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राजस्थान: REET दोबारा कराने की मांग को सीएम ने किया खारिज, बोले- जहां पेपर लीक हुआ वहां पर होगी फिर से परीक्षा

राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (REET) दोबारा नहीं कराई जाएगी। इस परीक्षा का पेपर लीक हुआ था ना कि वायरल हुआ था। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने साफ किया कि परीक्षा को लेकर अगर कोई शिकायत मिलेगी तो सच्चाई का पता लगाया जाएगा। गड़बड़ी की पुष्टि होने पर उस सेंटर पर फिर से परीक्षा कराई जाएगी। इसकी आड़ में लाखों लोगों को फिर से परीक्षा के लिए बुलाना कहां कि समझदारी है। यह समझ से परे है। गहलोत ने स्पष्ट कर दिया है कि चाहे नकल हो या पेपर लीक। पूरी परीक्षा फिर से कराना संभव नहीं है। 

पिछले दिनों REET-2021 परीक्षा में नकल मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG)के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें सवाई माधोपुर में तैनात कॉन्स्टेबल दिगम्बर, उसका भाई व एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। 

समाज में कुछ लोग युवाओं को भ्रमित कर रहे- सीएम 
गहलोत ने एक साक्षात्कार में कहा-राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा में राजस्थान के लोगों ने इतिहास रचा है। अभी भी हमने कहा है कि चाहे भाजपा का राज हो या कांग्रेस का। पेपर आउट होने की खबरें आती रहती हैं। हमने इस बार काफी कड़ाई बरती है। सरकारी अधिकारी-कर्मचारी के लिप्त पाए जाने पर उसे नौकरी से बर्खास्त करने की बात पहले ही बता दी थी। जिन सेंटर पर नकल करते हुए पाया गया, ऐसे स्कूलों की मान्यता समाप्त करने और कार्रवाई करने की बात कह दी थी।

33 हजार युवाओं को लगेगी नौकरी
15-17 लाख नौजवान छात्र परीक्षा में बैठे थे। फ्री खाना और ठहरने की व्यवस्था कराई गई थी। ये हमारे विपक्ष के साथियों को पच नहीं रहा है। REET देने आए नौजवान लोगों ने सरकार,समाजसेवियों, एक्टिविस्टों के जिन्दाबाद के नारे लगाए। विपक्ष से यह हजम नहीं हो रहा। इसलिए समाज में कुछ लोग ऐसे हैं, जो युवाओं को भ्रमित कर रहे हैं।
गहलोत ने कहा कि 33 हजार युवाओं की इस परीक्षा से नौकरी लगने वाली है। यह संख्या अपने आप में बड़ी है। विपक्ष ऐसे लोगों को भड़का रहा है, जिनकी नौकरी ही नहीं होने वाली। ऐसे लोगों को भ्रमित करना काफी आसान होता है। गहलोत ने कहा कि आज-कल पेपर ओमएमआर शीट से आते हैं। उसी वक्त बच्चों को मालूम पड़ जाता है कि मैं पास होऊंगा या फेल। ऐसे लोगों को भाजपा टारगेट कर भड़काने की कोशिश में लगी रहती है। 
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सियासी कलह : पंजाब सीएम का मंगलवार को जयपुर दौरा, चन्नी मुख्यमंत्री गहलोत से लेंगे सियासी संकट दूर करने के टिप्स

पंजाब कांग्रेस में सियासी हलचल के बीच अब राजस्थान कांग्रेस कूद पड़ी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पंजाब में जारी सियासी विवाद को खत्म करने के लिए आगे आए हैं। गहलोत मुख्यमंत्री चन्नी को कलह शांत करने का मंत्र देंगे। इस सिलसिले में पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी मंगलवार को जयपुर पहुंच रहे हैं।  चन्नी के सम्मान में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भोज का कार्यक्रम रखा है। इस भोज में गहलोत कैबिनेट के सभी मंत्री और प्रमुख कांग्रेस नेताओं को बुलाया है।

