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बुध का तुला राशि गोचर, जानें क्या होगा आपके जीवन पर प्रभाव
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Digital Edition

भंड़ाफोड़: दो लाख लेकर शादी करवाती थी गिरोह की सरगना, दो दिन बाद ही दूल्हे को छोड़ कुंवारे की तलाश में जुट जाती

राजस्थान के चितौड़गढ़ में एक लड़की पैसों के लिए एक या दो शादियां नहीं बल्कि दर्जनों शादियां कर चुकी हैं, लेकिन इस बात की भनक उसकी मां को भी नहीं लगी। मां को ऐसा लगा कि उसकी बेटी को किसी ने बेच दिया। मां ने पीड़ित समझकर थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो बेटी का असली चेहरा बेनकाब हो गया। बेटी पीड़ित नहीं आरोपी निकली। बल्कि फर्जी शादी करने वाली युवतियों के गिरोह का मास्टरमाइंड निकली। जो मोटी रकम ऐंठने के लिए अब तक कई शादियां कर चुकी थी और मौका पाकर दूल्हे को छोड़ भाग आती थी, फिर अपने गिरोह के साथ अगले कुंवारे लड़कों की तलाश में जुट जाती थी। 

मां ने महिलाओं के खिलाफ पुलिस में की थी शिकायत
दरअसल, लड़की की मां को पता चला कि बेटी दो महिलाओं के साथ घर से कहीं चली गई हैं। इस बार कई दिन तक नहीं आई तो उसने लौटने पर 20 अगस्त को बेटी नेहा से पूछा कि इतने दिनों तक कहां थी तो नेहा ने मां को बताया कि वह सीमा शेख के साथ गांव से चित्तौडगढ़ घूमने गई थी। उसके बाद सीमा शेख की सहेली सपना खटीक के यहां गई। जहां पर सीमा शेख, सपना खटीक, साबिर खान निवासी नीमच ने उसकी लड़की नेहा कश्यप का फर्जी आधार कार्ड बनाकर एमपी के जारड़ा निवासी जयराम के हाथों पैसे लेकर बेच दिया। लड़की की आपबीती पर उसकी मां ने पुलिस में महिलाओं के खिलाफ बेचने की शिकायत दर्ज करवा दी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी।

गिरोह की सरगना निकली लड़की
पुलिस जांच में सामने आया कि नेहा ने जिनके खिलाफ जानकारी दी थी, वे सभी गिरोह के सदस्य हैं और नेहा खुद उस गिरोह की सरगना। जांच में पता चला कि सीमा शेख, सपना खटीक, साबिर खान का एक गिरोह है। यह गिरोह लोगों को झांसे में लेकर इसी लड़की से शादी करा देते हैं। चूंकि इस केस में रकम पहले ही ली जा चुकी होती है, इसलिए शादी के बाद यह लड़की एक-दो दिन में ही यहां से भाग निकलने की तैयारी कर लेती है।
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राजस्थान: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के स्वास्थ्य में सुधार, सीने में दर्द के बाद हुए थे अस्पताल में भर्ती

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तबीयत अचानक के बाद उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस)अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां जांच के बाद पता चला है कि उनके हृदय की एक धमनी में 90 फीसदी रुकावट थी। अस्पताल के अनुसार फिलहाल उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। 

एसएमएस मेडिकल कॉलेज की ओर से गहलोत के स्वास्थ्य के संबंध में बयान जारी किया गया है। इसमें बताया गया है कि मुख्यमंत्री गहलोत की मुख्य धमनियों में से एक (लेफ्ट एंटीरियर डिसेंडिंग आर्टरी या लैड) में 90 फीसदी रुकावट पाई गई थी। उनकी कोरोनरी एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और स्टेंटिंग की गई है। यह प्रक्रिया कठिन थी लेकिन अब उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। 
 

