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Digital Edition

राजस्थान: शादी से प्रेमिका के इनकार करने पर प्रेमी ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट से खुला राज

राजस्थान के बूंदी में प्रेम प्रसंग में असफल रहने पर एक युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जिंदगी समाप्त कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, शव की शिनाख्त चापसर के रहने वाले राम सिंह के तौर पर की गई। 

युवक के पास मिला सुसाइड नोट
पुलिस को घटना स्थल से सुसाइड नोट प्राप्त हुआ है। सुसाइड नोट में युवक ने लिखा कि उसकी प्रेमिका ने उसे धोखा दिया और शादी करने से इंकार कर दिया था, जिसकी वजह से उसे यह कदम उठाना पड़ा। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच 6 सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों घरवालों तक शादी की बात भी पहुंच गई थी, लेकिन किसी कारण से प्रेमिका ने शादी करने से मना कर दिया, जिससे उदास होकर युवक ने मौत को गले लगाना सही समझा।

मृतक के भाई ने लड़की वालों पर लगाया आरोप
मृतक के भाई लक्ष्मण सिंह का आरोप है कि उसके भाई का लंबे समय से एक लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था। हर महीने 15 हजार रुपये की आर्थिक मदद और मोबाइल रिचार्ज करवाता था।दोनों एक-दूसरे को पसंद करते थे और शादी भी करना चाहते थे, लेकिन अचानक प्रेमिका ने विवाह करने से मना कर दिया। प्रेमिका का कहना है कि दूसरी जगह वह शादी करना चाहती है। इसलिए वह मेरे भाई से शादी नहीं करेगी। पुलिस खुदकुशी एंगल से लेकर दूसरे एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। पुलिस को शक है कि कहीं लड़की पक्ष से लड़के पर किसी तरह का दबाव तो नहीं बनाया गया था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। 
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रिकॉर्ड : सभी राज्यों के मुकाबले राजस्थान मेें कोरोना के सबसे कम मरीज, अगस्त महीने में किसी की मौत नहीं

 एक बार फिर राजस्थान मॉडल कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश के सामने नजीर साबित हो सकता है। 26 अगस्त को प्रदेश में पहली बार ऐसा मौका आया है जब देश के सभी राज्यों में सबसे कम कोरोना मरीज राजस्थान में आए। बीते 24 घंटे में प्रदेश में सिर्फ तीन नए मामले सामने आए हैं। यानी डेढ़ साल में यह पहला मौका है कि एक दिन में इतने कम मरीज मिले हो और सबसे बड़ी बात किसी भी मरीज की कोरोना से मौत नहीं हुई। गौर करने वाली बात है कि अगस्त में अब तक कोरोना से एक भी जान नहीं गई।

दरअसल, प्रदेश में कुल 30905 सैंपल लिए गए। इनमें सिर्फ तीन कोरोना मरीज मिले। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, इनमें दो पुरुष और एक महिला शामिल है। डॉक्टरों ने बताया कि मरीजों की स्थिति सामान्य है। कोरोना संक्रमण कम होने के साथ ही पॉजिटिवि दर में भी गिरावट आई है। पहली बार 0.009% रही जो अब तक की सबसे कम है। 

केरल और महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के बढ़ रहे मामले
वहीं, देशभर में कोरोना संक्रमण के दैनिक मामले फिर से बढ़ने लगे हैं। एक दिन में कोरोना के 40 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। खासकर केरल, महाराष्ट्र और असम में कोरोना के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। यहां पर डेल्टा प्लस वैरिएंट खतरनाक बनता जा रहा है। केरल में संक्रमण का रिकॉर्ड फिर से टूटने लगा है। केरल में एक दिन में 20 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं। इससे  कोरोना की तीसरी लहर की आशंका बढ़ गई है। 

