के विधायक और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने सर्वदलीय बैठक बुलाने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस बैठक में जाएगी और सरकार का सहयोग करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र की ओर से पंजाब में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री चन्नी ही जिम्मेदार हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी केंद्र के इस फैसले के खिलाफ है और फैसला वापस लिए जाने तक इसका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा करने में पंजाब पुलिस सक्षम है और केंद्र का फैसला राज्यों के अधिकारों में सीधी दखलंदाजी है।
... और पढ़ें
पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी

पंजाब: बाइक छीनने पर नौजवान ने किया विरोध तो लुटेरों ने गोली मारकर कर दी हत्या

पंजाब के फिरोजपुर-जीरा राजमार्ग स्थित डिग्री कॉलेज के नजदीक लुटेरों ने पिस्तौल से गोली दागकर नौजवान की हत्या कर दी। नौजवान बाइक व नगदी छीनने पर विरोध कर रहा था कि लुटेरों ने गोली मार दी। उधर, थाना कुलगढ़ी पुलिस ने रविवार को तीन अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दविंदर उर्फ सन्नी वासी बस्ती सुनवा वाली ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि वह अपने भांजे मिठुन के साथ दाना मंडी फिरोजपुर छावनी से शनिवार देर रात बाइक पर सुनवा बस्ती लौट रहे थे। जैसे ही उन्होंने बाइक फिरोजपुर-फरीदकोट राजमार्ग पर चढ़ाई तो बाइक सवार तीन नकाबपोश शातिर उनके नजदीक पहुंचे। उन्हें देखते ही मिठुन ने बाइक तेज कर वहां से भगा ली। शातिरों ने फिरोजपुर-जीरा रोड स्थित डिग्री कॉलेज के पास दविंदर और मिठुन को घेर लिया।

लुटेरों ने उनसे दो हजार रुपये की नगदी छीन ली। उसके बाद बाइक छीनने लगे तो मिठुन ने विरोध किया। इस बीच एक लुटेरे ने पिस्तौल से गोली दाग दी, जो मिठुन के पेट में लगी। जीरा साइड से एक वाहन आ रहा था, उसकी लाइटें पड़ने पर शातिर वहां से भाग गए। दविंदर ने कहा कि जख्मी हालत में वह मिठुन को लेकर सिविल अस्पताल फिरोजपुर पहुंचा। डॉक्टरों ने चेकअप करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

यह भी पढ़ें :
राणा गुरमीत का पीएम से आग्रह: कृषि कानून वापस लें, ताकि किसान घर मना सके दिवाली, सरकार का बड़ा दिल दिखाएगा फैसला

वारदात की जांच कर रहे इंस्पेक्टर अभिनव चौहान के मुताबिक दविंदर के बयान पर तीन अज्ञात शातिरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वारदात स्थल के आसपास या फिर जहां से शातिरों ने पीड़ितों का पीछा किया उस रास्ते लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही आरोपियों का सुराग लगा लिया जाएगा। पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
... और पढ़ें

हरसिमरत कौर का तंज: नवजोत सिद्धू के आने पर कॉमेडी शो बनी कांग्रेस, सोनी टीवी बनाए सीरियल

करवाचौथ के एक समागम में रविवार को स्थानी होटल में पहुंचीं पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू के आने से कांग्रेस कॉमेडी शो बन चुकी है। प्रदेश के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सिर्फ फोटोशूट मंत्री हैं। मुंबई से सोनी टीवी वाले आकर कांग्रेस पर सीरियल बनाएं।

सांसद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि साढे़ चार वर्ष तक कांग्रेस सरकार ने पंजाब के लिए कुछ नहीं किया और अब कैप्टन अमरिंदर सिंह को बादलों के साथ सांठगांठ होने का बहाना बनाकर कुर्सी से उतार दिया। अब नए मुख्यमंत्री प्रदेश के लिए काम करने के बजाय अपना फोटोशूट करवाकर सिर्फ सोशल मीडिया और विज्ञापन तक सीमित रह गए हैं। इससे प्रदेश की जनता पिस रही है।