इससे पहले गहलोत ने खुद ट्वीट कर यह जानकारी दी थी कि सीने में तेज दर्द के बाद वह अस्पताल में भर्ती हुए हैं। उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'कल से पोस्ट कोविड इफेक्ट की वजह से मेरी तबीयत खराब है। सीने में तेज दर्द हो रहा है। एसएमएस अस्पताल में सीटी एनजीओ करवाया है। एंजियोप्लास्टी की जाएगी। मुझे खुशी है कि मेरा इलाज एसएमएस हॉस्पिटल में हो रहा है। मैं ठीक हूं और जल्द ही वापस आऊंगा। आप सभी की दुआएं और आशीर्वाद मेरे साथ है।
 
अशोक गहलोत इस वक्त अस्पताल में हैं। सवाई मान सिंह अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तम स्वास्थ्य और जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। 
 

 
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राजस्थान: शादी से प्रेमिका के इनकार करने पर प्रेमी ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट से खुला राज

राजस्थान के बूंदी में प्रेम प्रसंग में असफल रहने पर एक युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जिंदगी समाप्त कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, शव की शिनाख्त चापसर के रहने वाले राम सिंह के तौर पर की गई। 

युवक के पास मिला सुसाइड नोट
पुलिस को घटना स्थल से सुसाइड नोट प्राप्त हुआ है। सुसाइड नोट में युवक ने लिखा कि उसकी प्रेमिका ने उसे धोखा दिया और शादी करने से इंकार कर दिया था, जिसकी वजह से उसे यह कदम उठाना पड़ा। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच 6 सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों घरवालों तक शादी की बात भी पहुंच गई थी, लेकिन किसी कारण से प्रेमिका ने शादी करने से मना कर दिया, जिससे उदास होकर युवक ने मौत को गले लगाना सही समझा।

मृतक के भाई ने लड़की वालों पर लगाया आरोप
मृतक के भाई लक्ष्मण सिंह का आरोप है कि उसके भाई का लंबे समय से एक लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था। हर महीने 15 हजार रुपये की आर्थिक मदद और मोबाइल रिचार्ज करवाता था।दोनों एक-दूसरे को पसंद करते थे और शादी भी करना चाहते थे, लेकिन अचानक प्रेमिका ने विवाह करने से मना कर दिया। प्रेमिका का कहना है कि दूसरी जगह वह शादी करना चाहती है। इसलिए वह मेरे भाई से शादी नहीं करेगी। पुलिस खुदकुशी एंगल से लेकर दूसरे एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। पुलिस को शक है कि कहीं लड़की पक्ष से लड़के पर किसी तरह का दबाव तो नहीं बनाया गया था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। 
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फर्जीवाड़े का खुलासा: रीट में फर्जी अभ्यर्थी बैठाने वाला शिक्षक गिरफ्तार, कमरे में मिले 12 लाख रुपये और सात एडमिट कार्ड

राजस्थान में रीट परीक्षा से दो दिन पहले बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। 26 सितंबर को होने वाली रीट परीक्षा में गरीब छात्रों को पास कराने के लिए फर्जी अभ्यर्थी बनाकर बैठाने के मामले में राजस्थान पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। सरकारी शिक्षक पर फर्जी परीक्षार्थी बैठाने के एवज में हर अभ्यर्थी से 5 से 8 लाख रुपये लेने का आरोप है।

पुलिस की कार्रवाई में सरकारी टीचर के कमरे से 12 से 17 लाख रुपये, फर्जी आधार कार्ड, एडमिट कार्ड और रीट समेत अन्य कई प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। शुरुआत जांच में राजकीय उतकृष्ट प्राथमिक विद्यालय कड़वासफला डूंका में पदस्थ शिक्षक भंवरलाल विश्नोई मूल रूप से बाड़मेर का रहने वाला है। रीट परीक्षा के दिन डमी अभ्यर्थी को बैठाने की तैयारी कर रहा था।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई
सीमलवाड़ा डीएसपी रामेश्वरलाल ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सरकारी शिक्षक के कमरे की तलाशी ली गई थी। शिक्षक फर्जी परीक्षार्थी बैठाने की एवज में अभ्यर्थियों से मोटी रकम ले रहा था। शिक्षक पीठ कस्बे में एक कॉम्प्लेक्स में रहता है। इस पर डीएसपी के नेतृत्व में धंबोला थाना प्रभारी रमेश कटारा की टीम ने पीठ कस्बे में कॉम्प्लेक्स पर छापेमार कार्रवाई की।