पंजाब में सियासी संकट पर अब तक सीएम गहलोत केवल सोशल मीडिया पर कैप्टन अमरिंदर सिंह को अनुभवी नेता बताते हुए पार्टी के खिलाफ कोई ऐसा कदम नहीं उठाने की अपील थी। गहलोत ने कहा था कि कैप्टन अमरिंदर पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और वह कोई भी फैसला ऐसा नहीं लेंगे जिससे पार्टी को नुकसान पहुंचेगा। इसके अलावा गहलोत ने कोई बयान नहीं दिया था। अब चन्नी को बड़ा भोज देकर एक तरह से पंजाब कांग्रेस विवाद को सुलझाने के लिए गहलोत की भी एंट्री हो गई है।

चन्नी का जयपुर दौरा काफी अहम
गहलोत कैबिनेट में राजस्व मंत्री हरीश चौधरी अब भी चंडीगढ़ में कैंप करके पंजाब कांग्रेस विवाद पर हाईकमान के साथ कोऑर्डिनेट कर रहे हैं। चन्नी के जयपुर दौरे को कांग्रेस की सियासत के हिसाब से काफी अहम माना जा रहा है।

सियासी कलह दूर करने के लिए गहलोत देंगे चन्नी को टिप्स
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव है। चुनाव में अब कुछ ही महीने बचे हुए हैं। ऐसे में अशोक गहलोत के साथ चन्नी मौजूदा राजनीतिक मसलों पर चर्चा करेंगे। पंजाब में नवजोत सिद्धू के कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस में कलह जारी है।

चन्नी को हाईकमान ने चुनाव से ठीक पहले सीएम बनाया है। ऐसे में सरकार को तेज गति से फैसले लेने के साथ पार्टी को भी साध कर चुनावी मोड में लाना चन्नी के सामने बड़ी चुनौती है। चरणजीत सिंह चन्नी के सामने कैप्टन अमरिंदर सिंह समेत कई नाराज नेताओं को भी संभालकर रखने की चुनौती है। ऐसे में चन्नी का जयपुर दौरा कांग्रेस और चन्नी के लिए बेहद अहम है। 
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राजस्थान : श्रीगंगानगर में धरने पर बैठे किसानों से पीएचईडी मंत्री ने की मुलाकात, मांगों पर विचार करने का दिया आश्वासन

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में करीब 250 किसानों ने इंदिरा गांधी नहर से सिंचाई का पानी छोड़ने की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी है। बीते शनिवार को घड़साना में सैकड़ों किसानों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर जमा होकर परिसर का घेराव किया। उन्होंने कार्यालय में प्रवेश को अवरुद्ध कर दिया जिसके बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि वहां तैनात कुछ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को किसानों ने कुछ देर के लिए कार्यालय के अंदर बंद कर दिया। श्रीगंगानगर के कलेक्टर जाकिर हुसैन ने कहा, स्थिति शांतिपूर्ण है और लगभग 250 किसान इस समय घड़साना में धरने पर बैठे हैं और नहर से सिंचाई के पानी की मांग कर रहे हैं।

वहीं रविवार को किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान सरकार के जलसंसाधन मंत्री बीडी कल्ला से मुलाकात की। जिसके बाद मंत्री ने किसानों की मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया है। कलेक्टर ने कहा, बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यंत ने कहा कि एसडीएम कार्यालय के अंदर और बाहर पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजस्थान सशस्त्र बल (आरएसी) की एक बटालियन को भी तैनात किया गया है।

किसानों की नहीं सुनी जा रही थी बातें
कई दिन से किसान खेतों में सिंचाई के लिए पानी दिए जाने की ठोस मांग करने का अनुरोध कर रहे थे। किसानों ने कई बार इस बाबत प्रशासन को घेराव और बंधक बनाने की चेतावनी भी दी थी, लेकिन सरकार पर असर नहीं हो रहा था। शनिवार को किसानों का धर्य टूटने लगा और उन्होंने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर डीएसपी समेत कई पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों को कब्जे में लेकर एक कमरे में बंद कर दिया। हालांकि, कलेक्टर और एसपी के दखल के बाद कब्जे में लिए गए अधिकारियों को रिहा किया गया। 

2004 में किसानों का हुआ था उग्र आंदोलन
घड़साना में वर्ष 2004 में भी सिंचाई पानी के लिए उग्र आंदोलन हुआ था। उस वक्त भी किसानों ने सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने पर प्रदर्शन किया था। कई दिनों तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन को पानी की व्यवस्था करना पड़ा था। एक बार फिर से किसानों के इस प्रदर्शन को देखते हुए सरकारी अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।  