हरसिमरत कौर ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस सरकार के राज में मंडियों से किसानों की फसल नहीं खरीद की जा रही। इसके अलावा जिन किसानों की फसल गुलाबी सुंडी से बर्बाद हुई उनको अभी तक कोई मुआवजा भी जारी नहीं किया गया। प्रधानमंत्री योजना के तहत जिन गरीब लोगों का उपचार होता था वो भी सरकार से पैसे न मिलने कारण बंद हो गया। वित्त मंत्री मनप्रीत बादल अपने शहर में ही फॉगिंग नहीं करवा पा रहे, जिस कारण शहर के हर घर में व्यक्ति बुखार एवं डेंगू पीड़ित हो रहा है। कांग्रेस अब अंदरूनी कलह के कारण मजाक बन कर रह गई। लोग 2022 के चुनाव का इंतजार कर रहे हैं।
... और पढ़ें

राणा गुरमीत का पीएम से आग्रह: कृषि कानून वापस लें, ताकि किसान घर मना सकें दिवाली, सरकार का बड़ा दिल दिखाएगा फैसला

पंजाब के पूर्व मंत्री कांग्रेस विधायक राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तीन कृषि कानूनों को रद्द करने का आग्रह किया है, ताकि किसान कड़ाके की सर्दी से पहले अपने घरों को लौट सकें। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान सैकड़ों किसान अपनी जान गवा चुके हैं। सोढ़ी ने कहा कि समाज के कुछ वर्गों द्वारा तर्क दिया जाता है कि कानून वापस लेने को सरकार की कमजोरी माना जाएगा, जबकि ऐसा मानना गलत है। कानून वापस लेने का फैसला सरकार के बड़े दिन और उदारता को दिखाएगा।

उन्होंने कहा कि पिछले साल की 26 नवंबर से तीन कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर ज्यादातर पंजाब, हरियाणा और यूपी के किसान दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हुए हैं। देश पिछले एक साल से अधिक समय से किसानों के विरोध को देख रहा है। जहां एक ओर किसान एकजुट होकर अपनी आवाज उठा रहे हैं, वहीं ऐसे सैकड़ों किसान भी हैं जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए लड़ते हुए अपनी जान गंवाई है।

उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदर्शन कर रहे किसान जरूरी वस्तुओं, साफ सफाई की उचित व्यवस्था और स्वच्छ पेयजल के बिना विपरित परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकट परिस्थितियों में किसानों की दृढ़ता ने उनके संकल्प को दिखाया है कि जब तक विवादास्पद कृषि कानूनों को रद्द करने पर सहमति नहीं हो जाती है, तब तक वे घर नहीं जाएंगे।

यह भी पढ़ें :
पंजाब: बेमौसम बारिश से किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा देगी सरकार, उप मुख्यमंत्री ओपी सोनी ने किया ऐलान

उन्होंने प्रधानमंत्री से किसानों के साथ फिर से बातचीत शुरू करने का आग्रह किया। ताकि कड़ाके की सर्दी शुरू होने से पहले किसान अपने घरों को लौट सकें। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन नजदीक आ रहा है। उचित यहीं होगा कि किसान सड़कों की बजाय अपने परिवारों के साथ त्योहार मनाए। वे इस दिवाली को अपने परिवारों के साथ मनाए।
... और पढ़ें

सेना में भर्ती के नाम पर ठगी: 15 महीने बाद पीरु पर मामला दर्ज, 34 युवाओं से आरोपी ने ठगे 28 लाख

राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सैकड़ों युवाओं से सेना में भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले बहुचर्चित फर्जी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रदीप सिंह उर्फ पीरु उर्फ सरवण सिंह उर्फ संदीप सिंह गिल वासी नूरपुर बेट जिला लुधियाना के खिलाफ थाना जोधा(पंजाब) में करीब 28 लाख रुपये की ठगी का मुकदमा दर्ज किया गया है।

15 महीने की लंबी जांच के बाद अब जिला ग्रामीण पुलिस के नवनियुक्त एसएसपी राज बचन सिंह संधू की ओर से मामले का संज्ञान लेते हुए इसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा के इंचार्ज इंस्पेक्टर हीरा सिंह को सौंपी थी। इसके बाद रविवार को पीरु के खिलाफ धारा 420 और 406 में मुकदमा दर्ज हुआ है। हालांकि 16 जुलाई, 2020 को करीब 150 युवाओं को ठगने के मामले में पीरु के खिलाफ जिला लुधियाना के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न थानों में शिकायत दी गई थी।