राजस्थान में 1 करोड़ से ज्यादा आबादी को दोनों डोज
प्रदेश में कोरोना कोरोना वैक्सीन की रफ्तार तेज है। दूसरी डोज लगाने वालों का आंकड़ा गुरुवार (27 अगस्त) को एक करोड़ के पार चला गया। अब तक 1,00,89,107 लोगों को दोनों डोज लग चुकी है। प्रदेश में कुल 4.15 करोड़ आबादी को डोज लग चुकी है, इसमें से पहली डोज 3.14 करोड़ लगी हैं। यानी 60% से अधिक आबादी को कम से कम एक डोज लग चुकी है।
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दहशत: जोधपुर में भूकंप के झटके किए गए महसूस, किसी के हताहत की खबर नहीं

तबादला: राजस्थान में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 25 IAS अधिकारियों का हुआ ट्रांसफर

राजस्थान की गहलोत सरकार ने अचानक से दो कलेक्टर समेत 25 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। सरकार ने जिन अधिकारियों की लिस्ट जारी की है, उनमें तीन ऐसे सीनियर आईएएस अधिकारी भी हैं, जिनके पुराने अनुभवों को देखते हुए पुराने विभागों में भेज दिया गया है। ये वो अधिकारी हैं जो वसुंधरा सरकार में इन विभागों की जिम्मेदारी संभालते थे। अतिरिक्त मुख्य सचिव (खान और पेट्रोलियम) सुबोध अग्रवाल को ऊर्जा विभाग दिया गया था, जो वर्तमान में उनके पास है। उन्हें राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड का सीएमडी भी बनाया गया है।प्रधान रेजिडेंट कमिश्नर, नई दिल्ली, रोली सिंह को राजस्थान में सामान्य प्रशासन विभाग, एस्टेट, स्टेट मोटर गैरेज, प्रोटोकॉल और नागरिक उड्डयन विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है।

प्रतापगढ़ कलेक्टर रेणु जयपाल को बंदी का कलेक्टर बनाया गया। वह आशीष गुप्ता का स्थान लेंगी, जिन्हें वाटरशेड विकास और मृदा संरक्षण विभाग में निदेशक के रूप में स्थानांतरित किया गया है। 
पीएचडी विभाग से नवीन महाजन को हटाकर राजस्थान कर बोर्ड अजमेर भेज दिया गया है।

डॉक्टर पृथ्वी बने जल संसाधन विभाग के सचिव
सामान्य प्रशासन का जिम्मा संभाल रहीं गायत्री राठौड़ अब पर्यटन विभाग की प्रमुख सचिव होंगी। वहीं, अनुपमा जोर वाल राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन की एमडी बनाई गईं हैं। इन सबके अलावा मुख्यमंत्री गहलोत के खास माने वाले डॉक्टर पृथ्वी को वित्त विभाग से जल संसाधन विभाग का सचिव बनाया गया है। उन्हें जलजीवन मिशन का एमडी भी बनाया गया है।
 
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

यह कैसा नियम: गहलोत सरकार ने बाल विवाह को भी दी मंजूरी? एक महीने में पंजीकरण के आदेश, विरोध शुरू

राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को विपक्ष के कड़े विरोध के बीच राजस्थान विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक 2021 को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस विधेयक के पारित होने से अब राज्य में बाल विवाह के पंजीकरण की भी अनुमति मिल जाएगी। विधेयक में कहा गया है कि अगर शादी के समय लड़के की उम्र 21 साल से कम और लड़की की उम्र 18 साल से कम है, तो माता-पिता या अभिभावकों को 30 दिनों के भीतर इसकी जानकारी देनी होगी और पंजीकरण अधिकारी के पास रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इस विधेयक के पास होने पर भाजपा ने नाराजगी जताई है। 

संसद की कार्यवाही के दौरान विधानसभा में मुख्य विपक्ष दल भाजपा ने सवाल उठाते हुए पूछा, "पंजीकरण की क्या आवश्यकता है और बिल का उद्देश्य क्या है। भाजपा विधायक अशोक लाहोटी ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या विधानसभा हमें सर्वसम्मति से बाल विवाह की अनुमति देती है? यह विधेयक विधानसभा के इतिहास में काला अध्याय लिखेगा ।

