लखबीर हत्याकांड: गम में डूबी पत्नी बोली, कभी अमृतसर तक नहीं गया लखबीर..पता नहीं कुंडली बॉर्डर कैसे पहुंच गया

संवाद न्यूज एजेंसी, तरनतारन (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 15 Oct 2021 07:51 PM IST

सार

लखबीर सिंह का शव शुक्रवार को कुंडली बॉर्डर पर बैरिकेड से लटकता मिला था। उसका एक हाथ काटकर शव के साथ ही बांधा गया था। उसे काफी बर्बर तरीके से मौत के घाट उतारा गया था। 
मृतक लखबीर और गम में डूबी पत्नी जसप्रीत।
मृतक लखबीर और गम में डूबी पत्नी जसप्रीत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

हरियाणा के कुंडली बॉर्डर पर बर्बर तरीके से मौत के घाट उतारा गया लखबीर सिंह उर्फ टीटू तरनतारन के गांव चीमा खुर्द का रहने वाला था। भारत पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांव कलस में पैदा हुए लखबीर को उसकी बुआ ने बचपन में ही गोद ले लिया था। उसकी मौत के बाद दोनों गांवो में कोहराम मचा हुआ है। टीटू की हत्या की खबर मिलते ही मायके में रह रही उसकी पत्नी जसप्रीत कौर अपनी तीनों बेटियों के साथ ससुराल चीमा खुर्द पहुंची। जसप्रीत ने कहा कि उसका पति कभी अकेला अमृतसर तक नहीं गया, उसे आखिर कुंडली बॉर्डर कौन ले गया, इसकी जांच की जानी चाहिए। 
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वहीं गांव के लोगों के अनुसार बचपन में ही लखबीर और उसकी छोटी बहन राजबीर कौर को उसकी बुआ महिंदर कौर और फूफा हरनाम सिंह ने गोद ले लिया था। गरीबी से जूझने वाले लखबीर का वर्ष 2006 में अमृतसर के गांव लोधेवाल की जसप्रीत कौर के साथ विवाह हुआ था। तीन बेटियों का पिता लखबीर नशा करने का आदी था। उसकी इस आदत से परेशान जसप्रीत छह वर्ष पहले बेटियों को लेकर मायके चली गई थी। 


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लखबीर के पड़ोस में रहने वाली सविंदर कौर, कंवलजीत कौर ने कहा कि मामले की उच्चस्तरीय जांच की जानी चाहिए। टीटू पर धार्मिक बेअदबी करने का आरोप सरासर झूठा है। उसने कभी भी किसी ग्रामीण को तंग नहीं किया। 

अनाज मंडी में मजदूरी करता था लखबीर 
मैट्रिक पास लखबीर अनाज मंडी में मजदूरी करता था। उसके घर तीन बेटियां तानिया (14), संदीप (11), कुलदीप (9) पैदा हुईं। फिर तीन वर्ष बाद बेटा पैदा हुआ, जो दो वर्ष बाद दम तोड़ गया। नशे की लत के शिकार टीटू को उसकी पत्नी जसप्रीत कौर ने तीन बेटियों का वास्ता देकर कई बार नशे से तौबा करने की नसीहत दी। उसे तीन बार नशा छुड़ाओ सेंटर में दाखिल भी करवाया गया। 

नशा न छोड़ने के कारण जसप्रीत वर्ष 2015 में तीनों बेटियों को लेकर मायके चली गई। जसप्रीत के छोटे भाई सुखचैन सिंह ने बताया कि वह रंग-रोगन का काम करता है। छोटी बहन गुरमीत कौर की शादी होने वाली है। घर में बुजुर्ग पिता बलदेव सिंह, मां सविंदर कौर हैं। सुखचैन ने बताया कि लखबीर ने कभी परिवार की कोई जिम्मेदारी नहीं निभाई। लखबीर के ससुर ने अपने घर में कहा कि लख्बीर को वहां जाने का लालच दिया गया। इसकी जांच होनी चाहिए और उसे न्याय मिलना चाहिए। 

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