पुलिस और किसानों के बीच धक्का मुक्की
शुक्रवार को जिला कलेक्टर और एसपी ने भी घड़साना के किसान नेताओं से बात कर उनसे शांति बनाए रखने की अपील की थी,  लेकिन शाम होते-होते यह बेअसर हो गई। किसान नेताओं ने कलेक्टर और एसपी को किसानों की ओर से टकराव की पहल नहीं करने का विश्वास दिलाया था , लेकिन शाम को किसान पुलिसकर्मियों से उलझ गए और धक्का मुक्की की नौबत आ गई ।

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कोटा : संपत्ति के लिए फर्जी ट्रस्ट डीड करने के आरोप में पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह व दो अन्य के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

कोटा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पूर्व केंद्रीय मंत्री कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह व दो अन्य के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। उन पर बूंदी के पूर्व शाही परिवार की संपत्ति हासिल करने के लिए फर्जी ट्रस्ट डीड करने का आरोप है।

दो अन्य आरोपियों में जितेंद्र सिंह के ससुर बिजेंद्र सिंह और बूंदी के पूर्व जिला प्रमुख श्रीनाथ सिंह हाड़ा हैं। यह वारंट 18 नवंबर को जारी हुए थे। मामले पर अगली सुनवाई 6 जनवरी को है। मामले में अविनाश कुमार चांदना की शिकायत पर दिसंबर 2017 को केस दर्ज हुआ था। अविनाश पूर्व राजपरिवार के आखिरी राजा बहादुर सिंह के बेटे रंजीत सिंह का मित्र है। 
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warrant- सांकेतिक तस्वीर warrant- सांकेतिक तस्वीर

राजस्थान: कांग्रेस संगठन में पायलट समर्थकों को मिलेगी जगह, दिल्ली में डोटासरा-पायलट की बैठक

राजस्थान कांग्रेस में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब पार्टी संगठन में पायलट समर्थकों को जगह मिलने के आसार हैं। कांग्रेस संगठन की नियुक्तियों में भी सचिन पायलट कैंप के नेताओं को ठीक संख्या में जगह मिलेगी।  दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा और सचिन पायलट के बीच लंबी चर्चा हुई है। 24 नवंबर को दिल्ली में हुई बैठक में पायलट समर्थकों को संगठन में नियुक्तियां देने के फॉर्मूले पर रणनीति बनी। इन्हें प्रदेश कार्यकारिणी से लेकर जिला और ब्लॉक स्तर तक पदाधिकारी बनाया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान के स्तर पर सत्ता संगठन में पायलट समर्थकों को जगह देने पर पहले से ही सहमति बन चुकी है। कांग्रेस संगठन में पिछले साल जुलाई से भंग पड़े जिला और ब्लॉक में हजारों नेताओं को पद दिए जाने हैं। उन पदों पर पायलट समर्थकों को भी अच्छी संख्या में जगह मिलेगी।

हर तबके को प्रतिनिधित्व- पायलट
बैठक के बाद सचिन पायलट ने कहा- प्रदेशाध्यक्ष के साथ राजस्थान में सत्ता और संगठन में हर तबके को प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में सरकार और संगठन में हर वर्ग और हर तबके के लोगों का प्रतिनिधित्व हो। राजस्थान के हर तबके को यह लगना चाहिए कि यह हमारी अपनी सरकार है। आने वाले दिनों में राजस्थान में संगठन में और विस्तार होगा। मुझे लगता है कि उसके लिए हम सभी मिलकर काम करेंगे। 

भाजपा पर पायलट का तंज
पायलट ने आगे कहा कि राजस्थान में सत्ता और संगठन में सबकी राय लेकर काम किया जाएगा। हमारा मकसद यह है कि साल 2023 में जब चुनाव हो तो कांग्रेस प्रचंड बहुमत के साथ राजस्थान में फिर से कांग्रेस सत्ता में आए। हम मिल बैठकर राजस्थान में संगठन, सरकार और क्षेत्र की बात करेंगे। इस दौरान सचिन पायलट ने केंद्र और भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार की खामियों को जल्द ही जनता के बीच रखेंगे। 
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सियासत: मुख्यमंत्री गहलोत के नए सलाहकार का सचिन पायलट पर जोरदार हमला, मीणा बोले-

