आतंक की साजिश: पंजाब में 13 बार पाकिस्तानी ड्रोन कर चुके घुसपैठ, चीन का भी कनेक्शन आया सामने

सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Sat, 21 Aug 2021 03:06 AM IST

सार

पाकिस्तान पंजाब में आतंक की साजिश रच रहा है। इसके लिए उसने ड्रोनों का सहारा लिया। यह ड्रोन चीन निर्मित हैं। इन्हीं के जरिए पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई पंजाब में हथियारों को गिराने का मंसूबा पाले है। कई मौकों पर वह सफल भी हुई। वहीं सीमा पर जवान बेहद मुस्तैद है।
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ड्रोन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

जम्मू-कश्मीर के बाद अब पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाक में बैठे आतंकवादी चीन निर्मित ड्रोन से पंजाब में हथियारों को गिराने लगे हैं। जम्मू-कश्मीर में लगातार ड्रोन से दहशत फैला चुके आतंकवादी अब पंजाब को निशाने पर ले चुके हैं। पिछले दो-तीन वर्षों में जम्मू और पंजाब में ड्रोन से हथियार, ड्रग्स और विस्फोटक गिराने के कई मामले सामने आए हैं। पंजाब में ही 13 बार ड्रोन से हथियार व विस्फोटक सामग्री आ चुकी है।
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आतंकी गतिविधियों में ड्रोन का इस्तेमाल देश की सुरक्षा के लिहाज से खतरे की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। सशस्त्र ड्रोन के खतरे पर भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठानों ने कुछ साल पहले चर्चा की थी। इससे पहले पंजाब पुलिस की तरफ से भी इस बात को लेकर दावे किए गए थे कि पंजाब में पाकिस्तान ने ड्रोन से हथियार गिराए हैं। 


पंजाब में एक बार फिर आतंकी गतिविधियां तेज हो गई हैं। जर्मनी, कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और इटली में बैठे आतंकी पाकिस्तान में बैठे साथियों के जरिये फंडिंग कर ड्रोन से पंजाब में हथियारों की बड़ी खेप पहुंचा रहे हैं। दो साल में हथियार व विस्फोटक मिलने की 33 घटनाएं हो चुकी हैं। हाल ही में चंद दिन पहले काबू किए गए दो आतंकियों सैमी निवासी सुल्तानविंड और अमृतपाल सिंह निवासी गांव महेडू निकट मेहतपुर जालंधर ने खुलासा किया कि उन्होंने यूके में बैठे लुधियाना के शिंगार सिनेमा बमकांड के मुख्य आरोपी व आतंकी गुरप्रीत सिंह खालसा के आदेश पर आतंकी वारदात को अंजाम देना था।

हथियार व विस्फोटक पदार्थों की सप्लाई गुरप्रीत ने आईएसआई और बब्बर खालसा इंटरनेशनल के जरिये ड्रोन से भारत भेजी थी। सूत्रों के अनुसार 13 बार ड्रोन ने अगर घुसपैठ की है तो 5 बार ड्रोन हथियार गिरा चुका है। पंजाब में ही 12 अगस्त 2019 से अब तक पांच चीनी ड्रोन बरामद किए जा चुके हैं। 

इंटेलीजेंस एजेंसियों ने सुरक्षाबलों को अलर्ट किया है कि हथियार पहुंचाने के लिए इस्तेमाल हो रहे ड्रोन से सीमा के नजदीक लक्ष्यों पर बम से हमला भी किया जा सकता है। भारतीय एजेंसियां इस समस्या से निपटने के लिए मंथन कर रही हैं। एक तरफ जहां भारत एंटी-ड्रोन क्षमता विकसित करने में जुटा है और पंजाब और जम्मू-कश्मीर में धुंध वाले मौसम में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती अधिक होगी। 

पिछले साल जून में बीएसएफ ने सीमा पार पाकिस्तान से आते हुए एक ड्रोन को कठुआ में मार गिराया था। इस ड्रोन के मार गिराए जाने पर इससे एक सेमी-ऑटोमेटिक कार्बाइन, गोला-बारूद और ग्रेनेड की बरामदगी हुई थी। इस ड्रोन का वजन करीब 18 किलो था और यह 5-6 किलोग्राम का वजन लेकर उड़ान भर रहा था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इस ड्रोन के अधिकतर पुर्जे चीन में बने हुए थे। हाल ही में पंजाब में विस्फोटक व टिफिन बम भी ड्रोन के जरिए भेजे गए थे, जिसके दो हिस्से पकड़े जा चुके हैं।
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