भाजपा ने बिल पर उठाए सवाल
वहीं, विधानसभा में विपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि कांग्रेस की ओर से पारित किया गया यह संशोधन विधेयक हिंदू मैरिज एक्ट के खिलाफ है। हिंदुओं में नाबालिग की शादी गैरकानूनी है, लेकिन कांग्रेस इस बात को समझने के लिए तैयार नहीं है।


बाल विवाह करने वाले जोड़ों को पंजीकरण कराने का आदेश
इसपर राज्य के संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि इस विधेयक का मकसद हर विवाहित (चाहे बाल विवाह ही क्यों नहीं हो) को पंजीयन कराना होगा। उन्होंने कहा कि संशोधन कही नहीं कहता कि ऐसे विवाह वैध होंगे। कलेक्टर या डीएम चाहे तो उनपर कार्रवाई कर सकते हैं। यह विधेयक केंद्रीय कानून का विरोधाभास नहीं है। विवाह प्रमाण पत्र एक कानूनी दस्तावेज है, जिसके अभाव में विधवा को किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पाता है। 
शनिवार को पास हुए चार विधेयक
वहीं, राजस्थान विधानसभा ने शनिवार को आपराधिक कानून (राजस्थान संशोधन) विधेयक-2021 समेत चार विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिए। संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने सदन को बताया कि आपराधिक कानून (राजस्थान संशोधन) विधेयक में खाद्य पदार्थों में मिलावट के लिए सजा बढ़ाने का प्रावधान है। वहीं, पंचायती राज (संशोधन) विधेयक-2021 में 'ग्राम सेवक' का पद बदलकर ग्राम विकास अधिकारी कर दिया गया है। धारीवाल ने सदन को बताया कि अधिनियम में वर्णित 'ग्राम सेविका' का पद पंचायती राज संस्थाओं में नहीं है। इसलिए संशोधन विधेयक में इस प्रावधान को भी हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास अधिकारी की भर्ती में महिलाओं के लिए आरक्षण रहेगा। 

इसके अलावा सदन ने राजस्थान भू-राजस्व (संशोधन) विधेयक-2021 और राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय कानून (संशोधन) विधेयक-2020 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। बिल पास होने के बाद स्पीकर ने शाम करीब 6.25 बजे सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने सदन में लगातार हो रहे हंगामे और संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल से टकराव के चलते अचानक से सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया था।  हालांकि, उन्होंने शुक्रवार से सत्र को वापस बुला लिया और गुरुवार को अधिसूचना जारी कर दी गई।
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कार्रवाई: जयपुर में NEET का पेपर हुआ लीक, 35 लाख रुपये में हुआ था करार, कॉलेज प्रशासक ने खुद ही भेजा था प्रश्नपत्र

राजस्थान में नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (NEET) की परीक्षा पेपर सेंटर से लीक होने के मामले में पुलिस ने एक युवती समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से मुख्य सरगना का पता लगा रही है। दरअसल, बीते दिनों जयपुर में NEET की परीक्षा का पेपर 35 लाख रुपए में सॉल्व करने का सौदा हुआ था। परीक्षार्थी ने पेपर की कॉपी मोबाइल से फोटो खींच कर सीकर में दो युवकों को भेज दिया। पेपर लीक की खबर आग की तरह फैल गई। आनन फानन ने  जयपुर पुलिस ने राजस्थान इंस्टीटयूट ऑफ इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी में परीक्षा सेंटर से एक परीक्षार्थी समेत आठ लोगों को धर दबोचा। परीक्षार्थियों के परिजन बाहर गाड़ियों में 10 लाख रुपये लेकर बैठे थे। 