राजस्थान में फिर फंसा पेंच: कैबिनेट विस्तार के बाद भी नहीं थम रही खींचतान, विभागों के बंटवारे पर गहराया विवाद

राजस्थान कांग्रेस में लंबे समय से चली आ रही सियासी उथल-पुथल के बाद रविवार को कैबिनेट का विस्तार किया गया, लेकिन अब विभागों के बंटवारे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कुछ मंत्री विभागों के बंटवारे से खुश नहीं हैं। ऐसे में मंत्रालयों का बंटवारा अब दिल्ली से होगा। दरअसल, कैबिनेट बदलाव के बाद माना जा रहा था कि ये अंदरूनी कलह शांत हो जाएगी पर ऐसा होता दिख नहीं रहा। रविवार को मंत्रियों को शपथ लेने से पहले सचिन पायलट ने भी साफ कर दिया था कि राजस्थान कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है, हम सभी एक साथ मिलकर 2023 का चुनाव जीतेंगे, लेकिन मंत्री पद की शपथ के बाद ही विभागों के बंटवारे पर खींचतान शुरू हो गया। 

सचिन पायलट के करीबी विधायक बृजेंद्र सिंह ओला ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्होंने ये शिकायत दर्ज कराई कि वो चार बार के विधायक हैं, फिर भी उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया, जबकि दो बार के विधायकों को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। 

बंटवारे पर आला कमान लेगा फैसला 
प्रदेश प्रभारी अजय माकन सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ मुलाकात कर  साथ विभागों के बंटवारे को लेकर चर्चा करेंगे। फिर अशोक गहलोत से इस पर बात की जाएगी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गहलोत इस पक्ष में हैं कि जिन मंत्रियों के पास पहले जो मंत्रालय था, उन्हें वहीं दिया जाए, जबकि नए मंत्रियों को खाली मंत्रालय दिए जाएं, लेकिन इस पर पायलट गुट के विधायक सहमत नहीं हैं।

निर्दलीय विधायकों की नाराजगी दूर
वहीं, मंत्रियों की शपथ के बाद देर रात निर्दलीय विधायकों की नाराजगी दूर करने के लिए मुख्यमंत्री गहलोत ने सभी निर्दलीय को अपना सलाहकार नियुक्ति किया। माना जा रहा है कि बीएसपी से आए विधायकों को भी संसदीय सचिव बनाकर उनका असंतोष दूर किया जाएगा।  वहीं, दूसरी तरफ आलाकमान चाह रहा था कि संसदीय सचिव की सूची में 2-3 नाम पायलट खेमे के भी हों। 
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राजस्थान: गहलोत की नई कैबिनेट में 'पायलट' की उड़ान, बोले- कमी पूरी हो गई, अब कोई गुट नहीं

अशोक गहलोत और सचिन पायलट (फाइल फोटो)
राजस्थान में महीनों तक चली सियासी हलचल के बीच आज नई कैबिनेट का शपथ ग्रहण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच जारी तकरार धीरे-धीरे शांत पड़ती जा रही। गहलोत कैबिनेट में रविवार को चार नए मंत्री शपथ लेने जा रहे हैं।  इसी बीच सचिन पायलट ने कांग्रेस आलाकमान के फैसले पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि जो कुछ कमियां थीं, उसपर कांग्रेस हाईकमान ने ध्यान दिया और उसे पूरा किया। पायलट ने कहा कि मंत्रिमंडल की नई सूची से अच्छा और साकारात्मक संदेश गया है। 

उन्होंने कहा कि हमने इस मुद्दे को बार-बार उठाया था। मुझे खुशी है कि पार्टी आलाकमान और राज्य सरकार ने इसका संज्ञान लिया। बता दें कि शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर हुई बैठक में  गहलोत सरकार के सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दिया था। 