कैश के अलावा 7.50 लाख के चेक और अन्य दस्तावेज भी बरामद
पुलिस की टीम ने जब कमरे की तलाशी ली तो उसमें करीब 12 लाख रुपये कैश और 7.50 लाख रुपये के चेक भी मिले। डीएसपी ने बताया कि कमरे से मिले 8 आधार कार्ड में दूसरे लोगों के नाम-पते हैं, लेकिन इन सभी पर शिक्षक भंवरलाल के फोटो लगे हुए हैं। इसके अलावा रीट परीक्षा के करीब 10 अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र, मार्कशीट, ओएमआर शीट समेत अन्य कई दस्तावेज मिले हैं। इसमें पटवारी भर्ती और एसआई परीक्षा से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
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रीट परीक्षा से पहले फर्जीवाड़े का खुलासा रीट परीक्षा से पहले फर्जीवाड़े का खुलासा

हिरासत में मौत: कोटा के एक थाने में युवक ने लगाई फांसी, परिजनों का आरोप हत्या की गई

राजस्थान के कोटा शहर में 32 साल के एक युवक ने पुलिस थाने में फांसी लगाकर कथित तौर पर खुदकुशी कर ली। उसे नशे की हालत में उत्पात मचाने पर हिरासत में लिया गया था। उधर, युवक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि यह खुदकुशी नहीं हत्या है।

डीएसपी भागवत सिंह हिंगड़ ने गुरुवार को बताया कि कमल लोधा को नयापुरा थाने में बुधवार शाम करीब पांच बजे लाया गया था। उसके खिलाफ उसकी चाची व भतीजे रवि ने शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि कमल नशे की हालत में परिवार में और आसपास उत्पात मचा रहा था।

पुलिस के अनुसार कमल को मस्जिद नयापुरा थाने लाया गया था। उस वक्त उसके साथ उसकी मां भी थी। बाद में मां आरोपी की गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी करने के लिए उसका परिचय पत्र व फोटो लेने के लिए घर चली गई थी। इसी दौरान कमल ने कहा कि उसे शौच जाना है। इस पर उसे बैरक में बने शौचालय ले जाया गया। वहां उसने अपनी शर्ट से फंदा बनाकर शाम करीब 7.15 बजे लोहे की ग्रिल से लटककर फांसी लगा ली। डीएसपी हिंगड़ ने कहा कि मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

पूर्व भाजपा विधायक संग परिजनों ने दिया थाने के बाहर धरना
घटना को लेकर मृतक कमल लोधा के परिजनों ने पूर्व भाजपा विधायक प्रहलाद गुंजाल के नेतृत्व में थाने के बाहर धरना दिया और थाने के पूरे स्टाफ को निलंबित करने व पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने की मांग की। परिजनों ने मृतक के आश्रितों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की भी मांग की। परिजनों ने मृतक के पोस्टमॉर्टम कराने व शव लेने से भी इनकार कर दिया। उन्हें समझाने के प्रयास जारी थे। कोटा के सिटी एसपी विकास पाठक भी मौके पर पहुंचे व परिजनों को शांत करने का प्रयास किया।

चोरी के चार केस व अवैध हथियार के पांच केस दर्ज थे
इस बीच, पुलिस ने बताया कि मृतक कमल लोधा पर चोरी के चार और अवैध हथियार रखने के पांच केस दर्ज थे। 26 अगस्त को भी उसके खिलाफ इसी थाने में नशे में उत्पात मचाने का केस दर्ज किया गया था।
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यह कैसा नियम: गहलोत सरकार ने बाल विवाह को भी दी मंजूरी? एक महीने में पंजीकरण के आदेश, विरोध शुरू

राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को विपक्ष के कड़े विरोध के बीच राजस्थान विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक 2021 को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस विधेयक के पारित होने से अब राज्य में बाल विवाह के पंजीकरण की भी अनुमति मिल जाएगी। विधेयक में कहा गया है कि अगर शादी के समय लड़के की उम्र 21 साल से कम और लड़की की उम्र 18 साल से कम है, तो माता-पिता या अभिभावकों को 30 दिनों के भीतर इसकी जानकारी देनी होगी और पंजीकरण अधिकारी के पास रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इस विधेयक के पास होने पर भाजपा ने नाराजगी जताई है। 