पुलिस ने सीकर के मुकेश कुमार, राम सिंह, धनेश्वरी यादव, सुनील यादव, नवरत्न स्वामी, अनिल यादव , संदीप और पकंज यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है इन आरोपियों के जरिए मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सकता है। बताया जा रहा है कि कॉलेज प्रशासक खुद ही पेपर लीक कराने के लिए युवती के प्रश्नपत्र की कॉपी मुन्नाभाई को भेजा था। 
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राजस्थान : अश्लील वीडियो मामले में बड़ा खुलासा, पांच साल से चल रहा था डीएसपी और महिला कांस्टेबल के बीच अफेयर

राजस्थान पुलिस का घिनौना वीडियो सामने आने के बाद निलंबित महिला कांस्टेबल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने रविवार को महिला कांस्टेबल को कलवार इलाके में उसके चाचा के आवास से पकड़ा है। उसे पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया और उससे पूछताछ की जा रही है। इससे पहले गिरफ्तार डीएसपी को कोर्ट ने 17 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस हीरालाल सैनी से पूछताछ कर रही है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दोनों के बीच पिछले पांच साल से अफेयर चल रहा था। दोनों 2016 में अजमेर में मिले थे, तब से दोनों के बीच संबंध हैं। पांच साल के दौरान कई दफा दोनों ने अवैध संबंध बनाए। 

पुष्कर के फाइव स्टार होटल के रिजॉट के स्विमिंग पूल में बच्चे के सामने निलंबित डीएसपी हीरालाल सैनी और महिला कांस्टेबल  ने अश्लील हरकत की थी। उसके बाद महिला ने 27 जुलाई को अपने व्हाट्सएप पर इस वीडियो को शेयर कर दिया, जिसके बाद वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। इसकी जानकारी महिला के पति और परिवारवालों को भी हो गई। महिला पुलिसकर्मी के पति ने चितवा थाने में शिकायत दर्ज की, लेकिन चितवा थाना प्रभारी ने महकमे से जुड़ा मामला होने की वजह से इसे दबा दिया। उसके बाद महिला के पति ने नागौर एसपी से लिखित शिकायत की। मामला इतना बढ़ गया कि डीजीपी खुद ही कार्रवाई करते हुए  चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। 

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राजस्थान: अश्लील वीडियो मामले में निलंबित डीएसपी के बाद अब कांस्टेबल भी गिरफ्तार, दोनों रिमांड पर

राजस्थान पुलिस का अश्लील वीडियो वायरल
राजस्थान के अजमेर जिला के ब्यावर के निलंबित डीएसपी हीरालाल सैनी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बीते गुरुवार को उदयपुर में एसओजी की टीम ने डीएसपी को गिरफ्तार किया है। दो दिन पहले महिला कॉन्स्टेबल के साथ उनका एक अश्लील वीडियो वायरल हुआ था। उसके बाद 9 सितंबर को एक और वीडियो लीक हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद अचानक वह सुर्खियों में आ गए। उसके बाद ही डीएसपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। डीएसपी के उदयपुर में होने की जानकारी पर  चाइल्ड पोर्नोग्राफी रोकने वाली (एसओजी) टीम ने उदयपुर के अनंता रिसॉर्ट से उन्हें शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था। रविवार को महिला कांस्टेबल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। 

राजस्थान पुलिस के स्पेशल आपरेशन ग्रुप ने रविवार को इस मामले में लिप्त महिला कांस्टेबल को भी गिरफ्तार कर लिया। कांस्टेबल को कोर्ट ने 17 सितंबर तक पुलिस हिरासत में सौंप दिया। आरोपी डीएसपी हीरालाल सैनी को पहले ही 17 सितंबर तक हिरासत में सौंपा जा चुका है। अश्लील वीडियो पुष्कर के एक रिसॉर्ट में कांस्टेबल के मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किए गए थे। 