घटना के 15 महीने बाद सिर्फ 34 पीड़ितों की शिकायत पर पहली कार्रवाई हुई है। थाना जोधा में पीड़ित चनण सिंह वासी फल्लेवाल की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में 34 पीड़ितों से करीब 28 लाख रुपये ठगने की बात सामने आई है। हालांकि पीरु के खिलाफ विभिन्न राज्यों में कई मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन पंजाब में उसके खिलाफ यह दूसरा मुकदमा दर्ज हुआ है।

गौरतलब है कि इससे पहले लुधियाना के थाना लाडोवाल में 20 जून, 2020 को तरनतारन के मंजीत सिंह की शिकायत पर पीरु और उसकी पत्नी मंदीप कौर के खिलाफ 12.50 लाख रुपये की ठगी का मामला दर्ज हुआ था। पीरु इन दिनों उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ सेंट्रल जेल में कैद है। उसके खिलाफ 4 अगस्त, 2020 को अलीगढ़ के थाना इगलास में सेना में भर्ती के नाम पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

पीरु को यूपी पुलिस ने 10 अगस्त, 2020 को गांव भीलपुर के समीप नाकाबंदी कर गिरफ्तार कर लिया था। पीरु के खिलाफ यूपी अलीगढ़ के थाना इगलास में गांव कुंडवारा के रमेश कुमार की शिकायत पर साढ़े सात लाख रुपये की ठगी का मामला दर्ज किया गया था। तब से पीरु अलीगढ़ सेंट्रल जेल में बंद है।

यह भी पढ़ें :
राणा गुरमीत का पीएम से आग्रह: कृषि कानून वापस लें, ताकि किसान घर मना सके दिवाली, सरकार का बड़ा दिल दिखाएगा फैसला

यह था मामला
16 जुलाई, 2020 को दोपहर 1 बजे करीब 150 युवाओं के सेना की वर्दी में एयरफोर्स स्टेशन हलवारा के मुख्य द्वार पर पहुंचने से हड़कंप मच गया था। वायु सेना सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभाला तो सभी युवा फरार होने लगे। सुधार पुलिस की मदद से करीब 10 वर्दीधारी युवाओं को पकड़ कर थाना सुधार लाया गया तो उनकी सच्चाई सुनकर सबके होश उड़ गए थे। पीरु ने इन सभी युवाओं को सेना और वायुसेना में भर्ती के जाली अप्वाइंटमेंट लेटर और वर्दी देकर एयरफोर्स स्टेशन हलवारा बुलाया था। पीरु ने इन युवाओं को भरोसा दिया था कि हलवारा स्टेशन से हवाई जहाजों के जरिये उन्हें उनकी पोस्टिंग की जगह पहुंचाया जाएगा। तय समय और तारीख पर पीरु नहीं पहुंचा और फरार हो गया।

अमर उजाला ने 17 जुलाई को इस खबर को प्रमुखता से छापा था, जिसके बाद सरकार भी एक्शन में आ गई थी। अमर उजाला ने 18 जुलाई को खुलासा कर दिया था कि सरवण सिंह के नाम पर 2002 में सेना की 152 टीए बटालियन में भर्ती ठग पीरु सेना से 2016 में बर्खास्त कर दिया गया था। अपने भाई सरवण सिंह के सर्टिफिकेट और उसी के नाम पर सेना में भर्ती हुए ठग का असली नाम प्रदीप सिंह पीरु है। 2016 तक पीरु अपने भाई के नाम पर ही नौकरी करता रहा। इस पूरे मायाजाल में पटियाला के गांव जीवनपुर की महिला भी पीरु की सहयोगी रही है।
 
... और पढ़ें

पंजाब: बेमौसम बारिश से किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा देगी सरकार, उप मुख्यमंत्री ओपी सोनी ने किया ऐलान

उप मुख्यमंत्री ओपी सोनी ने कहा कि बेमौसम हुई बरसात से प्रभावित किसानों को सरकार मुआवजा देगी। सीमांत जिलों अमृतसर के अलावा तरनतारन, पठानकोट, गुरदासपुर सहित अन्य जिलों में ओलावृष्टि से हुए नुकसान का पता लगाने के लिए विशेष गिरदावरी करवाई जाएगी और रिपॉर्ट के मुताबिक किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। सोनी ने रविवार को अमृतसर के मूलेचक्क गांव में विकास कामों के लिए 10 लाख रुपये का चेक देने के बाद मीडिया के साथ बातचीत के दौरान यह बात कही।

