कामन लैंड प्रोटेक्शन कमेटी ने एसजीपीसी सदस्य पर लगाया सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप

Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Thu, 07 Oct 2021 02:00 AM IST
Common Land Protection Committee accuses SGPC member of occupying government land
विज्ञापन
ख़बर सुनें
जीरकपुर। कामन लैंड प्रोटेक्शन सोसाइटी हलका डेराबस्सी की ओर से बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसजीपीसी सदस्य निरमैल जौला पर गांव जौलाकलां की सरपल्स सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने के आरोप लगाए गए हैं। इसकी शिकायत उन्होंने डीसी मोहाली को देकर करवाई करने की अपील की है। डीसी ने इस संबंधी एसडीएम डेराबस्सी को शिकायत भेजते हुए मामले की जांच करने के लिए कहा है।
विज्ञापन

इस मामले में की गई प्रेस वार्ता में सोसायटी के पदाधिकारी अवतार सिंह नगला ने बताया कि लालड़ू इलाके में गोल्डन फॉरेस्ट कंपनी जो कि सरकार की ओर से सरप्लस जमीन घोषित कर दी गई थी, जो मॉल विभाग के रिकार्ड में सरकार के नाम पर है। यह जमीन खाली पड़ी थी। जिस पर मौजूदा एसजीपीसी सदस्य निरमैल जौला और उसके भाई गुरमीत सिंह नंबरदार की ओर से 514 बीघे, 16 बिसवे जो कि करीब 125 एकड़ बनती है, पर पिछले 15 साल से अवैध कब्जा किया हुआ है।

इस पर कॉमन लैंड प्रोटेक्शन कमेटी के प्रधान अवतार सिंह नगला ने कहा कि निरमैल जौला और उसके भाई ने 15 साल से इस जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इस जमीन का एक एकड़ का वार्षिक ठेका 50 हजार रुपये है, जिसमें इस पूरी जमीन का ठेका लेकर सरकार को लाखों रुपये का चूना लग रहा है। यह सरकारी जमीन है और इसे नियमों के मुताबिक जरूरतमंदों को बांट देनी चाहिए या जिनके पास घर भी नहीं हैं उनको दे देनी चाहिए। अवतार नगला ने डीसी मोहाली को दी शिकायत में कहा कि एक तो निरमैल जौला और गुरमीत सिंह से सरकारी जमीन छुड़ाकर जरूरतमंदों को दे देनी चाहिए और साथ ही उनसे पिछले 15 साल का जमीन का ठेका जो कि 50 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से 75 लाख रुपये वार्षिक बनता है वह लेना चाहिए। इस जमीन का ठेका पिछले 15 साल से लेकर अब तक करीब 10 करोड़ रुपये बनता है। नगला ने बताया कि गांव के नंबरदार की जिम्मेवारी बनती है कि किसी भी सरकारी जमीन को कोई दबाता है या नुकसान पहुंचता है तो उसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों को करेंञ लेकिन जौला गांव ने नंबरदार होन पर भी खुद ही जमीन दबाए बैठे हैं। इसलिए उनको नंबरदारी से बर्खास्त किया जाना चाहिए। नगला ने कहा उक्त दोनों आरोपी भाइयों से जमीन छुड़वाकर जरूरतमंद लोगों की दी जाए। वहीं, इस संबंधी संपर्क करने पर एसडीएम डेराबस्सी कुलदीप बावा ने कहा कि अभी इस मामले में किसी की ओर से शिकायत नहीं दी गई है। अगर कोई शिकायत देता है तो इसके बाद ही मामले की जांच करने के बाद बनती कार्रवाई की जाएगी।
पहले हमारी फसल को जानवरों से बचाने का इंतजाम करें
इस संबंधी निरमैल सिंह जौलाकलां ने कहा कि हमारे पास जद्दी जमीन करीब 65 एकड़ के आसपास है और जो हमारे परिवार के सभी 6 भाइयों की है। जिस जमीन का आरोप लगाया जा रहा है वह पूरे हलके में करीब 1000 एकड़ से ऊपर है। यह जमीन खेती लायक नहीं है। इसलिए इस यहां झाड़ियां पैदा हो जाती हैं और यहां जंगली जानवर रहने लगते हैं जो कि आसपास की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए जिन लोगों के खतों के पास यह जमीन पड़ती है, वह सभी इस पर खेतीबाड़ी कर रहे हैं। जिससे यहां जंगली जानवर न रहने लगें और उनकी फसल को नुकसान न हो। हम जमीन छोड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन जो भी व्यक्ति यह आरोप लगा रहे हैं वह सरकारी जमीन पर कंटीली तार लगाकर उनकी जमीन को जंगली जानवरों और अन्य पशुओं से बर्बाद होने से बचाने का इंतजाम कर दे और सरकार से बोलकर इस जमीन को जरूरतमंद को दे दें। मैं अपनी जद्दी जमीन से हजार गज साथ में जरूरतमंद लोगों को दे दूंगा।
- निरमैल जौलां, एसजीपीसी सदस्य।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00