संसद की कार्यवाही के दौरान विधानसभा में मुख्य विपक्ष दल भाजपा ने सवाल उठाते हुए पूछा, "पंजीकरण की क्या आवश्यकता है और बिल का उद्देश्य क्या है। भाजपा विधायक अशोक लाहोटी ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या विधानसभा हमें सर्वसम्मति से बाल विवाह की अनुमति देती है? यह विधेयक विधानसभा के इतिहास में काला अध्याय लिखेगा ।

भाजपा ने बिल पर उठाए सवाल
वहीं, विधानसभा में विपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि कांग्रेस की ओर से पारित किया गया यह संशोधन विधेयक हिंदू मैरिज एक्ट के खिलाफ है। हिंदुओं में नाबालिग की शादी गैरकानूनी है, लेकिन कांग्रेस इस बात को समझने के लिए तैयार नहीं है।


बाल विवाह करने वाले जोड़ों को पंजीकरण कराने का आदेश
इसपर राज्य के संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि इस विधेयक का मकसद हर विवाहित (चाहे बाल विवाह ही क्यों नहीं हो) को पंजीयन कराना होगा। उन्होंने कहा कि संशोधन कही नहीं कहता कि ऐसे विवाह वैध होंगे। कलेक्टर या डीएम चाहे तो उनपर कार्रवाई कर सकते हैं। यह विधेयक केंद्रीय कानून का विरोधाभास नहीं है। विवाह प्रमाण पत्र एक कानूनी दस्तावेज है, जिसके अभाव में विधवा को किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पाता है। 
शनिवार को पास हुए चार विधेयक
वहीं, राजस्थान विधानसभा ने शनिवार को आपराधिक कानून (राजस्थान संशोधन) विधेयक-2021 समेत चार विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिए। संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने सदन को बताया कि आपराधिक कानून (राजस्थान संशोधन) विधेयक में खाद्य पदार्थों में मिलावट के लिए सजा बढ़ाने का प्रावधान है। वहीं, पंचायती राज (संशोधन) विधेयक-2021 में 'ग्राम सेवक' का पद बदलकर ग्राम विकास अधिकारी कर दिया गया है। धारीवाल ने सदन को बताया कि अधिनियम में वर्णित 'ग्राम सेविका' का पद पंचायती राज संस्थाओं में नहीं है। इसलिए संशोधन विधेयक में इस प्रावधान को भी हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास अधिकारी की भर्ती में महिलाओं के लिए आरक्षण रहेगा। 

इसके अलावा सदन ने राजस्थान भू-राजस्व (संशोधन) विधेयक-2021 और राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय कानून (संशोधन) विधेयक-2020 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। बिल पास होने के बाद स्पीकर ने शाम करीब 6.25 बजे सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने सदन में लगातार हो रहे हंगामे और संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल से टकराव के चलते अचानक से सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया था।  हालांकि, उन्होंने शुक्रवार से सत्र को वापस बुला लिया और गुरुवार को अधिसूचना जारी कर दी गई।
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हैरानी: जलकुंभी में 32 घंटे फंसा रहा बुजुर्ग, अंतिम संस्कार की तैयारी थी शुरू, लेकिन बाहर आते ही खोल दीं आंखें

राजस्थान के बांसवाड़ा में एक अधेड़ जलकुंभी में ऐसा फंसा कि वह 32 घंटे तक पानी में ही रह गया। यहां सिविल डिफेंस की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बुजुर्ग को जिंदा बाहर निकाला। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, काली मिट्टी वाले दलदल में अधेड़ जलकुंभी से बुरी तरह उलझा हुआ था। जलकुंभी के बीच वह गर्दन तक पानी में डूबा हुआ था। घटना के बाद अधेड़ को हार्ट अटैक भी आया। उसका महात्मा गांधी राजकीय चिकित्सालय में इलाज चल रहा है। सदर थाना प्रभारी पूनाराम गुर्जर ने बताया कि खांडा डेरा निवासी नानू मंगलवार सुबह 6 बजे घर से मछली पकड़ने के लिए निकला था। जो गलती से गहरे दलदली हिस्से में जलकुंभी के बीच फंस गया था। सिविल डिफेंस की मदद से आदिवासी नानू को बाहर निकाला गया। 