उन्होंने कहा कि बीते कल कई जिलों में ओलावृष्टि से खेतों में सफेद चादर नजर आने लगी है। खेतों में पानी भर गया और फसल भी बारिश से खराब हो गई। बारिश के चलते किसानों के हुए नुकसान का आंकड़ा जुटाने के लिए विशेष गिरदावरी करवाने की हिदायतें सरकार ने जारी करते हुए अधिकारियों को जल्द से जल्द रिपॉर्ट देने को कहा है। जिससे बारिश से पीड़ित किसानों को मुआवजा राशि दी जाए।

सोनी ने गांव मूलेचक्क में आयोजित समागम के दौरान कहा कि इस गांव में 85 फीसदी से ज्यादा विकास काम पूरा हो चुका है। गांव के विकास के बचे कामों को अगले माह तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने गांव की पंचायत को विकास कामों के लिए 10 लाख रुपये और देने का वादा किया। सोनी ने कहा कि गांव में डिस्पेंसरी बनाई जाएगी और गांव के स्कूल को अपग्रेड किया जाएगा। पंचायत ने उपमुख्यमंत्री को सम्मानित किया।

यह भी पढ़ें :
पंजाब की पांच बड़ी खबरें: सुबह सात से शाम पांच बजे तक मिलेगा डीजल-पेट्रोल, मंडियों में भीगा किसानों का धान

इससे पहले उन्होंने रियालटो चौक स्थित चर्च में पहुंचे सरबत के भले के लिए 2.5 लाख रुपये का चेक भेंट किया। बॉर्डर इलाका में स्कूल खोल कर लोगों को कम रेटों पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया करवाए जाने की बात उन्होंने कही। चर्च के बिशप प्रदीप कुमार समंता ने सोनी की लंबी आयु की प्रार्थना करते हुए उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर एसडीएम डा. दीपक भाटिया, पार्षद विकास सोनी, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य डा. सुभाष थोबा, डेनियल बी दास और एसपी हरदीप सिंह उपस्थित थे।

खराब हुई फसल का सौ फीसदी मुआवजा दे चन्नी सरकार : आप
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के किसान विंग के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक कुलतार सिंह संधवां ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार ने किसानों से किए वादे कभी पूरे नहीं किए। उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार की तरह चन्नी सरकार ने न तो किसानों का कर्ज माफ किया और न ही बेमौसमी बरसात व अन्य कारणों से बर्बाद फसलों का मुआवजा दिया है। संधवां ने चन्नी सरकार से मांग की है कि किसानों को खराब फसलों का सौ फीसदी मुआवजा दिया जाए।

पार्टी मुख्यालय से रविवार को जारी बयान में विधायक संधवां ने कहा कि पिछले सीजन में बारदाने की कमी के कारण किसान परेशान थे और अब धान में ज्यादा नमी के नाम पर किसानों की फसल नहीं खरीदी जा रही। उन्होंने कहा कि कृषि प्रकृति पर निर्भर रही है। धान की फसल में लगातार बरसात के कारण नमी की मात्रा बढ़ रही है, लेकिन केंद्र सरकार ने पंजाब के किसानों से बदला लेने के लिए न्यूनतम नमी वाला धान खरीदने की शर्त लगा रही है। उन्होंने कहा कि अमृतसर और तरनतारन समेत पंजाब के कुछ जिलों में ओलावृष्टि के कारण और मालवा क्षेत्र में गुलाबी सुंडी के हमले के कारण बर्बाद हुई फसलों का जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए। साथ ही धान की नमी की मात्रा में छूट दी जाए, ताकि किसानों को मंडियों में परेशान न होना पड़े।
... और पढ़ें

पंजाब: डेरा बाबा नानक में भारी बरसात और ओलावृष्टि ने मचाई तबाही, खड़ी फसलों को भारी नुकसान

तेज बारिश और ओलावृष्टि की वजह से पंजाब के डेरा बाबा नानक में खेतों में खड़ी फसल सफेद चादर की तरह दिखने लगी। भारी बारिश से खेतों और अनाज मंडी में पानी भर गया। तेज ओलावृष्टि से क्षेत्र में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कुदरत के कहर से किसान परेशान हैं।

पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने डेरा बाबा नानक और आसपास के क्षेत्रों में खराब हुई फसलों का जायजा लिया। क्षेत्र के किसानों ने बताया कि उन्होंने अपने खेतों में गोभी और बासमती की फसल लगाई है। रात को भारी बारिश और ओलावृष्टि की वजह से फसल बर्बाद हो गई। उनका लाखों का नुकसान हो गया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले इतनी ज्यादा बारिश और ओलावृष्टि कभी नहीं देखी।
  
पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि पिछले करीब 20 साल में पहली बार देखा गया कि इतनी ज्यादा ओलावृष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि धान की फसल तो लगभग सारी ही खराब हो गई है और परमल चावल का नुकसान हुआ है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वह गिरदावरी ईमानदारी से करवाएं, ताकि सही लोगों को मुआवजा जल्द से जल्द मिल सके। 

                                                  अनाज मंडी में भरा बरसात का पानी। 

डीसी ने गिरदावरी का दिया आदेश
गुरदासपुर जिले के कुछ हिस्सों में हुई भारी बरसात और ओलावृष्टि की वजह से फसलों के नुकसान का पता लगाने के लिए डीसी मोहम्मद इशफाक ने जिले में विशेष गिरदावरी कराने का आदेश जारी किया है। जिले के सभी उपमंडल मजिस्ट्रेट को जारी एक पत्र में डीसी ने निर्देश दिया कि 23 अक्तूबर को जिला गुरदासपुर में भारी बारिश ओलावृष्टि होने के कारण फसलों के खराब होने का अंदेशा है। सभी एसडीएम अपने क्षेत्र में खराब फसल की विशेष गिरदावरी कर अपनी रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर डीसी ऑफिस भेजें। 

बरसात और ओले गिरने से खराब फसल का मुआवजा दे सरकार
बरसात और ओले की वजह से हलवारा के कई गावों में धान की फसल जमीन पर बिछ गई। जम्हूरी किसान सभा पंजाब के नेता गुरउपदेश सिंह और हरजीत सिंह ने आसपास के गांवों का दौरा किया। उन्होंने बताया कि बरसात और तेज हवाओं के साथ गिरे ओले के कारण खेतों में धान की फसल खराब हो गई है। 

कई खेतों में डेढ़ से दो फुट तक पानी भरा है। इसके साथ जिन किसानों ने कुछ समय पहले आलू की बिजाई की, उस फसल के खराब होने की आशंका है। अगर आलू की फसल बच गई तो उसका झाड़ कम होगा। किसान नेताओं ने मांग की है कि मंडियों में पड़े धान को पूरे रेट पर खरीदा जाए। इस प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों को हुए नुकसान का पूरा मुआवजा सरकार को देना चाहिए।
... और पढ़ें

अमृतसर: मंडियों में सरकारी खरीद की व्यवस्था नहीं, शैलर मालिकों की हड़ताल, बारिश में धान भीगने से किसानों को नुकसान

बेमौसम बरसात से किसान दहशत में हैं। किसान कोशिशों के बावजूद मंडियों में बेचने के लिए लाई गई धान को भीगने से बचाने में असमर्थ रहे। एक तरफ मंडियों में सरकारी खरीददार का अता पता नहीं है तो दूसरी ओर शैलर मालिकों की हड़ताल से किसानों को अपनी धान तय कीमत से कम रेटों पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि हल्की बरसात भी किसानों को प्रति एकड़ 10 फीसदी नुकसान की चपत लगा जाती है।

मीरां चक्क गांव के किसान डॉ. सुखविंदरपाल सिंह ने बताया कि वह शनिवार को अपनी धान बेचने के लिए भगतां वाला दाना मंडी लाए थे। न तो सरकारी खरीद हुई और न ही प्राइवेट खरीद हुई। शनिवार को बारिश हो गई और उनकी धान भीग गई। अब वे 600 रुपये तक कम कीमत पर धान बेचने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि एसी हालत में किसानों को दस फीसदी तक नुकसान हो जाता है।

खियाला गांव के किसान लवप्रीत सिंह ने बताया कि बारिश से धान भीग गई। अब उन्हें इसे हवा लगवाने के लिए अलग से मजदूरी देनी पड़ी। धान के सूखने पर भी उन्हें पूरी कीमत मिलने की उम्मीद नहीं। तिरपाल की व्यवस्था नहीं है और इसका खामियाजा किसान भुगत रहे हैं। लवप्रीत ने कहा कि वे सही दाम मिलने तक मंडी में इंतजार करेंगे पर इस पर भी उनका अलग से खर्च आएगा, जो उनका नुकसान है।

यह भी पढ़ें :
पंजाब: बेमौसम बारिश से किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा देगी सरकार, उप मुख्यमंत्री ओपी सोनी ने किया ऐलान

