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पंजाब: विधायक बैंस को हाईकोर्ट का झटका और अबोहर में बस हादसा... पढ़ें पांच बड़ी खबरें

पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू के सिर पर ताज सजाकर आलाकमान कैप्टन अमरिंदर सिंह से जीत का आश्वासन मांग रहा है। पंजाब प्रभारी हरीश रावत के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के लिए अभी भी कैप्टन उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जितने पहले थे। वहीं पार्टी में नेताओं के नाराज होने वाली परंपरा को लेकर पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ काफी खफा हैं। पढ़ें अन्य खबरें... 
 
अमृतसर से अबोहर आ रही बस पेड़ से टकराई, एक की मौत, लोगों ने कंडक्टर को पीटा
पंजाब में शनिवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे अमृतसर से अबोहर आ रही एक कंपनी की बस मलोट रोड पर गांव गोबिंदगढ़ के पास अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस आगे से दोफाड़ हो गई। हादसे में बस में सवार करीब 30 यात्रियों में से 10 लोग घायल हो गए जबकि एक युवक की मौत हो गई।  
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विधायक सिमरजीत सिंह बैंस को झटका: एफआईआर का आदेश रद्द करने से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का इनकार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने लोक इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष और लुधियाना से विधायक सिमरजीत सिंह बैंस को बड़ा झटका देते हुए लुधियाना की ट्रायल कोर्ट के उस फैसले पर मुहर लगा दी है जिसमें बैंस पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया था। 
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सिद्धू के मंच से जाखड़ के बोल: मंत्री-विधायकों के नाराज होने की परंपरा बनी, पूछा- क्या ये कांग्रेस के फूफा हैं 
पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू की ताजपोशी के जरिए यह बताने की कोशिश की जा रही है कि कांग्रेस में सब कुछ बेहतर है। इसी का नतीजा है कि सिद्धू से नाराज कैप्टन अमरिंदर सिंह कार्यभार ग्रहण कार्यक्रम में पहुंचे। पार्टी में नेताओं के नाराज होने वाली परंपरा को लेकर पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ काफी खफा है। 
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सियासत : कैप्टन की चाय पार्टी में ऐसा क्या हुआ कि प्रियंका गांधी को करना पड़ा फोन, सिद्धू दोबारा पंजाब भवन लौटे
कांग्रेस की पंजाब इकाई की कमान अब नवजोत सिंह सिद्धू के हाथों पर आ गई है। शुक्रवार को उन्होंने 10 हजार से ज्यादा समर्थकों की मौजूदगी में कार्यभार संभाला। अंदरूनी मतभेदों से घिरी कांग्रेस को इस कार्यक्रम में एक दिखाने की कोशिश की गई। इन कोशिशों का नतीजा रहा कि नवजोत सिंह सिद्धू के धुर विरोधी पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कार्यभार ग्रहण कार्यक्रम में शिरकत की और एक साथ काम करने की बात कही।    
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रणनीति: सिद्धू के सिर पर प्रदेश अध्यक्ष का ताज रखने के बाद अब कैप्टन के सहारे पंजाब जीतने का सपना देख रही कांग्रेस
पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू के सिर पर ताज सजाकर आलाकमान कैप्टन अमरिंदर सिंह से जीत का आश्वासन मांग रहा है। पंजाब प्रभारी हरीश रावत के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के लिए अभी भी कैप्टन उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जितने पहले थे।  
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पंजाब पंजाब

सिद्धू के कार्यक्रम स्थल पर हंगामा: 700 पुलिसवालों को चकमा दे पंजाब कांग्रेस भवन की छत पर चढ़े अनुबंध शिक्षक

नवजोत सिंह सिद्धू की ताजपोशी के दौरान सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चूक हो गई। कार्यक्रम की सुरक्षा में 700 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद आंदोलनरत अनुबंध शिक्षक पंजाब कांग्रेस भवन की छत पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। इससे सुरक्षा में लगे पंजाब और चंडीगढ़ पुलिस के कर्मियों के हाथपांव फूल गए। बमुश्किल पुलिस ने उन्हें छत से उतारा। इस दौरान हुई झड़प में कुछ शिक्षकों ने छत से भी कूदने का प्रयास किया।

स्थायी नौकरी की मांग कर रहे पंजाब के अस्थायी शिक्षक मोहाली के फेज-8 स्थित पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के बाहर कई दिन से धरना दे रहे हैं। अपनी मांग को लेकर कई बार शिक्षकों द्वारा चंडीगढ़ कूच किया जा चुका है। शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला के साथ भी आंदोलनरत शिक्षक कई दौर की बैठक कर चुके हैं। 