वायरल वीडियो में 6 साल का बच्चा भी आ रहा नजर
हीरालाल सैनी को गिरफ्तार करने के बाद सबसे पहले प्रारंभिक पूछताछ के लिए उदयपुर के अंबामाता थाने में लाया गया। हालांकि, यहां पर कागजी कार्रवाई के बाद एसओजी की टीम आरोपी डीएसपी को लेकर जयपुर पहुंची। नए वायरल वीडियो में एक 6 वर्षीय बच्चा भी नजर आ रहा था, ऐसे में इस पूरे मामले की जांच एसओजी की चाइल्ड पॉर्नोग्राफी टीम द्वारा की जा रही थी और डीएसपी को भी इसी टीम द्वारा गिरफ्तार करने की जानकारी मिल रही है। बता दें कि इससे पहले भी डीएसपी हीरालाल का एक वीडियो पहले भी वायरल हो चुका है, जिसमें वह स्वीमिंग पूल में महिला कॉन्स्टेबल के साथ रंगरलियां करते हुए दिख रहे हैं। 



कई और मामले में हो सकता है खुलासा
इससे पहले महिला कॉन्स्टेबल के पति द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट को गंभीरता से नहीं लिया गया था, जिसपर अब थानाधिकारी पर भी कार्रवाई की गई है। साथ ही थाना प्रभारी को भी लाइन हाजिर करने का निर्देश जारी किया गया है। अब मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। डीएसपी की गिरफ्तारी को एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इस केस में कुछ और लोगों की भी गिरफ्तारी की जा सकती है।
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कार्रवाई: राजस्थान एसीबी ने दो आईएएस को पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया, दो वरिष्ठ अफसरों के मोबाइल भी जब्त

राजस्थान के भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने राज्य कौशल विकास निगम (आरएसएलडीसी) के दो अधिकारियों को पांच लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। एंटी करप्शन ब्यूरो की तीन टीम ने शनिवार को एक साथ जयपुर और जोधपुर में दबिश दी। एसीबी ने इस मामले में दो अन्य आईएएस अधिकारियों के मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। एसीबी ने जिन अधिकारियों को गिरफ्तार किया है, उनमें RSLDC के मैनेजर राहुल कुमार गर्ग और कॉर्डिनेटर अशोक सांगवान है। दोनों आईएएस अधिकारियों को पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। दोनों अधिकारियों ने यह रिश्वत डेढ़ करोड़ रुपये के बिल पास कराने, ब्लैक लिस्ट से नाम हटाने, बैंक गारंटी समेत अन्य काम कराने के लिए ली थी। 

दो आईएस अधिकारियों के मोबाइल जब्त
एसीबी की दूसरी टीम ने इस मामले में आरएसएलडीसी के चैयरमेन आईएएस नीरज के पवन और आरएसएलडीसी के मुख्य प्रबंधक आईएएस प्रदीप कुमार गवडे के मोबाइल जांच के लिए अपने कब्जे में लिए हैं। इनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही हैं।
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घर वापसी: 2019 में हुई थी शादी, लेकिन पाकिस्तान से अब भारत आ पाई दुल्हन, जानें पूरा मामला

राजस्थान के जैसलमेर जिले के बईया गांव के विक्रम सिंह की दुल्हन ढाई साल बाद पाकिस्तान से भारत लौट गई। 2019 में विक्रम सिंह की शादी पाकिस्तान के सिंध इलाके में निर्मला कंवर से हुई थी, लेकिन पुलवामा हमला और बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद दोनों देशों के रिश्तों में खटास आ गई थी, जिससे वीजा नहीं मिलने के कारण दुल्हन भारत नहीं आ पाई थी। शुक्रवार को अटॉरी बॉर्डर से विक्रम सिंह की पत्नी निर्मला कंवर भारत के बाडमेर पहुंच गई। हालांकि, विक्रम सिंह के अलावा नेपाल सिंह और महेंद्र सिंह की भी शादी पाकिस्तान में हुई थीं, लेकिन दोनों की दुल्हनें मार्च में भारत लौट गई थी। 