2023 में कांग्रेस दोबारा सत्ता में आएगी- सचिन पायलट
रविवार को सचिन पायलट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कर दिया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से उन्हें कोई नाराजगी नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरी कांग्रेस एकजुट होकर काम कर रही है। आज राजस्थान में हर वर्ग कांग्रेस के साथ जुड़कर काम कर रहा है। पायलट ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों को जिस तरह मौका दिया गया है उससे वह संतुष्ट हैं। 2023 में कांग्रेस दोबारा सत्ता में आएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के निर्देश पर पूरी निष्ठा से काम करूंगा।

पायलट ने भाजपा पर साधा निशाना
मीडिया को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने भाजपा पर भी निशाना साधा। पायलट ने कहा कि भाजपा धीरे-धीरे हाशिए पर जा रही है। गहलोत सरकार के सभी मंत्रियों के इस्तीफे के बाद 15 नए मंत्री शनिवार को शपथ लेंगे, जिनमें से 11 कैबिनेट मंत्री हैं। 

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सचिन पायलट खेमे से पांच मंत्री
सचिन पायलट खेमे के जिन लोगों को मंत्रालय में शामिल किया गया है, उनमें विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा और हेमाराम चौधरी कैबिनेट मंत्री हैं, इसके अलावा बृजेंद्र ओला और मुरारी मीणा राज्य मंत्री हैं।
हेमाराम चौधरी, मुरारीलाल मीणा व बृजेंद्र ओला पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के करीबी नेता हैं। पिछले साल अशोक गहलोत ने इन्हें मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया था। इसको लेकर सचिन पायलट नाराज चल रहे थे, लेकिन गहलोत ने फिर से सचिन पायलट के करीबियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया है। 
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राजस्थान: चुरू में युवक और युवती के शव तालाब में मिले, पुलिस मामले की जांच में जुटी

राजस्थान के चुरू जिले में एक युवक और युवती के शव तालाब में मिलने से सनसनी फैल गई। दोनों शव तालाब में तैरते मिले। पुलिस के अनुसार, युवक-युवती मंगलवार की रात चुरू जिले के रत्नदेसर गांव से अपने घर से गायब हो गए थे। इस बारे में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने गोताखोरों के दल से तालाब में तलाश करवाई। पुलिस ने प्रथम दृष्टया इसे प्रेम प्रसंग का बताया है। 

गोताखोरों को बुधवार को जलाशय में काफी खोजबीन के बाद शव मिले। रतनगढ़ के पुलिस उपाधीक्षक सालेह मोहम्मद ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह असफल प्रेम संबंध के कारण आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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कार्रवाई: फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर बनकर ठगने वाला युवक गिरफ्तार, 15 लाख रुपये का किराना सामान लेने के चक्कर में फंस गया आरोपी

जयपुर में झोटवाड़ा थाना पुलिस ने फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर बनकर शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। एक व्यापारी की सूझबूझ से फर्जी पुलिस बनकर ठगी करने वाले युवक को पकड़ा गया है। एक किराना कारोबारी पर रौब झाड़ने के लिए शातिर ठग पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी पहनकर डिपार्टमेंटल दुकान पर चला गया। वहां अपनी फर्जी आईडी और पुलिस लाइन के लैटरपेड पर पुलिस कमिश्नर और एसपी के नाम से मुहर लगी सामान की लिस्ट भी थमा दी।

संदेह होने पर व्यवसायी ने अपने परिचित पुलिस वालों से बातचीत की तब ठगी का खुलासा हुआ। आरोपी के पास से आईएएस और आईपीएस की 14 मुहर भी बरामद की गई है। पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी पहनकर ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले युवक पर कई राज्यों में मुकदमा दर्ज है। 

फर्जी कागजात बना कर ठगी करता था आरोपी
डीसीपी (पश्चिम) ऋचा तोमर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी  राहुल शेखावत उर्फ  कालुराम  श्रीगंगानगर जिले के एसकेएम, पुलिस थाना रावला का निवासी है। राहुल शेखावत के कब्जे से पुलिस की चार वर्दी, फर्जी आईडी कार्ड (एसीबी इंस्पेक्टर राजस्थान, पुलिस इंस्पेक्टर, आबकारी इंस्पेक्टर) बरामद हुई है। इसके अलावा 11 पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की 14 सील मोहर जब्त की गई है। पुछताछ में पुलिस ने बताया कि राहुल लोगों को भर्ती के नाम पर फर्जी कागजात बना कर ठगी करने में इसी मोहर को इस्तेमाल करता था। इसके अलावा तीन मोबाइल फोन व दो लग्जरी कार भी बरामद हुई है।