अभी तक उनकी मांग को लेकर कोई फैसला नहीं होने से आक्रोशित आंदोलनरत कुछ शिक्षक शुक्रवार को सुरक्षा में तैनात चंडीगढ़ और पंजाब पुलिसकर्मियों को धता बताते हुए सिद्धू की ताजपोशी कार्यक्रम में पहुंच गए। जहां कुछ शिक्षक पंजाब कांग्रेस भवन की छत पर भी चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। 

आनन-फानन पुलिस ने शिक्षकों को उतारने का प्रयास किया, इस दौरान हुई झड़प के बीच कुछ शिक्षकों ने छत से कूदने का भी प्रयास किया। हालांकि वे इसमें सफल नहीं हो पाए। चंडीगढ़ पुलिस ने शिक्षकों को हिरासत में लेकर पंजाब पुलिस को सौंप दिया। छत पर चढ़ने वाले शिक्षकों में कुछ महिलाएं भी थीं।
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विधायक सिमरजीत सिंह बैंस को झटका: एफआईआर का आदेश रद्द करने से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का इनकार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने लोक इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष और लुधियाना से विधायक सिमरजीत सिंह बैंस को बड़ा झटका देते हुए लुधियाना की ट्रायल कोर्ट के उस फैसले पर मुहर लगा दी है जिसमें बैंस पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया था। याचिका दाखिल करते हुए बैंस ने बताया था कि पीड़िता ने उनके और उनके साथियों के खिलाफ याचिका दाखिल की थी, जिसे अदालत ने मंजूर करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर का निर्देश जारी करते हुए स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था। 

याची ने बताया था कि महिला बीते कई माह से उन पर दुष्कर्म के आरोप लगा रही है। आरोप यह है कि एक संपत्ति विवाद के चलते वह याची से मिली थी। याची ने अपने दफ्तर में बने एक कमरे में उसके साथ दुष्कर्म किया था। इसके बाद उस महिला ने 16 नवंबर 2020 को पुलिस कमिश्नर सहित अन्य अधिकारियों को इसके खिलाफ लिखित शिकायत दी थी और एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। 


हर स्तर पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने का महिला ने आरोप लगाया था। निचली अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पीड़िता की याचिका को मंजूर करते हुए लुधियाना पुलिस को याची और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया था। याची ने आरोपों को सिरे से नकारते हुए हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बैंस की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ दी गई शिकायत एक संज्ञेय अपराध की है और ऐसे में इसकी जांच करना बेहद जरूरी है। एडिशनल सीजेएम द्वारा 7 जुलाई को जारी एफआईआर के आदेश में कोई खामी नही है। ऐसे में एफआईआर दर्ज करने के आदेश को खारिज नहीं किया जा सकता।
   
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सिद्धू के मंच से जाखड़ के बोल: मंत्री-विधायकों के नाराज होने की परंपरा बनी, पूछा- क्या ये कांग्रेस के फूफा हैं

पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू की ताजपोशी के जरिए यह बताने की कोशिश की जा रही है कि कांग्रेस में सब कुछ बेहतर है। इसी का नतीजा है कि सिद्धू से नाराज कैप्टन अमरिंदर सिंह कार्यभार ग्रहण कार्यक्रम में पहुंचे। इसके बाद राहुल गांधी ने बयान जारी कर कहा कि पंजाब संकट हल हो चुका है। लेकिन पार्टी के नेताओं के बयान इन दावों पर समय-समय पर सवाल खड़े कर देते हैं। पार्टी में नेताओं के नाराज होने वाली परंपरा को लेकर पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ काफी खफा है। 

शुक्रवार को सिद्धू की ताजपोशी के दौरान सुनील जाखड़ का पारा चढ़ा हुआ दिखाई दिया। उन्होंने पार्टी के नाराज मंत्रियों और विधायकों पर जमकर निशाना साधा। जाखड़ नवजोत सिद्धू को खरी-खरी सुनाने से भी नहीं चूके। अपने भाषण के दौरान जाखड़ ने कहा कि मैंने यू हीं हांडी नहीं छोड़ी। मैं दोस्ती भी खुलकर निभाता हूं और दुश्मनी भी। 