दरअसल, जनवरी 2019 में बईया निवासी विक्रम सिंह व नेपाल सिंह की बारात थार एक्सप्रेस से सिंध इलाके पाकिस्तान गई थी। शादी के बाद पुलवामा अटैक व बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद दोनों मुल्कों के रिश्तों दरारें आ गई। इसके बाद दोनों देशों के बीच ट्रेन, बस और हवाई सेवाएं बंद हो गई थी। इसी बीच कोरोना महामारी ने भी दस्तक दे दी थी। दोनों दूल्हे अप्रैल तक पाकिस्तान में ही थे और फिर भारत लौट आए। इस दौरान वीजा की दिक्कतों के कारण दोनों दुल्हनें उनके साथ नहीं आ सकी थीं। विक्रम सिंह के भारत आने के बाद उसकी पत्नी ने बेटे राजवीर सिंह को पाकिस्तान में ही जन्म दिया था।

केंद्रीय मंत्री की पहल से भारत लौटी दुल्हनें
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी की पहल पर 9 मार्च को बईया निवासी नेपाल सिंह की पत्नी और गिराब निवासी महेंद्र सिंह की पत्नी अटॉरी सीमा से भारत आए थे। उस समय निर्मला कंवर के पासपोर्ट में तकनीकी खामियां होने की वजह से भारत आने की अनुमति नहीं मिल पाई थी। विक्रम सिंह और निर्मला कंवर का बेटा राजवीर सिंह निर्मला कंवर की बहन के साथ भारत लौट गया था।


2019 में तीन बारात गई थी पाकिस्तान
 राजस्थान से पहले भी पाकिस्तान में संबंध होते रहे हैं। भारत -पाकिस्तान के बीच बारात आती जाती रही है। जनवरी 2019 में बाड़मेर गिराब निवासी महेंद्र सिंह की बारात और जैसलमेर बईया निवासी दो भाइयों विक्रम सिंह और नेपाल सिंह की बारात थार एक्सप्रेस से पाकिस्तान के सिंध इलाके में गई थी। तीनों की पाकिस्तान में शादी भी हो गई। तीनों दूल्हे करीब 3-4 माह पाकिस्तान में रुके थे। दोनों देश के रिश्ते में दरार के चलते दुल्हनों को वीजा नहीं मिला था और बारात बिना दुल्हन के वापस लौटी थी।
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कांग्रेस में कलह: अशोक गहलोत और पायलट गुट के बीच बढ़ी तल्खियां,पीसीसी अध्यक्ष ने सचिन पायलट पर साधा निशाना

राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा अपने वायरल वीडियो को लेकर सुर्खियों में हैं. इस बार उनका जो वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, उसमें वह सचिन पायलट पर तंज कस रहे हैं।  डोटासरा ने शादी वालों की बात करते-करते पायलट के जन्मदिन में उमड़ती भीड़ पर टिप्पणी कर दी। बता दें कि आजकल पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के जन्मदिन मनाने के कार्यक्रम चल रहे है। इनमें उनके समर्थकों की भीड़ आ रही है हालांकि, कोरोना गाइडलाइन के तहत गहलोत सरकार ने भीड़भाड़ वाले सभी राजनीतिक, धार्मिक आयोजनों पर रोक लगा रखी है।माना जा रहा है कि उन्होंने पायलट गुट पर परोक्ष रूप से निशाना साधा । 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, उसमें वह मोबाइल पर किसी अधिकारी से बात कर रहे हैं। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि डोटासरा शादी-विवाह समारोहों में छूट देने के लिए शायद किसी परिचित के लिए सिफारिश कर रहे हैं। बातचीत में वह कह रहे हैं कि आजकल बड़े-बड़े जन्मदिन मन रहे हैं, जन्मदिन के नाम पर भीड़ उमड़ रही है तो शादी वालों को क्यों मारें। शादी-ब्याह में तो थोड़ी बहुत भीड़ स्वाभाविक है। 