पकड़े जाने पर पुलिस पर झाड़ने लगा रौब
झोटवाड़ा थाना प्रभारी घनश्याम सिंह ने बताया कि किराना व्यापारी मनीष रावत ने रविवार को केस दर्ज करवाया था। बताया था कि वह इंस्पेक्टर 17 अक्तूबर को ही माल की डिलीवरी लेने आएगा। पुलिस की स्पेशल टीम राहुल शेखावत को गिरफ्तार करने के लिए पहले ही दुकान पर पहुंच गई। जैसे राहुल शेखावत पुलिस की वर्दी पहनकर डिपार्टमेंटल स्टोर पर सामान की डिलीवरी लेने पहुंचा। तभी कॉन्स्टेबल बलराम व मालीराम ने राहुल को पकड़ लिया। उसने दोनों पुलिसकर्मियों पर रौब झाड़ते हुए कहा कि वह एसीबी में पुलिस इंस्पेक्टर है। शातिर ठग ने धमकाते हुए यह भी कहा कि तुम मुझे जानते नहीं हो। हालांकि, दोनों पुलिस अधिकारी उसे झोटवाड़ा थाने ले गए। सोमवार को उसे कोर्ट में पेशकर रिमांड लिया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। 
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जयपुर: टेंट हाउस का कारोबारी निकला चेन स्नैचर, मां की चेन छीने जाने के बाद खुद वारदातों को देने लगा अंजाम

राजस्थान में टेंट हाउस का व्यावसाय करने वाले एक शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। टेंट हाउस व्यवसायी पेशे से चेन स्नैचर है और वह इस धंधे में सात साल से लगा हुआ था। अभी तक चेन स्नेचिंग के कई मामलों में वह संलिप्त रहा है। आरोपी की पहचान विमल कुमार के रूप में हुई है। वह जयपुर में टेंट हाउस का कारोबार करता है। पुलिस के मुताबिक, स्नैचिंग के 13 से अधिक वारदात को अंजाम दे चुका है।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि करीब सात साल पहले कुछ बदमाशों ने उसकी मां की सोने की चेन छीन ली थी, उसकी मां ने बदमाशों द्वारा चेन छीनने के बारे में उसे बताया, जिसके बाद विमल कुमार ने भी चेन स्नेचिंग करने करने का प्लान बनाया और उसके बाद से लगातार चेन छीनने की घटना को अंजाम देता रहा। शुक्रवार को मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने टेंट कारोबारी की दुकान पर दबिश दी और आरोपी को धर दबोचा। 

स्नैचिंग के 13 मामलों में शामिल
आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह स्नैचिंग के करीब 13 मामलों में शामिल था। हालांकि पुलिस को आशंका है कि वह इससे ज्यादा वारदातों को अंजाम दिया होगा। “वह पिछले सात सालों से चेन स्नैचर कर रहा है। डीसीपी (क्राइम) अमृता दुहन ने बताया कि उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। साथ ही पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस गिरोह में शामिल बाकी लोगों का भी पता लगाया जा रहा है। 
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बिहार: राजद विधायक का गुस्से वाला ऑडियो वायरल, गैंगरेप की जानकारी मांगने पर युवक पर निकाली भड़ास, बोले-मैं आपका एमएलए नहीं

औरंगाबाद जिले के मदनपुर गैंगरेप मामले में रफीगंज विधानसभा के विधायक मोहम्मद नेहालुद्दीन का गुस्से वाला आॉडियो सामने आया है। गैंगरेप मामले की जानकारी देने को लेकर एक शख्स ने विधायक को कॉल किया। इस पर विधायक मोहम्मद नेहालुद्दीन भड़क गए। उन्होंने कहा कि गैंगरेप मामले से उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। साथ ही फोन करने वाले को कहा कि आपके विधायक भी हम नहीं हैं।