उन्होंने कहा कि कैप्टन के साथ 20 साल काम किया है और उनसे मेरा रिश्ता बहुत गहरा है। कैप्टन मेरे और मैं उनके काम से बहुत प्रभावित हूं। जाखड़ ने नाराज मंत्रियों-विधायकों को भी निशाने पर लेते हुए मंच से उनके नाम लेकर कहा कि रंधावा जी, चन्नी जी और लाल जी मेरी बात ध्यान से सुनें लेकिन बुरा न मानें। 

कांग्रेस की रिवायत बन गई है कि मंत्री-विधायक नाराज होते हैं तो उन्हें मनाने जाना पड़ता है लेकिन वे फिर नाराज हो जाते हैं। जाखड़ ने सवाल किया कि क्या ये कांग्रेस के फूफा हैं, जिन्हें बार-बार मनाया जाए? सिद्धू को संबोधित करते हुए जाखड़ ने कहा- सिद्धू मेरी बात ध्यान से सुनें। हाईकमान ने आपको यह जिम्मेदारी सोच-समझकर दी है। इस ओहदे पर पूरी ईमानदारी से काम करना।

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सियासत : कैप्टन की चाय पार्टी में ऐसा क्या हुआ कि प्रियंका गांधी को करना पड़ा फोन, सिद्धू दोबारा पंजाब भवन लौटे

पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़।
कांग्रेस की पंजाब इकाई की कमान अब नवजोत सिंह सिद्धू के हाथों पर आ गई है। शुक्रवार को उन्होंने 10 हजार से ज्यादा समर्थकों की मौजूदगी में कार्यभार संभाला। अंदरूनी मतभेदों से घिरी कांग्रेस को इस कार्यक्रम में एक दिखाने की कोशिश की गई। इन कोशिशों का नतीजा रहा कि नवजोत सिंह सिद्धू के धुर विरोधी पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कार्यभार ग्रहण कार्यक्रम में शिरकत की और एक साथ काम करने की बात कही। 

कैप्टन ने दिखाई नरमी
पिछले कई दिनों से सिद्धू के प्रति तल्ख कैप्टन अमरिंदर सिंह के तेवर अब नरम हैं। उन्होंने गुरुवार को ही नवजोत सिंह सिद्धू को चाय पार्टी के लिए पंजाब भवन में आमंत्रित किया। बता दें कि इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि जब तक नवजोत सिंह सिद्धू सोशल मीडिया पर दिए गए अपने बयान पर सार्वजनिक माफी नहीं मांग लेते हैं, तब तक मैं उनसे मुलाकात नहीं करूंगा। शुक्रवार को नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब भवन में कैप्टन की चाय पार्टी पर पहुंचे। लेकिन यहां भी कुछ ऐसा हुआ कि प्रियंका गांधी को दखल देना पड़ा।

प्रियंका गांधी के कहने पर कैप्टन से मिले सिद्धू
कांग्रेस भवन में ताजपोशी से पहले पंजाब भवन में कैप्टन ने सभी मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को चाय पर बुलाया था। नवजोत सिद्धू जब पंजाब भवन पहुंचे तब तक कैप्टन वहां नहीं आए थे। इस पर सिद्धू कुछ देर विधायकों से बातचीत करने के बाद पंजाब भवन से चले गए। इस बात की सूचना तुरंत हरीश रावत ने प्रियंका गांधी को फोन पर दी, जोकि इन दिनों शिमला में हैं। 

प्रियंका ने तुरंत नवजोत सिद्धू को फोन करके वापस पंजाब भवन पहुंचने को कहा। आखिरकार सिद्धू पंजाब भवन लौटे, तब तक कैप्टन वहां पहुंच चुके थे। सिद्धू ने उन्हें दूर से ही फतेह बुलाई और पूरे जोश के साथ गले मिलने के अपने चिर-परिचित अंदाज में कैप्टन से मिलने से परहेज किया। हालांकि यह माना जा रहा था कि सिद्धू पंजाब भवन में चाय पार्टी के दौरान ही कैप्टन से अपने गिले-शिकवे दूर कर लेंगे और दोनों साथ-साथ पंजाब कांग्रेस भवन के लिए रवाना होंगे।
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हाईकमान ने माना कलह खत्म: राहुल गांधी बोले- पंजाब संकट हल हो गया, रावत ने कहा- 2022 में बनाएंगे सरकार

नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष का पद शुक्रवार को संभाल लिया है। इस बीच राहुल गांधी ने पार्टी के अंदरूनी मतभेदों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। पंजाब में मचे सियासी संकट पर राहुल गांधी ने कहा कि पंजाब कांग्रेस का विवाद हल हो गया है। नई दिल्ली में संसद भवन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि ‘पंजाब संकट हल हो गया है।’ 