गमछे और चप्पलों से  हुई पहचान
मंगलवार सुबह घर से निकला नानू रात तक घर नहीं लौटा। परिजनों ने रात को आसापस में ढूंढा लेकिन कोई पता नहीं चला, पिरजनों ने नजदीकी रिश्तेदारों के यहां भी पता किया। कोई संपर्क नहीं हुआ तो दूसरे दिन सुबह जल्दी तलाश की। बुधवार सुबह करीब 8 बजे परिजन ने बेक वाटर के करीब उसका गमछा और चप्पलें देखी। इससे उन्हें नानू के आस-पास ही होने का अंदेशा हुआ। कई घंटों की तलाश के बाद दलदल के बीच नानू की हलचल दिखी तो घरवालों ने उसे आवाज दी। उसने घरवालों की आवाज सुनकर एक-दो बार पानी से बाहर हाथ निकालने की कोशिश भी की। बाद में पुलिस के माध्यम से पहुंची सिविल डिफेंस की टीम ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद जलकुंभी के दलदल के बीच से नानू को निकाल लिया।


कड़ी मशक्कत के बाद नानू बाहर निकला
परिवार वालों ने मान लिया था कि नानू की मौत हो चुकी है। सभी इधर उधर नानू को ढूंढे लेकिन नानू कही नहीं मिले। परिवार के कुछ लोगों ने तो अंतिम संस्कार की तैयारी भी शुरू कर दी थी, लेकिन इसी वक्त खबर आई कि नानू पास के तालाब में जलकुंभी में फंसा है। पुलिस और बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद नानू को वहां से बाहर निकाला। पानी से बाहर निकलते ही नानू को दिल का दौरा पड़ गया। अस्पताल में भर्ती कराया गया , जहां करीब 9 घंटे तक नानू को होश नहीं आया। 
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कार्रवाई: जयपुर में NEET का पेपर हुआ लीक, 35 लाख रुपये में हुआ था करार, कॉलेज प्रशासक ने खुद ही भेजा था प्रश्नपत्र

जलकुंभी में फंसा रहा बुजुर्ग
राजस्थान में नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (NEET) की परीक्षा पेपर सेंटर से लीक होने के मामले में पुलिस ने एक युवती समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से मुख्य सरगना का पता लगा रही है। दरअसल, बीते दिनों जयपुर में NEET की परीक्षा का पेपर 35 लाख रुपए में सॉल्व करने का सौदा हुआ था। परीक्षार्थी ने पेपर की कॉपी मोबाइल से फोटो खींच कर सीकर में दो युवकों को भेज दिया। पेपर लीक की खबर आग की तरह फैल गई। आनन फानन ने  जयपुर पुलिस ने राजस्थान इंस्टीटयूट ऑफ इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी में परीक्षा सेंटर से एक परीक्षार्थी समेत आठ लोगों को धर दबोचा। परीक्षार्थियों के परिजन बाहर गाड़ियों में 10 लाख रुपये लेकर बैठे थे। 


पुलिस ने सीकर के मुकेश कुमार, राम सिंह, धनेश्वरी यादव, सुनील यादव, नवरत्न स्वामी, अनिल यादव , संदीप और पकंज यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है इन आरोपियों के जरिए मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सकता है। बताया जा रहा है कि कॉलेज प्रशासक खुद ही पेपर लीक कराने के लिए युवती के प्रश्नपत्र की कॉपी मुन्नाभाई को भेजा था। 
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राजस्थान : अश्लील वीडियो मामले में बड़ा खुलासा, पांच साल से चल रहा था डीएसपी और महिला कांस्टेबल के बीच अफेयर

