राणा गुरमीत का पीएम से आग्रह: कृषि कानून वापस लें, ताकि किसान घर मना सकें दिवाली, सरकार का बड़ा दिल दिखाएगा फैसला

पीटीआई, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 24 Oct 2021 10:10 PM IST

सार

तीन कृषि कानूनों के विरोध में 10 माह से अधिक समय से किसान दिल्ली के सीमाओं पर धरने पर बैठे हैं। किसानों की मांग है कि तीन कृषि कानूनों को वापस लिया जाए और किसानों को एमएसपी की गारंटी दी जाए। 
राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी
राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पंजाब के पूर्व मंत्री कांग्रेस विधायक राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तीन कृषि कानूनों को रद्द करने का आग्रह किया है, ताकि किसान कड़ाके की सर्दी से पहले अपने घरों को लौट सकें। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान सैकड़ों किसान अपनी जान गवा चुके हैं। सोढ़ी ने कहा कि समाज के कुछ वर्गों द्वारा तर्क दिया जाता है कि कानून वापस लेने को सरकार की कमजोरी माना जाएगा, जबकि ऐसा मानना गलत है। कानून वापस लेने का फैसला सरकार के बड़े दिन और उदारता को दिखाएगा।
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उन्होंने कहा कि पिछले साल की 26 नवंबर से तीन कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर ज्यादातर पंजाब, हरियाणा और यूपी के किसान दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हुए हैं। देश पिछले एक साल से अधिक समय से किसानों के विरोध को देख रहा है। जहां एक ओर किसान एकजुट होकर अपनी आवाज उठा रहे हैं, वहीं ऐसे सैकड़ों किसान भी हैं जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए लड़ते हुए अपनी जान गंवाई है।


उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदर्शन कर रहे किसान जरूरी वस्तुओं, साफ सफाई की उचित व्यवस्था और स्वच्छ पेयजल के बिना विपरित परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकट परिस्थितियों में किसानों की दृढ़ता ने उनके संकल्प को दिखाया है कि जब तक विवादास्पद कृषि कानूनों को रद्द करने पर सहमति नहीं हो जाती है, तब तक वे घर नहीं जाएंगे।

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उन्होंने प्रधानमंत्री से किसानों के साथ फिर से बातचीत शुरू करने का आग्रह किया। ताकि कड़ाके की सर्दी शुरू होने से पहले किसान अपने घरों को लौट सकें। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन नजदीक आ रहा है। उचित यहीं होगा कि किसान सड़कों की बजाय अपने परिवारों के साथ त्योहार मनाए। वे इस दिवाली को अपने परिवारों के साथ मनाए।

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