चंडीगढ़ के सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिह, पार्टी मामलों के प्रभारी हरीश रावत और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़, सांसद प्रताप सिंह बाजवा, परनीत कौर, राजिंदर कौर भट्ठल, लाल सिंह, विजय इंदर सिंगला, भारत भूषण, हरविंदर पाल सिंह हंसपाल, महिंदर सिंह केपी, कुलजीत सिंह नागरा, सुखजिंदर सिंह रंधावा की मौजूदगी में नवजोत सिद्धू ने पदभार संभाल लिया।

अगर अब भी किसी को कोई नाराजगी हुई तो मुझे बताना: हरीश रावत
लंबे अरसे तक चले पंजाब कांग्रेस के विवाद को नवजोत सिद्धू की ताजपोशी के साथ ही पार्टी हाईकमान ने समाप्त मान लिया है। हालांकि शुक्रवार को भी सिद्धू और कैप्टन के बीच तल्खी भरी दूरियां और सांसद प्रताप बाजवा समेत कई नेताओं को नजरअंदाज किए जाने के मुद्दे सुलगते रहे। इस दौरान अपने भाषण में पार्टी मामलों के प्रभारी हरीश रावत ने कहा कि बड़ी मुश्किल से कांग्रेस फिर से एक हुई है। 

अब अगर किसी भी मंत्री, विधायक को कोई नाराजगी है तो वे मेरे पास आकर बात करें, मैं उसे सुलझाने की पूरी कोशिश करूंगा। नहीं तो राहुल गांधी कहेंगे कि आपकी कोई जरूरत नहीं है। रावत ने कहा कि किसी को कोई गिला-शिकवा हो तो वे जरूरत पड़ने पर उसका पक्ष हाईकमान के सामने रखेंगे लेकिन इस तरह अपनी नाराजगी खुले तौर पर इजहार न की जाए, जिसका खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़े। रावत ने कहा कि सिद्धू और कैप्टन अब मिलकर 2022 में पंजाब में सरकार बनाएंगे और 2024 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनेगी।
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पंजाब: सिद्धू बने पंजाब कांग्रेस के कप्तान और मोगा हादसे में गई तीन की जान... पढ़ें पांच बड़ी खबरें

कलह तो बाकी है: फिर दिखी नवजोत सिद्धू की अकड़, भट्ठल-लाल सिंह और रावत के पांव छुए, कैप्टन को देखा तक नहीं

पंजाब कांग्रेस की कलह अभी बाकी है। सारे गिले-शिकवे भुलाकर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने तो दरियादिली दिखाई लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू के कैप्टन के प्रति रवैये में कोई बदलाव दिखाई नहीं दिया। सभी को साथ लेकर चलने का एलान करते हुए सिद्धू ने शुक्रवार को पंजाब कांग्रेस भवन में आयोजित समारोह में पंजाब प्रदेश कांग्रेस पार्टी के प्रधान के रूप में पदभार संभाल लिया।

इस मौके पर उस समय बड़ी विचित्र स्थिति बन गई जब नवजोत सिद्धू भाषण देने के लिए कुर्सी से उठे। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल, पूर्व अध्यक्ष लाल सिंह और पार्टी मामलों के प्रभारी हरीश रावत के पांव छूकर तो आशीर्वाद लिया लेकिन मंच पर ही मौजूद कैप्टन अमरिंदर सिंह को पूरी तरह अनदेखा कर दिया।


सिद्धू के साथ ही नवनियुक्त चारों कार्यकारी अध्यक्षों- कुलजीत सिंह नागरा, सुखविंदर सिंह डैनी, संगत सिंह गिलजियां और पवन गर्ग ने भी पदभार संभाल लिया। इस मौके पर कैप्टन ने सिद्धू और चारों कार्यकारी अध्यक्षों को बधाई दी। अपने भाषण में कैप्टन ने कहा कि आगामी चुनाव में न तो बादल दिखाई देंगे और न ही मजीठिया। उन्होंने कहा कि नवजोत सिद्धू के पिता को वे (कैप्टन) ही सियासत में लाए थे। उन्होंने कहा कि अब वह और सिद्धू पंजाब की ही नहीं बल्कि देश की सियासत में एकजुट दिखाई देंगे। कैप्टन ने कहा कि जब पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन्हें बताया कि नवजोत सिद्धू को प्रदेश प्रधान बनाया जा रहा है, तो उन्होंने हाईकमान के फैसले का खुला स्वागत किया था।
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