कांग्रेस में पक्ष में आए थे उपचुनाव के नतीजे
दरअसल, राजस्थान पंचायत चुनाव के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में आए हैं, लेकिन गहलोत-पायलट के बीच चल रही सियासी जंग से पार्टी के भीतर और बाहर कलह बढ़ रही है। छह जिलों के उपचुनाव के नतीजे से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक साथ दो निशाने साधे। एक तो पार्टी आलाकमान का ये संदेश कि गहलोत-डोटासरा की जोड़ी जीत के लिए मजबूत है। यहां तक बिना सचिन पायलट के भी चुनाव जीत सकते हैं। इस जोड़ी से छेड़छाड़ न की जाए ।

साथ ही गहलोत पार्टी नेतृत्व को यह भी समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि हाल ही में प्रदेश  में वल्ल्भनगर व धरियावाद दो सीटों पर उपचुनाव होने है। अभी अगर बदलाव न किया जाए तो जीत का सिलसिला बरकरार रहेगा, लेकिन इसे बदला गया तो कांग्रेस पर भाजपा भारी भी पड़ सकती है। लिहाजा गहलोत नहीं चाहते हैं कि सचिन पायलट प्रदेश कांग्रेस में अहम भूमिका अदा करें। 
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शर्मनाक: अश्लील वीडियो दबाने के लिए 50 लाख में हुई थी डील, छह साल के बच्चे से भी घिनौनी हरकत, बर्खास्तगी की उठी मांग

राजस्थान  के डीएसपी हीरालाल सैनी और महिला कांस्टेबल का अश्लील वीडियो ने देशभर में हड़कंप मचा रखा है। डीएसपी और महिला कांस्टेबल के दो वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। सबसे हैरानी की बात है कि इसमें कांस्टेबल के 6 साल के बेटे से भी अश्लीलता की जा रही है। बच्चे से अश्लीलता करने पर एसओजी ने निलंबित आरपीएस हीरालाल सैनी को पोक्सो एक्ट के तहत उदयपुर से गिरफ्तार किया है।

इस मामले में तीन दिन के भीतर आरपीएस और महिला कांस्टेबल समेत कुल 6 पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। इनमें झोटवाड़ा एसीपी हरिशंकर शर्मा, कुचामन सीओ मोटाराम बेनीवाल, कालवाड़ थाना प्रभारी गुरुदत्त सैनी और चितावा थाना प्रभारी ओमप्रकाश मीणा भी शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन चारों के खिलाफ कोई कोई सबूत मिलते हैं तो इन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। अब आरपीएस और महिला कांस्टेबल को बर्खास्त करने की मांग उठने लगी है। लोग इस घिनौने वीडियो के आरोपियों को तुरंत बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इससे समाज और देश शर्मसार हो रहा है। 



महिला कांस्टेबल के पति की शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई
इधर, निलंबित पुलिस अधिकारी और कांस्टेबल के खिलाफ पुलिस ने पड़ताल तेज कर दी है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी हीरालाल सैनी ने मामला दबाने के लिए एक आरपीएस अधिकारी के साथ 50 लाख रुपये में सौदा भी किया था।  चितावा थाने में महिला कांस्टेबल के पति ने रिपोर्ट लिखवाई थी, लेकिन इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, क्योंकि चितावा थाना प्रभारी और आरपीएस के बीच 50 लाख रुपये की डील हो चुकी थी, लेकिन तय समय पर पैसे नहीं पहुंचने पर आरपीएस और हीरालाल में विवाद हो गया। 

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राजस्थान: निलंबित डीएसपी का महिला कॉन्स्टेबल संग एक और अश्लील वीडियो वायरल, उदयपुर से गिरफ्तार