उपचुनाव में व्यस्त हैं विधायक
ऑडियो में रफीगंज के विधायक कह रहे हैं कि गैंगरेप मामले से कुछ लेना-देना नहीं है। उन्होंने फोन करने वाले को कहा कि ऐसा हुआ है तो एसपी-डीएम पास जाओ। हमें फोन करने की जरूरत नहीं है। हम आपके विधायक नहीं हैं। उन्होंने यह भी धमकी दी कि आप पूछने वाले कौन होते हैं। जब, फोन करने वाले शख्स ने कहा कि आप हमारे विधायक हैं। लेकिन, घूम रहे हैं तारापुर में। तारापुर उपचुनाव में प्रचार में जा रहे हैं। इस पर भी विधायक भड़क गए।

युवक के सवाल पर भड़क गए मोहम्मद नेहालुद्दीन
आॉडियो की पुष्टि करने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने रफीगंज विधायक मोहम्मद नेहालुद्दीन से बातचीत की। उन्होंने फोन आने की बात स्वीकार की। कहा कि कुछ लड़के उनके साथ बदतमीजी कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि तारापुर विधानसभा उपचुनाव मे व्यस्त होने की वजह से मुझे इसकी जानकारी नहीं थी। लड़कों की ओर से बदतमीजी करने पर गुस्सा आ गया। वहीं, रफीगंज में आकर पीड़िता से मिलने के सवाल पर विधायक मो. नेहालुद्दीन ने कहा कि तारापुर विधानसभा उपचुनाव खत्म होने के बाद ही आ पाएंगे, अभी किसी भी हालत में नही आ सकते।

क्या है मामला
 16 अक्तूबर को 20 साल की छात्रा (बीए फाइनल) पास ही रहने वाली सहेली के घर जा रही थी, तभी राहुल कुमार नाम के युवक ने उसे अगवा कर लिया। वह उसे कार से सुनसान जगह पर ले जाकर तीन दोस्तों के साथ मिलकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। जहां उसने और उसके दो साथियों अविनाश कुमार राम और पंकज राम ने गैंगरेप किया। इसके बाद छात्रा को झाड़ी में फेंककर फरार हो गए। पेट्रोलिंग पर निकली पुलिस ने लड़की के कराहने की आवाज सुनी तो उसे सदर अस्पताल ले गई थी।

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राजस्थान: झुंझुनू में सातवीं कक्षा की लड़की से दुष्कर्म, सरकारी स्कूल के आरोपी प्रिंसिपल गिरफ्तार

राजस्थान में एक छात्रा के साथ स्कूल में दुष्कर्म का मामला सामने आया है। झुंझुनू में एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल पर  सातवीं कक्षा की छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। पीड़ित के परिजनों की शिकायत पर 31 साल के आरोपी प्रिंसपिल केशव यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। 

 आरोप ये भी है कि केशव पिछले कई दिन से पीड़ित छात्रा को अश्लील मैसेज भेज रहा था और छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रहा था। जब छात्रा ने स्कूल की दो शिक्षिका को इस संबंध में जानकारी दी तो उन्होंने उल्टे छात्रा को ही धमकाना शुरू कर दिया। शिक्षिका ने ये बातें किसी और को नहीं बताने की बात कहते हुए उससे मोबाइल लेकर अश्लील मैसेज और फोटो डिलीट कर दिए। वहीं,  इस संबंध में थाना प्रभारी भजनलाल राम ने कहा कि प्रिंसिपल पर पहले भी लड़कियों के साथ गलत हरकत करने के आरोप लग चुके हैं। 

पीड़ित छात्रा का आरोप है कि प्रिंसिपल ने एक दिन जल्दी स्कूल आने को कहा। स्कूल पहुंचने के बाद प्रिंसिपल ने मेरे साथ दुष्कर्म किया और बाहर में किसी से यह बात नहीं बोलने की धमकी दी, लेकिन पीड़ित छात्रा जब घर लौटी तो अपने चचेरी बहन और मां को सारी बात बताई। परिजनों ने 13 अक्टूबर को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर इसकी सूचना दी।  

पीड़ित छात्रा से पूछताछ के बाद आरोपी गिरफ्तार
अगले दिन 14 अक्तूबर को टीम छात्रा के गांव पहुंची और पीड़ित से पूछताछ करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के मुताबिक, आरोपी प्रिंसिपल को साल 2020 में नौकरी मिली थी। वह उसी गांव में किराये पर मकान लेकर रह रहा था।
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