राजस्थान पुलिस का घिनौना वीडियो सामने आने के बाद निलंबित महिला कांस्टेबल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने रविवार को महिला कांस्टेबल को कलवार इलाके में उसके चाचा के आवास से पकड़ा है। उसे पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया और उससे पूछताछ की जा रही है। इससे पहले गिरफ्तार डीएसपी को कोर्ट ने 17 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस हीरालाल सैनी से पूछताछ कर रही है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दोनों के बीच पिछले पांच साल से अफेयर चल रहा था। दोनों 2016 में अजमेर में मिले थे, तब से दोनों के बीच संबंध हैं। पांच साल के दौरान कई दफा दोनों ने अवैध संबंध बनाए। 

पुष्कर के फाइव स्टार होटल के रिजॉट के स्विमिंग पूल में बच्चे के सामने निलंबित डीएसपी हीरालाल सैनी और महिला कांस्टेबल  ने अश्लील हरकत की थी। उसके बाद महिला ने 27 जुलाई को अपने व्हाट्सएप पर इस वीडियो को शेयर कर दिया, जिसके बाद वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। इसकी जानकारी महिला के पति और परिवारवालों को भी हो गई। महिला पुलिसकर्मी के पति ने चितवा थाने में शिकायत दर्ज की, लेकिन चितवा थाना प्रभारी ने महकमे से जुड़ा मामला होने की वजह से इसे दबा दिया। उसके बाद महिला के पति ने नागौर एसपी से लिखित शिकायत की। मामला इतना बढ़ गया कि डीजीपी खुद ही कार्रवाई करते हुए  चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। 

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कार्रवाई: राजस्थान एसीबी ने दो आईएएस को पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया, दो वरिष्ठ अफसरों के मोबाइल भी जब्त

राजस्थान के भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने राज्य कौशल विकास निगम (आरएसएलडीसी) के दो अधिकारियों को पांच लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। एंटी करप्शन ब्यूरो की तीन टीम ने शनिवार को एक साथ जयपुर और जोधपुर में दबिश दी। एसीबी ने इस मामले में दो अन्य आईएएस अधिकारियों के मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। एसीबी ने जिन अधिकारियों को गिरफ्तार किया है, उनमें RSLDC के मैनेजर राहुल कुमार गर्ग और कॉर्डिनेटर अशोक सांगवान है। दोनों आईएएस अधिकारियों को पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। दोनों अधिकारियों ने यह रिश्वत डेढ़ करोड़ रुपये के बिल पास कराने, ब्लैक लिस्ट से नाम हटाने, बैंक गारंटी समेत अन्य काम कराने के लिए ली थी। 

दो आईएस अधिकारियों के मोबाइल जब्त
एसीबी की दूसरी टीम ने इस मामले में आरएसएलडीसी के चैयरमेन आईएएस नीरज के पवन और आरएसएलडीसी के मुख्य प्रबंधक आईएएस प्रदीप कुमार गवडे के मोबाइल जांच के लिए अपने कब्जे में लिए हैं। इनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही हैं।
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राजस्थान: अश्लील वीडियो मामले में निलंबित डीएसपी के बाद अब कांस्टेबल भी गिरफ्तार, दोनों रिमांड पर

राजस्थान के अजमेर जिला के ब्यावर के निलंबित डीएसपी हीरालाल सैनी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बीते गुरुवार को उदयपुर में एसओजी की टीम ने डीएसपी को गिरफ्तार किया है। दो दिन पहले महिला कॉन्स्टेबल के साथ उनका एक अश्लील वीडियो वायरल हुआ था। उसके बाद 9 सितंबर को एक और वीडियो लीक हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद अचानक वह सुर्खियों में आ गए। उसके बाद ही डीएसपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। डीएसपी के उदयपुर में होने की जानकारी पर  चाइल्ड पोर्नोग्राफी रोकने वाली (एसओजी) टीम ने उदयपुर के अनंता रिसॉर्ट से उन्हें शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था। रविवार को महिला कांस्टेबल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। 