महिला कांस्टेबल ने युवकों ने मांगे 10 लाख रुपये
महिला कांस्टेबल ने 13 जुलाई को वॉट्सअप स्टेट्स पर स्वीमिंग पूल की तस्वीरें और वीडियो अपलोड किए थे। कांस्टेबल ने 26 जुलाई  को कालवाड़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके मोबाइल पर दो युवकों ने उसके पुरुष मित्र के साथ के वीडियो का स्क्रीन शॉर्ट भेजा है और वायरल करने की धमकी देकर 10 लाख रुपये की मांग की है।
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राजस्थान: 29 साल बाद फिर दहशत में बहुसंख्यक समाज के लोग, पलायन से बचाने के लिए प्रधानमंत्री से गुहार, जानें क्या है पूरा मामला

राजस्थान के टोंक में एक बार फिर सांप्रदायिक सौहर्द्र बिगड़ने की आशंका बढ़ रही है। बहुसंख्यक समुदाय के लोग अचानक से सड़क पर उतरकर पलायन से बचाने की मांग कर रहे हैं। हाथों में बैनर-पोस्टर लिए समुदाय के लोग घरना पर बैठकर सरकार से बचाने की गुहार लगा रहे हैं। करीब तीन दशक पहले टोंक जिले के मालुपरा कस्बे में बहुसंख्यक परिवार और अल्पसंख्यक परिवार आमने-सामने थे, लेकिन वक्त बीतने के साथ हालात सामान्य होते गए, पर 29 साल बाद हालत ऐसी बन गई है कि यहां पर अमन चैन खत्म हो रहा है। बहुसंख्यक समुदाय अपने आपको असुरक्षित बताते हुए अपने-अपने घरों पर पोस्टर लगाकर दूसरी जगह पलायन से बचाए जाने की मांग कर रहे हैं। लोग मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पीएम नरेंद्र मोदी से मांग कर रहे हैं कि उन्हें पलायन से बचाए।  

पलायन से बचाने की गुहार
सबसे पहले वार्ड 12 के लोगों ने पलायन नहीं होने की मांग को लेकर धरना दिया, फिर वार्ड नंबर 19, 20, 23 व 27 में भी लोग अपने मकानों को नहीं बेचने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां के निवासियों का कहना है कि वह यहां से छोड़कर कहीं और नहीं जाना चाहते हैं। गौरतलब है कि 1992 के सांप्रदायिक दंगों के बाद अल्पसंख्यक बस्तियों में या फिर उनके पास रहने वाले कई बहुसंख्यक परिवार अपने पुश्तैनी मकानों को बेचकर अन्य स्थानों में बस चुके हैं। 

क्या है पूरा मामला
दरअसल, करीब तीन दशक बाद बहुसंख्यक परिवार के लोग अचानक से सड़क पर क्यों उतर आए हैं तो इसके पीछे एक पुराना विवाद है। जैन मौहल्ले में रहने वाले एक ब्राह्मण परिवार ने अपना मकान एक अल्पसंख्यक समुदाय के व्यक्ति को बेच दिया। इससे जैन समुदाय बेहद खफा हुआ। यहां रहने वाले जैन परिवारों का मानना है कि यदि यह परिवार यहां रहने आ जाता है तो भविष्य में कभी भी विवाद का कारण बन सकता है। ऐसे में इस मकान की रजिस्ट्री को निरस्त किया जाना चाहिए, साथ ही भविष्य में किसी भी बहुसंख्यक परिवार के मकान को अल्पसंख्यक को बेचे जाने की प्रकिया पर रोक लगाई जानी चाहिए।

सीएम और पीएम से गुहार
बहुसंख्यकों की ओर से लगातार अपनी इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। वहीं, बहुसंख्यक समुदाय की इस मांग पर मालपुरा तहसीलदार ओमप्रकाश जैन का कहना है कि कानून में किसी भी धर्म का व्यक्ति कहीं भी संपत्ति खरीद या बेच सकता है। 
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