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शहीद ऊधम सिंह का बलिदान दिवस: स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम पंजाबी शहीदों की बनेगी यादगार, कैप्टन ने किया एलान  

संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम ऊधम सिंह वाला (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 31 Jul 2021 06:29 PM IST

सार

शहीद ऊधम सिंह के 82वें बलिदान पर पंजाब सरकार द्वारा आयोजित समागम में कांग्रेस की रार फिर दिखाई दी। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह इस समागम में विशेष रूप से शामिल हुए। इस कार्यकाल में मुख्यमंत्री बनने के बाद कैप्टन पहली बार सुनाम में शहीदी समागम में पहुंचे थे लेकिन समागम में कांग्रेस के दिग्गज नेता गैर हाजिर रहे। 
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शहीद ऊधम सिंह को नमन करने पहुंचे कैप्टन अमरिंदर सिंह।
शहीद ऊधम सिंह को नमन करने पहुंचे कैप्टन अमरिंदर सिंह। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को शहीद ऊधम सिंह के 82वें राज्यस्तीय बलिदान दिवस समागम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई के गुमनाम पंजाबी शहीदों की याद में एक भव्य यादगार बनाई जाएगी। अंडमान निकोबार में कई पंजाबी शूरवीर शहीद हुए थे, जिनकी जानकारी किसी को नहीं है। अंग्रेजी हुकूमत यहां काले पानी की सजा देकर शूरवीरों पर अत्याचार करती रही थी। वहां की जेल में भी यातनाएं दी जाती थीं। वहां से शहीदों के नाम लिए जा रहे हैं और एक सांझा यादगार पर उनके नाम अंकित करके उनकी शहादतों को नमन किया जाएगा। 
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कैप्टन ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। लंदन में माइकल ओ डायर को मारने के बाद ऊधम सिंह वहां से भागे नहीं बल्कि हंसते हुए खुद को ब्रिटिश पुलिस के हवाले किया था। उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग में हुए हत्याकांड से ऊधम सिंह, बेहद आहत थे। 21 साल तक इस आग को अपने मन में रखे हुए थे और आखिरकार लंदन में पहुंचकर उन्होंने अपनी इस आग को शांत किया था। 



कैप्टन ने कहा कि जब 1980 में वह सांसद बने थे तब उनके मन में था कि यदि संभव हुआ तो शहीद ऊधम सिंह की यादगार बनाएंगे। इस दौरान कैप्टन ने दो करोड़ 63 लाख रुपये की लागत से बनाई गई शहीद की यादगार का उद्घाटन किया। कांग्रेस की हलका प्रभारी दामन बाजवा ने कहा कि शहीद की नगरी के लोगों की लंबे समय से उठाई गई मांग को पूरा किया गया है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री विजय इंदर सिंगला, हरमन बाजवा, मुनीष सोनी, निशान सिंह टोनी, हिम्मत बाजवा हाजिर थे।

शहीद ऊधम सिंह की पिस्तौल व डायरी का मामला विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाएंगे
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार की तरफ से जल्दी ही शहीद ऊधम सिंह की पिस्तौल और डायरी को यूके से वापस लेने का मुद्दा केंद्रीय विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाया जाएगा। शहीद ऊधम सिंह के 82वें शहीदी दिवस के मौके पर करवाए गए राज्य स्तरीय समारोह के दौरान पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अथक कोशिशों स्वरूप शहीद की अस्थियां 40 वर्षों बाद भारत वापस लाई गईं। 

उन्होंने कहा कि अब शहीद ऊधम सिंह की पिस्तौल और डायरी स्काटलैंड में हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को यह मामला ब्रिटिश हाई कमीशन के पास उठाना चाहिए, ताकि शहीद ऊधम सिंह से संबंधित यह चीजें वापस लाई जा सकें। कैप्टन सिंह ने कहा कि महान शहीद की यह धरोहर विदेश में से वापस लाने के बाद इनको आम लोगों के लिए यहां के अजायब घर में रखा जाएगा, क्योंकि सरकार इनकी विश्व स्तरीय ऐतिहासिक यादगार बनाना चाहती है।
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