राजस्थान पुलिस के स्पेशल आपरेशन ग्रुप ने रविवार को इस मामले में लिप्त महिला कांस्टेबल को भी गिरफ्तार कर लिया। कांस्टेबल को कोर्ट ने 17 सितंबर तक पुलिस हिरासत में सौंप दिया। आरोपी डीएसपी हीरालाल सैनी को पहले ही 17 सितंबर तक हिरासत में सौंपा जा चुका है। अश्लील वीडियो पुष्कर के एक रिसॉर्ट में कांस्टेबल के मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किए गए थे। 

वायरल वीडियो में 6 साल का बच्चा भी आ रहा नजर
हीरालाल सैनी को गिरफ्तार करने के बाद सबसे पहले प्रारंभिक पूछताछ के लिए उदयपुर के अंबामाता थाने में लाया गया। हालांकि, यहां पर कागजी कार्रवाई के बाद एसओजी की टीम आरोपी डीएसपी को लेकर जयपुर पहुंची। नए वायरल वीडियो में एक 6 वर्षीय बच्चा भी नजर आ रहा था, ऐसे में इस पूरे मामले की जांच एसओजी की चाइल्ड पॉर्नोग्राफी टीम द्वारा की जा रही थी और डीएसपी को भी इसी टीम द्वारा गिरफ्तार करने की जानकारी मिल रही है। बता दें कि इससे पहले भी डीएसपी हीरालाल का एक वीडियो पहले भी वायरल हो चुका है, जिसमें वह स्वीमिंग पूल में महिला कॉन्स्टेबल के साथ रंगरलियां करते हुए दिख रहे हैं। 



कई और मामले में हो सकता है खुलासा
इससे पहले महिला कॉन्स्टेबल के पति द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट को गंभीरता से नहीं लिया गया था, जिसपर अब थानाधिकारी पर भी कार्रवाई की गई है। साथ ही थाना प्रभारी को भी लाइन हाजिर करने का निर्देश जारी किया गया है। अब मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। डीएसपी की गिरफ्तारी को एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इस केस में कुछ और लोगों की भी गिरफ्तारी की जा सकती है।
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कांग्रेस में कलह: अशोक गहलोत और पायलट गुट के बीच बढ़ी तल्खियां,पीसीसी अध्यक्ष ने सचिन पायलट पर साधा निशाना

राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा अपने वायरल वीडियो को लेकर सुर्खियों में हैं. इस बार उनका जो वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, उसमें वह सचिन पायलट पर तंज कस रहे हैं।  डोटासरा ने शादी वालों की बात करते-करते पायलट के जन्मदिन में उमड़ती भीड़ पर टिप्पणी कर दी। बता दें कि आजकल पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के जन्मदिन मनाने के कार्यक्रम चल रहे है। इनमें उनके समर्थकों की भीड़ आ रही है हालांकि, कोरोना गाइडलाइन के तहत गहलोत सरकार ने भीड़भाड़ वाले सभी राजनीतिक, धार्मिक आयोजनों पर रोक लगा रखी है।माना जा रहा है कि उन्होंने पायलट गुट पर परोक्ष रूप से निशाना साधा । 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, उसमें वह मोबाइल पर किसी अधिकारी से बात कर रहे हैं। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि डोटासरा शादी-विवाह समारोहों में छूट देने के लिए शायद किसी परिचित के लिए सिफारिश कर रहे हैं। बातचीत में वह कह रहे हैं कि आजकल बड़े-बड़े जन्मदिन मन रहे हैं, जन्मदिन के नाम पर भीड़ उमड़ रही है तो शादी वालों को क्यों मारें। शादी-ब्याह में तो थोड़ी बहुत भीड़ स्वाभाविक है। 

कांग्रेस में पक्ष में आए थे उपचुनाव के नतीजे
दरअसल, राजस्थान पंचायत चुनाव के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में आए हैं, लेकिन गहलोत-पायलट के बीच चल रही सियासी जंग से पार्टी के भीतर और बाहर कलह बढ़ रही है। छह जिलों के उपचुनाव के नतीजे से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक साथ दो निशाने साधे। एक तो पार्टी आलाकमान का ये संदेश कि गहलोत-डोटासरा की जोड़ी जीत के लिए मजबूत है। यहां तक बिना सचिन पायलट के भी चुनाव जीत सकते हैं। इस जोड़ी से छेड़छाड़ न की जाए ।