गहरी मंडी के सरपंच कुलदीप सिंह काला ने कहा कि 70 फीसदी तक धान मंडियों से उठाई जा चुकी है। बची धान पर बारिश से किसानों को 20 फीसदी से ज्यादा का नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि सरकार को सर्वे करवाकर पता लगाना चाहिए कि किसानों का कितना नुकसान हुआ और प्रभावित किसानों को मुआवजा देना चाहिए।

बरनाला से शैलर के लिए धान लेने पहुंचे ट्रांसपोर्टर नायब सिंह ने बताया उन्हें कहा गया है कि जल्दी से जल्दी धान को ट्रकों में लोड कर लें। धान भीगने पर शैलर मालिकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
... और पढ़ें

बारिश व ओलावृष्टि से तबाही: खेतों में फसल बिछी, पानी में डूबा मंडियों पर पड़ा धान, फिरोजपुर में किसानों का बड़ा नुकसान

मूसलाधार बारिश से मंडियों में खुले में पड़ा धान भीग गया। बोरियों में भरा धान भी नीचे से भीग गया है। बारिश से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। धान गीला होने के कारण रविवार को मंडियों में खरीद नहीं की गई। किसानों का कहना है कि प्रति क्विंटल तकरीबन पांच किलो धान की फसल नष्ट हुई है।
 
किसान रेशम सिंह व संतोख सिंह ने बताया कि उनकी फसल शहर की मंडी में पड़ी है। जिसकी अभी खरीद नहीं हुई है। शनिवार देर शाम अचानक मूसलाधार बारिश होने से मंडी में खुले आसमान तले पड़े धान के ढेर पानी में डूब गए हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें प्रति क्विंटल लगभग पांच किलो धान का नुकसान हुआ है। जब तक धान की फसल सूखेगी नहीं, तब तक खरीद एजेंसियों के अधिकारी उनकी धान खरीदेंगे नहीं। 

जलालाबाद में किसान नेता गुरविंदर सिंह मन्नेवाला ने पंजाब सरकार से फसल के हुए नुकसान की गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा देने की मांग की है। मंडियों में किसानों का धान गिला होने से रविवार को धान की खरीद नहीं हुई है। ज्यादातर किसानों के पास तिरपाल नहीं होने के कारण बारिश में धान गिला हो गया। मंडियों में पानी भरने से धान के ढेर भी जलमग्न हो गए।
... और पढ़ें

एशिया की सबसे बड़ी मंडी का हाल: पुख्ता इंतजाम न होने से परेशान किसान, बारिश से भीगा सैकड़ों टन धान

देर रात से हो रही बारिश ने पंजाब की मंडियों में सरकार के प्रबंध की पोल खोल दी। बरसात की वजह से मंडियों में सैकड़ों टन धान की फसल भीग चुकी है। धान की फसल को किसान किसी तरह से फटी तिरपाल के सहारे बचाने का प्रयास करते रहे पर उनको कोई लाभ हुआ नहीं।

नतीजा यह हुआ कि अब किसानों को धान की फसल को सुखाने के लिए करीब एक सप्ताह और मंडियों में बैठना होगा। फसल भीगने के कारण अब इसकी बोली नहीं लगेगी और खरीद एजेंसियां तभी फसल खरीदेंगी जब यह पूरी तरह से सूख जाएगी जो फसल भीगने से बच भी गई है उसमें नमी की मात्रा बढ़ गई है। जिसकी वजह से किसानों के लिए यह एक नई परेशानी बन गई है।

गौरतलब है कि धान की फसल की खरीद के लिए सरकार ने बड़े दावे किए थे। एशिया की सबसे बड़ी खन्ना अनाज मंडी, जिला लुधियाना की दूसरी सबसे बड़ी मंड़ी जगरांव में सैकड़ों टन अनाज भीग चुका है। सबसे ज्यादा बुरे हालात छोटी मंडियों के है। जहां शेड तो थे नहीं और तिरपाल का प्रबंध भी नहीं किया गया था। 

वहां मंडी में पड़ी धान की फसल पूरी तरह भीग चुकी है। जगरांव मंडी की बात करें तो अभी तक यहां महज दस फीसदी धान की फसल पहुंची है। महानगर लुधियाना में आसपास हंबड़ा रोड और बहादुर के रोड स्थित अनाज मंडी में पुख्ता प्रबंध न होने के कारण भी धान की फसल भीग चुकी है।
... और पढ़ें
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00