साथ ही गहलोत पार्टी नेतृत्व को यह भी समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि हाल ही में प्रदेश  में वल्ल्भनगर व धरियावाद दो सीटों पर उपचुनाव होने है। अभी अगर बदलाव न किया जाए तो जीत का सिलसिला बरकरार रहेगा, लेकिन इसे बदला गया तो कांग्रेस पर भाजपा भारी भी पड़ सकती है। लिहाजा गहलोत नहीं चाहते हैं कि सचिन पायलट प्रदेश कांग्रेस में अहम भूमिका अदा करें। 
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घर वापसी: 2019 में हुई थी शादी, लेकिन पाकिस्तान से अब भारत आ पाई दुल्हन, जानें पूरा मामला

राजस्थान के जैसलमेर जिले के बईया गांव के विक्रम सिंह की दुल्हन ढाई साल बाद पाकिस्तान से भारत लौट गई। 2019 में विक्रम सिंह की शादी पाकिस्तान के सिंध इलाके में निर्मला कंवर से हुई थी, लेकिन पुलवामा हमला और बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद दोनों देशों के रिश्तों में खटास आ गई थी, जिससे वीजा नहीं मिलने के कारण दुल्हन भारत नहीं आ पाई थी। शुक्रवार को अटॉरी बॉर्डर से विक्रम सिंह की पत्नी निर्मला कंवर भारत के बाडमेर पहुंच गई। हालांकि, विक्रम सिंह के अलावा नेपाल सिंह और महेंद्र सिंह की भी शादी पाकिस्तान में हुई थीं, लेकिन दोनों की दुल्हनें मार्च में भारत लौट गई थी। 

दरअसल, जनवरी 2019 में बईया निवासी विक्रम सिंह व नेपाल सिंह की बारात थार एक्सप्रेस से सिंध इलाके पाकिस्तान गई थी। शादी के बाद पुलवामा अटैक व बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद दोनों मुल्कों के रिश्तों दरारें आ गई। इसके बाद दोनों देशों के बीच ट्रेन, बस और हवाई सेवाएं बंद हो गई थी। इसी बीच कोरोना महामारी ने भी दस्तक दे दी थी। दोनों दूल्हे अप्रैल तक पाकिस्तान में ही थे और फिर भारत लौट आए। इस दौरान वीजा की दिक्कतों के कारण दोनों दुल्हनें उनके साथ नहीं आ सकी थीं। विक्रम सिंह के भारत आने के बाद उसकी पत्नी ने बेटे राजवीर सिंह को पाकिस्तान में ही जन्म दिया था।

केंद्रीय मंत्री की पहल से भारत लौटी दुल्हनें
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी की पहल पर 9 मार्च को बईया निवासी नेपाल सिंह की पत्नी और गिराब निवासी महेंद्र सिंह की पत्नी अटॉरी सीमा से भारत आए थे। उस समय निर्मला कंवर के पासपोर्ट में तकनीकी खामियां होने की वजह से भारत आने की अनुमति नहीं मिल पाई थी। विक्रम सिंह और निर्मला कंवर का बेटा राजवीर सिंह निर्मला कंवर की बहन के साथ भारत लौट गया था।


2019 में तीन बारात गई थी पाकिस्तान
 राजस्थान से पहले भी पाकिस्तान में संबंध होते रहे हैं। भारत -पाकिस्तान के बीच बारात आती जाती रही है। जनवरी 2019 में बाड़मेर गिराब निवासी महेंद्र सिंह की बारात और जैसलमेर बईया निवासी दो भाइयों विक्रम सिंह और नेपाल सिंह की बारात थार एक्सप्रेस से पाकिस्तान के सिंध इलाके में गई थी। तीनों की पाकिस्तान में शादी भी हो गई। तीनों दूल्हे करीब 3-4 माह पाकिस्तान में रुके थे। दोनों देश के रिश्ते में दरार के चलते दुल्हनों को वीजा नहीं मिला था और बारात बिना दुल्हन के वापस लौटी थी।
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